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कार्यालयी पत्र 11

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह अपने भावों-विचारों और सूचनाओं को दूसरे तक संप्रेषित करना चाहता है। इस कार्य के लिए पत्र सर्वाधिक उत्तम साधन है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने इच्छित व्यक्ति से अपने मन की बात आसानी से कह सकता है। इसके अतिरिक्त, आज का दैनिक जीवन बहुत-जटिल हो गया है। मनुष्य को सरकारी, गैर-सरकारी संस्थाओं आदि से संबंध स्थापित करने पड़ते हैं। इस कार्य में पत्र बहुत ही सहायक सिद्ध हुआ है।

पत्र के प्रकार

पत्र अनेक प्रकार के होते हैं। विषय, संदर्भ, व्यक्ति और स्थिति के अनुसार भिन्न-भिन्न प्रकार के पत्रों को लिखने का तरीका भी अलग-अलग होता है। आम तौर पर पत्र दो प्रकार के होते हैं-
(क) अनौपचारिक-पत्र
(ख)
औपचारिक-पत्र

(क) अनौपचारिक-पत्र
इस तरह के पत्र निकट संबंधियों तथा मित्रों को लिखे जाते हैं। इसमें पत्र पाने वाले तथा लिखने वाले के बीच घनिष्ठ संबंध होता है। यह संबंध पारिवारिक तथा मित्रता का भी हो सकता है। ऐसे पत्रों को व्यक्तिगत-पत्र भी कहा जाता है। इन पत्रों की विषयवस्तु निजी व घरेलू होती है। इनका स्वरूप संबंधों के आधार पर निर्धारित होता है। इन पत्रों की भाषा-शैली में कोई औपचारिकता नहीं होती तथा इनमें आत्मीयता का भाव व्यक्त होता है।

(ख) औपचारिक-पत्र
इस तरह के पत्रों में एक निश्चित शैली का प्रयोग किया जाता है। सरकारी, गैर-सरकारी संदभों में औपचारिक स्तर पर भेजे जाने वाले पत्रों को औपचारिक-पत्र कहा जाता है। इनमें व्यावसायिक, कार्यालयी और सामान्य जीवन-व्यवहार के संदर्भ में लिखे जाने वाले पत्रों को शामिल किया जाता है।
औपचारिक-पत्रों के दो प्रकार के होते हैं-

  1. सरकारी, अर्धसरकारी और व्यावसायिक संवभाँ में लिखे जाने वाले पत्र-इनकी विषयवस्तु प्रशासन, कार्यालय और कारोबार से संबंधित होती है। इनकी भाषा-शैली का स्वरूप निश्चित होता है। इनका प्रारूप भी प्राय: निश्चित होता है। सरकारी कार्यालयों, बैंकों और व्यावसायिक संस्थाओं द्वारा किया जाने वाला पत्र-व्यवहार इस वर्ग के अंतर्गत आता है। विभिन्न पदों के लिए लिखे गए आवेदन-पत्र भी इसी वर्ग के हैं।
  2. सामान्य जीवन व्यवहार तथा अन्य विशिष्ट संदर्भों में लिखे जाने वाले पत्र-ये पत्र परिचित एवं अपरिचित व्यक्तियों को तथा विविध क्षेत्रों से संबद्ध अधिकारियों को लिखे जाते हैं। इनका विषयवस्तु आम जीवन से संबद्ध होती है। इनका प्रारूप, स्थिति व संदर्भ के अनुसार परिवर्तन हो सकता है। इसके अंतर्गत शुभकामना-पत्र, बधाई-पत्र, निमंत्रण-पत्र, शोक संवेदना-पत्र, शिकायती-पत्र, समस्यामूलक-पत्र, संपादक के नाम पत्र आदि आते हैं।

पत्र के अंग

पत्र का वर्ग कोई भी हो, उसके चार अंग होते हैं-

  1. पता और दिनांक
  2. संबोधन व अभिवादन शब्दावली
  3. पत्र की सामग्री या कलेवर
  4. पत्र की समाप्ति या समापन भाग

1. पता व दिनांक
अनौपचारिक-पत्र के बाई ओर ऊपर कोने में पत्र लेखक अपना पता लिखता है और उसके नीचे तिथि दी जाती है औपचारिक-पत्र में प्रेषक के विभाग का नाम, पता व दिनांक दी जाती है। इसके बाद बाई ओर प्राप्तकर्ता का नाम, पद, विभाग आदि दिया जाता है।

2. संबोधन तथा अभिवादन
अनौपचारिक स्थिति में-

  • पत्र जिसे लिखते हैं उसे संबोधित करते हैं; जैसे-आदरणीय पिता जी, आदरणीय दादा जी, पूजनीया माता जी, श्रद्धेय ताऊ जी, आदरणीय भैया, प्यारे भाई, प्रिय मित्र आदि।
  • इसके नीचे सम्मानसूचक शब्द अवश्य लिखते हैं; जैसे-प्रणाम, सादर प्रणाम, आशीर्वाद, चरण-स्पर्श, प्रसन्न रहो अादि
  • अभिवादन लिखने के बाद पूर्णविराम अवश्य लगाना चाहिए; जैसे
    पूज्य पिता जी,
    प्रणाम।
    औपचारिक स्थिति में
  • पत्र शुरू करने से पहले पत्र लिखने का कारण यानी कि विषय अवश्य लिखना चाहिए।
  • विषय लिखने के बाद संबोधन लिखा जाता है; जैसे-श्रीमान, महोदय, मान्यवर आदि।

3. पत्र की सामग्री या कलेवर
अभिवादन के बाद पत्र की सामग्री लिखी जाती है। इसे हम कलेवर भी कह सकते हैं। इसमें हम अपनी बात कहते हैं। कलेवर के संबंध में निम्नलिखित सावधानियों को ध्यान में रखना चाहिए-

  • कलेवर की भाषा सरल होनी चाहिए तथा वाक्य छोटे-छोटे होने चाहिए।
  • लेखक का अर्थ स्पष्ट होना चाहिए।
  • कलेवर बहुत विस्तृत नहीं होना चाहिए।
  • सरकारी-पत्र में यदि काटकर कुछ लिखा जाता है तो उस पर छोटे हस्ताक्षर कर देने चाहिए।
  • पत्र में पुनरुक्ति नहीं होनी चाहिए।
  • पत्र लिखते समय ‘गागर में सागर’ भरने की शैली को अपनाया जाना चाहिए।

4. पत्र की समाप्ति या समापन भाग
अनौपचारिक-पत्र के अंत में लिखने वाले और पाने वाले की आयु, अवस्था तथा गौरव-गरिमा के अनुरूप स्वनिर्देश बदल जाते हैं; जैसे-
तुम्हारा, आपका, स्नेही, शुभचिंतक, विनीत आदि।
औपचारिक-पत्रों का अंत प्राय: निर्धारित स्वनिर्देश द्वारा होता है; यथा-भवदीय, आपका, शुभेच्छु आदि। इसके बाद पत्र लेखक के हस्ताक्षर होते हैं। औपचारिक-पत्रों में हस्ताक्षर के नीचे प्राय: प्रेषक का पूरा नाम और पद का नाम लिखा जाता है।
विशेष– परीक्षा में प्रेषक के नाम के स्थान पर ‘क, ख, ग, ‘ लिखना चाहिए। पते के स्थान पर ‘परीक्षा भवन’ तथा नगर के स्थान पर ‘क, ख, ग,’ लिख देना चाहिए। इससे उत्तर-पुस्तिका की गोपनीयता भंग नहीं होती।

I. आवेदन-पत्र

प्रश्न 1:
शिक्षा निदेशालय, दिल्ली को विभिन्न विषयों के प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों की आवश्यकता है। इस पद के लिए शिक्षा निदेशक को एक आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
शिक्षा निदेशक
शिक्षा निदेशालय
दिल्ली।
विषय-प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों की भर्ती हेतु आवेदन-पत्र।
महोदय
मुझे 05 फरवरी, 20xx को प्रकाशित दैनिक जागरण समाचार-पत्र से ज्ञात हुआ कि शिक्षा निदेशालय को विभिन्न विषयों के प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों की आवश्यकता है। प्रार्थी भी स्वयं को एक उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है-
नाम – मनोज कुमार
पिता का नाम – श्री राम स्वरूप
जन्मतिथि-25 दिसंबर,1991
पता – सी/125 सागरपुर दिल्ली।

प्रश्न 2:
भारतीय स्टेट बैंक मुंबई के महाप्रबंधक को लिपिक पद के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
महाप्रबंधक
भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
नारीमन प्वाइंट मुंबई।
विषय-लिपिक पद हेतु आवेदन-पत्र।
मान्यवर,
दिनांक 27 जनवरी, 20xx के महाराष्ट्र टाइम्स में प्रकाशित विज्ञापन से ज्ञात हुआ कि आपके कार्यालय में लिपिकों की आवश्यकता है। मैं स्वयं को इस पद के योग्य मानकर आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर रही हूँ, मेरा संक्षिप्त व्यक्तिगत विवरण निम्नलिखित है-
नाम – सुमन शर्मा
पिता का नाम – श्री विजय कुमार
जन्मतिथि – 14 दिसंबर, 1987
पता – ए 4/75, गोकुलपुरी, दिल्ली।

प्रश्न 3:
सुविधा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रा० लिमिटेड जालंधर पंजाब को मार्केटिंग एक्जक्यूटिव पद के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
प्रबंधक
सुविधा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रा० लिमिटेड
जालधर पंजाब।
विषय-मार्केटिंग एक्जक्यूटिव पद के लिए आवेदन-पत्र।
महोदय,
चंडीगढ़ से प्रकाशित दिनांक 25 फरवरी, 20xx के पंजाब केसरी समाचार-पत्र से ज्ञात हुआ कि सुविधा इलेक्ट्रॉनिक्स को कुछ मार्केटिंग एक्जक्यूटिव की आवश्यकता है स्वयं को इस पद के योग्य समझते हुए मैं अपना आवेदन-पत्र प्रेषित कर रहा हूँ। मेरा संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है-
नाम – सौरभ सैनी
पिता का नाम – श्री फूल सिंह सैनी
जन्मतिथि – 10 जुलाई, 1992
पता – बी/25, राजा गार्डन, दिल्ली।

प्रश्न 4:
खादी ग्रामोदयोग बोर्ड, किंग्सवे कैंप, दिल्ली के महाप्रबंधक को विक्रय प्रतिनिधि (सेल्स एक्जक्यूटिव) पद के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
महप्रबंधक
खादी ग्रामोद्योग
किंग्सवे कैंप, दिल्ली।
विषय-विक्रय प्रतिनिधि पद हेतु आवेदन-पत्र।
महोदय,
दिनांक 15 सितंबर, 20xx के ‘पंजाब केसरी’ समाचार-पत्र से ज्ञात हुआ कि गांधी जयंती के अवसर पर खादी एवं हथकरघा की बनी वस्तुओं की बिक्री बढ़ाने हेतु इस बोर्ड को विक्रय प्रतिनिधियों की आवश्यकता है। इस पद के लिए मैं भी आवेदन-पत्र भेज रहा हूँ। मेरा संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है-
नाम – आशीष सैनी
पिता का नाम – श्री फूल सिंह सैनी
जन्मतिथि – 15 दिसंबर, 1991
पता – wz15, मौर्या इंक्लेव, पीतमपुरा, दिल्ली।

प्रश्न 5:
दिल्ली नगर निगम सिविल लाइंस क्षेत्र, दिल्ली के आयुक्त को प्राथमिक अध्यापकों की आवश्यकता है। इस पद के लिए आवेदन-पत्र लिखिए। आप विकास कुमार ए 2/127, अभिनव इंक्लेव, सेक्टर-15, रोहिणी, दिल्ली के निवासी हैं।
उत्तर –
प्रति,
आयुक्त
दिल्ली नगर निगम
सिविल लाइस क्षेत्र
16, राजपुर रोड, दिल्ली।
विषय-प्राथमिक अध्यापक पद हेतु आवेदन-पत्र।
मान्यवर,
दिनांक 15 जनवरी, 20xx के ‘जनसत्ता’ दैनिक समाचार-पत्र से ज्ञात हुआ कि सिविल लाइंस क्षेत्र में प्राथमिक कक्षा के बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापकों के कुछ पद रिक्त हैं। मैं भी इस पद के लिए अपना आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ। मेरा संक्षिप्त व्यक्तिगत विवरण इस प्रकार है-
नाम – विकास कुमार
पिता का नाम – श्री राम रतन
जन्मतिथि
– 10 अक्टूबर, 1992
पता – A2/127, अभिनव इंक्लेव, सेक्टर-15, रोहिणी, दिल्ली।

प्रश्न 6:
स्वास्थ्य मंत्रालय, दिल्ली के निदेशक को कंप्यूटर टाइपिस्ट के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
निदेशक
स्वास्थ्य मंत्रालय
दिल्ली।
विषय-कप्यूटर टाइपिस्ट पद के लिए आवेदन-पत्र।
महोदय,
दिनांक 14 फरवरी, 20xx के ‘नवभारत टाइम्स’ समाचार-पत्र से ज्ञात हुआ कि आपके विभाग में कंप्यूटर टाइपिस्ट के पद रिक्त हैं। प्रार्थी स्वयं को इस पद के योग्य मानते हुए आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर रहा है, जिसका संक्षिप्त विवरण निम्नलिखित है-
नाम – पंकज सिंह
पिता का नाम – श्री राम सिंह
जन्मतिथि – 15 अप्रैल, 1991
पता – बी 4/126, रामा गार्डन, बुद्धविहार, दिल्ली।

प्रश्न 7:
किसी प्रतिष्ठित समाचार-पत्र में ‘पत्रकार’ पद के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर –

प्रति,
संपादक
दैनिक जागरण
सेक्टर 62,

गौतम बुद्ध नगर, नोएडा।
विषय-‘पत्रकार’ पद हेतु आवेदन-पत्र।
मान्यवर
दिनांक 30 जनवरी, 20xx को इस प्रतिष्ठित समाचार-पत्र में छपे विज्ञापन संख्या 007/2013 से ज्ञात हुआ कि आपके प्रकाशन समूह को कुछ पत्रकारों की आवश्यकता है। इस पद के लिए मैं भी अपना आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ। मेरा संक्षिप्त व्यक्तिगत विवरण निम्नलिखित है-
नाम – मयंक मौर्य
पिता का नाम – श्री प्रकाश चंद
जन्मतिथि – 15 जुलाई, 1990
पता – ए 4/120, महावीर इक्लेव, उत्तमनगर, दिल्ली।

प्रश्न 8:
‘साथी’ नामक स्वयंसेवी संस्था ‘जो आलमबाग, लखनऊ, उ० प्र० में स्थित है’ को कुछ स्वयंसेवियों की जरूरत है, जिन्हें निकटवर्ती बस्तियों एवं गाँवों में लोगों के बीच एड्स के प्रति जागरूकता फैलाना है। इस संस्था के प्रबंधक को एक आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
प्रबंधक महोदय
‘साथी’ स्वयंसेवी संस्था
आलमबाग, लखनऊ (उ० प्र०)।
विषय-स्वयंसेवी की भर्ती के संबंध में।
मान्यवर,
दिनांक 05 जनवरी, 20xx को लखनऊ से प्रकाशित ‘अमर उजाला’ समाचार-पत्र में छपे विज्ञापन से ज्ञात हुआ कि आपकी संस्था को एड्स के बारे जागरूकता का प्रचार-प्रसार करने के लिए स्वयंसेवियों की जरूरत है। प्रार्थी भी इसी संबंध में अपना आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर रहा है, जिसका संक्षिप्त व्यक्तिगत विवरण निम्नलिखित है-
नाम – अर्पित सिंह कुशवाहा
पिता का नाम – श्री गोपाल सिंह कुशवाहा
जन्मतिथि – 19 मार्च, 1991
पता – ग्राम-रामपुर, पो०-ऊँचहरा, जनपद-उन्नाव (उ० प्र०)।


प्रश्न 9:
पंकज प्रकाशन प्रा० लि० दिल्ली को डी. टी. पी. आपरेटर की आवश्यकता है। इस पद हेतु अपनी योग्यताओं का विवरण देते हुए व्यवस्थापक को आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
व्यवस्थापक
पंकज प्रकाशन प्रा० लि०
दिल्ली।
विषय-डी. टी. पी. आपरेटर हेतु आवेदन-पत्र।
महोदय,
दिनांक 10 फरवरी, 20xx को प्रकाशित ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ अंग्रेजी दैनिक समाचार-पत्र से ज्ञात हुआ कि आपके प्रकाशन को डी. टी. पी. आपरेटर की आवश्यकता है। इस संबंध में मैं अपनी योग्यतओं का उल्लेख करते हुए आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ। मेरा संक्षिप्त व्यक्तिगत विवरण निम्नलिखित है-
नाम – अनुराग कुमार
पिता का नाम – श्री राम प्रताप वर्मा
जन्मतिथि – 10 सितबर, 1990
पता – बी 323, इंद्रप्रस्थ कालोनी, आनंद विहार, दिल्ली।

II. शिकायत, समस्या/सुझाव एवं अन्य पत्र

प्रश्न 10:
आप प्रगति मैदान में आयोजित पुस्तक मेला देखने गए थे। वहाँ कुछ पुस्तकें खरीदते समय आपका ब्रीफकेस गायब हो गया। इस ब्रीफकेस और उसमें रखे सामान की जानकारी देते हुए आई पी. एक्सटेंशन के थानाध्यक्ष के नाम पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
थानाध्यक्ष महोदय
थाना आई पी. एक्सटेंशन
दिल्ली।
विषय-पुस्तक मेले में खोए ब्रीफकेस के संबंध में।
महोदय,
विनम्र निवेदन यह है कि प्रगति मैदान में पुस्तक मेले का आयोजन किया गया था। इस मेले में उच्चकोटि की गुणवत्ता वाली दुर्लभ पुस्तकें उचित मूल्य पर बेची जा रही थीं। कुछ पुस्तकें खरीदने के उद्देश्य से मैं भी मेले में आया था। एक प्रकाशन स्टाल पर कुछ पुस्तकें खरीदते समय मेरा ब्रीफकेस चोरी हो गया। इसमें पाँच हजार रुपये नकद, चेकबुक, परिचय-पत्र के अलावा अन्य महत्वपूर्ण कागजात थे। वी. आई पी. कंपनी के काले रंग के इस ब्रीफकेस को मैंने चाँदनी चौक से दो दिन पूर्व ही खरीदा था, जिसकी रसीद मेरे पास है। मैंने आसपास इसे ढूँढ़ने की बहुत कोशिश की पर सारा प्रयास व्यर्थ गया।
आपसे निवेदन है कि इस सूचना को दर्ज कर इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें तथा मिलने पर निम्न पते पर सूचित करने का कष्ट करें।
धन्यवाद
प्रार्थी
उन्मुक्त सिंह
ग्राम व पोस्ट – रामपुर
जनपद – वाराणसी (उ० प्र०)।

प्रश्न 11:
आपके मोहल्ले में बिजली की आपूर्ति अनियमित एवं अनिश्चित है। प्राय: वोल्टेज कम या अधिक होती रहती है। इस संबंध में अपने जनपद मुख्य अभियंता को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
मुख्य अभियंता
उ० प्र० राज्य विद्युत निगम लि०
जनपद-लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
विषय-बिजली की अघोषित कटौती एवं बढ़ते संकट के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान अपने मोहल्ले ‘निराला नगर’ की विद्युत संबंधी समस्या की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ। श्रीमान जी, उत्तर प्रदेश की राजधानी एवं महानगर जैसा विशिष्ट शहर होने के बाद भी यहाँ बिजली की भयंकर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मई-जून में यह समस्या अपने चरम पर पहुँच जाती है। यहाँ बिजली के आने और जाने का कोई समय निश्चित नहीं है। इसके अलावा बिजली का वोल्टेज कभी अचानक कम तो कभी अचानक अधिक हो जाता है। इससे हमारे घरों के बहुमूल्य उपकरण-रेफ्रीजरेटर, टेलीविजन, कंप्यूटर सेट खराब हो चुके हैं।

कई बार तो यह वोल्टेज इतना कम होता है कि सी. एफ. एल. जुगनू जैसे चमकते प्रतीत होते हैं। सवेरे जब बच्चों के स्कूल जाने तथा लोगों के काम पर जाने का समय होता है, तब बिजली का अचानक चले जाना कितना कष्टप्रद होता है, इसका आप सहज अनुमान लगा सकते हैं।
आपसे प्रार्थना है कि इस संबंध में व्यक्तिगत रुचि लेकर हस्तक्षेप करने की कृपा करें ताकि विद्युत आपूर्ति सुचारु हो सके।
सधन्यवाद
भवदीय
रामकरन शर्मा
17/4 बी निराला नगर
लखनऊ, उ० प्र०।
दिनांक 10 मई, 20xx

प्रश्न 12:
आपका बिजली का बिल इस महीने कई गुना बढ़कर आ गया है, जबकि आपकी बिजली की खपत अन्य महीनों जैसी है। इस बढ़े बिल की शिकायत करते हुए एन. डी. पी. एल. के मुख्य अभियंता को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
मुख्य अभियंता
एन. डी. पी. एल.
शालीमार बाग, दिल्ली।
विषय-बढ़े हुए बिजली के बिल के संबंध में।
मान्यवर,
मैं आपका ध्यान अपने बिजली के अचानक बढ़े हुए बिल की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ। मेरा मीटर क्रमांक ‘के. 1686549’ है जो घरेलू उपभोक्ता श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत है। पिछले कई महीनों से मेरा विद्युत बिल 2,400/- या 2,500/- रु. के आसपास रहा है। यहाँ तक कि अगस्त और सितंबर महीनों का बिल भी 3,000/- रु. से अधिक नहीं आया। इन दिनों में गर्मी चरम पर थी इसलिए खपत कुछ बढ़ गई थी। इस बार नवंबर महीने का मेरा बिल 10,573/- रु. आया है जो मेरे द्वारा खपत विद्युत के वास्तविक बिल से कई गुना अधिक है।

ऐसा लगता है कि रीडिंग लेने या बिलिंग विभाग से अवश्य कहीं गलती हो गई है। मुझ जैसे साधारण आय वाले व्यक्ति के लिए इतना बिल भर पाना मुश्किल ही नहीं असंभव है। अत: आपसे प्रार्थना है कि मेरे बढ़े बिल को निरस्त कर वास्तविक विद्युत खपत के अनुरूप बिल भेजने की कृपा करें तथा दोषी लिपिकों के विरुद्ध कार्यवाही करने की कृपा करें।
सधन्यवाद
भवदीय
कृष्ण कुमार
75/3 ए. एच. ब्लाँक
शालीमार बाग, दिल्ली।
दिनांक 10 दिसंबर, 20XX

प्रश्न 13:
आपकी ‘पुरी, उड़ीसा’ यात्रा के दौरान आरक्षित सीट की समस्या आ गई। टी. टी. ई से शिकायत करने । पर उसने आपसे दुव्र्यवहार किया। इसकी शिकायत करते हुए उत्तर रेलवे, नई दिल्ली के मुख्य प्रबंधक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
मुख्य प्रबंधक
उत्तर रेलवे, बड़ौदा हाउस
नई दिल्ली।
विषय-टी. टी. ई. द्वारा किए गए दुव्र्यवहार के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान नीलांचल एक्सप्रेस में टी. टी. ई. द्वारा किए दुव्र्यवहार की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ। महोदय, 07/06/2012 को नीलांचल एक्सप्रेस से पुरी, उड़ीसा जाने के लिए एस-5 के सीट 45 का मेरा आरक्षण था। मैंने अलीगढ़ से ट्रेन पकड़ने के लिए आरक्षण कराया था, पर इस सीट पर कोई और व्यक्ति यात्रा कर रहा था। उससे सीट के बारे में पूछने पर उसने बताया कि इस सीट पर वह नई दिल्ली से आ रहा है और इस पर उसे टी. टी. ई ने बिठाया है। मैंने कोच में टी. टी. ई. को तलाशा और उसे अपनी समस्या बताई। उस टी. टी. ई ने उल्टे मुझे ही अपशब्द कहे और उसी सीट पर दोनों को बैठने को कहा। मेरे मना करने पर उसने देख लेने की धमकी दी। मैंने कानपुर तक जिस विषम परिस्थिति में यात्रा की, उसे मैं वर्णित नहीं कर सकता। कानपुर में उस व्यक्ति के उतरने के बाद ही मैं अपनी सीट पा सका।
श्रीमान जी आपसे प्रार्थना है कि इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए हस्तक्षेप करें तथा दोषी टी. टी. ई. के विरुद्ध उचित कार्यवाही करने की कृपा करें।
सधन्यवाद
भवदीय
संजय कुमार
107/बी अमन मौहल्ला
विश्वविद्यालय रोड, अलीगढ़, उ० प्र०
दिनांक 09 जून, 20xx

प्रश्न 14:
आप जिस कॉलोनी में रहते हैं, वहाँ से प्रात:काल एक मात्र बस चलती है। वहाँ से चलने वाली बसों की कमी की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए आई पी. डिपो के महाप्रबंधक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
महाप्रबंधक
आई पी. बस डिपो
(दिल्ली नगर निगम) ।
आई पी. स्टेट, दिल्ली।
विषय-बसों की कमी की ओर ध्यानाकर्षण के संबंध में।
मान्यवर,
मैं आपका ध्यान अपनी कॉलोनी रामा गार्डन से चलने वाली बसों की ओर आकृष्ट कराना चाहता हूँ।
यह कॉलोनी 1985 के आसपास बसाई गई थी जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा पर है। इसके निकट से गुजरती सड़क इसे दिल्ली के मुख्य स्थानों से जोड़ती है। काम-धंधे के सिलसिले में आस-पास की कॉलोनियों के लोग भी इसी मार्ग से दिल्ली आते-जाते हैं, जिससे यहाँ सुबह-शाम यातायात की समस्या उठ खड़ी होती है। यहाँ से एकमात्र बस प्रातः 8:00 बजे चलती है जो केंद्रीय सचिवालय जाती है। इस बस से बच्चे अपने विद्यालय विलंब से पहुँचते हैं। इतनी आबादी के लिए यह एकमात्र बस सेवा ऊँट के मुँह में जीरा के समान साबित होती है। इस बस के छूट जाने पर यहाँ के निवासियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हमारी मजबूरियों का नाजायज फायदा आटोवाले, फटफट सेवावाले उठाते हैं। वे मनमर्जी किराया वसूल करते हैं और हम यात्रियों को जानवरों की तरह ढूँस-दूँसकर बिठाते हैं। ऐसी यात्रा किसी यातना से कम नहीं होती है।

आपसे प्रार्थना है कि हम कॉलोनीवासियों की समस्या को देखते हुए आप इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेकर हस्तक्षेप करें तथा यहाँ से नई बसों के परिचालन की व्यवस्था करें! हम क्षेत्रवासी आपकी इस कृपा के लिए आभारी रहेंगे।
सधन्यवाद
भवदीय
संग्राम सिंह शाकय
अध्यक्ष आर. डब्ल्यू. ए.
रामा गार्डन, दिल्ली।
दिनांक 27 नवंबर, 20XX

प्रश्न 15:
बस में छूटे सामान की पहचान एवं विवरण बताते हुए महाराणा प्रताप अंतर्राज्यीय बस अड्डा, कश्मीरी गेट दिल्ली के मुख्य प्रबंधक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
मुख्य प्रबंधक
महाराणा प्रताप अंतरज्यीय बस अड्डा
कश्मीरी गेट, दिल्ली-110006
विषय-बस में छूटे सामान के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान दिल्ली परिवहन निगम की लखनऊ-दिल्ली के बीच चलने वाली बस में छूटे सामान की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ। मान्यवर, 15 अक्टूबर, 20xx को मैंने लखनऊ से दिल्ली आने के लिए आलमबाग डिपो से बस पकड़ी। डी. एल. 1 पी. 4775 नंबर वाली यह बस शाम आठ बजे लखनऊ से रवाना हुई और प्रात: साढ़े सात बजे दिल्ली बस अड्डे पर पहुँच गई। यात्रा के दौरान मैंने अपने थैले से एक चादर निकाल कर थैले को सीट के ऊपर सामान रखने के लिए बने स्थान में रख दिया। बस अड्डे पर जल्दी में उतरने के चक्कर में मैं यह बैग बस में भूल गया। लाल रंग के इस बैग में आवश्यक कागज-पत्रों के अलावा मेरे कपड़े तथा अन्य सामान भी थे। इस बैग में बनी छोटी सी जेब में मेरा परिचय पता भी था।
आपसे प्रार्थना है कि इस संबंध में व्यक्तिगत रुचि लेकर मेरी मदद करें तथा यदि ‘खोया-पाया’ काउंटर पर ऐसा कोई बैग जमा हुआ हो तो निम्नलिखित पते पर सूचना देने का कष्ट करें।
सधन्यवाद
भवदीय
राम सिंह यादव
सी 4/28, गोमती नगर,
लखनऊ उत्तर प्रदेश।
फोन न०-09876543201
दिनांक-17 अक्टूबर, 20XX

प्रश्न 16:
आपके मोहल्ले में एक धार्मिक स्थल पर ऊँचे स्वर में लाउडस्पीकर बजता रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। इस ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए नगर निगम के प्रशासनिक अधिकारी को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
प्रशासनिक अधिकारी
(दिल्ली नगर निगम)
सिविल लाइंस क्षेत्र,
16 राजपुर रोड, दिल्ली।
विषय-धार्मिक स्थलों पर बजते लाउडस्पीकरों द्वारा फैलाए जा रहे ध्वनि प्रदूषण के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान अपने मोहल्ले गोपाल पार्क में स्थित एक धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर द्वारा फैलाए जा रहे ध्वनि प्रदूषण की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ। इस धार्मिक स्थल के बुर्ज पर लाउडस्पीकर बँधा है, जिससे सुबह हो या शाम, ऊँची आवाज में कभी भजन तो कभी आरतियाँ प्रसारित होती रहती हैं। इस देवालय में बैठे भगवान इसे कितना सुनते हैं और उन्हें कैसे लगता है, यह तो पता नहीं पर हम मोहल्ले वालों के कान जरूर पक गए हैं। ये भजन आज के अश्लील गानों की तर्ज पर आधारित होते हैं, जिन्हें सुनकर बच्चे इन गानों की तर्ज पर मटकते रहते हैं। बेचारे मरीजों और वृद्धजनों की हालत के बारे में क्या कहा जाए। उनका रहा-सहा चैन भी छिन गया है।

बच्चों की परीक्षाएँ सिर पर हैं। इस शोर में उनकी परीक्षा संबंधी तैयारी बुरी तरह बाधित हो रही है। अब तक देवालय के पुजारी को हम सब कई बार अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं, पर वह भगवान का वास्ता देकर अपने मन की ही करता है। अत: आपसे विनम्र निवेदन है कि इस संबंध में व्यक्तिगत रुचि लेकर हस्तक्षेप करने की कृपा करें ताकि हमें ध्वनि प्रदूषण की इस समस्या से मुक्ति मिल सके।
सधन्यवाद
भवदीय
प्रशांत सिंह
ए–4/27, गोपाल पार्क,
आजादपुर, दिल्ली-33
दिनांक 15 फरवरी, 20xx

प्रश्न 17:
अपने इलाके के खादय संभरण अधिकारी को पत्र लिखिए जिसमें सरकारी राशन की दुकान पर कम राशन दिए जाने की शिकायत की गई हो।
उत्तर –
प्रति,
खाद्य संभरण अधिकारी
नागलोई, दिल्ली।
विषय-कम राशन मिलने के संबंध में।
महोदय, मैं आपका ध्यान अपने मोहल्ले के सरकारी राशन की उस दुकान की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ, जहाँ उपभोक्ताओं को कम राशन दिया जाता है। सरकार ने देश में उचित खाद्यान्न वितरण प्रणाली लागू करने के उद्देश्य से जगह-जगह पर राशन की सरकारी दुकानें खोलीं ताकि गरीब तथा जनसाधारण को सस्ती दरों पर विभिन्न खाद्यान्न मिल सकें। अत्यंत खेद के साथ बताना पड़ रहा है कि हमारे मुहल्ले में स्थित सरकारी राशन की दुकान का दुकानदार हम उपभोक्तओं को निर्धारित मात्रा से कम राशन देता है तथा हर बार वह कम तौलता है। इसका पता हमें दूसरे मोहल्ले के उपभोक्ताओं को मिलने वाले अनाज की मात्रा से लगा। कई बार वह हमें चावल बिल्कुल भी नहीं देता है या उसके बदले गेहूँ लेने को बाध्य करता है। हम लोगों द्वारा कई बार मौखिक शिकायत करने का उस पर कोई असर नहीं हुआ, उल्टे हमारा राशन बंद करने की धमकी जरूर दे दी थी।
अत: आपसे विनम्र निवेदन है कि आप इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेकर हस्तक्षेप करें तथा दोषी दुकानदार के विरुद्ध कार्यवाही करें।
सधन्यवाद
भवदीय
करन सिंह
दिनांक 15 जुलाई, 20XX

प्रश्न 18:
आपका टेलीफोन एक माह से भी अधिक समय से खराब पड़ा है। शिकायत करने पर संबंधित कर्मचारी ध्यान नहीं देते हैं। इस संबंध में एम. टी. एन. एल. के महाप्रबंधक को शिकायती-पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
महाप्रबंधक
एम. टी. एन. एल.
दूर संचार भवन, नई दिल्ली।
विषय-लंबे समय से खराब पड़े टेलीफोन के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान अपने खराब पड़े उस टेलीफोन की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ जो पिछले एक महीने से भी अधिक समय से कार्य नहीं कर रहा है।मेरे टेलीफोन का न० 011 2 . है। इसे मैंने अन्य कंपनियों की संचार सेवाओं से बेहतर समझकर लगवाया था, परंतु मेरा ऐसा विश्वास अब मुझ पर भारी पड़ रहा है। हम पति-पत्नी के काम पर जाने के बाद घर में वृद्ध माता-पिता रह जाते हैं। उनका स्वास्थ्य बहुत अच्छा न होने के कारण प्राय: वे अपनी आकस्मिक जरूरतें फोन के माध्यम से हमें बता दिया करते थे, परंतु अब फोन खराब होने से उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में स्थानीय कार्यालय में कई बार शिकायत की, परंतु स्थिति वही ढाक के तीन पात वाली ही बनी रही। आपसे प्रार्थना है कि मेरी और मेरे परिवार की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेकर हस्तक्षेप करें और संबंधित कर्मचारियों को फोन ठीक करने का आदेश देकर कृतार्थ करें।
सधन्यवाद
भवदीय
अंबुज वर्मा
ए–4/120, शास्त्री नगर
दिल्ली।
दिनांक 15 जनवरी, 20XX

प्रश्न 19:
आपके मोहल्ले की गलियों तथा वहाँ तक आने वाली मुख्य सड़क की लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे आए दिन छेड़छाड़ तथा छीना-झपटी की घटनाएँ होती रहती हैं। इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए नगर निगम के सहायक अभियंता को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
सहायक अभियंता,
दिल्ली नगर निगम 16,
राजपुर रोड,
दिल्ली।
विषय-गलियों एवं सड़क की खराब पड़ी लाइटों के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान अपने क्षेत्र, सरूप विहार की सड़क तथा गलियों में लगी खराब लाइटों की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ जिनके कारण आने-जाने वालों को परेशानी से दो-चार होना पड़ रहा है। इस क्षेत्र को जी० टी० करनाल रोड से स्वरूप नगर से होकर जाने वाली सड़क जोड़ती है। पिछले विधान सभा चुनाव के समय यहाँ तक आने वाली मुख्य सड़क पर तथा गलियों में लाइटें लगवाई गई थीं, परंतु इनकी मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं की गई। एक-एक करके खराब होती ये लाइटें अब पूरी तरह से निष्क्रय हो गई हैं, जिससे यहाँ तक आने वालों को शाम से ही परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुछ असामाजिक तत्व इस अँधेरे का फायदा उठाकर छेड़छाड़ और सामान व रुपये छीनने जैसी घटनाओं को अंजाम देने लगे हैं। यदि ये लाइटें ठीक करा दी जाएँ तो ये घटनाएँ अपने-आप रुक जाएँगी।
आपसे प्रार्थना है कि इस संबंध में व्यक्तिगत रुचि लेकर शीघ्रातिशीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें।
सधन्यवाद
भवदीय
सागर सैनी
ए-522 सरूप विहार
दिल्ली।
दिनांक 17 नवंबर, 20XX

प्रश्न 20:
आपके मोहल्ले के मुख्य पार्क पर कुछ लोगों तथा टेंट मालिकों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है जिससे बच्चों को खेलने में असुविधा होती है। इस ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए अपने क्षेत्र के थानाध्यक्ष को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
थानाध्यक्ष महोदय
शालीमार बाग,
दिल्ली।
विषय-पार्क में अवैध कब्जे के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान अपने मोहल्ले बी० जे० ब्लाक, शालीमार बाग के पार्क में कुछ लोगों द्वारा किए कब्जे की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ।
कुछ साल पहले यह पार्क अत्यंत हरा-भरा तथा मनोरम स्थान हुआ करता था। इस पार्क के पास एक खाली प्लॉट था, जहाँ एक दूध वाला भैंसे बाँधता था। अब उसने पार्क की टूटी दीवार का फायदा उठाकर भैंसों को पार्क में बाँधना शुरू कर दिया है। उसे पार्क का अनुचित लाभ उठाता देख एक किनारे एक कबाड़ी ने अपने कबाड़ का ढेर लगा रखा है तथा पार्क की दीवार के किनारे ही अपनी दुकान खोल रखी है। मुख्य सड़क की ओर एक टेंट वाले ने दो साल से अपने टेंट का समान-पाइपें, पांडाल तथा मेजों का ढेर जमा कर रखा है। इससे पार्क अब सामान रखने की अवैध जगह बनकर रह गया है। अब कॉलोनी के बच्चे पार्क में न खेलकर सड़क पर खेलने को विवश हैं। एक-दो बार वे वाहनों से टकरा भी चुके हैं। वृद्धजनों ने तो पार्क में आना ही बंद कर दिया है। आपसे प्रार्थना है कि इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेकर पार्क से अवैध कब्जा हटवाने की कृपा करें।
सधन्यवाद
भवदीय
मनोहर त्यागी
बी-3/28 बी० जे० ब्लाक
शालीमार बाग दिल्ली
दिनांक 18 फरवरी, 20xx

प्रश्न 21:
आपके क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन पर वन-महोत्सव के समय बहुत से पौधे लगाए गए, परंतु ये पौधे देख-रेख एवं सिंचाई की कमी के कारण सूखकर आधे हो गए हैं। उदयान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को पत्र लिखकर इनकी उचित देख-रेख हेतु पत्र लिखिए।
उत्तर –
वरिष्ठ अधिकारी
उद्यान विभाग
दिल्ली नगर निगम
लाजपत नगर, दिल्ली।
विषय-देख-रेख के अभाव में सूख रहे पौधों के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान मालवीय नगर क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन में लगाए गए सूखते पौधों की ओर आकर्षित कराना चाहता हू। जुलाई माह में दिल्ली सरकार ने अधिकाधिक वृक्ष लगाने के उद्देश्य से वन-महोत्सव मनाने का फैसला किया था, जिसके अंतर्गत जगह-जगह पर नए पौधे लगाने की योजना थी। इसी क्रम में हमारे क्षेत्र की खाली पड़ी जमीन में एक हजार पौधों का रोपण किया गया और इन्हें विकसित करने की जोर-शोर से घोषणा की गई। सितंबर-अक्टूबर तक तो वहाँ कुछ कर्मचारी आते रहे, परंतु अब वहाँ कोई कर्मचारी नहीं आता है। कुछ पौधे उचित देख-रेख तथा सिंचाई के अभाव में सूख गए हैं। अब तो ये पौधे आधे भी नहीं बचे हैं। इससे पर्यावरण को हरा-भरा एवं शुद्ध बनाने का उद्देश्य पूर्ण होने में संदेह लगने लगा है।
आपसे प्रार्थना है कि आप संबंधित कर्मचारियों को भेजकर सिंचाई की उचित व्यवस्था कराएँ तथा सूखे पौधों की जगह नए पौधे लगवाने की कृपा करें ताकि वन-महोत्सव मनाने का सार्थक उद्देश्य पूर्ण हो सके।
सधन्यवाद
भवदीय
चंद्रभूषण सिंह
जी. 517, मालवीय नगर
दिल्ली
दिनांक 10 दिसंबर, 20XX

प्रश्न 22:
अपने क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन पर पड़े कूड़े के ढेर को हटाकर पार्क विकसित करने के लिए जिला उदयान अधिकारी को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
जिला उद्यान अधिकारी
जनपद-गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।
विषय-खाली पड़ी जमीन पर पार्क विकसित करने के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान अपने क्षेत्र लोनी में खाली पड़ी पार्क की उस जमीन की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ जिसका उपयोग लोगों ने कूड़ेदान के रूप में करना शुरू कर दिया है। इस क्षेत्र में ग्राम समाज की खाली पड़ी जमीन पर पार्क विकसित करने की सरकारी योजना थी, परंतु कई चुनाव बीतने पर भी यह योजना अपना वास्तविक रूप न प्राप्त कर सकी। चुनाव निकट आते ही इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाता है, परंतु चुनाव बीतते ही सब पहले जैसा हो जाता है।

अब उस जमीन का उपयोग कूड़ेदान के रूप में किया जाने लगा है। यह कूड़ा गर्मी में उड़कर चारों ओर फैलता है तथा वर्षा में इसका गंदा पानी रिसकर सड़कों पर आसपास के निचले क्षेत्रों में भरता है, जिससे चारों ओर दुर्गध फैलती है और उधर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। वर्षा के अंत में इस बदबूदार पानी पर मच्छर पनपते हैं जो मलेरिया का कारण बनते हैं। आपसे प्रार्थना है कि आप इस कूड़े को उठवाकर इस जमीन को पार्क रूप में विकसित करने की कृपा करें, ताकि हम क्षेत्रवासियों को शुद्ध व स्वच्छ वातावरण में रहने का अवसर मिल सके।
सधन्यवाद
भवदीय
राम सिंह त्यागी
प्रधान, लोनी ग्राम सभा
गाजियाबाद, उ० प्र०।
दिनांक 27 नवंबर, 20XX

प्रश्न 23:
आपके क्षेत्र को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली सड़क जगह-जगह से टूट गई है, जिससे आवागमन में घोर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में पी० डब्ल्यू डी० के मुख्य अभियंता को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
मुख्य अभियंता
पी० डब्ल्यू. डी.
राजौरी गार्डन, दिल्ली।
विषय-टूटी सड़क की मरम्मत के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान अपने क्षेत्र हस्तसाल की टूटी सड़क की ओर आकृष्ट कराना चाहता हूँ। मुख्य सड़क से इस गाँव को जोड़ने वाली सड़क की पिछली बार मरम्मत तब की गई थी जब विधानसभा चुनाव निकट थे। उसके बाद से मरम्मत के अभाव में यह सड़क दयनीय दशा में पहुँच चुकी है। वर्षा ऋतु में इस पर बने गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे इस पर चलना और भी कठिन हो जाता है। जगह-जगह तारकोल उखड़ जाने से धूल ही धूल दिखती है और आते-जाते हुए हम धूल-धूसरित हो जाते हैं। सूर्यास्त के बाद तो इस पर चलना जोखिम उठाने जैसा होता है। इसके किनारे लगी लाइटें खराब हो चुकी हैं।

ऐसे में हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। गाँव के कई लोग इन गड्ढों के कारण गिरकर घायल हो चुके हैं। अब तो हम लोगों को पैदल चलने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है। आपसे विनम्र प्रार्थना है कि इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेकर हस्तक्षेप करें और संबधित कर्मचारियों को अविलंब कार्यवाही का आदेश देने की कृपा करें।
सधन्यवाद
भवदीय
मनोहर सिंह
(प्रधान)
दिनांक 26 सितंबर, 20xx

प्रश्न 24:
आपके क्षेत्र में कुछ लघु उद्योग इकाइयाँ दूषित पानी का शोधन किए बिना नालियों में बहा रही हैं, जिससे जल प्रदूषण बढ़ रहा है। इस समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए अपने जिले के प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
जनपद हापुड़
उत्तर प्रदेश।
विषय-बढ़ते जल प्रदूषण के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान अपने क्षेत्र पिलखुआ में लगी लघु उद्योग इकाइयों द्वारा फैलाए जा रहे जल प्रदूषण की ओर आकृष्ट कराना चाहता हू। यह क्षेत्र सूती वस्त्र निर्माण के लिए जाना जाता है। यहाँ छोटी-छोटी अनेक औद्योगिक इकाइयाँ हैं। इन इकाइयों से निकला दूषित और उसमें मिले अपशिष्ट पदार्थ बहकर जल में मिल रहे हैं। इसमें उपस्थित रासायनिक पदार्थ, रंग, डिटर्जेट आदि के कारण एक ओर जहाँ पानी का रंग बदल रहा है, वहीं दूसरी ओर यह विषैला भी होता जा रहा है।

तालाबों के विभिन्न जलजीव असमय मौत के शिकार हो रहे हैं। तालाबों का पानी इतना प्रदूषित हो चुका है कि उसमें हाथ-पैर धोने से जलन होने लगती है और त्वचा रोग हो जाता है। यदि ये इकाइयाँ इस जल का शोधन करके बहाएँ तो बढ़ते जल प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सकता है। आपसे विनम्र निवेदन है कि इन इकाइयों को जल शोधन हेतु निर्देश दें तथा ऐसा न करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें।
सधन्यवाद
भवदीय
सतवीर सिंह सैनी
दिनांक 20 अक्टूबर, 20XX

प्रश्न 25:
आजकल मिलावट का धंधा जोरों पर है। व्यापारी अधिक मुनाफा बढ़ाने के लिए हर वस्तु में मिलावट करने लगे हैं। इसकी शिकायत करते हुए जिला खादय निरीक्षक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
जिला खाद्य निरीक्षक
उत्तर–पश्चिम जिला
दिल्ली।
विषय-बढ़ती मिलावट के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान दिनोंदिन बढ़ती मिलावट की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ जिससे हर व्यक्ति परेशान है। आजकल बाजार में शुद्ध वस्तुओं का मिलना उसी प्रकार दुष्कर हो गया है जैसे कलयुग में भगवान का। व्यापारी एवं दुकानदार अधिकाधिक मुनाफा कमाने के लिए लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूक रहे हैं। ये लालची व्यापारी गेहूँ, चावल में कंकड, पिसी धनिया, मिर्च में पिसी ईट का चूर्ण, काली मिर्च में पपीते का बीज, धनिया पाउडर में गोबर जैसी घिनौनी वस्तुएँ मिलाते हैं। आज नकली घी, नकली खोया, रासायनिक पदार्थों के मेल से बनी मिठाइयाँ, पेय पदार्थों में मिलावट आदि के सेवन का कुप्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर देखा जा सकता है। इससे एक तरफ व्यक्ति के स्वास्थ्य की क्षति होती है तो दूसरी ओर पैसों की हानि। इन व्यापारियों की साँठ-गाँठ छोटे-मोटे सरकारी कर्मचारियों से भी होती है, जिनके साथ मिलीभगत करके यह घिनौना खेल खेला जा रहा है।
आपसे विनम्र निवेदन है कि आप इस मामले में हस्तक्षेप करें तथा आकस्मिक जाँच कर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध ठोस कार्यवाही करने की कृपा करें।
सधन्यवाद
भवदीय
तुषार सिंह
सी-45, महेंदू इंक्लेव
आजादपुर, दिल्ली।
दिनाक-25 जनवरी, 20XX

प्रश्न 26:
बड़े-बड़े दावे तथा घोषणाओं के बाद भी रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को दी जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता संतोषप्रद नहीं होती है। इसकी शिकायत करते हुए निरीक्षक, खानपान विभाग, रेल भवन, नई दिल्ली को शिकायती-पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
निरीक्षक महोदय
खान-पान विभाग, उ० रे०,
रेलभवन, नई दिल्ली।
विषय-रेल यात्रा के दौरान दी जाने खाद्य सामग्री की घटिया गुणवत्ता के संबंध में।
मान्यवर,
मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान रेल यात्रा के दौरान परोसी जाने वाली घटिया सामग्री की ओर आकर्षित कराना चाहता हू। मैंने कई बार रेल यात्रा की और रेलवे की खान-पान सेवा द्वारा दी जाने वाली खाद्य सामग्री से पेट पूजा की। अत्यंत खेद के साथ आपको बताना पड़ रहा है कि हर बार खाने की गुणवत्ता घटिया थी। जली रोटियाँ, दाल के नाम पर पीला पानी, चिपचिपा चावल, खट्टी दही, स्वादहीन सब्जियाँ खाने की घटिया गुणवत्ता स्वयमेव बताते हैं। इनका अधिक मूल्य ‘एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा’ की कहावत चरितार्थ करता है। कर्मचारियों का व्यवहार भी बहुत अच्छा नहीं होता है। इस संबंध में शिकायत पुस्तिका का उपयोग करने का भी कोई लाभ नहीं हुआ। आपसे विनम्र प्रार्थना है कि इस मामले में अविलंब हस्तक्षेप करें तथा आवश्यक कदम उठाकर रेलवे की खान-पान की पहले जैसी गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाएँ।
सधन्यवाद
भवदीय
रोशन वर्मा
ए-4/25, लाजपत नगर,
दिल्ली।
दिनांक 20 नवंबर, 20XX

प्रश्न 27:
दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रमों की समीक्षा तथा उनकी गुणवत्ता बढ़ाने का निवेदन करते हुए अधीक्षक दिल्ली दूरदर्शन, संचार भवन, नई दिल्ली को पत्र लिखिए।
उत्तर –
अधीक्षक
दिल्ली दूरदर्श,
संचार भवन, नई दिल्ली।
विषय-दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रमों की गुणवत्ता के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान दिल्ली दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रमों की गुणवत्ता की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ। दूरदर्शन को शिक्षा एवं मनोरंजन का सशक्त माध्यम माना जाता है। इस पर प्रसारित कार्यक्रमों को इस अपेक्षा के साथ देखा जाता है कि उनसे स्वस्थ मनोरंजन होगा एवं ज्ञानवर्धन भी होगा, परंतु खेदपूर्वक कहना पड़ रहा है कि इन कार्यक्रमों की गुणवत्ता में दिनोंदिन गिरावट आती जा रही है। धारावाहिकों में वही रोना-धोना, छल-कपट, फरेब, हिंसा अश्लीलता का बोलबाला, समाचार प्रसारण का पुराना ढंग, फिल्मों एवं गीतों की घटिया स्तर की शब्दावलियाँ, हिंसा प्रधान फिल्में आदि ऐसी हैं, जिन्हें परिवार में एक साथ बैठकर देख पाना कठिन हो जाता है।

दूरदर्शन पर शैक्षिक एवं स्वस्थ हास्य-व्यंग्य प्रधान कार्यक्रमों की कमी है। एन. सी. ई. आर. टी.-विज्ञान, गणित, पंचतंत्र, हितोपदेश आदि से संबंधित कार्यक्रमों के प्रसारण से दूरदर्शन अपने उद्देश्यों को प्राप्त कर सकता है। आपसे प्रार्थना है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर कार्यक्रमों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा शैक्षिक एवं स्वस्थ मनोरंजन वाले कार्यक्रमों का प्रसारण करने की कृपा करें।
सधन्यवाद
भवदीय
मयंक मौर्य
सेक्टर 15, नोएडा,
गौतम बुद्धनगर, (उ० प्र०)।
दिनांक 02 फरवरी, 20XX

प्रश्न 28:
आपने दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यवाही देखी, जिसमें माननीय सांसदों का व्यवहार देख दुख होता है। उनके व्यवहार पर अपनी प्रतिक्रिया से अवगत कराने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
लोकसभा अध्यक्ष
संसद भवन,
नई दिल्ली।
विषय-सांसदों के अशोभनीय व्यवहार पर प्रतिक्रिया।
मान्यवर,
मैं आपका ध्यान लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान सांसदों के अशोभनीय व्यवहार की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ। पिछले दिनों लोकसभा की कार्यवाही का प्रसारण देखकर दुख हुआ कि जनता अपनी आवाज संसद तक पहुँचाने के लिए जिन सांसदों को चुनकर लोकसभा में भेजती है और उन्हें माननीथ, सम्माननीय जैसे विशेषणों से विभूषित करती है, उनमें से अधिकांश का व्यवहार तो आम आदमी से भी घटिया होता है। वे छोटी-छोटी बातों के लिए वाद-विवाद, हाथापाई, कपड़े फाड़ने, कुर्सी-माइक फेंकने जैसे अत्यंत ओछे काम करते हुए शोर मचाने लगते हैं। इससे संसद की कार्यवाही बाधित होती है और जनता का करोड़ों रुपया पानी की तरह बहकर बर्बाद होता है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को बार-बार स्थगित किया जाता है। महत्वपूर्ण निर्णयों को बनाने में विलंब करक माहवर्णकन बाल बने हजता है सासयों क ऐसा व्याहारसक पिरमा क देता पहुचाता हो।
आपसे प्रार्थना है कि इस प्रकार का अशोभनीय व्यवहार करने वाले सांसदों से कड़ाई से निपटें तथा उनके संसद में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की कृपा करें ताकि भारतीय संसद की गरिमा को ठेस न पहुँचे।
सधन्यवाद
भवदीय
संयोग सैनी
27 ए, रोहतक,
हरियाणा।
दिनांक 20 दिसंबर, 20xx

प्रश्न 29:
आपके क्षेत्र में आस-पास कोई अस्पताल नहीं है। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य निदेशक दिल्ली सरकार को पत्र लिखिए, जिसमें डिस्पेंसरी खोलने का अनुरोध किया गया हो।
उत्तर –
प्रति,
स्वास्थ्य निदेशक
दिल्ली सरकार,
दिल्ली।
विषय-डिस्पेंसरी खोलने के संबंध में।
मान्यवर, मैं आपका ध्यान अपने क्षेत्र विजवासन गाँव में अस्पताल की कमी से इलाज में होने वाली कठिनाइयों की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ। इस गाँव की गणना दिल्ली के प्राचीन गाँवों में की जाती है। यहाँ की जनसंख्या भी बीस हजार से अधिक है परंतु यहाँ पर अस्पताल नाम की कोई सुविधा नहीं है। लोगों को इलाज के लिए नजफगढ़, उत्तम नगर या सफदरजंग जाना पड़ता है। इसका फायदा यहाँ आस-पास दुकानें खोल बैठे झोलाझाप डॉक्टर उठाते हैं और मनमाना पैसा वसूलते हैं। महिलाओं और वृद्धों को इलाज के लिए दूरस्थ अस्पतालों में ले जाने पर बहुत परेशानी होती है। अनेक पुस्तक पित-पितेद लोहचुके हैं ऐसा में या किसी थाि लेना बाहु होआवक हो जाता है।
आपसे प्रार्थना है कि व्यक्तिगत रुचि लेकर यहाँ डिस्पेंसरी खुलवाने की कृपा करें। हम क्षेत्रवासी आपके आभारी रहेंगे।
सधन्यवाद
भवदीय
राजपाल यादव
विजवासन, दिल्ली
दिनांक 20 फरवरी, 20xx

प्रश्न 30:
आपके क्षेत्र में बस स्टैंड पर शेड नहीं है, जिससे आने-जाने वालों को मौसम की मार झेलनी पड़ती है। स्टैंड पर शेड लगवाने हेतु परिवहन विभाग के अधीक्षक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
अधीक्षक
दिल्ली परिवहन निगम लि०
वजीरपुर डिपो,
दिल्ली।
विषय-बस स्टैंड पर शेड लगवाने के संबंध में।
मान्यवर,
मैं आपका ध्यान अपने गाँव कराला के सरकारी बस स्टैंड की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ। कराला बस स्टैंड पर यात्रियों को खुले आसमान के नीचे खड़ा होना पड़ता है, क्योंकि यहाँ बस स्टैंड तो है, पर शेड नहीं है। गर्मी में हमें बस का इंतजार करते समय तपती लू तथा धूप का सामना करना पड़ता है तो, सर्दी में ठंड हवाओं और कोहरे की मार का और वर्षा ऋतु में भीगकर बरसात की मार झेलनी पड़ती है। प्रात: काल स्कूल जाने के लिए बच्चे काँपते हुए बस की राह देखते हैं तो वृद्ध ठंड हवा से खाँसते हुए मौसम की मार झेलने को विवश हैं। इस संबंध में परिवहन विभाग के कर्मचारियों से कई बार बात की गई पर कोई हल नहीं निकला।
आपसे प्रार्थना है कि इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्यवाही करते हुए संबंधित कर्मचारियों को शेड लगाने का आदेश देने की कृपा करें।
सधन्यवाद
भवदीय
योगेंदर सिंह
27, कराला,
दिल्ली।
दिनांक 20 फरवरी, 20XX

प्रश्न 31:
आपकी विधानसभा से चुने गए विधायक जी ने चुनाव जीतने के बाद दर्शन नहीं दिए हैं। विकास के लिए उन्होंने जो वायदे किए थे, वे सभी अधूरे हैं। उन्हें चुनावी वायदों की याद दिलाते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
माननीय विधायक महोदय
मंगोलपुरी विधानसभा क्षेत्र
दिल्ली।
विषय-चुनावी वायदे भूलने एवं विकास कार्य न होने के संबंध में।
मान्यवर,
मैं आपका ध्यान मंगोलपुरी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए किए गए चुनावी वायदों की ओर आकर्षित कराना चाहता हू।
विगत चुनाव प्रचार के समय आपने इस विधानसभा में अनेक जनसभाएँ कीं और क्षेत्र के विकास हेतु अनेक योजनाओं का सपना हम क्षेत्रवासियों को दिखाते हुए अपनी जीत के लिए जनसमर्थन चाहा था। हम सभी ने आपकी बातों और वायदों पर भरोसा करके आपको जिताकर विधानसभा की राह दिखाई, परंतु जीतने के बाद आप इस क्षेत्र की राह भूल गए। क्षेत्र में नया अस्पताल खोलने, डाकघर खोलने, सामुदायिक भवन बनवाने, सड़क पक्की कराने, विधवा महिलाओं की कन्याओं के विवाह के खर्चे में भागीदारी करने, रोजगार के नए अवसर बढ़ाने जैसी अनेक यॉक्ताओं में से किसी की शुरुआत नहीं हुई है। आपने बिजली-पानी घर-घर पहुँचाने का वायदा किया था पर हुआ कुछ नहीं। अब तो संबंधित अधिकारी भी सीधे मुँह बात नहीं करते हैं।
आपसे विनम्र ‘अनुरोध है कि अपने वायदों को याद कर जनता को दर्शन दीजिए तथा जन समस्याएँ सुलझाने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश देने का कष्ट करें।
सधन्यवाद
भवदीय
750, वाई ब्लाक, मंगोलपुरी,
दिल्ली।
दिनांक 21 फरवरी, 20XX

प्रश्न 32:
फरवरी महीने में पूर्व प्राथमिक और प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों के प्रवेश के लिए अभिभावकों को तरह-तरह से परेशान किया जाता है। इस ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए शिक्षा-निदेशक, दिल्ली सरकार को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
शिक्षा निदेशक
पुराना सचिवालय
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र,
दिल्ली।
विषय-पूर्व प्राथमिक और प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश के संबंध में।
महोदय,
मैं आपका ध्यान दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त पब्लिक स्कूलों के मनमाने व्यवहार की ओर आकर्षित कराना चाहती हूँ। इन स्कूलों में फरवरी महीने में पूर्व प्राथमिक और प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाती है। यहीं से उन अभिभावकों की परेशानी शुरू हो जाती है जो अपने बच्चों को प्रवेश दिलाना चाहते हैं। सबसे पहले उनके महँगे फार्म खरीदकर उनकी अनावश्यक शर्त पूरी करनी होती है, फिर वे दुर्बल आय वर्ग की सीटों पर प्रवेश देने के लिए सौ बहाने बनाते हैं, फिर कभी बच्चे के इंटरव्यू तो कभी माता-पिता के इंटरव्यू के नाम पर तरह-तरह से परेशान करते हैं। फीस, विकास शुल्क, अनिवार्य बस सेवा आदि के नाम पर एक मोटी रकम वसूल करते हैं। सीटें होने पर भी ‘सीट नहीं’ का बोर्ड टाँगकर पहुँच वालों के माध्यम से मोटी रकम का डोनेशन लेकर प्रवेश देते हैं।
आपसे प्रार्थना है कि इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेकर इन स्कूलों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने की कृपा करें तथा प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी तथा सरल बनाने की कृपा करें।
सधन्यवाद
भवदीय
प्रतिमा सिंह शाक्या
सी-75/4, सेक्टर-15,
रोहिणी दिल्ली।
दिनांक 01 फरवरी, 20XX

प्रश्न 33:
आरक्षण केंद्रों पर दलालों और क्लकों की मिलीभगत के कारण जनसाधारण को आरक्षित टिकट पाने के लिए बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए उत्तर रेलवे, दिल्ली के महाप्रबंधक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
महाप्रबंधक
उत्तर रेलवे, बडौदा हाउस
नई दिल्ली।
विषय-टिकट आरक्षण में दलालों से होने वाली समस्या के संबंध में।
मन्यवर,
मैं आपका ध्यान उत्तर रेलवे के विभिन्न आरक्षण केंद्रों पर टिकट आरक्षण में जनसाधारण को होने वाली समस्या की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ।
इन केंद्रों पर हर समय दलालों की उपस्थिति देखी जा सकती है। बुकिंग क्लकों की मिलीभगत के कारण वे उनके तीस-चालीस फार्मों को लेकर बुकिंग करना शुरू कर देते हैं। आम आदमी जो अपना काम-धाम छोड़कर रात्रि में चार-पाँच बजे से ही लाइन लगाकर खिड़की पर अपना क्रम आने की प्रतीक्षा करते रहते हैं, वे खड़े-के-खड़े रह जाते हैं। कुछ कहने पर या इन दलालों को लाइन में लगने के लिए कहते ही वे लड़ना-झगड़ना शुरू कर देते हैं और मार-पीट पर उतर आते हैं। वहाँ पंक्ति में खड़ा आदमी स्वयं को ठगा-सा महसूस करता है।
आपसे प्रार्थना है कि आप इस समस्या में व्यक्तिगत रुचि लेकर हस्तक्षेप करने की कृपा करें तथा आरक्षण समय में दलालों का प्रवेश रोकने एवं क्लकों की संलिप्तता रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाने की कृपा करें।
सधन्यवाद
भवदीय
रुचिर रावत
सी-527, लाजपत नगर,
दिल्ली।
दिनांक 03 मार्च, 20xox

III. संपादक के नाम पत्र

प्रश्न 34:
आपके क्षेत्र में सड़कों को चौड़ा करने तथा विकास के नाम पर पेड़ों की अंधाधुंध कटान करके हरियाली पर कुठाराघात किया जा रहा है। इस ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए दैनिक जागरण के संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर –

प्रति,
संपादक महोदय
दैनिक जागरण
एफ-62, सेक्टर-62,
नोएडा, गौतम बुद्ध नगर, उ०प्र०।
विषय-वृक्षों की कटाई के संबंध में।
महोदय,
मैं आपके सम्मानित एवं लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से वन विभाग के अधिकारियों का ध्यान वृक्षों की अनावश्यक कटाई की ओर आकर्षित कराना चाहाता हूँ। लोनी से ट्रानिका सिटी होकर बागपत जाने वाले मार्ग को चौड़ा करने की योजना के अनुसार इस मार्ग पर काम किया जा रहा था। इसी क्रम के अंतर्गत सड़क की परिधि में न आने वाले पेड़ों को भी काटा जा रहा है। इन पेड़ों की कटाई शाम होते ही जोर-शोर से शुरू होती है। ऐसा लगता है कि इसमें लकड़ी के कुछ माफिया भी शामिल हैं। इससे सड़क के दोनों किनारे समाप्त हो रहे हैं तथा पर्यावरण को अपूर्ण क्षति पहुँचाई जा रही है। इन पेडों की अधिकांश लकड़ी को रात्रि में अवैध रूप से अन्यत्र पहुँचा दिया जाता है।
आपसे अनुरोध है कि इसे अपने समाचार-पत्र में स्थान देकर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने की कृपा करें, जिससे अनावश्यक कटान पर अंकुश लग सके।
सधन्यवाद
भवदीय
रघुवीर त्यागी
ए 28, लोनी,
गाजियाबाद (उ० प्र०)।
दिनांक 04 अप्रैल, 20XX

प्रश्न 35:
आपका क्षेत्र भीषण बाढ़ की चपेट में है और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया है। राहत कार्यों तथा अन्य सरकारी मदद की प्राप्ति की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए किसी प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक महोदय,
अमर उजाला
पटना, बिहार।
विषय-भीषण बाढ़ से उत्पन्न कठिनाइयों के संबंध में।
महोदय,
मैं आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों का ध्यान बाढ़ पीड़ित क्षेत्र दानापुर में उत्पन्न कठिनाइयों की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ।
इस क्षेत्र में पिछले सप्ताह हुई मुसलाधार बारिश के कारण चारों ओर पानी-ही-पानी नजर आ रहा है। गाँवों का संपर्क आस-पास के क्षेत्रों से कट गया है। फसलें पानी में डूब चुकी हैं। अनेक जानवर मरकर इधर-उधर बह रहे हैं। क्षेत्र से अब पानी उतरने लगा है किंतु कच्चे घरों के गिर जाने के कारण लोग ऊँचे टीलों पर रहने को विवश हैं। प्रशासन की ओर से हम विपदा में फैसे लोगों को कोई राहत सामग्री नहीं पहुँचाई गई है। पता नहीं प्रशासन कब तक सोया रहेगा।
आपसे प्रार्थना है कि आप इसे अपने समाचार-पत्र में स्थान देने की कृपा करें ताकि प्रशासन के लोगों का ध्यान इस ओर जाए और वे लोगों की मदद करने को आगे बढ़े।
सधन्यवाद
भवदीय
रवींद्र नारायण प्रसाद
दानापुर, बिहारा
दिनाक-20 अगस्त, 20xx

प्रश्न 36:
अपने शहर की टूटी-फूटी सड़कों की दयनीय दशा का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों का ध्यानाकर्षित करते हुए नवभारत टाइम्स के संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक महोदय
नवभारत टाइम्स
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
विषय-शहर की टूटी-फूटी सड़कों के संबंध में।
महोदय,
मैं आपके सम्मानित पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों का ध्यान अपने शहर बाराबंकी की टूटी सड़कों की ओर आकृष्ट कराना चाहाता हूँ।
यहाँ पिछली बार सड़कों की मरम्मत विधान सभा चुनाव के ठीक पहले अत्यंत जल्दबाजी में कराई गई थी, जो एक भी बरसात न सह पाई। जगह-जगह से सड़कें टूट गई हैं। वर्षा के दिनों में इनमें पानी भर जाता है, जिससे आवागमन दुष्कर बन गया है। रात में प्राय: दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। इनकी मरम्मत के लिए प्रशासन को शायद किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है।
आपसे प्रार्थना है कि इसे अपने लोकप्रिय समाचार-पत्र में स्थान देने की कृपा करें ताकि संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित हो तथा वे इनकी मरम्मत हेतु आवश्यक कदम उठाएँ।
सधन्यवाद
भवदीय
निरंजन शर्मा
कलेक्ट्रेट रोड
बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
दिनांक-02 फरवरी, 20XX

प्रश्न 37:
आपके क्षेत्र में कृषि योग्य क्षेत्र में कुछ भू-माफियों दवारा अनधिकृत कॉलोनियाँ बसाई जा रही हैं, किंतु स्थानीय प्रशासन मौन है। इस ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए किसी दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक महोदय
पंजाब केसरी
प्रिंटिंग प्रेस एरिया
वजीरपुर, दिल्ली।
विषय-कृषि योग्य भूमि में अवैध कॉलोनियाँ बसाने के संबंध में।
महोदय,
मैं आपके सम्मानित पत्र के माध्यम से उच्चाधिकारियों का ध्यान अपने क्षेत्र कंझावला में कृषि योग्य जमीन पर बसाई जा रही अवैध कालोनियों की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ।
विधान सभा चुनाव निकट आते ही इस क्षेत्र में अवैध कॉलोनियाँ बसाई जाने लगती हैं। वह जमीन जिस पर इन्हें बसाया जा रहा है वह कृषि की जमीन है जिस पर कुछ समय पूर्व खेती लहलहाती थी। आस-पास हरे-भरे पेड़ हुआ करते थे, परंतु कॉलोनी बसाने के लिए रातोंरात पेड़ काटकर मलवा डाला गया और जमीन को छोटे-छोटे भूखंडों में बाँट दिया गया। लोग इनमें दीवार खड़ी कर झुग्गी-सी बनाने लगे हैं। स्थानीय प्रशासन भी आँखें बंद किए सब कुछ देख रहा है।
आपसे प्रार्थना है कि आप इसे अपने समाचार-पत्र में स्थान देने की कृपा करें ताकि संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित हो और वे इसे रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाएँ।
सधन्यवाद
भवदीय
करण सिंह तोमर
45, कझावला,
दिल्ली।
दिनांक-25 अप्रैल, 20XX

प्रश्न 38:
‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखकर कार्यालयों में बढ़ते भ्रष्टाचार की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कराने का अनुरोध कीजिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक
हिंदुस्तान
कस्तूरबा गाँधी मार्ग,
नई दिल्ली।
विषय-कार्यालयों में बढ़ते भ्रष्टाचार के विषय में।
महोदय,
मैं आपके सम्मानित पत्र के माध्यम से सरकार का ध्यान कार्यालयों में बढ़ते भ्रष्टाचार की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ।
आजकल सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बिना पैसा दिए या पहुँच के कोई भी काम कराना दुष्कर हो गया है। बिना पैसा दिए काम कराना मुश्किल ही नहीं असंभव बनता जा रहा है। सरकारी नौकरियों में पद के हिसाब से उनका रेट तय कर दिया जाता है। पुलिस, राजस्व. खाद्य आपूर्ति विभाग का कहना ही क्या? ये तो पैसे लेने के लिए बदनाम हो चुके हैं। पैसे लिए बिना कोई काम करने को राजी नहीं है। परिवहन विभाग के कार्यालयों में जिस काम के लिए महीने भर चक्कर लगवाया जाता है, उसे दलालों के माध्यम से एक या दो दिन में कराया जा सकता है। बढ़ते भ्रष्टाचार को अब लोग अपनी नियति मानकर सह रहे हैं।
आपसे प्रार्थना है कि इसे अपने समाचार-पत्र में स्थान देने की कृपा करें ताकि सरकार का ध्यान आकृष्ट हो और वह भ्रष्टाचार का सफाया करने के लिए कोई आवश्यक कदम उठाए।
सधन्यवाद
भवदीय
रमेश सक्सेना
26-सी, मालवीय नगर,
दिल्ली।
दिनांक-25 नवंबर, 20XX

प्रश्न 39:
आपके शहर में आवास की कमी के कारण एक वर्ग खाली स्थानों पर झुग्गियाँ खड़ी कर लेता है, जिससे दिल्ली के सौंदर्य को धब्बा लगता है। इसके प्रति चिंता व्यक्त करते हुए संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक महोदय
दैनिक जागरण
एफ-23, सेक्टर 62, नोएडा,
गौतम बुद्ध नगर, उ०प्र०।
विषय-शहर में बढ़ती झुग्गियों के संबंध में।
मान्यवर,
मैं आपके सम्मानित पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों का ध्यान शहर में बढ़ती झुग्गियों की ओर आकर्षित कराना चाहाता हूँ।
दिल्ली विविध प्रकार की सुख-सुविधाओं वाला शहर है। इसे देश की राजधानी होने का सौभाग्य प्राप्त है। लोगों के मन में इस शहर के प्रति आकर्षण होना स्वाभाविक है। दुर्भाग्य से कुछ लोग यहाँ की खाली पड़ी जमीनों पर झुग्गियाँ खड़ी कर लेते हैं। उन्हें बेंचकर या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर वे पुन: अन्यत्र झुग्गियाँ डाल देते हैं। इस काम को उन्होंने व्यवसाय का रूप प्रदान कर लिया है। इससे आसपास गंदगी फैलती है तथा दिल्ली के सौंदर्य में धब्बा लगता है जिससे विदेशी पर्यटकों के बीच इस शहर की छवि धूमिल होती है।
आपसे प्रार्थना है कि इसे अपने लोकप्रिय समाचार-पत्र में स्थान दें ताकि संबंधित अधिकारी इन झुग्गियों के पनपने पर अंकुश लगा सकें।
सधन्यवाद
भवदीय
उमेश कुमार
56 कस्तूरबा नगर, दरियागंज,
नई दिल्ली।
दिनांक-15 मार्च, 20xx

प्रश्न 40:
महँगाई के कारण आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। दिनों-दिन बढ़ती महँगाई के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए किसी समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक महोदय,
स्वतत्र भारत
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
विषय-बढ़ती महँगाई के संबंध में।
मान्यवर,
आपके लोकप्रिय पत्र के माध्यम से मैं राज्य एवं केंद्र सरकार का ध्यान दिन-प्रतिदिन बढ़ती महँगाई की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ, जिससे आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है।
आज जीवन के आवश्यक वस्तुओं का मूल्य इतना बढ़ता जा रहा है कि आम आदमी उन्हें पाने में स्वयं को असमर्थ महसूस करने लगा है। दालें, सब्जियाँ, कपड़े, दूध, फल, मकान का किराया, अन्य वस्तुएँ आदि की कीमतें आसमान छूती जा रही हैं। इसकी वृद्ध में कुछ स्वार्थी लोगों तथा जमाखोरों का हाथ रहता है। सरकार इसे नियंत्रित करने में असमर्थ हो रही है। वह कभी बाढ़ का, कभी सूखे को दोष देकर कम पैदावार का बहाना बनाती है। लोगों की आय बढ़ने का नाम नहीं लेती है और न महँगाई रुकने का। आम आदमी को दो जून की रोटी जुटाने में कठिनाई हो रही है। इससे जनता में आक्रोश पनप रहा है। आपसे प्रार्थना है कि इसे अपने समाचार-पत्र में स्थान देकर सरकार और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करने का कष्ट करें।
सधन्यवाद
भवदीय
निखिल कुमार
25-बी, गोमती नगर,
लखनऊ (उ० प्र०)।
दिनांक 20 अप्रैल, 20XX

प्रश्न 41:
आज का युवावर्ग सिगरेट पीने या धूम्रपान करने को अपनी शान में वृदधि समझता है। किसी दैनिक अखबार के संपादक को पत्र लिखकर इस ओर सरकार तथा युवाओं का ध्यान आकर्षित कराते हुए सुझाव भरा पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक महोदय
दैनिक जनसत्ता
नई दिल्ली।
विषय-युवाओं में बढ़ती धूम्रपान की प्रवृत्ति के संबंध में।
महोदय,
मैं आपके लोकप्रिय एवं सम्मानित पत्र के माध्यम से युवाओं तथा सरकार का ध्यान बढ़ती धूम्रपान की प्रवृत्ति की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ। ” आजकल विभिन्न माध्यमों द्वारा प्रचारित विज्ञापनों में अभिनेताओं या सम्मानित लोगों द्वारा धूम्रपान का इस तरह प्रचार-प्रसार किया जाता है कि युवा-वर्ग उससे आकर्षित हुए बिना नहीं रह पाता है। ऐसे लोगों की उच्च जीवन शैली की शान बढ़ाने में धूम्रपान सहायक होता है, यह गलत धारणा उसके मन में बलवती होती जाती है। ऐसी ही जीवन-शैली की नकल करने के लिए वह भी चोरी-छिपे धूम्रपान करते-करते इसे अपनी आदत बना लेता है। क्रमश: सिगरेट, पान मसाला, गुटखा एवं बीयर का सेवन करते हुए अंततः शराब तक जा पहुँचता है और पतन की ओर कदम बढ़ा देता है। वह अपने स्वास्थ्य की क्षति करने लगता है जो उसे मौत की ओर धीरे-धीरे अग्रसर करती है। युवाओं को इस व्यसन से सदैव दूर रहना चाहिए।
आपसे प्रार्थना है कि इसे अपने सम्मानित समाचार-पत्र में स्थान दें जिससे युवा-वर्ग और सरकार में जागरूकता उत्पन्न हो और वह कोई ठोस कदम उठाए जिससे युवा-वर्ग धूम्रपान के विरुद्ध जागृत हो।
सधन्यवाद
भवदीय
मनोज मौर्य
डब्ल्यू० जेड़०-23, मौर्या इंक्लेव,
पीतमपुरा, दिल्ली।
दिनांक-15 फरवरी, 20XX

प्रश्न 42:
दूरदर्शन पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों में अश्लीलता होती है। इसका समाज पर कुप्रभाव पड़ रहा है। इस ओर ध्यान आकर्षित करते हुए किसी समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक महोदय
नवभारत टाइम्स
बहादुरशाह जफर मार्ग
नई दिल्ली।
विषय-दूरदर्शन पर दिखाए जा रहे विज्ञापनों में बढ़ती अश्लीलता के संबंध में।
महोदय,
आपके सम्मानित पत्र के माध्यम से मैं सरकार एवं जनता का ध्यान दूरदर्शन पर दिखाए जाने वाले अश्लील धारावाहिकों की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ।
हम सभी इससे विज्ञ हैं कि दूरदर्शन पर जो कुछ प्रचारित और प्रसारित किया जाता है समाज पर उसका व्यापक असर पड़ता है। जनसंचार के इस सशक्त माध्यम का उपयोग विभिन्न कंपनियाँ अपना उत्पाद बेचने के साधन के रूप में करने लगी हैं। वे कार्यक्रमों के बीच अपने उत्पादों के विज्ञापन दिखाते हैं। इनमें से कुछ सामाजिकता की परिधि में होते हैं, परंतु कुछ विज्ञापनों की भाषा द्रविअर्थी तथा अश्लीलता युक्त होती है। इन्हें परिवार के साथ देखना मुश्किल हो जाता है। ये युवाओं तथा बच्चों की मानसिकता पर कुप्रभाव डालते हैं। लगभग हर विज्ञापन में नारी देह का अनावश्यक प्रयोग किया जाता है जिससे समाज में बलात्कार, छेड़छाड़, हिंसा आदि की घटनाएँ घट रही हैं। युवाओं को ऐसे विज्ञापन बुरे मार्ग पर बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। सरकार को इन विज्ञापनों के प्रसारण पर रोक लगानी चाहिए तथा इनके निर्माताओं को आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए।
आपसे प्रार्थना है कि आप इसे अपने समाचार-पत्र में जगह देने की कृपा करें ताकि सरकार और समाज में जागरूकता बढे।
सधन्यवाद
भवदीय
दीपक कुमार
के-829, लाजपत नगर-II,
दिल्ली।
दिनांक-20 जुलाई, 20XX

प्रश्न 43:
दैनिक जागरण के संपादक को पत्र लिखकर अपने क्षेत्र के पार्क की दुर्दशा के बारे में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का ध्यान आकर्षित कीजिए।
उत्तर –
संपादक महोदय
दैनिक जागरण
एफ 23, सेक्टर-62
गौतम बुद्धनगर,
नोएडा (उ० प्र०)।
विषय-पार्क की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित करने के संबंध में।
महोदय,
मैं आपके सम्मानित एवं लोकप्रिय पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों का ध्यान पार्क की दुर्दशा की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ।
रोहिणी के सेक्टर-15 में दिल्ली विकास प्राधिकरण ने एक बड़ा-सा पार्क बनवाया था। इसके उद्घाटन के समय इसे हरा-भरा बनाया गया और बड़े-बड़े वायदे किए गए, किंतु समय बीतने के साथ देख-रेख के अभाव में फूलों के पौधे सूखने लगे। छायादार वृक्ष कटाई-छटाई के अभाव में आकर्षण खो चुके हैं। फव्वारे में लगे लोहे के उपकरण चोर उखाड़कर ले जा चुके हैं। आजकल इस पार्क का उपयोग शादी-विवाह, सत्संग तथा अन्य आयोजनों के लिए होने लगा है। इन आयोजनों के बाद वहाँ पत्तल, गिलास आदि हफ्तों तक इधर-उधर बिखरते रहते हैं। पार्क की दीवार की रेलिंग उखाड़ी जा चुकी है। पार्क की देख-रेख में नियुक्त कर्मचारियों को घास पर बैठे, ताश खेलते देखा जा सकता है। पार्क की दीवार जहाँ टूटी है, वहाँ लोगों ने कूड़ा फेंकना शुरू कर दिया है। यदि इस पर ध्यान न दिया गया तो पार्क शीघ्र ही कूड़ेदान में बदलकर रह जाएगा।
आपसे प्रार्थना है कि इसे अपने समाचार-पत्र में स्थान दें ताकि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट हो और पार्क का पुनरुद्धार किया जा सके।
सधन्यवाद
भवदीय
राजेश कुमार सैनी
ए-3/73, सेक्टर-15,
रोहिणी, दिल्ली।
दिनांक-20 मई, 20xx

प्रश्न 44:
आपके क्षेत्र में सफाई की व्यवस्था अत्यंत दयनीय है। क्षेत्र में गंदगी फैली हुई है। इसके प्रति ध्यान आकर्षित करते हुए किसी समाचार के संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक महोदय,
वीर भूमि
संचार भवन, मार्य
नई दिल्ली।
विषय-सफाई की दुर्दशा के संबंध में।
महोदय,
आपके लोकप्रिय पत्र के माध्यम से मैं संबंधित अधिकारियों का ध्यान अपने क्षेत्र में सफाई की दुर्दशा की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ।
पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी क्षेत्र में सफाई की दशा सोचनीय है। यहाँ जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। नालियों का पानी सड़कर बदबू मार रहा है। गली के निचली जगहों पर गंदा पानी फैल गया है। जिससे आने-जाने में परेशानी होती है। सीवर के ढक्कन टूटे हुए हैं, जिसकी बदबू के कारण वहाँ से निकलना मुश्किल हो जाता है। साथ ही इसमें बच्चों के गिरने का खतरा उत्पन्न हो गया है। कॉलोनी के पास से गुजर रही रेलवे लाइन पर गंदगी-ही-गंदगी फैली है, क्योंकि लोग वही मल-मूत्र त्यागते हैं। सफाईकर्मी नियमित नहीं आते हैं, जिससे सफाई नहीं हो पाती है। वे कूड़े का ढेर इधर-उधर लगाकर छोड़ जाते हैं, जो उड़-उड़कर गलियों में फैलता रहता है। सफाई कर्मचारी कहने के बाद भी अपने तरीके नहीं बदल रहे हैं।
आपसे प्रार्थना है कि आप इसे अपने समाचार-पत्र में स्थान दें ताकि संबधित कर्मचारियों और अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट हो।
सधन्यवाद
भवदीय
कौशल किशोर
ए–23 सीमापुरी,
दिल्ली।
दिनांक-15 अप्रैल, 20XX

प्रश्न 45:
आपके क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण बढ़ता जा रहा है जिससे जनजीवन को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कराते हुए संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक महोदय
पंजाब केसरी
प्रिंटिग प्रेस एरिया,
वजीरपुर, दिल्ली।
विषय-बढ़ते ध्वनि प्रदूषण के संबंध में।
महोदय,
मैं आपके सम्मानित एवं लोकप्रिय पत्र के माध्यम से अपने शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कुराना चाहता हूँ।
दिल्ली को भारत की राजधानी होने का गौरव प्राप्त है। यहाँ विकास कार्य भी द्रुतगति से हुए हैं। आवासीय क्षेत्रों के आसपास खाली पड़ी जमीन पर बड़े-बड़े कल-कारखाने स्थापित हुए हैं। इनमें लगी मशीनों और विद्युत मोटरों, जनरेटरों का शोर लोगों की शांति छीन रहा है। यहाँ अनेक कारणों से विभिन्न प्रकार के वाहन आते-जाते रहते हैं। इनकी ध्वनियाँ और हॉनों की कान फोर्ड आवाज सुनकर कान दर्द करने लगते हैं। लाउडस्पीकर पर बजते गाने, विज्ञापन और विक्रेताओं का शोर दिन-प्रतिदिन शोर में वृद्ध करते हैं। यहाँ सुबह-शाम मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों पर लगे ध्वनि विस्तारक यंत्र ऊँची आवाज में चीखकर ईश्वर और इंसान दोनों का चैन हरते हैं।

जुलूसों में लगने वाले नारे, विभिन्न जगहों पर बजता कान फोड़ें संगीत, वायुयान और रेलगाड़ियों का आवागमन शोर प्रदूषण बढ़ाता है। इससे यहाँ के नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं तो मरीज और वृद्ध सो नहीं पाते हैं और जन सामान्य का दैनिक जीवन प्रभावित होता है।
आपसे प्रार्थना है कि आप इसे अपने समाचार-पत्र में स्थान देकर सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट करें ताकि इसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाया जाए।
सधन्यवाद
भवदीय
संतोष कुमार
वाई-27 मालवीय नगर,
दिल्ली।
दिनांक 20 फरवरी, 20XX

प्रश्न 46:
सरकार के विभिन्न प्रयासों के बावजूद कन्या भ्रूण-हत्या में कमी नहीं आ रही है। इस पर चिंता प्रकट करते हुए किसी संपादक को पत्र लिखते हुए अपने सुझाव भी दीजिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक महोदय
हिंदुस्तान
कस्तूरबा गाँधी मार्ग,
नई दिल्ली।
विषय-बढ़ती कन्या भ्रूण-हत्या के संबंध में।
महोदय,
मैं आपके लोकप्रिय एवं सम्मानिर्त पत्र के माध्यम से सरकार का ध्यान बढ़ती कन्या भ्रूण-हत्या की ओर आकर्षित कराना चाहता हूँ।
समाज में बढ़ती दहेज प्रथा तथा अन्य समस्याओं के कारण आज समाज के हर दंपति में लड़के की चाहत बढ़ गई है। माँ के गर्भ में पलने वाली संतान लड़की है या लड़का, इसका पता वैज्ञानिक उपकरणों के माध्यम से अत्यंत आसानी से लगाया जा सकता है। लोग इसका अनुचित लाभ उठाकर लिंग परीक्षण करवाते हैं और लड़की होने की बात जानकर भ्रूण-हत्या करवा देते हैं। भगवान की श्रेणी में आने वाले धन लोलुप डॉक्टर भी इस कृत्य में। शामिल होते हैं। सरकार ने लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण-हत्या को कानूनन अपराध घोषित कर रखा है, फिर भी लोग चोरी-छिपे ऐसा करते हैं।

समय-समय पर होने वाली जनगणना से इस बात का स्पष्ट प्रमाण मिल जाता है, क्योंकि देश में स्त्रियों की संख्या घट रही है। हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में यह संख्या और सोचनीय है। सरकार को चाहिए कि वह भ्रूण परीक्षण कराने और करने वाले डॉक्टरों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करे।
आपसे प्रार्थना है कि आप इसे अपने समाचार-पत्र में स्थान देकर सरकार और युवाओं का ध्यान इस ओर आकर्षित करें ताकि इस प्रवृत्ति पर अंकुश लग सके।
सधन्यवाद
भवदीय
प्रदीप शर्मा
सी-2, बी-125
जनकपुरी, दिल्ली।
दिनांक-25 जनवरी, 20XX

प्रश्न 47:
अधिकाधिक लाभ कमाने के उददेश्य से कुछ स्वार्थी लोग आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी कर कृत्रिम अभाव पैदा करते हैं और बाजार में संकट खड़ा करते हैं। इस प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए किसी समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रति,
संपादक महोदय
स्वतंत्रर भारत।
विधान सभा मार्ग,
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
विषय-जमाखोरी की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के संबंध में।
मान्यवर,
मैं आपके प्रतिष्ठित एवं लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से जमाखोरी करने वालों के विरुद्ध सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हू।
वर्तमान में बढ़ती महँगाई ने आम आदमी को सर्वाधिक प्रभावित किया है। इस महँगाई के मूल में कुछ लोगों की स्वार्थी प्रवृत्ति है जो जीवनोपयोगी वस्तुओं का संग्रह कर लेते हैं। इससे बाजार में जब इन सामानों की कमी हो जाती है। तब ऐसे लोभी जमाखोर उन वस्तुओं को बाजार में ऊँचे दाम पर बेचते हैं जिसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव गरीब तथा मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में व्यापारियों और दुकानदारों के गोदाम गेहूँ, चावल, दाल, चीनी, घी, तेल, मसाले जैसी खाद्य वस्तुओं से भरे पड़े हैं फिर भी बाजार में इनकी कीमतें आसमान छू रही हैं और आम आदमी को दो जून की रोटी जुटाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे दुकानदारों के गोदामों में छापे की कार्यवाही कर इन दैनिकोपयोगी वस्तुओं को उचित मूल्य पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराना चाहिए।
आपसे प्रार्थना है कि आप इसे अपने समाचार-पत्र में स्थान देने की कृपा करें ताकि जमाखोरी की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाकर बढ़ती महँगाई पर काबू पाया जा सके।
सधन्यवाद
भवदीय
मनोहर शर्मा
ए-21, हजरतगञ्ज,
लखनऊ, उ०प्र०
दिनांक-27 मार्च, 20XX .

IV. कार्यालयी-पत्र

सरकार को चलाने के लिए विभिन्न विभाग होते हैं और उन विभागों का कार्य फाइलों के माध्यम से होता है। विभिन्न विभाग कई तरह के पत्रों का परस्पर आदान-प्रदान करते हैं। इस प्रकार का पत्र-व्यवहार कार्यालयी पत्र-व्यवहार कहलाता है। सरकारी कार्यालयों की जरूरतों के अनुसार ये पत्र कई प्रकार के होते हैं; जैसे-कुछ पत्र सूचना प्राप्त करने या भेजने के लिए लिखे जाते हैं तो कुछ पत्रों के द्वारा मुख्यालय या बड़े अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्यालयों/कर्मचारियों को आदेश भेजते हैं। कुछ पत्र अखबारों को विभागीय गतिविधियों की जानकारी देने के लिए भेजे जाते हैं। हर श्रेणी के पत्र का विशिष्ट स्वरूप होता है।

1. सरकारी-पत्र

सरकारी पत्र-लेखन संबंधी ध्यातव्य बिंदु-

  1. सरकारी-पत्र औपचारिक-पत्र की श्रेणी में आते हैं।
  2. ये पत्र कार्यालय, विभाग अथवा मंत्रालय से दूसरे कार्यालय, विभाग या मंत्रालय को लिखे जाते हैं।
  3. पत्र के शीर्ष पर कार्यालय, विभाग या मंत्रालय का नाम व पता लिखा जाता है।
  4. पत्र के बाई तरफ फाइल संख्या लिखी जाती है। इससे पत्र का विषय, विभाग का नाम तथा समय का पता चलता है।
  5. प्रेषित का नाम, पता आदि बाई ओर लिखा जाता है।
  6. ‘सेवा में’ का प्रयोग समाप्ति की ओर है।
  7. ‘विषय’ शीर्षक के अंतर्गत संक्षेप में पत्र का प्रयोजन या संदर्भ लिखा जाता है।
  8. विषय के बाद बाई तरफ ‘महोदय’ संबोधन लिखते हैं।
  9. पत्र की भाषा सहज व सरल होनी चाहिए। सटीक अर्थ के लिए प्रशासनिक शब्दावली का प्रयोग करना चाहिए।
  10. पत्र के बाई और प्रेषक का पता व तारीख दी जाती है।
  11. पत्र के अंत में ‘भवदीय’ शब्द का प्रयोग किया जाता है।
  12. भवदीय के नीचे प्रेषक के हस्ताक्षर होते हैं। हस्ताक्षर के नीचे कोष्ठक में पत्र लेखक का नाम तथा पदनाम लिखा जाता है।

उदाहरण

प्रश्न 1:
भारत सरकार के गृह मंत्रालय की तरफ से पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को नक्सलवादी घटनाओं के संबंध में चिंता व्यक्त करते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर –
भारत सरकार
गृह मंत्रालय
नई दिल्ली।
फा संख्या 45 (गू पं.ब.)09/545

दिनांकः 20 अक्तूबर, 20xx

मुख्य सचिव
पश्चिम बंगाल सरकार,
कोलकाता।
विषय-राज्य में नक्सलवादी घटनाओं के संदर्भ में।
महोदय,
मुझे यह सूचना देने का निर्देश दिया गया है कि-

  1. पश्चिमी बंगाल राज्य में नक्सलवादियों की गतिविधियाँ बढ़ती जा रही हैं। इन गतिविधियों के बढ़ने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है। केंद्र सरकार इस समस्या से चिंतित है तथा कड़े कदम उठाने का निश्चय किया गया है। राज्य सरकार को भी कठोर कार्यवाही करनी चाहिए।
  2. हाल ही में आदिवासियों द्वारा अपहृत राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन के घटनाक्रम की तमाम जानकारी शीघ्र भेजें।

भवदीय
हस्ताक्षर……………
(विनय कुमार)
सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार,
नई दिल्ली।

प्रश्न 2:
गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से मुख्य सचिव दिल्ली को एक पत्र लिखिए, जिसमें लड़कियों के साथ छेड़छाड़ रोकने तथा उनकी की सुरक्षा करने का समुचित उपाय करने का निर्देश दिया गया हो।
उत्तर –
भारत सरकार
गृह मंत्रालय
नई दिल्ली।
पत्र क्रमाक-फा. संख्या 12 (गृ. म.)/20xx /150

दिनांक : 25 जनवरी, 20xox

प्रति,
मुख्य सचिव
दिल्ली सरकार,
दिल्ली ।
विषय-लड़कियों की सुरक्षा के संबंध में।
महोदय, उपर्युक्त विषय एवं पत्र क्रमांक के संबंध में मुझे आपको सूचित करने का निर्देश हुआ है कि विगत कुछ समय से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में जिस तरह कुछ मनचले युवकों द्वारा लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, वह मंत्रालय के लिए चिंता का विषय है। स्कूल-कॉलेज, तथा कार्यालय आती-जाती लड़कियों के साथ छेड़छाड़, बलात्कार की घटनाएँ बढ़ रही हैं। दिसंबर 12 के उत्तरार्ध में घटी घटना ने समूची दिल्ली को आक्रोश से भर दिया है तथा महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर किए जा रहे उपायों पर प्रश्नचिहन लगा दिया है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समुचित कदम उठाए जाएँ तथा इसका विवरण समय-समय पर मंत्रालय को भेजा जाए।
भवदीय
हस्ताक्षर…………..
(अभिनव कुमार)
सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार,
नई दिल्ली।

2. अर्द्धसरकारी-पत्र

अद्र्धसरकारी-पत्र में अनौपचारिकता का भी समावेश होता है। इसमें मैत्रीभाव होता है। ये पत्र तब लिखे जाते हैं जब लिखने वाले अधिकारी के संबंधित अधिकारी से व्यक्तिगत जानकारी हो। यह पत्र उस समय लिखा जाता है जब किसी खास मसले पर संबंधित अधिकारी का ध्यान व्यक्तिगत रूप से आकर्षित कराना होता है या उसका व्यक्तिगत रूप से परामर्श लेना होता है।
अदर्ध-सरकारी पत्र-लेखन संबंधी ध्यातव्य बिंदु-

  1. इस श्रेणी के पत्र में बाई ओर शीर्ष पर प्रेषक का नाम होता है तथा इसके नीचे उसका पदनाम होता है।
  2. अद्र्धसरकारी-पत्र में सामान्यत: कार्यालय के ‘लेटर हेड’ का प्रयोग होता है।
  3. पत्र के प्रारंभ में आम तौर पर ‘प्रिय श्री ……………..’ ‘या’ ‘प्रियवरश्री…………..’ का संबोधन किया जाता है।
  4. पत्र के अंत में अधोलेख के रूप में दाहिनी ओर ‘ भवदीय’ के स्थान पर ‘आपका’ का प्रयोग हो सकता है।
  5. पत्र के अंत में संबंधित अधिकारी का नाम, पदनाम और पूर्ण पता लिखा जाता है।

उदाहरण

प्रश्न 1:
सचिव, मानव संसाधन मंत्रालय, नई दिल्ली की तरफ से रेल मंत्रालय के सचिव को, कर्मचारियों को हिंदी सिखाने के संदर्भ में एक अदर्थ सरकारी-पत्र लिखिए।
उत्तर –
भारत सरकार
मानव संसाधन मंत्रालय,
नई दिल्ली।
पत्र संख्या 4/3/20xx (अ. स.)

दिमांकः 14 सितंबर, 20XX

डॉ. नरेश
सचिव
प्रिय श्री विनोद,
आपके पत्र सं 15/5/20xx दिनांक 10 मार्च, 20XX के संदर्भ में मैं आपको कुछ सुझाव देना चाहता हूँ –

  1. “हिंदी सीखने वाले गैर-हिंदी भाषी क्षेत्रों के कर्मचारियों के वर्तमान पाठ्यक्रम में नए परिवेश के अनुसार संशोधित करना चाहिए।
  2. अच्छे अंक प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को पदोन्नति, वेतन वृद्ध तथा पुरस्कार आदि के जरिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

इस विषय पर विचार करने के लिए मेरे कार्यालय में कुछ विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। आप इसमें आने का कष्ट करें तथा अपने उपयोगी सुझावों से हमें लाभान्वित करें।

आपक
हस्ताक्षर…………..
(डॉ. नरेश)

प्रति,
श्री विनोद
सचिव
रेल मंत्रालय
नई दिल्ली

प्रश्न 2:
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मुख्य सचिव की तरफ से संस्कृत अकादमी दिल्ली के उपसचिव को अदर्धसरकारी-पत्र लिखिए जिसमें अपेक्षित सूचनाएँ माँगी गई हों।
उत्तर –
भरत सरकार
नई दिल्ली।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय,
पत्र क्रमांक : 23/2/20xx (अ. स.)

दिनांक : 25 मार्च, 20XX

प्रिय श्री अनुराग सिंह,

इस कार्यालय के पत्रांक संख्या 10/12/20XX एवं 03/04/20XX के माध्यम से आपके कार्यालय से कुछ अति आवश्यक सुचनाएँ माँगी गई थीं। ये सूचनाएँ अभी तक प्राप्त नहीं हुई। मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि आप इस संबंध में व्यक्तिगत रुचि लेकर अपेक्षित सूचनाएँ शीघ्र भिजवाने की कृपा करें।

भवदीय
हस्ताक्षर…………..
(मर्यंक मौर्य)

प्रति,
श्री अनुराग सिंह
उपसचिव संस्कृत अकादमी
दिल्ली।

3. परिपत्र

यह पत्र तभी जारी होता है जब किसी बैठक में कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाता है। यह पत्र एक साथ अनेक व्यक्तियों अथवा विभागों को बिना किसी संबोधन के भेजा जाता है। इसकी भाषा औपचारिक तथा आडबररहित होती है।

उदाहरण

प्रश्न 1:
दिल्ली शिक्षा विभाग की ओर से हड़ताली प्राध्यापकों की हड़ताल को गैर-कानूनी करार देने के संबंध में परिपत्र लिखिए।
उत्तर –
दिल्ली सरकार
दिल्ली विश्वविद्यालय,
दिल्ली।
पत्रांक : 15/13/ दि. वि./20xx
दिनांक : 20 अक्टूबर, 20XX
विषय-गैर-कानूनी हड़ताल संबधी परिपत्र। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक पिछले दस दिन से हड़ताल पर हैं। उन्हें सूचित किया जाता है कि उनकी यह हड़ताल गैर-कानूनी घोषित कर दी गई है। इन प्राध्यापकों को राय दी जाती है कि वे दिनांक 30 सितंबर, 20XX तक कॉलेजों में कार्य शुरू करें। निर्धारित तिथि के बाद प्राध्यापकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है।

हस्ताक्षर…………..
(अजय प्रेम)
सचिव, शिक्षा प्रशासन

प्रति,
1. समस्त कार्यालयों को
2. समस्त प्राध्यापक यूनियन कार्यालयों को
3. समाचार-पत्रों में

प्रश्न 2:
विदेश व्यापार विभाग दवारा फोन पर होने वाले व्यय के लिए सीमा निर्धारित करने के संदर्भ में परिपत्र जारी कीजिए।
उत्तर –
विदेश व्यापार विभाग
नई दिल्ली।
पत्रांक 15/16/20xx
दिनांक : 20 अक्टूबर, 20xx
विषय-फोन पर होने वाले व्यय के लिए निर्धारित सीमा परिपत्र।
विदेश व्यापार विभाग ने कार्यालयों में फोन पर होने वाले व्यय पर विचार किया तथा निर्णय लिया कि फोन पर व्यय की सीमा तीन हजार प्रतिमाह होगी। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि महानगरों में फोन-व्यय की सीमा छह हजार रुपये प्रतिमाह होगी। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

हस्ताक्षर…………..
(सतीश कुमार)

4. अनुस्मारक

जब किसी पत्र, ज्ञापन इत्यादि का उत्तर समय पर प्राप्त नहीं होता तो याद दिलाने के लिए जो पत्र लिखे जाते हैं, उन्हें अनुस्मारक कहते हैं। इन्हें ‘स्मरण-पत्र’ भी कहते हैं।
ध्यातव्य बिंदु

  1. इनका प्रारूप सरकारी-पत्र की तरह होता है, परंतु इनका आकार छोटा होता है।
  2. अनुस्मारक के शुरू में पूर्ण पत्र का हवाला दिया जाता है।
  3. एक से अधिक अनुस्मारक भेजने पर उन्हें क्रमांक दिया जाता है; जैसे-अनुस्मारक-1, अनुस्मारक-2

उदाहरण

प्रश्न 1:
दिल्ली विश्वविदयालय, दिल्ली के कुलसचिव की तरफ से विश्वविदयालय अनुदान आयोग को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के संदर्भ में अनुस्मारक लिखिए।
उत्तर –
दिल्ली विश्वविद्यालय,
नई दिल्ली।
पत्र क्रमांकः यू.जी.सी./5/20XX/570

दिनांक : 15/10/20xx

प्रति,
सचिव,
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग,
नई दिल्ली।
विषय-छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के संदर्भ में।
महोदय,
उपर्युक्त विषय पर हम आपका ध्यान अपने पत्र क्रमांक यूजी.सी./3/20xx/260 दिनांक 5/6/20xx के संदर्भ में आकर्षित करना चाहते हैं। कृपया इस संदर्भ में दिशा निर्देश शीघ्र भिजवाने का कष्ट करें ताकि नए वेतनमान सही तरीके से लागू किए जा सकें।
भवदीय
हस्ताक्षर…………..
(उज्वल वर्मा)
कुलसचिव

प्रश्न 2:
गृह मंत्रालय, पश्चिम बंगाल की ओर से उपायुक्त, चौबीस परगना को एक अनुस्मारक लिखिए जिसमें वहाँ बाहरी व्यक्तियों के बारे में वांछित सूचना शीघ्र भेजने का वर्णन हो।
उत्तर –
पश्चिम बंगाल सरकार,
गृह मंत्रालय
पत्र क्रमांकः गृ. म. /5/20xx/5407

दिनांक : 16 अगस्त, 20XX

प्रति,
उपायुक्त,
चौबीस परगना।
विषय-बाहरी व्यक्तियों की जानकारी के बारे में।
महोदय,
आपका ध्यान उपयुक्त विषय पर मंत्रालय के पत्र क्रमांक गृ. म./4/20xx/3025 दिनांक 15 अप्रेल, 20xx की ओर दिलाया जाता है। आपने अभी तक वांछित सूचना नहीं भेजी है। कृपया शीघ्र जानकारी भेजने का । कष्ट करें।
भवदीय
हस्ताक्षर…………..
(आशुतोष कुमार)
सचिव

5. कार्यालय आदेश

कार्यालय आदेश का प्रयोग आतरिक प्रशासन के संदर्भ में होता है। इसमें कर्मचारियों का स्थानांतरण, अनुशासनात्मक कार्यवाही, काय के वितरण आदि की सूचना होती है।
ध्यातव्य बिंदु

  1. कार्यालय आदेश में संबोधन या आभार नहीं होता।
  2. इसकी भाषा सहज, सरल, व औपचारिक होती है।
  3. इसके प्रारंभ में पत्र संख्या, कार्यालय का नाम, पता, तिथि आदि का वर्णन होता है।
  4. पत्र के अंत में प्रेषक अधिकारी के हस्ताक्षर तथा पद का नाम लिखा जाता है।
  5. आदेश की प्रतिलिपि संबंधित व्यक्तियों तथा अनुभागों को भेजी जाती है।

उदाहरण

प्रश्न 1:
श्री संतोष कुमार सिंह का स्थानांतरण रेल मुख्यालय बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली से आरक्षण केंद्र, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कर दिया गया है। इस संबंध में स्थानांतरण संबधी कार्यालय आदेश जारी कीजिए।
उत्तर –
रेल मुख्यालय
बड़ौदा हाउस,
नई दिल्ली।
पत्र क्रमांक (स्था०) 15-16/20XX

दिनांक : 10 अगस्त, 20XX

कार्यालय आदेश

विषय-श्री संतोष कुमार सिंह का स्थानांतरण।
श्री संतोष कुमार सिंह का स्थानांतरण रेल मुख्यालय, बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली से आरक्षण केंद्र नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 18 अगस्त, 20xx को कर दिया गया है। श्री संतोष कुमार सिंह को 18 अगस्त, 20xx को नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण की रिपोर्ट कार्यालय भेजनी होगी।
हस्ताक्षर………..
अधीक्षक
रेल मुख्यालय
प्रतिलिपि
1. उपाधीक्षक, रेल मुख्यालय, बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली।
2. उपाधीक्षक आरक्षण केंद्र नई दिल्ली।
3. श्री संतोष कुमार सिंह लिपिक, रेल मुख्यालय बड़ौदा हाउस

नई दिल्ली।

प्रश्न 2:
भारतीय खादय निगम नई दिल्ली की ओर से दो व्यक्तियों को कंप्यूटर आपरेटर पद पर नियुक्ति के संबंध में कार्यालय आदेश जारी करें।
उत्तर –
भारतीय खाद्य निगम
मायापुरी,
नई दिल्ली
पत्र क्रमांक : (नि०) 04/05/20XX

दिनांक: 12 मई, 20XX

कार्यालय आदेश

विषय-कप्यूटर आपरेटर पद पर नियुक्ति के संदर्भ में। निम्नलिखित व्यक्तियों को प्रशासन अनुभाग में कंप्यूटर पद पर निर्धारित वेतनमान रु 6550/- तथा स्वीकृत भत्तों पर अस्थायी रूप में नियुक्त किया जाता है। संबंधित व्यक्ति दिनांक 15 जून, 20XX तक अपना कार्यभार ग्रहण कर लें अन्यथा उनकी नियुक्ति रद्द समझी जाएगी।
1. अनुपम सिंह कुशवाहा s/o राम सिंह कुशवाहा
2. श्रीमती सुमन रानी w/o प्रमोद कुमार

हस्ताक्षर………….
मुख्य सचिव
भारतीय खाद्य निगम

प्रतिलिपि
1. श्री अनुपम सिह कुशवाहा
2. श्रीमती सुमन रानी
3. प्रशासन विभाग
4. लेखा विभाग

हस्ताक्षर………….
मुख्य सचिव
नई दिल्ली।

6. कार्यालय ज्ञापन

एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के बीच जिन पत्रों का आदान-प्रदान किया जाता है, उन्हें कार्यालय ज्ञापन कहते हैं।
ध्यातव्य बिंदु-

  1. कार्यालय ज्ञापन सदैव अन्य पुरुष में ही लिखे जाते हैं।
  2. इनमें किसी प्रकार का संबोधन नहीं होता।
  3. पत्र के अंत में प्रेषक के हस्ताक्षर व उसका भाम लिखा जाता है।

उदाहरण

प्रश्न 1:
भारत सरकार के डाक विभाग मुख्यालय की ओर से कर्मचारियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना में शामिल होने के लिए ज्ञापन तैयार कीजिए।
उत्तर –
डाक विभाग मुख्यालय
डाक भवन,
नई दिल्ली।
पत्र क्रमांक : (क० प्र० यो०)/05/157

दिनांक : 10 जनवरी, 20xx

विषय-कप्यूटर प्रशिक्षण योजना के संबंध में। अधोहस्ताक्षरी को यह सूचित करने का निर्देश प्राप्त हुआ है कि कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत इस विभाग द्वारा 15 फरवरी, 20XX से एक कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम एक पखवारा (15 दिन) तक चलेगा। प्रशिक्षण में भाग लेने के इच्छुक कर्मचारी अपना नाम अपने अनुभाग अधिकारी द्वारा अनुशासित कराकर प्रशिक्षण अनुभाग को 10 फरवरी, 20xx तक अवश्य भेज दें।
सौरभ कुमार
मुख्य सचिव
डाक विभाग मुख्यालय,
नई दिल्ली।

7. टिप्पण

किसी भी विचाराधीन पत्र अथवा प्रकरण को निपटने के लिए उस पर जो राय,मंतव्य अथवा आदेश, निर्देश दिया जाता है, वह ‘टिप्पण’ कहलाता है। इसका उद्देश्य मामले को नियमानुसार निपटाना है।
ध्यातव्य बिंदु

  1. टिप्पण लेखन से पूर्व सहायक का संबंधित विषय को समझना आवश्यक है अन्यथा उस पर उच्च अधिकारी को निर्णय लेने में कठिनाई होगी!
  2. टिप्पण अपने आप में पूर्ण व स्पष्ट होना चाहिए।
  3. यह सदैव अन्य पुरुष में लिखा जाता है।
  4. टिप्पण संक्षिप्त, विषय-संगत और क्रमबद्ध होना चाहिए।

उदाहरण

प्रश्न 1:
बजट सत्र के कारण कार्यालय में काम अधिक हो गया है, उसे निपटाने के लिए दो सहायकों की तदर्थ नियुक्ति के लिए अधिकारी की ओर से टिप्पण लिखिए।
उत्तर –
वित्त विभाग
सचिवालय
बजट सत्र अनुभाग
उपसचिव (प्रशासन) को ज्ञात है कि बजट सत्र में वित्तीय मामलों के कारण कार्यभार अत्यधिक बढ़ जाता है। इस समय बजट सत्र की तैयारियाँ जोरों से चल रही हैं। वर्तमान स्टॉफ ओवरटाइम के बावजूद समय पर पूरा कार्य नहीं कर पा रहा है। इस संदर्भ में कार्य की अनिवार्यता को ध्यान में रखते हुए दो सहायकों की तदर्थ नियुक्ति को वरीयता दी जाए ताकि बजट कार्य समय पर पूरा हो सके।
उपनिदेशक (ब. स.) आवश्यक कार्यवाई के लिए देखने की कृपा करें।
हस्ताक्षर
मनोज कुमार
सहायक वित्त अनुभाग

हस्ताक्षर
प्रकाश चंद्र
(उपसचिव ब. स.)

प्रश्न 2:
सहायक निदेशक श्री धर्मेश कुमार ने एक कार बुक कराई थी। कार कंपनी ने उन्हें एक माह में पूरी रकम जमा कराने को कहा है। श्री धर्मेश कुमार ने तीन लाख रुपये अग्रिम राशि के लिए आवेदन किया है। अनुभाग अधिकारी की ओर से टिप्पण लिखिए।
उत्तर –
क्रम सं० 10/20XX

आवती पृ. सं : 10

श्री धर्मेश कुमार ने कार खरीदने के लिए तीन लाख की अग्रिम राशि हेतु आवेदन किया है। कार कंपनी ने एक माह में भुगतान करने की शर्त लगाई है अन्यथा उनकी बुकिंग निरस्त कर दी जाएगी।
श्री धर्मेश कुमार वाहन ऋण प्राप्त करने के सर्वथा योग्य एवं वरीयता क्रम में आते हैं। उनके अग्रिम ऋण आवेदन पर विचार करते हुए अग्रिम ऋण आदेश नियमत: दिया जा सकता है।

हस्ताक्षर
विपिन कुमार
23 फरवरी, 20XX
अनुभाग अधिकारी

स्वयं करें

  1. आपके क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर होती जा रही है। पिछले कुछ दिनों में चोरी, लूटपाट और हत्या की घटनाएँ हो चुकी है। पुलिस गश्त बढ़ाने के लिए थानाध्यक्ष को पत्र लिखिए।
  2. आपके मोहल्ले के पास पार्क की जमीन पर शाम होते ही असामाजिक तत्व जमा होने लगते हैं, जिससे छेड़छाड़, लूटपाट तथा झगड़े की आशंका बनी रहती है। अपने क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त को पत्र लिखिए।
  3. दिल्ली जलबोर्ड में कंप्यूटर आपरेटर के कुछ पद रिक्त हैं। अपनी योग्यताओं का उल्लेख करते हुए अधीक्षक को आवेदन-पत्र लिखिए।
  4. जनसत्ता दैनिक के संपादक को पत्र लिखकर सरकार का ध्यान बढ़ती महँगाई की ओर आकृष्ट कराने का कीजिए।
  5. चुनाव के दिनों में जगह-जगह पोस्टर चिपकाने से सार्वजनिक भवनों की दीवारें गंदी हो गई हैं। इस ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए नवभारत टाइम्स के संपादक को पत्र लिखिए।
  6. नवभारत टाइम्स के संपादक को पत्र लिखकर बताइए कि लोग अपने वातावरण को स्वच्छ रखने की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं देते।
  7. डाक विभाग में डाक सहायकों के पद रिक्त हैं। मुख्य डाकघर नई दिल्ली के डाक अधीक्षक को अपनी योग्यताओं का उल्लेख करते हुए पत्र लिखिए।
  8. अपने गाँव के विद्यालय की स्थिति से अवगत कराते हुए किसी प्रसिद्ध दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
  9. उड़ीसा के नंदन-कानन में बाघों की मृत्यु पर अपने विचार पल्लवी वर्मा की ओर से ‘नई दुनिया’ दैनिक समाचार-पत्र के संपादक में नाम पत्र में लिखिए।
  10. अपने परीक्षा केंद्र पर नकल रोकने के उपाय सुझाते हुए सी.बी.एस.ई. बोर्ड के परीक्षा निदेशक को पत्र लिखिए।
  11. अपने क्षेत्र की सड़क पर टूटी-फूटी लाइटों की ओर ध्यानाकर्षित कराते हुए पी० डब्ल्यू डी० के सहायक अभियंता को पत्र लिखिए।
  12. निदेशक-सैन्य निदेशालय, नई दिल्ली ने आपको किसी पद के साक्षात्कार के लिए बुलाया है। भयंकर बाढ़ के कारण आप निर्धारित तिथि पर पहुँचने में असमर्थ हैं। निदेशक को पत्र लिखकर किसी अन्य तिथि के निर्धारण के लिए अनुरोध कीजिए।
  13. कुछ अभिभावक अपने अठारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दुपहिया वाहन दिला देते हैं, जो उनके हित में नहीं है। इस ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
  14. भारतीय स्टेट बैंक आफ इंडिया द्वारा क्लकों के पद विज्ञापित किए गए हैं। अपनी योग्यतओं का विवरण देते हुए महाप्रबंधक, स्टेट बैंक के प्रधान कार्यालय मुंबई को आवेदन-पत्र लिखिए।
  15. आपके पड़ोस में एक आतंकवादी रह रहा है। आपने उस मकान में कुछ आतंकवादी गतिविधियाँ देखी हैं। आप अपने नगर के उच्च पुलिस अधिकारी को पत्र लिखकर इसकी पूर्ण जानकारी दीजिए ताकि किसी दुर्घटना से पूर्व ही उचित कार्यवाही हो सके।
  16. अपने क्षेत्र में भीषण बाढ के कारण मची तबाही और राहत कार्यों की अपर्याप्तता की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तुरंत कदम उठाने का अनुरोध कीजिए:
  17. आपने जिस ट्रेन से दिल्ली से मुंबई की यात्रा की उसमें खान-पान की गुणवत्ता अत्यंत धटिया किस्म की थी। इसकी शिकायत करते हुए उत्तर रेलवे, बड़ौदा हाउस के महाप्रबंधक को पत्र लिखिए।
  18. दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को नलिनी की ओर से एक पत्र लिखिए जिसमें कायालयों में बढ़त भ्रष्टाचार की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया गया हो।
  19. आपके शहर में लगी औद्योगिक इकाइयों से प्रदूषित जल जल स्रोतों में मिलकर जल प्रदूषण बढ़ा रहा है। इस समस्या की ओर संबद्ध अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराने के लिए अपने स्थानीय समाचार-पत्र के संपादक के नाभ पत्र लिखिए।
  20. हरियाणा ट्रेडर्स, चंडीगढ़ के मुख्य कार्यालय में एक टेलीफोन ऑपरेटर की आवश्यकता है। उम्मीदवार ने विज्ञान विषय के साथ-साथ सीनियर सेकेंडरी या समकक्ष परीक्षा अच्छे अंकों में उत्तीर्ण की हो तथा टेलीफोन ऑपरेटर का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया हो। इस विज्ञापन के संदर्भ में नियुक्ति हेतु आवेदन-पत्र प्रस्तुत कीजिए।
  21. आध्र बैंक, हैदराबाद, परिवीक्षाधीन अधिकारी पद हेतु आवेदन-पत्र आमंत्रित करता है। उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की बी.कॉम, या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो। अनुभवी उम्मीदकर को प्राथमिकता दी जाएगी। इस विज्ञापन के संदर्भ में आवेदन-पत्र प्रस्तुत कीजिए।
  22. सरकारी विद्यालयों में गिरते शिक्षा स्तर की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए दैनिक जागरण के संपादक को पत्र लिखिए।
  23. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली को कंप्यूटर का ज्ञान रखने वाले क्लकों की आवश्यकता है। अपनी योग्यताओं का विवरण देते हुए सचिव को पत्र लिखिए।
  24. देश में स्त्री जनसंख्या दर में गिरावट आती जा रही है; इसका प्रमुख कारण कन्या भ्रूण-हत्या है। कन्या भ्रूण-हत्या रोकने तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही करने का अनुरोध करते हुए स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली सरकार को पत्र लिखिए।
  25. अंग्रेजी और भूगोल विषय का कोर्स पूरा न होने का कारण बताते हुए अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए जिसमें इन विषयों की अतिरिक्त कक्षाएँ लगवाने की प्रार्थना की गई हो।
  26. अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए, जिसमें वृक्षारोपण सप्ताह आयोजित करने का आरोध किया गया हो।
  27. आपके विद्यालय-पत्रिका में बहुत सारी अशुद्धयाँ हैं। इस ओर ध्यान आकर्षित करते हुए प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए।
  28. मारुति उद्योग प्रा० लिमिटेड में कंप्यूटर ऑपरेटर पद के लिए आवेदन पत्र लिखिए।
  29. मानसून की पहली ही बारिश में आपके इलाके की सड़कें पानी में डूब गई, जिससे आवागमन में बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई। इस ओर ध्यान आकर्षित करते हुए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखिए।
  30. आपके घर पर लगा बिजली का मीटर तेज चलता है, जिससे आपको अधिक बिल देना पड़ रहा है। इसकी शिकायत करते हुए अपने जिले के विद्युत अभियंता को पत्र लिखिए।
  31. आपका टेलीफोन पिछले डेढ़ महीने से खराब पड़ा है। इसकी शिकायत करते हुए एम० टी०एन०एल० के प्रबंधक को पत्र लिखिए।
  32. आप अपने मुहल्ले के कुछ उत्साही युवको के साथ मिलकर पार्क की देखभाल की जिम्मेदारी उठाना चाहते हैं। बदहाल पड़े उद्यान की ओर ध्यान दिलाते हुए जिला उद्यान अधिकारी से इसकी अनुमति माँगते हुए पत्र लिखिए।
  33. दिल्ली से प्रकाशित होने वाले नवभारत टाइम्स दैनिक समाचारपत्र में संवाददाताओं की आवश्यकता है। अपनी योग्यताओं का विवरण देते हुए प्रधान संपादक को आवेदनपत्र लिखिए।
  34. शिक्षा निदेशालय दिल्ली में प्राथमिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। अपनी योग्यता का विवरण देते हुए शिक्षा निदेशक को प्रार्थना-पत्र लिखिए।
  35. सीमा सुरक्षा बल भर्ती कार्यालय झड़ौदा कैंप में कंप्यूटर ऑपरेटर के कुछ पद रिक्त हैं। अपना संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए भर्ती अधिकारी को पत्र लिखिए।
  36. अपने इलाके की सड़कों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए नगर-पालिका अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र लिखिए।
  37. आपने पंकज इलेक्ट्रॉनिक्स दरियागंज से 40 इंच का आधुनिक मॉडल का टी०वी० सेंट खरीदा। दो महीने बाद से ही उसकी आवाज और तस्वीर की गुणवत्ता में गिरावट आने लगी है। इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए टी०वी० संट बदलवाने का प्रबंधक से अनुरोध कीजिए।
  38. आपके मोहल्ले के पार्क में कुछ लोगों ने अवैध निर्माण कर अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे बच्चों को खेलने की जगह नहीं रह गई है। इस ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए थानाध्यक्ष को पत्र लिखिए।
  39. दिल्ली के अस्पतालों में डॉक्टर और मरीज के परिजनों में प्राय: मारपीट की घटनाएँ सामने आती रहती हैं। अस्पतालों में सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ाने के लिए चिकित्सा निदेशक को पत्र लिखिए।
  40. दूरदर्शन के निदेशक को पत्र लिखिए, जिसमें कार्यक्रमों की गिरती गुणवत्ता सुधारने एवं एन०सी०ई०आर०टी० के शैक्षिक कार्यक्रम दिखाने का अनुरोध किया गया हो।
  41. आजकल दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रमों में विज्ञापनों की भरमार हो गई है। ऐसा लगता है कि हम फिल्म या सीरियल न देखकर विज्ञापनों का कार्यक्रम देख रहे हैं। विज्ञापनों का समय सुनिश्चित करने के लिए प्रसारण अधिकारी को पन्न लिखिए।
  42. बस ड्राइवर और कंडक्टर के साहस की प्रशंसा करते हुए राज्य के परिवहन निदेशक को पत्र लिखिए, जिसमें उन्हें पुरस्कृत करने का अनुरोध किया गया हो।
  43. आजकल राजनीति में अपराधी तत्वों का प्रवेश बढ़ता जा रहा है, जिससे लोकतंत्र को खतरा उत्पन्न हो गया है। इस पर चिंता प्रकट करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त हो पत्र लिखिए।
  44. समाचार पत्र-पत्रिकाओं में बढ़ते अश्लील विज्ञापन की ओर ध्यान दिलाते हुए दैनिक जागरण के संपादक को पत्रलिखिए।
  45. कुछ निजी चैनलों पर प्रसारित कार्यक्रमों में हिंसा एवं अश्लीलता की भरमार होती है। किशोर मन पर इनका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इन चैनलों पर अंकुश लगाने के लिए दूरदर्शन के महानिदेशक को पत्र लिखिए।
  46. अपने क्षेत्र के परिवहन कार्यालय में भ्रष्टाचार एवं दलालों के दुव्र्यवहार की शिकायत करते हुए परिवहन मंत्री को पत्र लिखिए।
  47. सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को प्रदान की जा रही रसोई गैस सब्सिडी कुछ लोगों के खातों में नहीं पहुँच पा रही है। इस ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए हिंदुस्तान दैनिक के संपादक को पत्र लिखिए।
  48. महिलाओं में बढ़ती असुरक्षा की भावना और बढ़ती छेड़छाड़ की घटनाओं के प्रति चिंता प्रकट करते हुए अपने राज्य के कानून मंत्री को पत्र लिखिए।
  49. नगरों में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए किसी प्रमुख समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखिए।
  50. ‘आशा फार्माक्यूटिकल कंपनी’ को दवा विक्रय प्रतिनिधियों की आवश्यकता है। अपना संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए कंपनी के मार्केटिंग शाखा को आवेदन पत्र प्रस्तुत कीजिए।
  51. शैक्षिक सत्र आरंभ हो चुका है पर बाजार में एन०सी०ई०आर०टी० द्वारा प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों की घोर कमी है, जिसका अनुचित फायदा कुछ प्रकाशक उठा रहे हैं। इस ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए सन०सी०ई०आर०टी० के प्रकाशन विभाग को पत्र लिखिए जिसमें पुस्तकों की कमी दूर करने का अनुरोध किया गया हो।
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