Chapter 5 खनिज तथा ऊर्जा संसाधन

अभ्यास प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

1. भारत का प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है-

a. मुंबई हाई

b. गुजरात

c. असम

d. ये सभी। (d)

2. गुजरात का सबसे महत्त्वपूर्ण तेल क्षेत्र है-

a. सूरत

b. अहमदाबाद

c. गांधीनगर

d. अंकलेश्वर । (d)

3. निम्नलिखित में से लौह अयस्क की सर्वोत्तम किस्म कौन-सी है?

a. हेमेटाइट

b. लिमोनाइट

c. मैग्नेटाइट

d. सिडेराइट। (c)

4. चूना पत्थर, निम्नलिखित उद्योगों में से किस एक उद्योग का आधारभूत कच्चा माल है?

a. लोहा और इस्पात उद्योग

b. उर्वरक उद्योग

c. सीमेंट उद्योग

d. मोटरगाड़ी उद्योग । (c)

5. निम्नलिखित खनिजों में से जीवाश्म ईंधन कौन-सा है?

a. बेरियम

b. कोयला

c. जिरकॉन

d. यूरेनियम । (b)

6. निम्नलिखित में से भारत का सबसे पुराना तेल उत्पादक राज्य है-

a. गुजरात

b. राजस्थान

c. असम

d. बिहार । (c)

7. पृथ्वी के आंतरिक भागों से ताप का प्रयोग कर उत्पन्न की जाने वाली विद्युत को कहा जाता है-

a. बायोगैस

b. ज्वारीय ऊर्जा

c. भू-तापीय ऊर्जा

d. पवन ऊर्जा । (c)

8. कलोल तेल क्षेत्र किस राज्य में स्थित है?

a. गुजरात

b. ओडिशा

c. महाराष्ट्र

d. झारखंड | (a)

9. कैगा आणविक ऊर्जा संयंत्र निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?

a. गुजरात

b. कर्नाटक

c. पंजाब

d. केरल। (b)

10. भारत का सबसे बड़ा बॉक्साइट उत्पादक राज्य कौन-सा है?

a. राजस्थान

b. ओडिशा

c. उत्तर प्रदेश

d. गुजरात। (b)

11. भारत में पवन ऊर्जा का विशाल केंद्र कहाँ स्थित है?

a. उत्तराखंड

b. तमिलनाडु

c. हिमाचल प्रदेश

d. राजस्थान। (b)

12. निम्नलिखित में से कौन-सा गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोत है?

a. कोयला

b. पेट्रोलियम

c. सौर ऊर्जा

d. प्राकृतिक गैस । (c)

13. निम्नलिखित में से कौन-सा लौह धातु का उदाहरण है?

a. ताँबा

b. जस्ता

c. बॉक्साइट

d. निकिल । (d)

14. कलपक्कम आणविक ऊर्जा संयंत्र निम्न में से किस राज्य में स्थित है?

a. गुजरात

b. ओडिशा

c. केरल

d. तमिलनाडु । (d)

15. झरिया प्रसिद्ध है-

a. लौह अयस्क के लिए

b. कोयले के लिए

c. ताँबा के लिए

d. बॉक्साइट के लिए। (b)

16. मुंबई हाई प्रसिद्ध है-

a. तेल शोधक कारखानों के लिए

b. फिल्म सिटी के लिए

c. गेटवे ऑफ इंडिया के लिए

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं। (a)

17. रावतभाटा आणविक ऊर्जा संयंत्र निम्न में से किस राज्य में स्थित है?

a. गुजरात

b. केरल

c. पंजाब

d. राजस्थान (d)

18. किस खनिज को वर्तमान शताब्दी का ईंधन माना जाता है?

a. कोयला को

b. सी. एन. जी. गैस को

c. प्राकृतिक गैस को

d. पेट्रोलियम को। (c)

19. भारत में कोयला कितने प्रमुख भूगर्भिक युगों के शैल क्रम में पाया जाता है?

a. दो

b. तीन

c. चार

d. पाँच (a)

20. टरशियरी निक्षेप लगभग कितने वर्ष पुराने हैं?

a. 45 लाख वर्ष

b. 50 लाख वर्ष

c. 55 लाख वर्ष

d. 60 लाख वर्ष। (c)

21. भारत के किस राज्य में टरशियरी कोयला क्षेत्र नहीं पाया जाता?

a. मेघालय

b. राजस्थान

c. असम

d. अरुणाचल प्रदेश। (b)

22. गोंडवाना कोयला बाहुल्य क्षेत्र नहीं है

a. हिमाचल प्रदेश

b. पश्चिम बंगाल

c. झारखंड

d. ये सभी। (a)

23. भारत में कोयले के पश्चात् ऊर्जा का दूसरा प्रमुख साधन है-

a. पेट्रोलियम या खनिज तेल

b. सौर ऊर्जा

c. ज्वारीय ऊर्जा

d. भू-तापीय ऊर्जा । (a)

24. पेट्रोलियम या खनिज तेल प्रदान करता है-

a. ताप व प्रकाश के लिए ईंधन

b. मशीनों को स्नेहक

c. विनिर्माण उद्योगों को कच्चा माल

d. उपर्युक्त सभी। (d)

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. अलौह धातु किसे कहते हैं?

उत्तर – अलौह धातु में धातु का अंश नहीं पाया जाता, जैसे- ताँबा, सीसा, जस्ता, बॉक्साइट आदि ।

प्रश्न 2. उस शैल का नाम लिखिए जिसमें कोयला पाया जाता है

उत्तर- कोयला अवसादी शैलों में पाया जाता है।

प्रश्न 3. आग्नेय व कायांतरित चट्टानों में खनिज कहाँ मिलते हैं?

उत्तर- दरारों, जोड़ों, विदरों व भ्रंशों में।

प्रश्न 4. अयस्क किसे कहते हैं?

उत्तर- किसी भी खनिज के तत्वों/ अवयवों के मिश्रण के लिए ‘अयस्क’ शब्द का प्रयोग किया जाता है। खनिज अयस्कों से ही प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 5. भारत में पाए जाने वाले सर्वोत्तम प्रकार के लौह अयस्क का नाम लिखिए।

उत्तर- मैग्नेटाइट।

प्रश्न 6. भारत में मँगनीज का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन-सा है?

उत्तर-ओडिशा मँगनीज का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है।

प्रश्न 7. किन्हीं दो अलौह खनिजों का नामोल्लेख कीजिए।

उत्तर- बॉक्साइट, सीसा ।

प्रश्न 8. ऐलुमिनियम किस अयस्क से प्राप्त किया जाता है?

उत्तर – ऐलुमिनियम बॉक्साइट के अयस्क से प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न 9. भारत में बॉक्साइट के निक्षेप कहाँ पाए जाते हैं?

उत्तर- भारत में बॉक्साइट के निक्षेप मुख्य रूप से अमरकंटक पठार, मैकाल पहाड़ियों एवं बिलासपुर-कटनी के पठारी प्रदेश में पाए जाते हैं। ओडिशा बॉक्साइट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है।

प्रश्न 10. कौन-सा खनिज प्लेटों अथवा पत्रण क्रम में पाया जाता है?

उत्तर- अभ्रक प्लेटों अथवा पत्रण क्रम में पाया जाता है।

प्रश्न 11. भारत के दो अभ्रक उत्पादक राज्यों का नाम लिखिए।

उत्तर- बिहार, झारखंड |

प्रश्न 12. ताँबे का उपयोग विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में क्यों होता है?

उत्तर- ताँबे के ताप व विद्युत का सुचालक आघातवर्ध्य और तन्यता जैसे गुणों के कारण इसका उपयोग विद्युत इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में होता है।

प्रश्न 13. चूना पत्थर किस उद्योग का मूलभूत कच्चा माल है?

उत्तर – चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मूलभूत कच्चा माल है।

प्रश्न 14. परंपरागत ऊर्जा संसाधनों के कोई चार उदाहरण बताइए ।

उत्तर- कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और विद्युत ।

प्रश्न 15. भारत की किन नदी घाटियों में कोयले के जमाव पाए जाते हैं?

उत्तर- दामोदर, गोदावरी, महानदी, सोन व वर्धा नदी घाटियों में कोयले के जमाव पाए जाते है।

प्रश्न 16. लिग्नाइट के भंडार कहाँ पाए जाते हैं?

उत्तर – लिग्नाइट के भंडार तमिलनाडु के नैवेली में मिलते हैं।

प्रश्न 17. निम्न श्रेणी के कोयले का नामोल्लेख कीजिए।

उत्तर – लिग्नाइट निम्न श्रेणी का कोयला है।

प्रश्न 18. भारत में पेट्रोलियम किस युग की चट्टानों से प्राप्त होता है?

उत्तर- भारत में पेट्रोलियम टरशियरी युग की चट्टानों से प्राप्त होता है।

प्रश्न 19. भारत का सबसे पुराना तेल उत्पादक राज्य कौन-सा है?

उत्तर – असम भारत का सबसे पुराना तेल उत्पादक राज्य है।

प्रश्न 20. प्राकृतिक गैस को पर्यावरण के अनुकूल ईंधन क्यों माना जाता है?

उत्तर- कार्बन डाइऑक्साइड के कम उत्सर्जन के कारण प्राकृतिक गैस को पर्यावरण के अनुकूल ईंधन माना जाता है।

प्रश्न 21. किस नदी बेसिन में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार खोजे गए हैं?

उत्तर- कृष्णा-गोदावरी नदी बेसिन में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार खोजे गए हैं।

प्रश्न 22. मुंबई हाई क्यों प्रसिद्ध है?

उत्तर – मुंबई हाई भारत का सबसे बड़ा एवं महत्त्वपूर्ण खनिज तेल उत्पादक क्षेत्र है।

प्रश्न 23. संपीडित प्राकृतिक गैस (सी०एन०जी०) का एक उपयोग लिखिए।

उत्तर- इसका उपयोग वाहनों में तरल ईंधन के रूप में किया जाता है।

प्रश्न 24. भारत में विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने वाली किन्हीं दो बहु-उद्देशीय परियोजनाओं के नाम लिखिए।

उत्तर- (i) भाखड़ा नांगल परियोजना,

(ii) दामोदर घाटी परियोजना |

प्रश्न 25. परमाणु ऊर्जा से संबंधित दो महत्त्वपूर्ण खनिजों के नाम लिखिए।

उत्तर- यूरेनियम तथा थोरियम |

प्रश्न 26. भारत में यूरेनियम व थोरियम किन-किन राज्यों से प्राप्त होते हैं?

उत्तर- भारत में यूरेनियम व थोरियम झारखंड व राजस्थान से प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 27. भारत का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र कहाँ स्थापित है?

उत्तर- भारत का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र भुज (गुजरात) के निकट माधापुर में स्थापित है।

प्रश्न 28. बायोगैस क्या है?

उत्तर – कृषि अपशिष्टों, पशुओं व मानवजनित अपशिष्टों से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा को बायोगैस कहते हैं।

प्रश्न 29. किसानों के लिए गोबर गैस संयंत्र के दो लाभ लिखिए।

उत्तर- (i) ऊर्जा की प्राप्ति,

(ii) उन्नत प्रकार के उर्वरक की प्राप्ति।

प्रश्न 30. भारत में संचालित दो भूतापीय ऊर्जा परियोजनाओं के नाम लिखिए।

उत्तर- (i) पार्वती घाटी – मणिकरण (हिमाचल प्रदेश),

(ii) पूगा घाटी – लद्दाख ।

प्रश्न 31. भारत में परमाणु ऊर्जा के दो केंद्रों के नाम का उल्लेख कीजिए ।

उत्तर- (i) तारापुर (महाराष्ट्र) (ii) रावतभाटा (राजस्थान) |

प्रश्न 32. कोडरमा किस राज्य में है? यह किस खनिज से संबंधित है?

उत्तर- कोडरमा झारखंड में है। यह अभ्रक से संबंधित है।

प्रश्न 33. अधात्विक खनिज किसे कहते हैं? ऐसे दो खनिजों के नाम लिखिए।

उत्तर- वे खनिज जिनमें धातु का अंश नहीं होता, उन्हें अधात्विक खनिज कहते हैं। नमक और संगमरमर इसके उदाहरण हैं।

प्रश्न 34 धात्विक खनिज किसे कहते हैं? ऐसे दो खनिजों के नाम लिखिए।

उत्तर- वे खनिज जिनमें धातु का अंश होता है, धात्विक खनिज कहलाते हैं। ऐसे दो खनिज लौह अयस्क और निकिल हैं।

प्रश्न 35. खनिजों की क्या उपयोगिता है?

उत्तर- हम सभी को उद्योग और कृषि की खनिज निक्षेपों और उनसे विनिर्मित पदार्थों पर भारी निर्भरता सुप्रेक्षित है।

प्रश्न 36. खनिज संसाधन सीमित तथा अनवीकरण योग्य क्यों हैं?

उत्तर- खनिज निर्माण की भू-गर्भिक प्रक्रियाएँ इतनी धीमी हैं कि उनके वर्तमान उपभोग की दर की तुलना में उनके पुनर्भरण की दर अपरिमित रूप से थोड़ी है इसलिए खनिज संसाधन सीमित तथा अनवीकरण योग्य हैं।

प्रश्न 37. अयस्कों के सतत् उत्खनन से लागत क्यों बढ़ती है?

उत्तर- अयस्कों के सतत् उत्खनन से लागत बढ़ती है क्योंकि खनिजों के उत्खनन की गहराई बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता घटती जाती है।

प्रश्न 38. खनिज संसाधनों के संरक्षण के कुछ उपाय बताइए।

उत्तर- धातुओं का पुनः चक्रण, रद्दी धातुओं का प्रयोग तथा अन्य प्रतिस्थापनों का उपयोग भविष्य में हमारे खनिज संसाधनों के संरक्षण के उपाय हैं।

प्रश्न 39. हमें ऊर्जा की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर- ऊर्जा सभी क्रियाकलापों के लिए आवश्यक है। खाना पकाने में, रोशनी व ताप के लिए, गाड़ियों के संचालन तथा उद्योगों में मशीनों के संचालन में ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 40. ऊर्जा का उत्पादन किससे किया जाता है?

उत्तर- ऊर्जा का उत्पादन ईंधन खनिजों जैसे कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, यूरेनियम तथा विद्युत से किया जाता है।

प्रश्न 41. ऊर्जा को कौन-से साधनों में वर्गीकृत किया जा सकता है?

उत्तर- ऊर्जा संसाधनों को परंपरागत तथा गैर-परंपरागत साधनों में वर्गीकृत किया जा सकता है।

प्रश्न 42. गैर-परंपरागत साधनों में कौन-से ऊर्जा साधनों को सम्मिलित किया जाता है?

उत्तर – गैर-परंपरागत साधनों में सौर, पवन, ज्वारीय भू-तापीय, बायो गैस तथा परमाणु ऊर्जा सम्मिलित किए जाते हैं।

प्रश्न 43. ग्रामीण क्षेत्रों में बायोगैस किस प्रकार उत्पन्न की जाती है?

उत्तर- ग्रामीण क्षेत्रों में झाड़ियों, कृषि अपशिष्ट, पशुओं और मानव जनित अपशिष्ट के उपयोग से घरेलू उपभोग हेतु बायोगैस उत्पन्न की जाती है।

प्रश्न 44. बायोगैस संयंत्र किस प्रकार लगाए जाते हैं?

उत्तर – बायोगैस संयंत्र नगरपालिका, सहकारिता तथा निजी स्तर पर लगाए जाते हैं।

प्रश्न 45. ‘गोबर गैस प्लांट से किसान किस प्रकार लाभान्वित होते हैं?

उत्तर- गोबर गैस प्लांट से किसान को दो प्रकार से लाभान्वित होते हैं एक ऊर्जा की प्राप्ति के रूप में तथा दूसरा उन्नत प्रकार के उर्वरक प्राप्ति के रूप में।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. किन्हीं दो गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोतों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर- (i) सौर ऊर्जा — गैर-परंपरागत ऊर्जा स्त्रोतों में सौर ऊर्जा सर्वोपरि है। सौर ऊर्जा सूर्य से प्राप्त होती है। इसके लिए सूर्य प्रकाश में एक संयंत्र (Device) स्थापित कर दिया जाता है जो सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को अपने में समाहित कर लेता है तथा उत्पादित सौर ऊर्जा का उपयोग विभिन्न घरेलू कार्यों में किया जाता है। इस संबंध में सौर चूल्हों का विकास एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।

(ii) पवन ऊर्जा – बहती पवन का विद्युत के रूप में प्रयोग करना पवन ऊर्जा है। जल खींचने के लिए पवन ऊर्जा का उपयोग किया जाता है। इससे विदयुत शक्ति का उत्पादन तथा खेतों की सिंचाई भी की जा सकती है। अनुमान लगाया गया है कि इसके उपयोग द्वारा 45,000 मेगावाट तक विद्युत उत्पन्न की जा सकती है। वर्तमान में देश में पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता 13,000 मेगावाट है जो कुल बिजली उत्पादन का 19% है।

प्रश्न 2. भारत में ताँबा कहाँ-कहाँ पाया जाता है? इसके उपयोग लिखिए।

उत्तर – भारत में मध्य प्रदेश की बालाघाट खदानों से लगभग 52 प्रतिशत ताँबे का उत्पादन किया जाता है। झारखंड के सिंहभूम जिले की खदानों से भी ताँबे का उत्पादन होता है। राजस्थान की खेतड़ी खादानें भी ताँबे के उत्पादन से सम्बद्ध हैं।

भारत में ताँबे का उपयोग प्राचीन काल से किया जा रहा है। लोहे की खोज होने से पूर्व ताँबा ही सभ्यता के विकास का आधार था। यहाँ ताँबे की मूर्तियाँ, सिक्के, बरतन आदि प्राचीन काल से ही बनाए जाते रहे हैं। विद्युत और ताप का सुचालक होने के कारण वर्तमान में ताँबा बिजली के उपकरणों के निर्माण में अधिक प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 3. भारत में प्राकृतिक गैस के प्राप्ति स्थलों का उल्लेख करते हुए इसका उपयोग लिखिए ।

उत्तर- भारत में प्राकृतिक गैस कृष्णा-गोदावरी बेसिन, खंभात की खाड़ी, मुंबई हाई तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप में पाई जाती है। 1700 किलोमीटर लंबी हजीरा – विजयपुर जगदीशपुर (HVJ) गैस पाइप लाइन मुंबई हाई और बेसिन को पश्चिमी व उत्तरी भारत के औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ती है।

प्राकृतिक गैस एक महत्त्वपूर्ण और स्वच्छ ऊर्जा संसाधन है। यह पेट्रोलियम के अतिरिक्त स्वतंत्र रूप से भी पाई जाती है। इसका उपयोग पेट्रो रसायन उद्योग के औद्योगिक कच्चे माल के रूप में किया जाता है। कार्बन डाइऑक्साइड के कम उत्सर्जन के कारण इसे पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है। ऊर्जा एवं उर्वरक उद्योग प्राकृतिक गैस के प्रमुख प्रयोक्ता हैं। गाड़ियों में तरल ईंधन का संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) से प्रतिस्थापन के रूप में भी प्राकृतिक गैस का उपयोग बढ़ रहा है।

प्रश्न 4. रैट होल खनन के बारे में आप क्या जानते हैं? संक्षेप में लिखिए।

उत्तर – रैट होल खनन – भारत में अधिकांश खनिज राष्ट्रीयकृत हैं और इनका निष्कर्षण सरकारी अनुमति के पश्चात् ही होता है, किंतु पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश जनजातीय क्षेत्रों में खनिजों का स्वामित्व व्यक्तिगत व समुदायों को प्राप्त है। मेघालय में कोयला, लौह अयस्क चूना पत्थर व डोलोमाइट के विशाल निक्षेप पाए जाते हैं। जोवाई व चेरापूँजी में कोयले का खनन परिवार के सदस्यों द्वारा एक लंबी संकीर्ण सुरंग के रूप में किया जाता है, जिसे रैट होल खनन कहते हैं।

प्रश्न 5. बायोगैस ऊर्जा के संबंध में एक सारगर्भित लेख लिखिए।

उत्तर- ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि अपशिष्टों, पशुओं व मानवजनित अपशिष्टों से बायोगैस उत्पन्न की जा सकती है। जैविक पदार्थों के अपघटन से गैस उत्पन्न होती है। बायोगैस की तापीय क्षमता उपलों एवं मिट्टी के तेल से अधिक होती है। बायोगैस संयंत्र सरकार की सहायता एवं निजी स्तर पर लगाए जाते हैं। पशुओं के गोबर का प्रयोग करने वाले संयंत्र ग्रामीण भारत में गोबर गैस प्लांट के रूप में लगाए गए हैं। गोबर गैस संयंत्र किसानों को ऊर्जा के साथ-साथ उन्नत प्रकार का उर्वरक भी उपलब्ध कराते हैं।

प्रश्न 6. खदान की क्रियाओं का स्थानीय पर्यावरण पर और आस-पास के समुदायों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण कीजिए ।

उत्तर-

(i) खदान की क्रियाओं का स्थानीय पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। खदान कर्मियों का स्वास्थ्य भी इसके विपरीत रूप में प्रभावित होता है।

(ii) खदान कर्मियों द्वारा श्वास के माध्यम से धूल और खतरनाक धुँआ शरीर में ले जाया जाता है जिससे फेफड़ों की बीमारियाँ पनपने लगती हैं।

(ii) खदान की छतों के गिरने का खतरा सदैव बना रहता है।

(iv) कोयला खदानों में जल भराव और आग फैल जाने का खतरा लगातार बना रहता है।

(v) खदान का कार्य सर्वाधिक खतरनाक उद्यमों में से एक है। प्रायः ही खदान कार्य का पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ता है जिसमें अपशिष्ट पदार्थों का बड़ी मात्रा में उत्पादन होता है।

(vi) स्थानीय पेड़-पौधों और जीव-जन्तुओं पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

(vii) ऊपरी परत को बड़ी मात्रा में हटाने के कारण मिट्टी का अपरदन हो जाता है जिससे निवास स्थान की क्षति के साथ ही प्रदूषण में भी बढ़ोतरी होती है।

प्रश्न 7. एक खुली खदान (open pit mine) उत्खनन व एक शैफ्टयुक्त भूमिगत खदान में क्या अंतर है?

उत्तर- खुली खदान – यह पृथ्वी पर खनिजों या चट्टानों का खनन करने की एक प्रमुख विधि है। इस विधि में पृथ्वी की ऊपरी परत को हटाकर मशीनों अथवा संयंत्रों की सहायता से खनन कार्य किया जाता है।

उत्खनन – जब खनिजों को धरातल के समीप से ही खोदकर निकाला जाता है तो इस विधि को उत्खनन कहा जाता है। उत्खनन खुली खदान की तुलना में उथला होता है।

शैफ्टयुक्त भूमिगत खदान — कई सौ मीटर गहराई पर गलीयुक्त खदान को शैफ्टयुक्त खदान कहा जाता है।

भारत में अनेक प्रकार के खनिज पाए जाते हैं। खनिजों के उत्खनन की सुगमता एवं बाजार की निकटता के आधार पर इनका मूल्य निर्धारित होता है। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि भारत में खनिजों का वितरण बहुत ही असमान है। प्रायद्वीपीय चट्टानों में कोयले, धात्विक खनिज, अभ्रक व अनेक अधात्विक खनिजों के अधिकतर भंडार हैं तो गुजरात और असम की तलहटी चट्टानों में अधिकांश खनिज तेल निक्षेप पाए जाते हैं। इसी प्रकार राजस्थान में अनेक अलौह खनिज पाए जाते हैं जबकि उत्तरी भारत के विस्तृत जलोढ़ मैदान आर्थिक महत्त्व के खनिजों की दृष्टि से नगण्य हैं।

प्रश्न 8. “विश्व भर में कच्चे तेल के भंडार सीमित हैं। यदि लोग वर्तमान दर से इसका दोहन करते रहें, तो ये भंडार 35-40 वर्षों में ही समाप्त हो जाएँगे।” इस समस्या से निपटने के किन्हीं तीन उपायों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर- पेट्रोलियम की कमी की समस्या से निपटने के लिए तीन उपाय निम्नलिखित हैं-

(i) ऊर्जा के गैर परंपरागत साधनों का विकास तीव्र गति से किया जाना चाहिए ताकि पेट्रोलियम पदार्थों पर निर्भरता कम हो।

(ii) ई-वाहनों के विकास पर जोर देना चाहिए। इस हेतु उन्नत तकनीकी व शौध पर विशेष जोर देना चाहिए।

(iii) वाहनों के अनियंत्रित प्रयोग से बचना चाहिए। इनका मितव्ययितापूर्ण प्रयोग होना चाहिए।

प्रश्न 9. “भारत में खनिजों का वितरण असमान है।” उदाहरणों सहित इस कथन की पुष्टि कीजिए।

उत्तर – भारत में खनिजों का वितरण असमान है। जहाँ कुछ राज्य खनिजों की दृष्टि से संपन्न हैं तो वहीं अनेक राज्यों में इनकी कमी है। उदाहरण के रूप में हम छोटा नागपुर पठार से संबंधित राज्यों जैसे-झारखंड, पश्चिम बंगाल का उल्लेख कर सकते हैं। जहाँ खनिज पदार्थ बहुतायत में पाए जाते हैं। वहीं उत्तर प्रदेश, पंजाब आदि राज्यों में खनिजों की मात्रा बहुत कम है।

प्रश्न 10. धात्विक व अधात्विक खनिजों में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-

धात्विक व अधात्विक खनिजों में अंतर

प्रश्न 11. ऊर्जा के परंपरागत व अपरंपरागत साधनों में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-

ऊर्जा के परंपरागत व अपरंपरागत

साधनों में अंतर

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. खनिजों का वर्गीकरण प्रस्तुत करते हुए प्रत्येक के लक्षण लिखिए।

उत्तर-

लक्षण – खनिजों के लक्षण निम्नलिखित हैं-

(i) धात्विक खनिज के अंतर्गत लौह अयस्क में सर्वश्रेष्ठ चुंबकीय गुण विद्यमान होते हैं जो विद्युत उद्योगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होते हैं। हेमेटाइट उद्योगों की दृष्टि से सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण लौह अयस्क है। इस अयस्क में लोहांश अधिक मात्रा में पाया जाता है। मैंगनीज इस्पात, कीटनाशक दवाओं, विभिन्न प्रकार के पेंट और ब्लीचिंग पाउडर बनाने में प्रयुक्त होता है।

(ii) धात्विक खनिज के अंतर्गत ही आने वाला ताँबा बिजली के तार, इलेक्ट्रॉनिक्स और रसायन उद्योग आदि में प्रयुक्त होता है। विद्यत कुचालक बॉक्साइट का उपयोग वायुयान निर्माण एवं बिजली से संबंधित उद्योगों में किया जाता है। सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषण निर्माण में होता है।

(iii) अधात्विक खनिज के अंतर्गत आने वाला अभ्रक पारदर्शी होने के साथ काले, हरे, लाल, पीले व भूरे रंग का भी हो सकता है। यह विद्युत उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग, रेडियो व टेलीफोन आदि में प्रयुक्त होता है। इसका उपयोग औषधि निर्माण में भी होता है। चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मुख्य कच्चा माल है। यह लौह प्रगलन भट्टियों में भी प्रयुक्त होता है।

(iv) ऊर्जा खनिज के अंतर्गत आने वाले पेट्रोलियम, कोयला और प्राकृतिक गैस ऊर्जा संसाधन के रूप में प्रयुक्त होते हैं। इनके बिना औद्योगिक क्रियाकलाप संपन्न नहीं हो सकते।

प्रश्न 2. भारत में लौह अयस्क की कौन-कौन सी पेटियाँ हैं? विस्तार से समझाइए ।

उत्तर- भारत में लौह अयस्क की निम्नलिखित पेटियाँ (क्षेत्र) पाई जाती हैं-

(i) ओडिशा-झारखंड पेटी- ओडिशा में उच्चकोटि का हेमेटाइट किस्म का लौह अयस्क मयूरभंज व केंदूझर जिलों में बादाम पहाड़ की खदानों से निकाला जाता है। झारखंड राज्य के सिंहभूम जिले में गुआ एवं नोआमुंडी से हेमेटाइट अयस्क प्राप्त किया जाता है।

(ii) दुर्ग- बस्तर चंद्रपुर पेटी- लौह अयस्क की यह पेटी महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ में फैली हुई है। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बेलाडिला पहाड़ी श्रृंखलाओं से उत्तम किस्म का हेमेटाइट लौह अयस्क प्राप्त होता है। यहाँ लौह अयस्क के 14 जमाव मिलते हैं। इन खदानों से लौह अयस्क विशाखापत्तनम बंदरगाह से जापान व दक्षिण कोरिया को निर्यात किया जाता है।

(iii) बल्लारि चित्रदुर्ग, चिक्कमंगलुरु-तुमकूरु पेटी – कर्नाटक की इस पेटी में लौह अयस्क अत्यधिक मात्रा में पाए जाते हैं कर्नाटक में पश्चिमी घाट में स्थित कुद्रेमुख की अयस्क खानों से प्राप्त संपूर्ण अयस्क निर्यात कर दिया जाता है। कुद्रेमुख निक्षेप (अयस्क भंडार) विश्व में सबसे बड़े निक्षेपों में से एक माने गए हैं। यहाँ के लौह अयस्क कर्दम (खनिजों का तरल रूप) के रूप में पाइपलाइन द्वारा मंगलुरु के पास एक पत्तन पर भेजा जाता है।

(iv) महाराष्ट्र-गोवा पेटी- यह पेटी गोवा और महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले में स्थित है। इस पेटी का लौह अयस्क उत्तम प्रकार का नहीं है फिर भी इसका खनन कुशलतापूर्वक किया जा रहा है। मार्मागाओ पत्तन से इसका निर्यात किया जाता है।

प्रश्न 3. खनिज हमारे जीवन के अनिवार्य अंग हैं।” इस कथन को उदाहरणसहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- खनिज हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं। दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली वस्तुओं में इनका उपयोग होता है। यातायात के सभी साधन मशीनें, उपकरण, कृषि मशीनें व (यंत्र) पेट्रोलियम पदार्थों से बने सभी पदार्थ, सोने, चाँदी व हीरे से बने आभूषण आदि अनगिनत पदार्थ हमें खनिजों से ही प्राप्त होते हैं। औदयोगिक विकास का आधार खनिज ही हैं। लोहा व कोयला दो ऐसे खनिज हैं, जिनके बिना औद्योगिक प्रगति सम्भव नहीं है। खनिजों का शक्ति के साधनों में महत्त्वपूर्ण स्थान है। बसें, रेलगाड़ियाँ, कारें, हवाई जहाज व अन्य दूसरे वाहन खनिजों से ही बने होते हैं। हम भोजन में भी खनिजों का प्रयोग करते हैं। मनुष्य ने विकास की सभी अवस्थाओं में अपनी आजीविका, सजावट, त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठान आदि के लिए खनिजों का उपयोग किया है।

दंतमंजन हमारे दाँत साफ करते हैं। कुछ अपघर्षक खनिज जैसे सिलिका चूना पत्थर, ऐलुमिनियम ऑक्साइड व विभिन्न फॉस्फेट खनिज स्वच्छता में मदद करते हैं। फ्लोराइड, जो दाँतों को गलने से रोकता है, फ्लुओराइट नामक खनिज से प्राप्त होता है। अधिकतर दंतमंजन टिटेनियम ऑक्साइड से सफेद बनाए जाते हैं जो कि यूटाइल, इल्मेनाइट तथा एनाटेज नामक खनिजों से प्राप्त होते हैं। कुछ दंतमंजन जो चमक प्रदान करते हैं उनका कारण अभ्रक है। टूथब्रश व पेस्ट की ट्यूब पेट्रोलियम से प्राप्त प्लास्टिक से बनी होती है। रोशनी देने वाले बल्ब में पाँच प्रकार के खनिज प्रयुक्त होते हैं, ये हैं— काँच, टंगस्टन, ताँबा, ऐलुमिनियम और डोलोमाइट।

वस्तुतः खनिजों के बिना जीवन प्रक्रिया नहीं चल सकती। यद्यपि हमारे कुल पौष्टिक उपभोग का केवल 0.3 प्रतिशत भाग ही खनिज है तथापि ये इतने महत्त्वपूर्ण और गुणकारी हैं कि इनके बिना 99.7 प्रतिशत भोज्य पदार्थों का उपयोग पूर्ण रूप से सार्थक नहीं होगा।

मानचित्र संबंधी प्रश्न

प्रश्न 1. भारत के मानचित्र पर निम्नलिखित को दर्शाइए।

(i) लौह अयस्क वितरण क्षेत्र

(ii) कोयला (तमिलनाडु की कोयला खदान) खाने व तेल क्षेत्र

(iii) आणविक व तापीय ऊर्जा संयंत्र (नरोरा परमाणु ऊर्जा केन्द्र-2023)

उत्तर-

(i)

(ii)

(iii)

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