Father to Son

-Elizabeth Jennings

TEXTBOOK QUESTIONS

[Think It Out:

Q. 1. Does the poem talk of an exclusively personal experience or is it fairly universal?

क्या यह कविता केवल व्यक्तिगत अनुभव की बात करती है अथवा यह सार्वभौमिक अनुभव है?

Ans. This poem describes a situation in which a son drifts away from his father. A complete estrangement takes place between them. This happens at a later stage when the son becomes a grown up person. The poor father feels sad and forlorn. He plans to rebuild the relationship that existed between them when the son was a small child. The father had brought up the son expecting him to follow his way of life. Unfortunately, just the opposite happens. The son grows up into an independent person with a different life style and drifts away from the father completely. The poor father feels abandoned and cheated. A kind of generation gap has stood between them.

This story is not an exclusively personal experience. This happens with almost every parent. Both have their past behind them and this makes things difficult between them. It is a universal phenomenon.

यह कविता एक ऐसी स्थिति का वर्णन करती है जिसमें एक पुत्र पिता से दूर होता चला जाता है। उनके बीच एक पूर्ण सम्बन्ध-विच्छेद की स्थिति आ जाती है। यह बाद की अवस्था में घटित होता है जब पुत्र एक वयस्क व्यक्ति बन जाता है। बेचारा पिता दु:खी एवं अकेला महसूस करता है। वह उस रिश्ते को पुनः बनाने की सोचता है जो उनके बीच तब था जब पुत्र एक छोटा बच्चा था। पिता ने पुत्र इस उम्मीद के साथ पाला-पोषा था कि वह उसकी ही जीवन-शैली को अपनायेगा। दुर्भाग्यवश, ठीक इसके विपरीत होता है। पुत्र एक स्वतन्त्र व्यक्ति के रूप में बड़ा होता है, जिसकी एक भिन्न जीवन-शैली होती है और वह पूरी तरह पिता से दूर हो जाता है। दु:खी पिता परित्यक्त एवं ठगा-सा महसूस करता है। एक प्रकार का पीढ़ियों का फासला उनके बीच आ खड़ा हुआ है।

यह कहानी किसी व्यक्ति का केवल निजी अनुभव नहीं है। ऐसा प्रायः प्रत्येक माता-पिता के साथ होता है। दोनों के पीछे उनके अतीत होते हैं। इस कारण उनके बीच मुश्किलें पैदा हो जाती हैं। यह एक सार्वभौमिक घटना है।

Q. 2. How is the father’s helplessness brought out in the poem?

कविता में पिता की विवशता किस प्रकार प्रकट होती है?

Ans. The poem very clearly brings out the helplessness of a father. It is the father, not the son, who feels the pain of estrangement from his son. He fails to understand his son, though they have lived together in the same house for years. They are not even on talking terms. Again, it is the father who feels cheated when his son develops into a different kind of person than he expected. The father tried to bring him up according to his own ideals and designs, but he developed into independent person with his own likes and dislikes. Even then the father is ready to accept his son with all his faults, forgiving him for all the sorrow that the son has given him. He would like to shape a new love from that sorrow.

Thus we see that, it is the father who feels helpless, forlorn and cheated and it is he who thinks of making compromises.

___ यह कविता बहुत स्पष्ट रूप से एक पिता की विवशता को प्रकट करती है। एक पिता ही, पुत्र नहीं, पुत्र से सम्बन्ध-विच्छेद का कष्ट महसूस करता है। वह अपने पुत्र को नहीं समझ पाता यद्यपि दोनों एक ही मकान में वर्षों तक साथ रहे हैं। उनमें बातचीत के सम्बन्ध भी नहीं हैं। पुनः यह पिता ही है जो ठगा-सा महसूस करता है जब पुत्र उसकी अपेक्षा के विपरीत एक भिन्न प्रकार के व्यक्ति के रूप में विकसित हो जाता है। पिता ने अपने आदर्शों एवं पसन्द के अनुसार उसे पाल-पोषने का प्रयास किया था लेकिन वह स्वतन्त्र व्यक्ति के रूप में विकसित हुआ जिसकी अपनी पसन्द एवं नापसन्द थीं। फिर भी पिता उसके दोषों सहित उसे स्वीकार करने को तैयार है तथा उन सारे दु:खों के लिए उसे क्षमा करने को तैयार है जो पुत्र ने उसे दिए थे। वह उस दु:ख से एक नया प्रेम पैदा करना चाहता है।

_इस प्रकार हम देखते हैं कि पिता ही विवश, अकेला एवं ठगा हुआ महसूस करता है और वही समझौते करने की बात सोचता है।

Q. 3. Identify the phrases and lines that indicate distance between father and son.

उन वाक्यांशों एवं पंक्तियों को पहचानिए जो पिता एवं पुत्र के बीच की दूरी की ओर संकेत करती हैं। Ans. The following lines indicate the distance between the father and the son

1. I do not understand this child.

2. I know nothing of him.

3. We speak like strangers.

4. There is no sign of understanding in the air.

5. Silence surrounds us.

निम्न पंक्तियाँ पिता एवं पुत्र के बीच की दूरी को दर्शाती हैं

1. में इस बच्चे को नहीं समझ पाता है।

2. मैं उसके बारे में कुछ नहीं जानता।

3. हम अजनबियों के समान बात करते हैं।

4. माहौल में सामंजस्य का कोई संकेत नहीं है।

5. चुप्पी हमें घेरे रहती है।

Q. 4. Does the poem have a consistent rhyme scheme?

क्या कविता में तुकबन्दी की एकरूपता है?

Ans. The poem has a consistent rhyme scheme. The rhyme scheme in each stanza

is:

a bb a ba

कविता में तुकबन्दी की एकरूपता है। प्रत्येक गद्यांश की तुकबन्दी है

a bb a ba

ADDITIONAL QUESTIONS

Short Answer Type Questions (around 10-15 words)

Q. 1. What is the present state of affairs between the father and the son?

पिता एवं पुत्र के बीच वर्तमान में किस प्रकार की स्थिति है?

Ans. They do not speak to each other. There is also no understanding between them.

वे एक-दूसरे से बात नहीं करते हैं। उनके बीच कोई सहमति नहीं है।

Q. 2. What does the father plan to do?

पिता की क्या करने की योजना है?

Ans. He wants to build a new relationship with the son, like the one that existed formerly.

वह पुत्र के साथ एक नया रिश्ता बनाना चाहता है जैसा पहले था।

Q. 3. What is the regret of the father?

पिता का पश्चात्ताप क्या है?

Ans. The father regrets that all his labour in bringing up the son to his design has gone waste.

पिता को पश्चात्ताप है कि पुत्र को अपनी इच्छानुसार बड़ा करने की उसकी सारी मेहनत व्यर्थ चली गयी।

Q. 4. What can he (the father) not share with his son?

पिता अपने पुत्र के साथ क्या नहीं बाँट सकता?

Ans. The son has got his own likings and dislikings. The father cannot tolerate those things.

पुत्र की अपनी ही पसन्द-नापसन्द है। पिता उन्हें सहन नहीं कर सकता।

Q. 5. What compromises is the father prepared to make if the son wants to come back?

‘अगर पुत्र वापस आना चाहे तो पिता क्या समझौता करने को तैयार है?

Ans. He is prepared to accept him with all his faults, forgive him, and create a new love out of his sorrow.

वह उसे उसके सभी दोषों के साथ स्वीकार करने को तैयार है। वह उसे क्षमा करने को तैयार है तथा वह अपने दु:ख से नये प्रेम की रचना भी करना चाहता है।

Q. 6. How does the father admit the futility of the estrangement from his son?

किस प्रकार पिता पुत्र के साथ मनमुटाव की व्यर्थता को स्वीकार करता है?

Ans. He admits that none of them has gained anything from the estrangement. He does not hold his son guilty.

वह यह स्वीकार करता है कि इस मनमुटाव से किसी को भी कुछ नहीं मिला है। वह पुत्र को दोषी भी नहीं मानता है।

Q.7. Give the central idea of the poem, ‘Father to Son’.

कविता का केन्द्रीय विचार बतलाइए।

Ans. Children, when they grow up, form a world of their own. They hardly ever care how sad and forlorn the old parents feel.

बच्चे जब बड़े होते हैं तो अपनी ही एक दुनिया बसा लेते हैं । वे कभी परवाह ही नहीं करते कि उनके वृद्ध माता-पिता कितना दु:खी एवं अकेला महसूस करते हैं।