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Rajasthan Board (RBSE) 12th class की अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2023 (Half Year Exam 2023) राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग के अनुसार 11 दिसम्बर 2023 से शुरू होने जा रही हैं |

12 वीं हिंदी अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2023 मॉडल पेपर

राजस्थान बोर्ड की कक्षा 12 के सभी विद्यार्थी हिंदी विषय की अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2023 के मॉडल पेपर की pdf file यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं | RBSE 12th class model paper राजस्थान बोर्ड के 12वीं Arts, Science & Commerce सभी classes के लिए important हैं | RBSE राजस्थान बोर्ड की कक्षा 12 की अर्द्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्न पत्र district level पर तैयार किये जाते हैं | यहाँ राजस्थान बोर्ड 12वीं हिंदी अर्द्धवार्षिक परीक्षा के पेपर दिये गए हैं |

important questions12 वीं हिंदी अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2023 के

राजस्थान के अलग-अलग जिलों से यहाँ दिए गए 12वीं हिंदी अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2023 के papers में सभी question 11 दिसम्बर 2023 से शुरू होने जा रही परीक्षा के लिए important हैं | यह सभी सम्भावित प्रश्न हैं, जो half yearly exam 2023 परीक्षा पेपर में आ सकते हैं |

कक्षा : 12 समय : 3.15 घण्टे

विषय : हिन्दी अनिवार्य पूर्णाक : 70

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

  1. सभी प्रश्नों को हल करना अनिवार्य हैं।
  2. जिन प्रश्नों के एक से अधिक भाग हैं, उन सभी भागो का उत्तर एक साथा लिखें, भिन्न-भिन्न दो स्थानों पर नहीं लिखें।
  3. सर्वप्रथम परीक्षार्थी प्रश्न – पत्र पर अपना नामांक अवश्य लिखें।
  4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर पुस्तिका में स्वच्छ लिखावट में लिखें।
  5. प्रत्येक प्रश्न के अंक प्रश्न के सामने अंकित है।

प्रश्न 1 से 5 वहुविकल्पात्मक प्रश्नों में सही विकल्प का चयन कीजिए।

  1. “छिन जल्दी-जल्दी दलता है” काव्यांश किस मुख्य कविता से लिया गया है।
    (अ) निशा निमन्त्रण
    (ब) आत्म परिचय
    (स) मधुशाला
    (द) मधुकलश
  2. दिशाओं को मृदंग की तरह वजाते हुए में कौनसा बिम्व है।
    (अ) स्पर्श विम्व
    (ब) दृश्य विम्ब
    (स) श्रव्य विम्ब
    (द) भाव बिम्ब
  3. बात की पेच खोलना से कवि का क्या तात्पर्य है।
    (अ) वात का उलझना
    (स) वात का स्पष्ट होना
    (व) वात का प्रभावहीन होना
    (द) वात का तर्कपूर्ण होना
  4. पहलवान की ढोलक मुख्य रूप से किसका वर्णन करती है।
    (अ) लुट्टन पहलवान की गरीबी का
    (स) लुट्टन की त्रासदी का
    (व) लुट्टन की जिजीविषा व हिम्मत का
    (द) लुट्टन की निराशा का
  5. चाली चंप्लिन की पहली फिल्म कौनसी है?
    (अ) मेकिंग ए लिविंग
    (ब) मॉडर्न टाइम्स
    (स) मेट्रो पोलिस
    (द) द रोवंथ सील

प्रश्न संख्या 6 से 10 तक रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :-

  1. “मेरा घर गंगा पर है” वाक्य में…………. शब्द शक्ति है।
  1. जिस शब्द शक्ति से व्यंग्यार्थ का वोध होता है उसे ………….शब्द शक्ति कहते हैं।
  1. जिस भाषा को वालक अपनी माँ तथा परिवार द्वारा सीखता है उसे …………..कहते हैं।
  2. दुनिया की सबसे हल्की और रंगीन चीज को………….. कहा गया है।
  3. हिन्दी को राजभाषा वनाने का निर्णय……………. को लिया गया।

निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर कीजिये :-

देश प्रेम है क्या ? प्रेम ही तो है। इस प्रेम का आलंवन क्या है? सारा देश अर्थात् मनुष्य, पशु, पक्षी, नाले, वन, पर्वत सहित सारी भूमि। यह प्रेम किस प्रकार का है? यह साहचर्यगत प्रेम है। जिनके बीच हम रहते हैं। जिन्हें वराबर आँखों से देखते हैं, जिनकी वाते बरावर सुनते रहते है, जिनका हर घड़ी का साथ रहता है। यदि किसी को अपने देश से सचमुच प्रेम है तो उेस अपने देश के मनुष्य, पशु, पक्षी, लता, पेड़, पत्ते, वन पर्वत, नदी आदि सवसे प्रेम होगा, वह सवको चाह भरी दृष्टि से देखेगा। वह सवकी सुध करके विदेश में आँसू वहाएगा। जो यह भी नहीं जानते कि कोयल किस चिड़िया का नाम है, जो यह भी नहीं देखते कि आम मंजरियों से कैसे लदे हुए हैं, किसानों के झोपड़ों के भीतर क्या हो रहा है? उनसे पूछना चाहिये कि भाइयों ! विना रूप – परिचय का यह प्रेम कैसा ?

  1. देश-प्रेम का आलंबन क्या है?
  2. साहचर्यगत प्रेम किसको कहते हैं?
  3. देश से सच्चा प्रेम करने वाला किससे पेम करता है?
  4. देशके पशु-पक्षी तथा वनरपति से अपरिचित व्यक्ति का देश प्रेम कैसा होता है?
  5. उपर्युक्त अपठित गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

नीड़ का निर्माण फिर-फिर, नेह का आहान फिर-फिर

वह उठी ऑधी कि नभ में, छा गया सहसा अंधेरा

धूल-धूसरित वादलों ने, भूमि को इस भांति घेरा

रात-सा दिन हो गया फिर, रात आई और काली

लग रहा था अव न होगा, इस निशा का फिर रावेरा

रात के उत्पात भय से, भीत जन-जनन, भीत कण-कण

किन्तु पाची से उपा की, मोहिनी मुस्कान फिर-फिर

नीड़ का निर्माण फिर-फिर

नेह का आह्वावन फिर-फिर।

  1. ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ में कौनसा अलंकार है?
  2. बार-वार घोसला वनाने की इच्छा से मनुष्य की किस भावना का पता चलता है?
  3. आकाश में छाई आँधी का क्या परिणाम कवि ने चित्रित किया है?
  4. प्रस्तुत पंक्तियों में कवि ने क्या संदेश दिया है?
  5. ‘कवि निराश और भयभीत है’ – यह भाव किन पंक्तियों में व्यक्त हुआ है?

निम्नप्रश्नों के उत्तर 20 से 25 शब्दों में दीजिये।

  1. यशोधर वाबु अपनी पत्नी व वच्चों से क्या चाहते थे?
  2. कहानी के शीर्षक ‘जूझ’ का क्या अर्थ है?
  3. सूर्योदय होने से ऊषा का कौनसा जादू टूट जाता है?
  4. सफिया के भाई ने नमक की पुड़िया ले जाने से क्यों मना कर दिया ?
  5. “कैमरे में बंद अपाहिज” करूणा के मुखौटे में छिपी फ्रूरता की कविता है स्पष्ट कीजिये। 3
  6. बाजार का जादू चढ़ने और उतरने पर मनुष्य पर क्या-क्या असर पड़ता है? 3
  7. जनसंचार के प्रमुख भाध्यम कौन-कौनसे है।?
  8. वसंत पाटिल से दोस्ती होने के बाद लेखक के व्यवहार में कौनसे परिवर्तन हुए ?
  9. हरिवंशराय बच्चन अथवा जैनेन्द्र कुमार का जीवन परिचय व प्रमुख कृतियाँ वताइये।
  10. “अतीत के दवे पाँव” के आधार पर कामगारों या कर्मचारियों के घरो को कैसे पहचाना गया था? 4
  11. सप्रसंग व्याख्या कीजिये। 5

“उहाँ राम लछिमनहि निहारी। बोले बचन मनुज अनुसारी।।

अर्ध राति गइ कपि नहिं आयउ। राम उठाइ अनुज उर लायऊ।।

सकहु न दुखित देखि मोहि काऊ। वधु सदा तव मृदुल सुभाऊ।।

मम हित लागि तजेहु पितु माता। सहेहु विपिन हिम आतप वाता।।

अथवा

जाने क्या रिश्ता है, जाने क्या नाता है,

जितना भी उड़ेलता हूँ, भर-भर फिर आता है,

दिल में क्या झरना है? मीठे पानी का सोता है,

भीतर वह, ऊपर तुम मुस्काता चाँद ज्यो धरती पर रात-भर

मुझ पर त्यों तुम्हारा ही खिलता वह चेहरा है।

  1. निम्नलिखित गद्यांवतरण की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।

पुराने की यह अधिकार-लिप्सा क्यों नहीं समय रहते सावधान हो जाती? जरा और मृत्यु ये दोनों ही जगत के अपरिचित और अतिप्रामाणिक सत्य है, तुलसीदास ने आफसोस के साथ इनकी सच्चाई पर मोहर लगाई थी।- “धरा को प्रमाण यही तुलसी जो फरा सो झरा, जो वरा सो वुताना।’ मैं शिरिष के फूलों को देखकर कहता हूँ कि क्यों नहीं फलते ही समझ लेते वावा कि झड़ना निश्चित है! सुनता कौन है?

अथवा

हम आज देश के लिए करते क्या है? मांगे हर क्षेत्र में वड़ी-वड़ी हैं पर त्याग का कही नाम-निशान नहीं है। अपना स्वार्थ आज एकमात्र लक्ष्य रह गया है। हम चटखारे लेकर भ्रष्टाचार की वात करते हैं, पर क्या कभी हमने जांचा है कि अपने स्तर पर अपने दायरे में हम उसी भ्रष्टाचार के अंग तो नहीं वन गए हैं? काले मेघा दल के दल उमड़ते हैं, पानी झमाझम वरसता है, पर गंगरी फूटी की फूटी रह जाती है वैल प्यासे के प्यासे रह जाते हैं। आखिर कव वदलेगी यह स्थिति?

  1. किसी एक विष्य में निवन्ध लिखिये।

(अ) जल और जीवन का आधार (द) जीवन में खेलों का महत्व – 21 वीं सदी की महामारी (द) अनुशासन का महत्व

  1. “मेरे विद्यालय का पुस्तकालय” पर फीचर लिखियें।

अथवा

सचिव, शिक्षा विभाग, राजस्थान, जयपुर की ओर से आयुक्त, स्वार्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को एक पत्र लिखिये जिसमें सरकारी विद्यालय के विद्यार्थियों की नियमित स्वासयि जांच का आग्रह हो।

  1. भक्तिन पाठ के आधार पर भक्तिन का चरित्र-चित्रण कीजिये।
2023-1

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