Rajasthan Board RBSE Class 12 Geography Chapter 4 विश्व: जनसंख्या संरचना

RBSE Class 12 Geography Chapter 4 पाठ्य पुस्तक के प्रश्नोत्तर

RBSE Class 12 Geography Chapter 4 बहुचयनात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
वृद्ध आयु जनसंख्या वर्ग में कितने वर्ष से ऊपर की जनसंख्या सम्मिलित होती है?
(अ) 60 वर्ष
(ब) 62 वर्ष
(स) 68 वर्ष
(द) 65 वर्ष

प्रश्न 2.
विश्व में सर्वाधिक वृद्ध व्यक्तियों को प्रतिशत किस देश में है?
(अ) भारत
(ब) जापान
(स) चीन
(द) दक्षिण अफ्रीका

प्रश्न 3.
विश्व में किस आयु वर्ग का प्रतिशत सर्वाधिक है?
(अ) 65 वर्ष से अधिक
(ब) 0 – 14 वर्ष
(स) 25 से 54 वर्ष
(द) ये सभी

प्रश्न 4.
शत-प्रतिशत साक्षरता वाला देश है –
(अ) जापान
(ब) भारत
(स) चीन
(द) यू.एस.ए.

प्रश्न 5.
उच्च नगरीय जनसंख्या किस देश में पाई जाती है?
(अ) मिस्र
(ब) सिंगापुर
(स) बांग्लादेश
(द) भारत

उत्तरमाला:
1. (द), 2. (ब), 3. (स), 4. (अ), 5. (ब)

RBSE Class 12 Geography Chapter 4 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 6.
आयु वर्ग के अनुसार किस वर्ग में सर्वाधिक जनसंख्या पायी जाती है।
उत्तर:
25 – 54 वर्ष के आयु वर्ग में विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या मिलती है।

प्रश्न 7.
जनसंख्या संरचना में बाल वर्ग किस आयु वर्ग से सम्बन्धित है?
उत्तर:
0 – 14 आयु वर्ग से।

प्रश्न 8.
साक्षरता का महत्त्व बताइए।
उत्तर:
साक्षरता जनसंख्या की एक गुणात्मक विशेषता होती है, इससे किसी क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास का पता चलता है। यह जनसंख्या के प्रजनन, मृत्युदर, गत्यात्मकता व व्यवसाय को भी प्रभावित करती है। इसलिए इसका महत्त्व है।

प्रश्न 9.
कृषि किस प्रकार के व्यावसायिक वर्ग से सम्बन्धित है?
उत्तर:
कृषि प्राथमिक व्यवसाय वर्ग से सम्बन्धित है।

प्रश्न 10.
विश्व में सर्वाधिक नगरीय जनसंख्या किस महाद्वीप में है?
उत्तर:
विश्व में सर्वाधिक नगरीय जनसंख्या उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में 77 प्रतिशत मिलती है।

RBSE Class 12 Geography Chapter 4 लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 11.
जनसंख्या संरचना या संघटन से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
जनसंख्या संघटन में किसी देश की नगरीय व ग्रामीण जनसंख्या के अनुपात को देखा जाता है। सामान्यतः जनसंख्या में मिलने वाली विविध दशाओं; यथा–लिंगानुपात, धर्म-जाति, भाषा, शिक्षा, व्यवसाय, ग्रामीण व नगरीय स्वरूप, आयु-वर्ग आदि के समावेशित आधार पर जनसंख्या का अध्ययन करना, जनसंख्या संरचना या जनसंख्या संघटन कहलाता है।

प्रश्न 12.
लिंग अनुपात किसे कहते हैं?
उत्तर:
जनसंख्या में स्त्रियों और पुरुषों की संख्या के बीच के अनुपात को लिंग अनुपात कहा जाता है। लिंग अनुपात प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या के रूप में माना जाता है। इसे ज्ञात करने के लिए मुख्यत: निम्नांकित सूत्र प्रयोग करते हैं –

प्रश्न 13.
विकासशील देशों में नगरीकरण की दर तेजी से क्यों बढ़ रही है?
उत्तर:
विकासशील राष्ट्रों में नगरीकरण की दर तीव्र होने का मुख्य कारण, इन राष्ट्रों में ती गति से बढ़ती विकास की प्रक्रिया है। इन देशों के लोग उच्च शिक्षा, चिकित्सा व सुविधाओं की प्राप्ति हेतु ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़कर शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन कर रहे हैं। ये राष्ट्र हाल ही में जनसंख्या संक्रमण की प्रथम अवस्था को पार करके द्वितीय व तृतीय अवस्था की ओर अग्रसर हुए हैं, अतः एक विशाल प्रौढ़ आयु वर्गीय जनसंख्या होने के कारण नगरीकरण में तीव्र वृद्धि होना स्वाभाविक है।

प्रश्न 14.
आयु-संरचना का क्या महत्त्व है? ।
उत्तर:
आयु संरचना विभिन्न आयु वर्गों में लोगों की संख्या दर्शाती है। इससे किसी देश या प्रदेश की आश्रित जनसंख्या, श्रम शक्ति एवं रोजगार की स्थिति का पता चलता है। इसकी सहायता से भविष्य में जनसंख्या वृद्धि का अनुमान भी लगाया जा सकता है। आयु संरचना से ही भविष्य में किसी देश के विकास या विकास से पुनः पिछड़ेपन की स्थिति निर्धारित हो सकती है। आयु संरचना राष्ट्र के आर्थिक स्वरूप को भी दर्शाती है।

RBSE Class 12 Geography Chapter 4 निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 15.
जनसंख्या के ग्रामीण-नगरीय संघटन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जनसंख्या का ग्रामीण-नगरीय संघटन-सामान्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र ऐसे आवासीय क्षेत्र होते हैं जिनमें अधिकांश कार्यशील जनसंख्या प्राथमिक क्रियाकलापों में संलग्न मिलती है जबकि नगरीय क्षेत्र ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें निवास करने वाली अधिकांश कार्यशील जनसंख्या गैर-प्राथमिक क्रियाकलापों में कार्यरत मिलती है। विश्व के विकसित राष्ट्रों की कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत उच्च मिलता है जबकि ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत निम्न मिलता है।

दूसरी ओर विश्व के विकासशील राष्ट्रों में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत निम्न तथा ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत 62 के लगभग मिलता है जबकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका जैसे महाद्वीपों में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत 25 ही मिलता है। विश्व की कुल जनसंख्या का 50 प्रतिशत से अधिक भाग नगरों में निवास करता है। विश्व में प्रतिवर्ष 6 करोड़ लोग नगरीय जनसंख्या के रूप में बढ़ रहे हैं। सन् 1800 में विश्व की केवल 2.5 प्रतिशत जनसंख्या नगरों में रहती थी, जो 1960 में बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई।

विकासशील देशों में नगरीय जनसंख्या तीव्र गति से बढ़ रही है। सन् 2000 में विश्व के 290 करोड़ लोग नगरों में निवास करते थे। 2004 में विश्व की 48 प्रतिशत जनसंख्या नगरीय व 52 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण थी। सन् 2025 तक विश्व की 61 प्रतिशत जनसंख्या के नगरीकृत होने का अनुमान है। विश्व जनसंख्या के इस ग्रामीण व नगरीय जनसंख्या के स्वरूप को अग्रांकित तालिका व आरेख के माध्यम से दर्शाया गया है –
विश्व ग्रामीण एवं नगरीय जनसंख्या (मिलियन में) –

महाद्वीप कुल जनसंख्या करोड़ में नगरीय जनसंख्या ग्रामीण जनसंख्या
करोड़ में प्रतिशत करोड़ में प्रतिशत
एशिया 368.2 138.3 38.0 229.9 62.0
अफ्रीका 78.4 29.5 38.0 48.9 62.0
यूरोप 79.2 54.6 75.0 18.3 25.0
द. अमेरिका 51.9 39.1 75.0 12.8 25.0
उ. अमेरिका 31.0 23.9 77.0 7.1 23.0
ओशेनिया 3.0 2.1. 70.0 0.9 30.0

स्रोत : जनसंख्या विभाग, यूनाइटेड नेशनल संदर्भिका, 2004
RBSE Solutions for Class 12 Geography Chapter 4 विश्व: जनसंख्या संरचना
प्रश्न 16.
लिंग-संरचना द्वारा प्रकट की जाने वाली विश्व जनसंख्या की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
लिंग संरचना द्वारा विश्व जनसंख्या की निम्नलिखित विशेषताएँ प्रकट की जाती हैं –

  1. लिंग संरचना द्वारा सम्बन्धित राष्ट्र के स्त्री-पुरुषों की संख्या का पता चलता है।
  2. लिंग संरचना के माध्यम से निम्न, मध्यम व उच्च आयु वर्गों में होने वाले परिवर्तनों की स्थिति का पता चलता है।
  3. यदि निम्न आयु वर्गों में लैंगिक विषमता मिलती है तो यह असंतुलन की स्थिति का प्रतीक होती है।
  4. लिंग संरचना से प्रजनन दर का पता लगाना सम्भव हो पाता है।
  5. लिंग संरचना से राष्ट्र के विकसित व अविकसित होने के बारे में पता चलता है।
  6. उच्च आयु वर्गों में महिलाओं की अधिकता मिलना उनकी उच्च जीवन प्रत्याशा को दर्शाता है।
  7. प्रवास के प्रारूपों में लिंग संरचना का महत्त्वपूर्ण योगदान है, क्योंकि पुरुष प्रधान समाज में प्रवास का स्वरूप अधिक दृष्टिगत होता है।
  8. जन्म के समय कन्या (महिला) शिशु की तुलना में पुरुष शिशु की अधिकत मिलती है।
  9. लिंग संरचना किसी राष्ट्र या क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक व सांस्कृतिक दशओं को दर्शाती है।
  10. लिंग संरचना समय-समय पर स्त्री व पुरुषों के बीच समानताओं व विविधताओं को दर्शाती है।

आंकिक प्रश्न

प्रश्न 17.
विश्व लिंगानुपात के आँकड़ों को पिरामिड आरेख में प्रदर्शित कीजिए।
सारणी : विश्व लिंगानुपात के आँकड़े –

विश्व व महाद्वीप लिंगानुपात (प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या)
विश्व 985
एशिया 1002
अफ्रीका 957
यूरोप 1072
लैटिन अमेरिका 1018
उत्तरी अमेरिका 1027
ओशेनिया 990

स्रोत-जनसंख्या विभाग, यूनाइटेड नेशनल संदर्भिका, 2004
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 12 Geography Chapter 4 विश्व: जनसंख्या संरचना
(नोट-पाठ्यपुस्तक में दिया गया प्रश्न गलत है। पिरामिड आरेख में लिंगानुपात के आँकड़े प्रदर्शित नहीं होते अपितु आयु-वर्ग के आधार पर जनसंख्या के प्रतिशत को दर्शाया जाता है। अत: प्रश्न में पिरामिड की जगह दण्ड आरेख पढ़ा जाये।)

RBSE Class 12 Geography Chapter 4 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

RBSE Class 12 Geography Chapter 4 बहुचयनात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
सर्वाधिक वृद्ध जनसंख्या किस महाद्वीप में मिलती है?
(अ) एशिया
(ब) यूरोप
(स) अफ्रीका
(द) द. अमेरिका

प्रश्न 2.
सर्वाधिक मात्रा में युवा वर्गीय जनसंख्या प्रतिशत किस महाद्वीप में है?
(अ) उ. अमेरिका
(ब) यूरोप
(स) अफ्रीका
(द) द. अमेरिका

प्रश्न 3.
विश्व का औसत लिंगानुपात कितना है?
(अ) 957
(ब) 985
(स) 990
(द) 1018

प्रश्न 4.
सर्वाधिक लिंगानुपात किस महाद्वीप में मिलता है?
(अ) एशिया
(ब) अफ्रीका
(स) यूरोप
(द) ओसानिया

प्रश्न 5.
विश्व की नगरीय जनसंख्या में प्रतिवर्ष कितनी वृद्धि हो रही है?
(अ) 2 करोड़
(ब) 6 करोड़
(स) 10 करोड़
(द) 16 करोड़

प्रश्न 6.
सन् 2025 तक विश्व की कितने प्रतिशत जनसंख्या नगरीकृत हो जाएगी?
(अ) 34 प्रतिशत
(ब) 50 प्रतिशत
(स) 61 प्रतिशत
(द) 75 प्रतिशत

प्रश्न 7.
विश्व का साक्षरता प्रतिशत कितना है?
(अ) 64 प्रतिशत
(ब) 68 प्रतिशत
(स) 72 प्रतिशत
(द) 77 प्रतिशत

प्रश्न 8.
कार्यशील जनसंख्या का आयु वर्ग है –
(अ) 0-14 वर्ष
(ब) 15-59 वर्ष
(स) 60 से अधिक
(द) ये सभी

उत्तरमाला:
1. (ब), 2. (स), 3. (ब), 4. (स), 5. (ब), 6. (स), 7. (द), 8. (ब)

सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न

निम्नांकित में स्तम्भ अ को स्तम्भ ब से सुमेलित कीजिए
(क)

स्तम्भ (अ)
(महाद्वीप)
स्तम्भ (ब)
(लिंगानुपात)
(i) एशिया (अ) 1027
(ii) अफ्रीका (ब) 1072
(iii) यूरोप (स) 1018
(iv) उत्तरी अमेरिका (द) 957
(v) दक्षिणी अमेरिका (य) 990
(vi) ओसानिया (र) 1002

उत्तर:
(i) (र) (ii) (द) (iii) (ब) (iv) (अ) (v) (स) (vi) (य)

(ख)

स्तम्भ (अ)
(दशा)
स्तम्भ (ब)
(सम्बन्य)
(i) 0 – 14 वर्ष की जनसंख्या (अ) कार्यशील जनसंख्या
(ii) 15 – 64 वर्ष की जनसंख्या (ब) उच्च नगरीय जनसंख्या
(iii) 60 प्रतिशत से अधिक नगरीकृत (स) मध्यम नगरीय जनसंख्या
(iv) 40 – 80 प्रतिशत नगरीकृत (द) न्यून नगरीय जनसंख्या
(v) 40 प्रतिशत से कम नगरीकृत (य) आश्रित जनसंख्या

उत्तर:
(i) (य) (ii) (अ) (iii) (ब) (iv) (स) (v) (द)

RBSE Class 12 Geography Chapter 4 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
जनसंख्या संरचना में किन-किन पहलुओं का अध्ययन किया जाता हैं?
उत्तर:
जनसंख्या संरचना में आयु-वर्ग, स्त्री-पुरुष अनुपात, व्यवसाय, ग्रामीण व नगरीय जनसंख्या, साक्षरता, धर्म व भाषा आदि पहलुओं का अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 2.
आयु संरचना किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी भी देश की जनसंख्या को मुख्यत: तीन वर्गों में बाँटा जाता है, जो क्रमशः 0 – 14, 15 – 64 व 65 से अधिक आयु के होते हैं। इनके यह विभाजन की जनसंख्या को आयु संरचना कहते हैं।

प्रश्न 3.
आश्रित जनसंख्या किसे कहते हैं? यह कौन-कौन से आयु वर्गों में मिलती है?
उत्तर:
विश्व के सभी राष्ट्रों में, पायी जाने वाली जनसंख्या में 0 – 14 वर्ष एवं 64 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की जनसंख्या को आश्रित जनसंख्या कहते हैं, क्योंकि इन वर्गों की जनसंख्या मुख्यतः कार्यशील जनसंख्या (15 – 59) पर निर्भर रहती है।

प्रश्न 4.
विश्व जनसंख्या को आयु संरचना के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
विश्व जनसंख्या में 0 – 14 वर्ष आयु वर्ग में विश्व की 2544 प्रतिशत जनसंख्या, 15 – 24 आयु वर्ग में 16.16 प्रतिशत जनसंख्या, 25 – 54 आयु वर्ग में 41.12 प्रतिशत जनसंख्या, 55-64 के आयु वर्ग में 8.60 प्रतिशत जनसंख्या तथा 65 वर्ष से अधिक के आयु वर्ग में 8.68 प्रतिशत जनसंख्या मिलती है।

प्रश्न 5.
प्रौढ आयु वर्ग की जनसंख्या का अधिक महत्त्व क्यों है?
उत्तर:
इस वर्ग की जनसंख्या प्रजननशील, आर्थिक दृष्टि से सर्वाधिक उत्पादक व जनांकिकीय दृष्टि से सबसे अधिक गतिशील होती है। देशों के विकास का स्तर इसी जनसंख्या वर्ग से जुड़ा होता है। इसी कारण, इस आयु वर्ग का अधिक महत्त्व है।

प्रश्न 6.
भारत के संदर्भ में लिंगानुपात को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारत में प्रति हजारं पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या को लिंगानुपात कहा जाता है। इसे निम्नांकित सूत्र से ज्ञात करते हैं –
RBSE Solutions for Class 12 Geography Chapter 4 विश्व: जनसंख्या संरचना
प्रश्न 7.
प्रतिकूल लिंगानुपात किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब किसी क्षेत्र में स्त्रियों की संख्या उस क्षेत्र के पुरुषों की संख्या की तुलना में कम मिलती है, तो ऐसी स्थिति प्रतिकूल लिंगानुपात कहलाती है।

प्रश्न 8.
प्रतिकूल लिंगानुपात हेतु उत्तरदायी कारण कौन से हैं?
उत्तर:
कन्या भ्रूण हत्या एवं कन्या शिशु हत्या और स्त्रियों के प्रति घरेलू हिंसा आदि प्रतिकूल लिंगानुपात. हेतु उत्तरदायी घटक हैं।

प्रश्न 9.
विकासशील देशों में प्रतिकूल लिंगानुपात अधिक क्यों मिलता है?
उत्तर:
विकासशील देशों में स्त्रियों को समाज में गौण स्थान प्राप्त है, जिसके कारण उनमें प्रजनन के समय हुई मृत्यु दर अधिक ऊँची मिलती है। इससे प्रतिकूल लिंगानुपात बढ़ता है।

प्रश्न 10.
यूरोप महाद्वीप के अनेक देशों में पुरुषों की कमी क्यों मिलती है?
उत्तर:

  1. इस महाद्वीप के ऐसे क्षेत्रों में महिलाओं की समाज में बेहतर स्थिति है।
  2. भूतकाल में इस क्षेत्र से वृहत् स्तर पर पुरुष प्रधान उत्प्रवास हुआ है।

प्रश्न 11.
लिंगानुपात की भिन्नता के आधार पर विश्व को कितने भागों में बांटा गया है?
उत्तर:
लिंगानुपात की भिन्नता के आधार पर विश्व को चार भागों-अत्यधिक स्त्री अधिकता वाले देश, स्त्री अधिकता वाले देश, पुरुष अधिकता वाले देश व अत्यधिक पुरुष अधिकता वाले, भागों में बांटा गया है।

प्रश्न 12.
भारत में लिंगानुपात कम क्यों मिलता है?
अथवा
भारत में स्त्रियों की संख्या पुरुषों से कम क्यों है?
उत्तर:
भारत में लिंगानुपात के कम मिलने के मुख्य कारणों में भारतीय समाज के परम्परावादी होने, स्त्रियों में शिक्षा, रोजगार के अवसरों, सुरक्षा व समाज में उचित स्थान प्राप्त नहीं होने को शामिल किया गया है। शिक्षा में उत्तरोत्तर बढ़ोत्तरी के बावजूद कन्या भ्रूण के प्रति अभी भी कम आकर्षण के कारण को नकारा नहीं जा सकता है।

प्रश्न 13.
नगरीय जनसंख्या किसे कहते हैं?
उत्तर:
नगरों में निवास करने वाली व गैर-कृषि कार्यों जैसे उद्योग व अन्य सेवाओं में संलग्न रहने वाली जनसंख्या को नगरीय जनसंख्या कहते हैं।

प्रश्न 14.
ग्रामीण जनसंख्या से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
गाँवों में रहने वाली तथा कृषि व उससे सम्बन्धित अथवा प्राकृतिक क्रिया-कलापों में संलग्न रहने वाली जनसंख्या को ग्रामीण जनसंख्या कहते हैं।

प्रश्न 15.
विश्व को नगरीकरण की दृष्टि से कितने भागों में बांटा गया है?
उत्तर:
विश्व को नगरीकरण की दृष्टि से तीन भागों-उच्च नगरीय क्षेत्र, मध्यम नगरीय क्षेत्र तथा न्यून नगरीय क्षेत्रों में बांटा गया है।

प्रश्न 16.
उच्च नगरीय क्षेत्रों से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
विश्व के जिन क्षेत्रों में 60 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या नगरों में निवास करती है, उन्हें उच्च नगरीय क्षेत्र कहते हैं।

प्रश्न 17.
मध्यम नगरीय क्षेत्र कौन से होते हैं?
उत्तर:
जिन राष्ट्रों/देशों में 40 – 60 प्रतिशत जनसंख्या नगरों में निवास करती है, उन्हें मध्यम नगरीय क्षेत्र कहा जाता है।

प्रश्न 18.
न्यून नगरीय क्षेत्रों से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
विश्व के ऐसे राष्ट्र/देश जिनमें 40 प्रतिशत से कम जनसंख्या नगरों में निवास करती है उन्हें न्यून नगरीय क्षेत्र कहते हैं।

प्रश्न 19.
साक्षरता से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
साक्षरता से अभिप्राय मानव की ऐसी स्थिति से है जिससे व्यक्ति अपने भावों-विचारों को दूसरों को समझा सके तथा दूसरे के भावों व विचारों को समझ सके तथा वह पढ़ना-लिखना व तार्किक गणना करने योग्य हो जाए।

प्रश्न 20.
साक्षरता दर किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी राष्ट्र की कुल जनसंख्या में से साक्षर जनसंख्या के प्रतिशत को साक्षरता दर कहा जाता है।

प्रश्न 21.
साक्षरता दर को प्रभावित करने वाले कारकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
साक्षरता दर को प्रभावित करने वाले कारकों में आर्थिक विकास का स्तर, नगरीकरण, जीवन का स्तर, महिलाओं की सामाजिक स्थिति, विभिन्न सुविधाएँ व सरकारी नीतियाँ शामिल हैं।

प्रश्न 22.
व्यावसायिक संरचना से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
व्यावसायिक संरचना के अन्तर्गत कुल जनसंख्या में कार्यरत जनसंख्या के विभिन्न व्यवसाय अथवा कार्य में संलग्नता का अध्ययन किया जाता है। सामान्यतः किसी निश्चित आर्थिक कार्य के अन्दर लगी हुई सक्रिय जनसंख्या के आनुपातिक वितरण को जनसंख्या की व्यावसायिक संरचना कहा जाता है।

प्रश्न 23.
प्रमुख व्यावसायिक कार्यों के नाम लिखिए।
उत्तर:
प्रमुख व्यावसायिक कार्यों में कृषि, वानिकी, आखेट, मत्स्य पालन, पशुपालन, खनन, उत्खनन, विनिर्माण उद्योग, निर्माण कार्य, बिजली, गैस, जल व स्वास्थ्य सेवाएँ, वाणिज्य, परिवहन, भण्डारण एवं संचार सेवाएँ आदि शामिल किये जाते हैं।

प्रश्न 24.
चतुर्थक व्यवसाय में संलग्न जनसंख्या का अधिक महत्त्व क्यों है?
उत्तर:
चतुर्थक व्यवसाय में संलग्न जनसंख्या अधिक आय अर्जित करती है। इस व्यवसाय से सम्बन्धित जनसंख्या अपने विचारों, शोध आदि कार्यों से समाज को गतिशीलता प्रदान करती है। इसी कारण इसे जनसंख्या का महत्त्व अधिक होता है।

RBSE Class 12 Geography Chapter 4 लघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-1)

प्रश्न 1.
आयु संरचना जनसंख्या संघटन का एक महत्त्वपूर्ण सूचक होती है। क्यों?
उत्तर:
आयु संरचना जनसंख्या संघटक का एक महत्त्वपूर्ण सूचक होती है, क्योंकि 15 से 64 आयु वर्ग के मध्य जनसंख्या का एक बड़ा आकार एक विशाल कार्यशील जनसंख्या को प्रदर्शित करता है। 65 वर्ष से अधिक आयु वाली जनसंख्या का एक बड़ा अनुपात उस वृद्ध जनसंख्या को प्रदर्शित करता है जिनके लिए स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाओं की उपलब्धता हेतु अधिक धनराशि के व्यय की आवश्यकता होती है। निम्न आयु वर्गों में जनसंख्या का अधिक मिलना उच्च जन्म दर का प्रतीक होने के साथ राष्ट्र के पिछड़ेपन को दर्शाता है। इन सभी दशाओं को आयु संरचना के द्वारा दर्शाया जाता है।

प्रश्न 2.
विकासशील देशों में युवा जनसंख्या व विकसित राष्ट्र में प्रौढ/वृद्ध जनसंख्या अधिक क्यों मिलती है?
उत्तर:
विकासशील राष्ट्र अभी जनसंख्या संक्रमण की द्वितीय या तृतीय अवस्था से गुजर रहे हैं, जिसके कारण इन राष्ट्रों में उच्च जन्म दर की स्थिति ने युवा वर्ग की जनसंख्या को बढ़ाया है, जबकि विकसित राष्ट्र प्रायः जनसंख्या संक्रमण की अंतिम अवस्था में है जिसके कारण इन्हें प्रथम व द्वितीय अवस्था पार किये हुए एक लम्बा समय व्यतीत हो गया है। इन राष्ट्रों में जन्म दर अति न्यून हैं। इसी कारण इन राष्ट्रों में उच्च आयु वर्गों में प्रौढ़ व वृद्ध जनसंख्या की अधिकता देखने को मिलती है।

प्रश्न 3.
विश्व जनसंख्या की आयु संरचना में कौन-सी दशाएँ दृष्टिगत हो रही हैं?
उत्तर:
विश्व जनसंख्या की आयु संरचना में निम्नलिखित दशाएँ दृष्टिगत हो रही हैं –

  1. सामान्यत: विकासशील देशों में युवा जनसंख्या और विकसित देशों में प्रौढ़ों व वृद्धों की जनसंख्या अधिक पायी जाती है।
  2. असन्तुलित आयु संरचना के कारण किसी देश की आर्थिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
  3. जिन देशों की जनसंख्या तीव्र गति से बढ़ रही है, वहाँ बच्चों की संख्या अधिक होती है।

प्रश्न 4.
किसी प्रदेश में मिलने वाले निम्न लिंगानुपात के लिए कौन-से कारक उत्तरदायी हैं?
अथवा
किसी प्रदेश में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की कम संख्या मिलने के लिए कौन-कौन से कारक उत्तरदायी हैं?
उत्तर:
किसी प्रदेश में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की कम संख्या मिलने के लिए प्रमुख रूप से निम्नलिखित
कारक उत्तरदायी होते हैं –

  1. महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक स्तर का निम्न मिलना।
  2. कन्या भ्रूण हत्या तथा महिला-शिशु हत्या की अधिक घटनाओं का मिलना।
  3. महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा तथा उत्पीड़न की अधिक घटनाओं का मिलना।
  4. प्रजनन के दौरान महिलाओं की मृत्यु होना।

प्रश्न 5.
महिलाओं को पुरुषों की तुलना में प्राकृतिक लाभ बनाम सामाजिक हानि प्राप्त है। इसका क्या कारण है?
उत्तर:
महिलाओं के शरीर में पुरुषों के शरीर की तुलना में अधिक प्रतिरोधी क्षमता प्राकृतिक रूप से प्राप्त है। जिसके कारण वे पुरुषों की तुलना में अधिक सहनशील एवं दीर्घायु होती हैं, लेकिन महिलाओं के प्रति किये जाने वाले भेदभाव व सामाजिक हानियों से यह प्राकृतिक लाभ समाप्त हो जाता है।

प्रश्न 6.
“लिंगानुपात किसी देश में स्त्रियों की स्थिति के सम्बन्ध में महत्त्वपूर्ण सूचना होती है।” कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
लिंगानुपात किसी देश में स्त्रियों की स्थिति के सम्बन्ध में महत्त्वपूर्ण सूचना होती है। जिन प्रदेशों एवं देशों में लिंग अनुपात अनियंत्रित होता है, वहाँ लिंग अनुपात निश्चित रूप से स्त्रियों के प्रतिकूल होता है। ऐसे क्षेत्रों में कन्या भ्रूण हत्या, कन्या-शिशु हत्या एवं स्त्रियों के प्रति घरेलू हिंसा की प्रथा प्रचलित होती है जिसका मुख्य कारण इन क्षेत्रों में स्त्रियों के सामाजिक-आर्थिक स्तर का निम्न होना होता है।

प्रश्न 7.
लिंगानुपात के सन्दर्भ में एशिया व यूरोपीय महाद्वीप की स्थिति का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर:
सामान्यतः
एशिया महाद्वीप में लिंग अनुपाते निम्न है, जिसमें चीन, भारत, सऊदी अरब, पाकिस्तान व अफगानिस्तान जैसे देशों में लिंगानुपात और भी अधिक निम्न है। जबकि दूसरी ओर यूरोपीय महाद्वीप के एक बड़े भाग में पुरुष अल्प संख्या में हैं। यूरोप के अनेक देशों में पुरुषों की कमी का मुख्य कारण वहाँ महिलाओं का बेहतर स्थिति में होना तथा भूतकाल में विश्व के विभिन्न भागों में अत्यधिक पुरुष उत्प्रवास का होना है।

प्रश्न 8.
किसी देश में साक्षर जनसंख्या का अनुपात उसके सामाजिक-आर्थिक विकास का सूचक होता है।” कथन को स्पष्ट कीजिए।
अथवा
साक्षरता पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
किसी देश की कुल जनसंख्या में साक्षर जनसंख्या का अनुपात उस देश के सामाजिक-आर्थिक विकास का सूचक माना जाता है। साक्षर जनसंख्या के अनुपात से लोगों के रहन-सहन के स्तर, महिलाओं की सामाजिक स्थिति, शैक्षणिक सुविधाओं की उपलब्धता तथा प्रशासनिक नीतियों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। वस्तुत: आर्थिक विकास का स्तर साक्षरता का कारण एवं परिणाम दोनों ही है। भारत में साक्षरता दर 7 वर्ष से अधिक आयु की जनसंख्या पर ज्ञात की जाती है। 7 वर्ष से अधिक आयु की कुल जनसंख्या में उस जनसंख्या का प्रतिशत है जो पढ़ सकता है, लिख सकता है तथा जिसमें समझ के साथ अंकगणितीय गणना करने की योग्यता होती है।

RBSE Class 12 Geography Chapter 4 लघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-II)

प्रश्न 1.
विश्व स्तर पर मिलने वाले जनसंख्या के आयु वर्गों को स्पष्ट कीजिए।
अथवा
विभिन्न आयु वर्गों का उनकी शेिषताओं के साथ वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विश्व जनसंख्या को मुख्यत: निम्नलिखित आयु वर्गों में बाँटा गया है –

1. 0 – 14 वर्ष
2. 15 – 64 वर्ष
3. 65 व इससे अधिक

  1. 0 – 14 वर्ष की आयु वर्ग: इस आयु वर्ग में विश्व की 35 प्रतिशत युवा जनसंख्या आती है। विश्व स्तर पर इसमें प्रादेशिक भिन्नताएँ पाई जाती हैं। विकसित देशों में 18.3 प्रतिशत तथा विकासशील देशों में 32.2 प्रतिशत जनसंख्या इस आयु वर्ग से जुड़ी हुई है। जिन देशों में जन्म दर उच्च है वहाँ इस वर्ग में जनसंख्या का प्रतिशत अधिक है। यह प्रायः आश्रित जनसंख्या होती है।
  2. 15 – 64 वर्ष का आयु वर्ग: इसमें प्रौढ़ आयु वर्ग की जनसंख्या शामिल की जाती है। यह जनसंख्या दूसरे वर्गों से अधिक होती है इस वर्ग की जनसंख्या प्रजननशील, आर्थिक दृष्टि से सर्वाधिक उत्पादक तथा जनांकिकीय दृष्टि से सबसे गतिशील होती है। किसी भी देश का विकास स्तर इस जनसंख्या वर्ग से सम्बन्धित होता है। यह कार्यशील जनसंख्या होती है।
  3. 65 व इससे अधिक वर्ष: इसमें वृद्ध जनसंख्या शामिल होती है। वृद्ध आयु वर्ग की जनसंख्या ऐसे देशों में अधिक पायी जाती है जहाँ जनांकिकीय विकास का क्रम पूरा कर लिया जाता है। अधिकांश विकसित देश इस वर्ग से जुड़े हैं।

प्रश्न 2.
विश्व में असमान लिंगानुपात के वितरण को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
वर्तमान में एशिया महाद्वीप में 1002, लैटिन अमेरिका में 1018 वे उत्तरी अमेरिका में 1027 तथा ओसनिया में लिंगानुपात 990 मिलता है, विश्व में लिंगानुपात के स्वरूप में प्रादेशिक आधार पर भिन्नताएँ देखने को मिलती हैं। सम्पूर्ण विश्व में 139 देश ऐसे हैं, जहाँ लिंगानुपात अनुकूल मिलता है जबकि शेष 72 देशो में लिंगानुपात स्त्रियों के लिए प्रतिकूल है। लिंगानुपात का यह स्वरूप महाद्वीप के आधार पर भी भिन्नताओं से युक्त है। एक ओर यूरोप महाद्वीप में सर्वाधिक लिंगानुपात 1072 मिलता है, वहीं दूसरी ओर अफ्रीका महाद्वीप में लिंगानुपात 957 ही मिलता है।

विश्व का औसत लिंगानुपात 985 है, किन्तु दशकीय,आधार पर भी यह भिन्नताओं से युक्त रहा है। सन् 1980 में विश्व में औसत रूप से प्रति हजार पुरुषों के पीछे 993 स्त्रियाँ थीं अर्थात् एक हजार पुरुष संख्या पर 7 स्त्रियाँ कम थी। वर्ष 2004 के आँकड़ों से ज्ञात होता है कि यह लिंगानुपात 985 तक आ गयी अर्थात् एक हजार पुरुषों पर, 15 स्त्रियाँ कम है। क्षेत्रीय स्तर पर भी इस औसत में कई गुना भिन्नता दिखाई देती है। विश्व के कई देश ऐसे हैं, जहाँ स्त्रियों की संख्या पुरुषों के अनुपात में अधिक है और कई देश ऐसे हैं जहाँ स्त्रियों के अनुपात में पुरुषों की संख्या अधिक है।

प्रश्न 3.
लिंगानुपात की विविधता के आधार पर विश्व को किन भागों में वर्गीकृत किया गया है?
अथवा
लिंगानुपात के वितरण को आधार मानकर विश्व के संदर्भ में इसका वर्णन कीजिए।
उत्तर:
लिंगानुपात के वितरण में मिलने वाली वैश्विक विविधता के आधार पर विश्व को निम्नलिखित चार भागों में बाँटा गया है –

1. अत्यधिक स्त्री अधिकता वाले राष्ट्र
2. स्त्री अधिकता वाले राष्ट्र
3. पुरुष अधिकंता वाले राष्ट्र
4. अत्यधिक पुरुष अधिकता वाले राष्ट्र। इन सभी प्रारूपों का वर्णन निम्नानुसार है –

  1. अत्यधिक स्त्री अधिकता वाले देश: इस श्रेणी में 1050 से अधिक लिंगानुपात वाले देश सम्मिलित होते हैं जिसमें पश्चिमी यूरोपीय देश, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, दक्षिणी अमेरिका के दक्षिणी क्षेत्रों में स्त्रियों की संख्या अत्यधिक है।
  2. स्त्री अधिकता वाले देश: इस श्रेणी में 1000 से 1050 लिंगानुपात रखने वाले देश जैसे यूक्रेन, बेलारूस, पोलैण्ड, मंगोलिया, कजाकिस्तान, थाईलैण्ड, कम्बोडिया, म्यांमार एवं दक्षिण अफ्रीकी देश शामिल हैं।
  3. पुरुष अधिकता वाले देश: इस वर्ग के देशों में लिंगानुपात 950 से 1000 के मध्य पाया जाता है। इसमें आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैण्ड, चीन, कोरिया, मैक्सिको, ब्राजील, ईरान और क्यूबा नामक देशों में पुरुषों की अधिकता है।
  4. अत्यधिक पुरुष अधिकता वाले देश: विश्व के कई देशों में 950 से भी कम लिंगानुपात पाया जाता है। भारत इस श्रेणी का मुख्य प्रतिनिधित्व करता देश है। जहाँ घटता लिंगानुपात जनसंख्या के असन्तुलन के लिए चिन्ताजनक है।

प्रश्न 4.
विश्व का नगरीय जनसंख्या की विविधता के आधार पर वर्गीकरण कीजिए।
अथवा
नगरीय जनसंख्या के वितरण के अनुसार विश्व का वितरण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
नगरीय जनसंख्या के वितरण के अनुसार विश्व को निम्नलिखित भागों में बाँटा गया है –

1. उच्च नगरीय जनसंख्या
2. मध्यम नगरीय जनसंख्या
3. न्यून नगरीय जनसंख्या

  1. उच्च नगरीय जनसंख्या: इस वर्ग में विश्व के वे देश आते हैं, जिनमें नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत 60 से अधिक है। संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, ब्राजील, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैण्ड, जापान, सिंगापुर, अर्जेन्टाइना एवं यूरोप महाद्वीप के अधिकांश देशों में नगरीय जनसंख्या का उच्च प्रतिशत पाया जाता है।
  2. मध्यम नगरीय जनसंख्या: इस वर्ग में विश्व के वे देश सम्मिलित होते हैं जिनमें नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत 40 से 60 तक पाया जाता है। चीन, इण्डोनेशिया, द. अफ्रीका, मिस्र, वेनेजुऐला, क्यूबा, जमैका और हैती आदि देश मध्यम नगरीय जनसंख्या रखते हैं।
  3. न्यून नगरीय जनसंख्या: इस वर्ग में 40 प्रतिशत से कम नगरीय जनसंख्या वाले देश आते हैं, जिनमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, दक्षिणी-पूर्वी एशिया एवं अफ्रीका महाद्वीप के अधिकांश देश सम्मिलित हैं।

प्रश्न 5.
कार्यशील जनसंख्या का अनुपात किसी राष्ट्र के आर्थिक विकास के स्तरों का अच्छा सूचक होता है।” कैसे? कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
15 से 59 वर्ष आयु वर्ग के स्त्री और पुरुष कार्यशील जनसंख्या कहलाते हैं। कार्यशील जनसंख्या कृषि, वानिकी मत्स्यन, विनिर्माण, निर्माण, व्यावसायिक परिवहन, सेवाओं, संचार एवं अवर्गीकृत सेवाओं जैसे व्यवसायों में भाग लेती है। कार्यशील जनसंख्या के अधिक मिलने से प्रति व्यक्ति औसत उत्पादन एवं प्रति व्यक्ति औसत आय दोनों में अधिकता पायी जाती है, जो विकास के सूचकों का स्तर उन्नत करती है।

प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक, चतुर्थक एवं पंचमक क्रियाओं में कार्यशील जनसंख्या का अनुपात किसी राष्ट्र के आर्थिक विकास के स्तरों का एक अच्छा सूचक होता है। इसका प्रमुख कारण यह है कि केवल उद्योगों एवं अवसंरचना से युक्त एक विकसित अर्थव्यवस्था ही द्वितीयक, तृतीयक एवं चतुर्थक सैक्टरों में अधिक कर्मियों को समायोजित कर सकती है। यदि अर्थव्यवस्था अभी भी आदिम अवस्था में हैं, तो प्राथमिक क्रियाओं में कार्यरत लोगों का अनुपात अधिक होगा, क्योंकि इसमें मात्र प्राकृतिक संसाधनों का ही विदोहन किया जाता है।

RBSE Class 12 Geography Chapter 4 निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
विश्व के विभिन्न भागों में आयु-लिंग संघटन में असंतुलन के लिए अरदायी कारकों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
आयु-लिंग में असंतुलन के लिए उत्तरदायी कारक:
आयु-लिंग संरचना से आशय जनसंख्या के विभिन्न आयु वर्गों में स्त्रियों तथा पुरुषों की संख्या से है। किसी जनसंख्या की आयु-लिंग संरचना को प्रदर्शित करने के लिए जनसंख्या पिरामिड का प्रयोग किया जाता है। आयु-लिंग संघटन में असंतुलन के लिए निम्नलिखित कारक प्रमुख रूप से उत्तरदायी हैं –

1. जन्म दरों की भिन्नता:
विश्व के जिन राष्ट्रों में उच्च जन्म दरें मिलती हैं, उनमें बाल आयु वर्ग (0-14 वर्ष) का प्रतिशत उच्च रहता है जबकि वृद्ध आयु वर्ग (60 से अधिक वर्ष) का प्रतिशत अति निम्न रह जाता है। दूसरी ओर विश्व के विकसित राष्ट्रों में निम्न जन्म दरों के चलते बाल आयु वर्ग का प्रतिशत निम्न तथा वृद्ध आयु वर्ग का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक मिलता है। सामान्यतया विश्व के अधिकांश देशों में लड़कियों की अपेक्षा लड़कों का जन्म अधिक होता है, इसी कारण
उच्च जन्म दर रखने वाले देशों में जन्म के समय मिलने वाले लिंगानुपात में पुरुष शिशुओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक मिलती है।

2. महिला-पुरुष मृत्यु दरों में भिन्नता:
विश्व के विकासशील राष्ट्रों में निम्नस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता होने के कारण शिशु मृत्यु दर तथा प्रजनन के समय में मातृत्व मृत्यु दर अधिक मिलती है। इसी कारण ऐसे देशों में 0-14 आयु वर्ग तथा 15-24 आयु वर्ग में पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक मिलती है। 65 वर्ष से अधिक के आयु वर्ग में विश्व के सभी देशों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक हो जाती है क्योंकि इस आयु वर्ग में महिला मृत्यु दर पुरुष मृत्यु दर की तुलना में कम रहती है।

3. लिंग चयनात्मक प्रवास:
विश्व के जिने विकासशील राष्ट्रों में ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों की ओर प्रौढ़ आयु वर्ग (15 से 59 वर्ष) का पुरुष प्रधान प्रवास होता है, उनके ग्रामीण क्षेत्रों के प्रौढ़ आयु वर्ग में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में अधिक हो जाती है जबकि नगरीय क्षेत्रों में यह संख्या घट जाती है। दूसरी ओर विश्व के विकसित राष्ट्रों में ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों की ओर महिला प्रधान प्रवास होता है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों की संख्या तथा नगरीय क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या बढ़ जाती है।

प्रश्न 2.
जनसंख्या संघटन क्या है? इसके किन्हीं चार सूचकों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
अथवा
जनसंख्या संघटन के महत्त्वपूर्ण घटक कौन-कौन से हैं? इनका विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जनसंख्या संघटन:
जनसंख्या संघटन से आशय जनसंख्या की उन समस्त विशेषताओं से है जिनके द्वारा लोगों को एक-दूसरे से पृथक् किया जा सकता है; जैसे-आयु, लिंग, निवास स्थान, व्यवसाय, शिक्षा एवं जीवन प्रत्याशा। जनसंख्या संघटन के सूचक/घटक-जनसंख्या संघटन के मुख्य घटक (सूचक) आयु, लिंग, साक्षरता, आवास का स्थान आदि, हैं। ये घटक विकास की भावी योजनाओं को निश्चित करने में सहायक होते हैं।

1. लिंग संघटन:
किसी भी देश की महत्त्वपूर्ण जनांकिकी विशेषता उसमें निवास करने वाले स्त्रियों और पुरुषों की संख्या होती है। जनसंख्या में स्त्रियों और पुरुषों की संख्या के बीच के अनुपात को लिंग अनुपात कही जाता है। लिंग अनुपात किसी भी देश में स्त्रियों की स्थिति के सम्बन्ध में महत्त्वपूर्ण सूचना होती है। जिन देशों अथवा प्रदेशों में स्त्रियों के प्रति भेदभाव होते हैं वहाँ पर लिंग अनुपात निश्चित रूप से स्त्रियों के प्रतिकूल मिलता है। इन क्षेत्रों में कन्या भ्रूण हत्या और कन्या शिशु हत्या के अतिरिक्त स्त्रियों के प्रति घरेलू हिंसा की प्रथा प्रचलित है। जिसका एक कारण इन क्षेत्रों में स्त्रियों के सामाजिक-आर्थिक स्तर को निम्न होना भी है।

2. साक्षरता:
किसी देश की कुल जनसंख्या में साक्षर जनसंख्या का अनुपात उस देश के सामाजिक-आर्थिक विकास का सूचक माना जाता है। साक्षर जनसंख्या के अनुपात से लोगों के रहन-सहन के स्तर, महिलाओं की सामाजिक स्थिति, शैक्षणिक सुविधाओं की उपलब्धता व प्रशासनिक नीतियों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। शिक्षा की स्थिति से ही आर्थिक व मानव विकास का स्तर निर्धारित होता है।

3. व्यावसायिक संघटन:
जो कार्यशील जनसंख्या विभिन्न प्रकार की सेवाओं एवं उत्पादन के कार्यों में संलग्न मिलती है, वह जनसंख्या का व्यावसायिक संघटन कहा जाता है। किसी राष्ट्र की कार्यशील जनसंख्या को निम्नलिखित पाँच सेक्टरों में बाँटा जाता है

  • प्राथमिक सेक्टर: कृषि, वानिकी, मत्स्य तथा खनन आदि।
  • द्वितीयक सेक्टर: विनिर्माण या उद्योग।
  • तृतीयक सेक्टर: व्यापार एवं वाणिज्य, परिवहन, संचार आदि।
  • चतुर्थक सेक्टर: अनुसंधान तथा वैचारिक विकास से सम्बन्धित कार्य।
  • पंचमक सेक्टर: विशेषज्ञ, निर्णयकर्ता, परामर्शदाता, नीति निर्धारक।

उक्त पाँचों सेक्टरों में संलग्न कार्यशील जनसंख्या का अनुपात किसी देश के आर्थिक विकास के स्तर का एक उत्तम सूचक है। आदिम अर्थव्यवस्था वाले देशों की अधिकांश कार्यशील जनसंख्या प्राथमिक सेक्टर में कार्यरत मिलती है, जबकि एक विकसित अर्थव्यवस्था वाले देश की कार्यशील जनसंख्या का अधिकांश भाग द्वितीयक, तृतीयक, चतुर्थक एवं पंचमक सेक्टरों में कार्यरत मिलता है।

(iv) आयु संरचना:
किसी क्षेत्र या राष्ट्र विशेष में निवास करने वाली जनसंख्या का आयु वर्ग के आधार पर अध्ययन आयु संरचना/संघटन कहलाता है। यह जनसंख्या का एक महत्त्वपूर्ण घटक है। यह विभिन्न आयु-वर्गों में लोगों की संख्या को दर्शाता है। जनसंख्या के मुख्यत: तीन आयु वर्ग होते हैं-बाल आयु वर्ग (0-14), प्रौढ़ आयु वर्ग (15-64) और वृद्ध आयु वर्ग (65 वर्ष या इससे अधिक)। जब किसी क्षेत्र में बच्चों की जनसंख्या अधिक होती है तो निर्भर जनसंख्या का अनुपात बढ़ जाता है। यदि 15-64 वर्ष के आयु वर्ग में जनसंख्या अधिक होती है तो कार्यशील जनसंख्या अधिक हो जाती है और यदि 65 या इससे अधिक आयु वर्ग की जनसंख्या अधिक होती है तो सम्बन्धित राष्ट्र में स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाओं पर खर्च बढ़ जाता है।

प्रश्न 3.
व्यावसायिक संरचना क्या है? इसके स्वरूप को स्पष्ट कीजिए।
अथवा
जनसंख्या की व्यावसायिक संरचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
व्यावसायिक संरचना का अर्थ:
किसी राष्ट्र या क्षेत्र की कुल जनसंख्या में कार्यरत जनसंख्या के विभिन्न व्यवसाय अथवा कार्यों में संलग्नता की स्थिति को व्यावसायिक संरचना कहा जाता है। इसे किसी निश्चित आर्थिक कार्य के अन्तर्गत जुड़ी हुई सक्रिय जनसंख्या के रूप में भी अभिव्यक्त किया जाता है।

व्यावसायिक कार्य:
विश्व में अनेक प्रकार के व्यावसायिक वर्ग होते हैं। इन वर्गों में सक्रिय जनसंख्या द्वारा किये जाने वाले सभी कार्य शामिल होते हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार कई प्रकार के व्यावसायिक वर्ग होते हैं; जैसे- कृषि, वानिकी, आखेट, मत्स्य पालन, पशुपालन, खनन, उत्खनन, विनिर्माण उद्योग, निर्माण कार्य, बिजली, गैस, जल एवं स्वास्थ्य सेवाएँ तथा अनेक अवर्गीकृत व्यवसाय।

यह वर्गीकरण अन्तर्राष्ट्रीय तुलना के लिए होता है, लेकिन प्रत्येक देश अपनी जनसंख्या को अपनी आवश्यकतानुसार अलग-अलग व्यावसायिक वर्गों में वर्गीकृत करता है। कार्यशील जनसंख्या (अर्थात् 15-59 आयु वर्ग में स्त्री और पुरुष) कृषि, वानिकी, मत्स्य, विनिर्माण, निर्माण, व्यावसायिक परिवहन, सेवाओं, संचार तथा अन्य अवर्गीकत सेवाओं को निम्नलिखित भागों में बाँटा जाता है –

  1. प्राथमिक व्यवसाय: इस प्रकार के व्यवसाय उन देशों में मिलते हैं, जहाँ अल्प विकसित अर्थव्यवस्था पायी जाती है। ऐसे व्यवसायों में कृषि, मत्स्य पालन, आखेट व शिकार, वस्तु संग्रहण, खनन आदि कार्य शामिल होते हैं।
  2. द्वितीयक व्यवसाय: विश्व के विकासशील व विकसित राष्ट्रों में द्वितीयक व्यवसायों की प्रधानता दृष्टिगत होती है। इनमें विनिर्माण, प्रसंस्करण व विनियोजन के रूप में औद्योगिक क्रियाएँ सम्पन्न मिलती हैं।
  3. तृतीयक व्यवसाय: विश्व के विकासशील व विकसित राष्ट्रों में सेवाओं के रूप में ये क्रियाएँ सम्पन्न होती हैं। इनमें परिवहन, संचार व अन्य सेवाएँ शामिल की जाती हैं। अति विकसित या औद्योगीकृत देशों में तृतीयक व्यवसाय में 40-45 प्रतिशत तक कार्यशील जनसंख्या सक्रिय रहती है। संयुक्त राज्य अमेरिका तथा पश्चिम यूरोपीय देशों में इस व्यवसाय में 60-70 प्रतिशत तक जनसंख्या जुड़ी है।
  4. चतुर्थक व्यवसाय: चतुर्थक व्यवसाय का प्रतिशत जनसंख्या में तुलनात्मक रूप से कम पाया जाता है, लेकिन इनकी आय सर्वाधिक होती है। इस व्यवसाय से सम्बन्धित जनसंख्या अपने विचारों, शोध आदि कार्यों से समय को गतिशीलता प्रदान करती है।
  5. पंचमक व्यवसाय: इस प्रकार के कार्यों में विशेषज्ञ, निर्णयकर्ता, परामर्शदाता व नीति निर्धारक शामिल होते हैं, यह उच्च स्तरीय व्यवसाय है।