Chapter 7 त्रिभुज Ex 7.4

प्रश्न 1.
दर्शाइए कि समकोण त्रिभुज में कर्ण सबसे लम्बी भुजा होती है।
हल:
माना कि एक समकोण त्रिभुज ABC है जिसमें बिन्दु B पर समकोण है। हमें सिद्ध करना है कि कर्ण AC, सबसे लम्बी भुजा होती है।


अब समकोण त्रिभुज ABC में
∠A + ∠B + ∠C = 180°
या ∠A + 90° + ∠C = 180° [क्योंकि ∠B = 90°]
∠A + ∠C = 180° – 90° = 90°
अब ∠A + ∠C = 90° और
∠B = 90°
अर्थात् ∠B > ∠C और ∠B >∠A

हम जानते हैं कि बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है।
AC > AB और AC > BC
अर्थात् यह भी कहा जा सकता है कि ∠B सबसे बड़ा होने के कारण इसकी सम्मुख भुजा AC अर्थात् कर्ण बड़ा होता है।

प्रश्न 2.
दी गई आकृति में ∆ABC की भुजाओं AB और AC को क्रमशः बिन्दुओं P और Q तक बढ़ाया गया है। साथ ही, ∠PBC < ∠QCB है। दर्शाइए कि AC > AB है।

हल:
प्रश्नानुसार दिए गए चित्र से ∠ABC + ∠PBC = 180° …..(i)
रैखिक युग्म अभिगृहीत से] तथा ∠ACB + ∠QCB = 180° …..(ii) [रैखिक युग्म अभिगृहीत से]

अब समीकरण (i) व (ii) से ∠ABC + ∠PBC = ∠ACB + ∠QCB …..(iii)
परन्तु ∠PBC < ∠QCB (दिया है) …..(iv)

अब समीकरण (iv) का मान (iii) में प्रयुक्त करने से
∠ABC > ∠ACB

अब ∆ABC में ∠ABC > ∠ACB
[समीकरण (iv) के अनुसार]
AC > AB [क्योंकि बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती

प्रश्न 3.
दी गई आकृति में ∠B < ∠A और ∠C < ∠D है। दर्शाइए कि AD < BC है।

हल:
प्रश्नानुसार दी गई आकृति से ∆AOB में ∠B < ∠A. (दिया है)
∠A > ∠B
OB > OA …………(i)
[क्योंकि बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है।]
अब पुन: ∆COD में
∠C < ∠D (दिया है)
या ∠D > ∠C
∴ OC > OD [क्योंकि बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है।]

अब समीकरण (i) और (ii) को जोड़ने पर
OB + OC > OA + OD
या BC > AD
या AD < BC (इति सिद्धम् )

प्रश्न 4.
AB और CD क्रमशः एक चतुर्भुज ABCD की सबसे छोटी और सबसे बड़ी भुजाएँ हैं ( देखिए आकृति)। दर्शाइए कि ∠A > ∠C और ∠B > ∠D

हल-दिया है-प्रश्नानुसार एक चतुर्भुज ABCD है जिसमें AB सबसे छोटी भुजा तथा CD सबसे बड़ी भुजा है।
सिद्ध करना है – ∠A > ∠C
तथा ∠B > ∠D

रचना – चतुर्भुज के बिन्दु A को C से तथा B को D से मिलाया।

उपपत्ति – ∆ABC में AB सबसे छोटी भुजा है
∴ BC > AB
या ∠1 > ∠2 …..(i)
[क्योंकि बड़ी भुजा के सम्मुख बड़ा कोण होता है।]
पुनः ∆ADC में, CD सबसे बड़ी भुजा है।
∴ CD > AD

या ∠3 > ∠4 …..(ii)
समीकरण (i) व (ii) को जोड़ने पर
∠1 + ∠3 > ∠2 + ∠4
या ∠A > ∠C (इति सिद्धम् )

पुन: ∆ADB में, AB सबसे छोटी भुजा है।
AD > AB
या ∠5 > ∠6. …..(iii)

और ∆BCD में, CD सबसे बड़ी भुजा है।
CD > BC
या ∠7 > ∠8 …..(iv)

समीकरण (iii) और (iv) को जोड़ने पर
∠5 + ∠7 > ∠6 + ∠8
या ∠B > ∠D (इति सिद्धम् )

प्रश्न 5.
दी गई आकृति में, PR > PQ है और PS कोण QPR को समद्विभाजित करता है। सिद्ध कीजिए कि ∠PSR > ∠PSQ है।

हल:
प्रश्नानुसार दिए गए चित्र में ∆PQR के अनुसार
PR > PQ (दिया है)
∠PQR > ∠PRQ. [क्योंकि बड़ी भुजा का सम्मुख कोण बड़ा होता …..(i)
पुनः ∠1 = ∠2 [∵ PS, ∠P का समद्विभाजक है।] …..(ii)
∴ ∠PQR + ∠1 > ∠PRQ + ∠2 ….(iii)

परन्तु ∠PQS + ∠1 + ∠PSQ = ∠PRS + ∠2 + ∠PSR = 180°
[क्योंकि त्रिभुज के कोणों का योगफल 180° होता है।]
या ∠PQR + ∠1 + ∠PSQ = ∠PRQ + ∠2 + ∠PSR …..(iv) [∵ ∠PRS = ∠PRQ और ∠PQS = ∠PQR]
समीकरण (iii) तथा (iv) से
∠PSQ < ∠PSR
या ∠PSR > ∠PSQ

प्रश्न 6.
दर्शाइए कि एक रेखा पर एक दिए हुए बिन्दु से, जो उस रेखा पर स्थित नहीं है, जितने रेखाखण्ड खींचे जा सकते हैं, उनमें लम्ब रेखाखण्ड सबसे छोटा होता है।
हल:
दिया है – एक रेखा l है और P एक बिन्दु है जो l पर स्थित नहीं है तथा PM, रेखा l पर लम्ब है।
रचना – माना कि रेखा l पर M से कोई भिन्न बिन्दु N है।

सिद्ध करना है- PM < PN
उपपत्ति – ∆PMN में, ∠M एक समकोण है तथा N एक न्यून कोण है। (त्रिभुज का कोण गुणधर्म)
∠M > ∠N अतः
PN > PM [क्योंकि बड़े कोण की सम्मुख भुजा बड़ी होती है।]
PM < PN
अतः एक रेखाखण्ड पर एक दिए गए बिन्दु से, जो उस रेखा पर स्थित नहीं है, खींचे गए सभी रेखाखण्डों में लम्ब रेखाखण्ड सबसे छोटा होता है।

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