23. Speech Writing

भाषण, एक वक्ता द्वारा विशेष विषय/विषयों पर अपने विचार, भाव, कार्ययोजना आदि औपचारिक रूप से अपने श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत करना है।

Types of Speech (भाषण के प्रकार) 
भाषण अनेक प्रकार के हो सकते हैं, जैसे राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षिक, कार्यालयी, व्यावसायिक, आर्थिक, वैज्ञानिक आदि अर्थात् भाषण ज्ञान के जिस क्षेत्र का हो उसे उस प्रकार का माना जा सकता है।

Format of Speech (भाषण का प्रारूप)

1. Title
_________________


2. Formal address
 _________________
 
3. Introduction of the self with title______________


4. Expansion of the title (By facts) ______________
__________________________________________

(By statistics)
__________________________________________


(By comparison and contrast)
__________________________________________


(By quotes, idioms, allusions etc.)
__________________________________________

5. Conclusion
__________________________________________

6. Formal thanks Points to be included ( सम्मिलित करने योग्य बिन्द) 
1. प्रारूप का पालन करें। 
2. प्रभावी आरंभ, विस्तारीकरण तथा अन्त होना चाहिए। 
3. भाषण में, तथ्यों, आँकड़ों, तुलनात्मक विश्लेषणों, कथनों, मुहावरों, उदाहरणों आदि को सम्मिलित करें। 
4. श्रोताओं के अनुरूप भाषा का स्तर व शैली रखें। 
5. भाषण में हास्य व गंभीरता दोनों होनी चाहिए। 
6. भाषण स्पष्ट होना चाहिए।

Question 1. 
Write a speech on ‘Books are our true friends’ in about 150-200 words for the morning assembly.
Or Write a speech in about 150-200 words to be delivered in your school prayer assembly on ‘The Importance of Books’. 
Answer:

Books are our true friends 

Honourable Principal Sahib, respected teachers and dear schoolmates. I,Priya Meena of Class XII stand to speak on ‘Books are our true friends’. It is true that books are our true friends. Since the time immemorable, books have been imparting knowledge to humans. They have never misguided humanity. Lacs of books are bought everyday.

Billions of amount is expended for running the business of books. People have faith in them. In olden time there were limited books. In modern time there are unlimited books. In Europe more books are published than in Asia. Gandhiji said, “Books give us mental food.’We know that books are the treasure of knowledge, values, spirituality etc.

Thus, paper (book) is more faithful than the people. People may have vested interest but books don’t. Books always give new meanings and new beauties when they are re-read. They are always the same whether we are in adversity or prosperity. Cost for them is paid only once in life. They don’t expect or demand anything in return from us. 
Thank You.

पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र हैं 

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदय, आदरणीय अध्यापक महोदय तथा प्रिय विद्यालय-पाठियों। मैं, प्रिया मीणा, कक्षा XII आपके सामने Books are our true friends पर बोलने के लिए उपस्थित हूँ। यह सच है कि पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र हैं। अस्मरण समय से पुस्तकें, मानवों को ज्ञान प्रदान कर रही हैं।

उन्होंने मानवता को कभी गलत मार्ग नहीं दिखाया है। प्रतिदिन लाखों पुस्तकें खरीदी जाती हैं। पुस्तकों के व्यवसाय को चलाने के लिए अरबों रुपये खर्च किये जाते हैं। लोगों का इनमें विश्वास है। प्राचीन समय में सीमित पुस्तकें थीं। आधुनिक समय में असीमित पुस्तकें हैं । यूरोप में एशिया की अपेक्षा अधिक पुस्तकें छापी जाती हैं।

गाँधीजी ने कहा था, ‘पुस्तकें हमें मानसिक भोजन देती हैं। हम जानते हैं कि पुस्तकें ज्ञान, संस्कारों तथा आध्यात्म का खजाना हैं। इस प्रकार कागज (पुस्तक) लोगों से अधिक निष्ठावान है। लोगों के निहित स्वार्थ हो सकते हैं किन्तु पुस्तकों के नहीं होते हैं। जब पुस्तकों को पुनः-पुनः पढ़ा जाता है तो वे हर बार नया अर्थ तथा नया सौंदर्य देती हैं।

वे हमेशा एक जैसी रहती हैं चाहे हम बुरी दशा में हों या अच्छी। इनकी कीमत भी केवल एक बार ही चुकानी होती है। वे बदले में हमसे कुछ नहीं चाहती हैं। 
धन्यवाद।

Question 2. 
Write a speech on Harmful effects of Gutkha and tobacco Chewing in 150-200 words for the morning assembly.
Answer: 

Harmful effects of Gutkha and tobacco Chewing

Venerable Principal Sahib, revered teachers and endearing schoolmates. I, Kanta Meena, student of class XII, stand before you to deliver a speech of ‘Harmful effects of Gutkha and tobacco Chewing’. Gutkha eaters become addictive of it. Once, addiction is hardened, it is extremely difficult to give it up. 

There comes foul smell from the mouth of the Gutkha eater. Gutkha eaters will certainly suffer from mouth cancer a day. The chemical in Gutkha damages the mouth. It becomes difficult to eat spicy dishes. A gutkha eater may have ulcer. The severe chemical of Gutkha damages the stomach. Tabacco chewing may cause mouth cancer, ulcer etc. 

The mental faculties do not functions properly. The tabacco chewer may have loss of memory. Thus, both Gutkha eating and tabacco chewing are harmful. Both Gutkha eaters and toabcco chewing loose their social prestige. These add economic burden on them. These may cause quarrel in the family. They may lead to be addictive to other bad habits. They may cause untimely death.

गुटखा व तम्बाकू सेवन के बुरे प्रभाव

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदय, आदरणीय अध्यापक महोदय तथा प्रिय विद्यालय-साथियों। मैं, कान्ता मीणा, कक्षा XII, आपके सम्मुख ‘गुटखा व तम्बाकू सेवन के बुरे प्रभाव’ विषय पर एक भाषण देने के लिए उपस्थित हूँ। गुटखा खाने वाले इसके आदी हो जाते हैं। एक बार आदत पड़ जाये तो फिर इसे त्यागना अत्यधिक कठिन है। गुटखा खाने वाले के मुख से बदबू आती है। गुटखा खाने वाले एक दिन निश्चित ही मुँह के कैंसर से ग्रसित हो जाएंगे। गुटखे का रसायन मुख को नुकसान पहुँचाता है । मसालेदार व्यंजन खाना कठिन हो जाता है ।

एक गुटखा खाने वाले को अल्सर भी होता है। गुटखे का तेज रसायन, पेट को नुकसान पहुंचाता है। तम्बाकू का सेवन भी मुँह का कैंसर, अल्सर आदि कर सकता है। मानसिक तंत्र भी ठीक से कार्य नहीं करता है। तम्बाकू सेवनकर्ता की याददास्त कम हो जाती है। इस प्रकार, गुटखा खाना व तम्बाकू का सेवन करना हानिकारक है । गुटखा खाने वाले तथा तम्बाकू का सेवन करने वाले, दोनों ही अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा खो देते हैं । ये उन पर आर्थिक भार बढ़ा देते हैं । ये परिवार में झगड़ा उत्पन्न करवा देते हैं। ये अन्य बुरी आदतों की ओर ले जा सकते हैं । ये असामयिक मृत्यु की ओर ले जाते हैं।

Question 3. 
Write a speech on ‘Advantage of early rising’ in about 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Advantages of early rising

Honourable Principal madam, respected teachers and dear schoolmates. I, Chameli Sharma of class XII stand before you to speak on ‘Advantages of early rising’. As the saying is – Early to sleep, early to rise, makes a man healthy, wealthy, happy and wise. An early riser has all the advantages of the world. She or he is ahead of others. 

An early riser has larger waking hours than the sleepers. She or he can transact her of his day’s business peacefully. She or he has sufficient time to perform every activity. She or he does not feel angry. An early riser has time for Yoga and Pranayam. She or he remains physically and mentally fit. She or he has more time to earn money. 

So, she or he is wealthy. She or he works peacefully. So she or he is happy. She or he has time for thoughtfulness. So she or he is wise. Thus, an early riser has a good life. She or he is model for others. Her proximity makes the environment positive. Thank you.

प्रातः जल्दी उठने के लाभ

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदया, आदरणीय अध्यापक महोदय व प्रिय विद्यालय-साथियों। मैं, चमेली शर्मा, कक्षा XII आपके समक्ष ‘प्रातः जल्दी उठने के लाभ’ विषय पर बोलने के लिए उपस्थित हूँ। जैसाकि कहावत है-जल्दी सोना, जल्दी उठना, व्यक्ति को स्वस्थ, समृद्ध, प्रसन्न व विवेकशील बनाता है।

जल्दी उठने वाले के पास, सोने वालों की तुलना में जागने के घंटे अधिक होते हैं। वह अपने दैनिक कार्य शान्तिपूर्वक निपटा सकती/सकता है। उसके पास प्रत्येक कार्य के लिए पर्याप्त समय होता है। वह क्रोधित नहीं होती/होता है। जल्दी उठने वाले के पास योग व प्राणायाम के लिए समय होता है। वह शारीरिक व मानसिक रूप से तंदुरुस्त रहती/रहता है।

उसके पास धन कमाने का अधिक समय होता है। अतः वह समृद्ध होती/होता है । वह शान्तिपूर्वक कार्य करती/करता है। अतः वह प्रसन्न रहती/रहता है। उसके पास विचारशीलता के लिए समय होता है। अतः वह विवेकशील होती/होता है। इस प्रकार, जल्दी उठने वाले एक अच्छा जीवन जीते हैं । वह दूसरों के लिए एक आदर्श होते हैं। उनकी निकटता ही सकारात्मक वायुमण्डल बना देता है। 
धन्यवाद।

Question 4. 
Write a speech on the ‘Advantages of the habit of book reading’ in 150200 words for the morning assembly. 
Answer:

Advantages of the habit of book reading

Honourable Principal madam, venerable teachers and dear schoolmates. I, Shivani Kumari of class XII, stand to deliver a speech on ‘Advantages of the habit of book reading’. It is said that reading makes an exact man. There are a number of advantages of the habit of reading.

First, it infuses you with a lot of information. Second, it makes your mind full of data and facts. Third, it generates analytical power in you. Fourth, thoughts of various thinkers remain in your mind. Fifth, you can be benefited by the life experience of the authors of the books you read.

Sixth, your power of thought grows to a great extent. Seventh, you always have loyal and true friends (books) with you. Eighth, you don’t have problem of killing time or need of a guide. Ninth, you are saved from bad company.

Tenth, your knowledge will earn money for you. Thus, habit of book reading enlightens and widens the mind. It maks our life subtle. You’ll be able to save yourself from the errors of judgement. Thank you.

पुस्तक अध्ययन की आदत के लाभ

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदया, आदरणीय अध्यापक महोदय तथा स्नेही विद्यालय साथियों। मैं, शिवानी कुमारी, कक्षा XII, आपके समक्ष ‘पुस्तक अध्ययन की आदत के लाभ’ विषय पर भाषण देने के लिए खड़ी हूँ। यह कहा जाता है कि अध्ययन व्यक्ति को सटीक बनाता है। पुस्तक अध्ययन की आदत के अनेक लाभ हैं।

प्रथम, यह आपको अनेक सूचनाओं से परिपूर्ण कर देती है । द्वितीय, यह आपके दिमाग को आँकड़ों व तथ्यों से भर देती है। तृतीय, यह आप में विश्लेषणात्मक शक्ति उत्पन्न कर देती है। चतुर्थ, अनेक विचारकों के विचार आपके दिमाग में रहते हैं। पंचम, आप उन पुस्तकों के लेखकों के जीवन के अनुभवों से लाभान्वित हो सकते हैं जो पुस्तकें आप पढ़ते हैं ।

षष्ठम, आपकी विचार शक्ति काफी सीमा तक बढ़ जाती है। सप्तम, आपके पास हमेशा निष्ठावान व सच्चे मित्र (पुस्तकें) होते हैं अष्टम, आपको समय बिताने की समस्या या एक मार्गदर्शक की आवश्यकता नहीं होती है। नवम, आप बुरी संगति से बच जाते हैं । दशम, आपका ज्ञान आपके लिए पैसा कमायेगा। इस प्रकार, पुस्तक अध्ययन की आदत दिमाग को प्रकाशित व विस्तृत करती है। यह हमारे जीवन को उच्चता देती है। आप निर्णयन/समझ की गलतियों से बच जायेंगे।
धन्यवाद।

Question 5. 
Write a speech on the ‘Differences between meritorious and average students’ in 150-200 words for a speech competition.
Answer: 

Differences between meritorious and average students

Honourable panel of judges, revered teacher and dear audience. I, Asha Kumari, the student of class XII of Govt. Adarsh Sr. Sec. School, Khajalpura, Chaksu, Jaipur, stand before you to speak on the motion ‘Differences between meritorious and average students’. Some of the previous speakers have rightly stated that meritorious students do work differently.

Their handwriting is legible and attractive. Good handwriting plays an important part in making them meritorious. Average students don’t have good handwriting. ‘Consistency’ is another trait of the meritorious students. They are regular in attendance, in doing homwork, in revision of the topics taught daily at school and in self-check tests.

Average students are inconsistent in their approach. “Time management is yet another trait of the meritorious students. Their answers are analytical, comparative, and factual. Average students don’t answer thus. In ‘answer books’ they write neatly and tidily. They are hardworking, disciplined and determined.

मेधावी तथा औसत विद्यार्थियों में अन्तर

सम्माननीय निर्णायक महोदय, आदरणीय अध्यापक महोदय तथा प्रिय श्रोताओं। मैं, आशा कुमारी, राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, खाजलपुरा,चाकसू, जयपुर की कक्षा XII की छात्रा हूँ तथा आपके समक्ष ‘मेधावी तथा औसत विद्यार्थियों में अन्तर’ विषय पर बोलने के लिए खड़ी हूँ।

मेरे पूर्व की कुछ वक्ताओं ने सही कहा है कि मेधावी विद्यार्थी अपना कार्य भिन्नता से करते हैं। उनका हस्तलेख सुपाठ्य तथा आकर्षक होता है। अच्छा हस्तलेख उनको मेधावी बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। औसत विद्यार्थियों का हस्तलेख अच्छा नहीं होता है। ‘निरन्तरता’ मेधावी विद्यार्थियों का एक और लक्षण होता है ।

वे उपस्थिति, गृहकार्य, प्रतिदिन पढ़ाये गये टॉपिक्स के दोहरान तथा स्व-जाँच टेस्ट में नियमित रहते हैं। औसत विद्यार्थी इस दृष्टिकोण में अनिरन्तर होते हैं। ‘समय प्रबंधन’ मेधावी विद्यार्थियों का एक और लक्षण है। उनके उत्तर विश्लेषणात्मक, तुलनात्मक तथा तथ्यात्मक होते हैं । औसत विद्यार्थी इस प्रकार उत्तर नहीं देते हैं । उत्तर पुस्तिका में वे सफाई से तथा व्यवस्थित कार्य करते हैं। वे कठिन परिश्रमी, अनुशासित तथा संकल्पबद्ध होते हैं।

Question 6.
Write a speech on ‘School library : Students’ panacea’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

School library : Students’ panacea

Honourable Principal Sir, venerable teachers and endearing schoolmates. 1, Garime Gupta of class XII stand before you to speak on School library: Students’ panacea’. It is true that school library is a panacea for all the academic problems of the students.

They can get issued the texthooks for any of the subjects of their class. There won’t be economic burden on their family then. Students can get issued the reference books needed to prepare their subject topics. Their concepts will be clearer. They will have command over their topics.

Students can get issued the books of their interest such as biographies of the great men, motivational books, literary books, story books, children’s books etc. These will make them positive and enlighten them. In the reading room of the school library they can read newspapers in Hindi and English, monthly magazines, employment news journal, competitive books etc. These will keep them updated. Thus, school library is a panacea for all the academic hardships of the students.

विद्यालय पुस्तकालय : विद्यार्थियों के लिए रामबाण

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदय, आदरणीय अध्यापक महोदय तथा प्रिय विद्यालय साथियों। मैं, गरिमा गुप्ता, कक्षा XII आपके सम्मुख विद्यालय पुस्तकालय : विद्यार्थियों का रामबाण’ विषय पर बोलने के लिए खड़ी हूँ।यह सच है कि विद्यालय पुस्तकालय विद्यार्थियों की सभी शैक्षिक समस्याओं की रामबाण औषधि है।

वे अपनी कक्षा के विषयों में से किसी के लिए भी पाठ्यपुस्तक इश्यू करवा सकते हैं। उनके परिवार पर फिर आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। विद्यार्थी, संदर्भ पुस्तकें इश्य करवा सकते हैं ताकि अपने विषय के टॉपिक्स को तैयार कर सकें। उनकी अवधारणाएँ स्पष्ट हो जाएंगी। उनके टॉपिक्स पर उनकी पकड़ हो जाएगी।

विद्यार्थी अपनी रुचि की पुस्तकें इश्यू करवा सकते हैं जैसे कि महान व्यक्तियों की जीवनियाँ, प्रेरणादायी पुस्तकें, साहित्य पुस्तकें, कहानी पुस्तकें, बच्चों की पुस्तकें आदि। ये उनको सकारात्मक करेंगी तथा उनको ज्ञानी बनायेंगी। विद्यालय पुस्तकालय के वाचनालय कक्ष में वे समाचार पत्र हिन्दी व अंग्रेजी में, मासिक पत्रिकाएँ, रोजगार समाचार, जर्नल, प्रतियोगिता पुस्तकें आदि पढ़ सकते हैं। ये उनको अद्यतन रखेंगी। इस प्रकार विद्यालय पुस्तकालय विद्यार्थियों की सभी शैक्षिक समस्याओं के लिए एक रामबाण औषधि है।
न्यवाद।

Question 7. 
Write a speech on ‘Community services for students’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Community services for students

Honourable Principal madam, respected teachers and my dear schoolmates. I, Aditi Kumari of class XII stand before you to speak on-Community services for students’. Of Course, students are rendering their services to community. They can render the following services too to community.

On every Sunday a group of students should clean their locality. Nowadays, Clean India Mission scheme is going on. Students should contribute in cleaning India. Students should undertake plantation during monsoon season every year. It is one of the best services to community, nature, humans and all other beings. They should ensure their growth as trees.

Students can follow the slogan-Each one teach one. Every student can teach an illiterate. It will be a useful service to community, nation and humanity. Girl students can inform the women about the welfare schemes for them for their self-employment. Thus, many more community services can be undertaken.
Thank you.

विद्यार्थियों के लिए सामुदायिक सेवाएँ

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदया, आदरणीय अध्यापक महोदय और मेरे विद्यालय सहपाठियों। मैं, अदिति कुमारी, कक्षा XII, ‘विद्यार्थियों के लिए सामुदायिक सेवाएँ’ विषय पर बोलने के लिए आप लोगों के समक्ष उपस्थित हूँ। नि:संदेह, विद्यार्थी, समाज को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे समुदाय को निम्न सेवाएँ भी दे सकते हैं।

प्रत्येक रविवार को विद्यार्थियों के एक समूह को अपने क्षेत्र को साफ करना चाहिए। आजकल स्वच्छ भारत मिशन की योजना जारी है। विद्यार्थियों को भारत को स्वच्छ बनाने में योगदान देना चाहिए। मानसून के सीजन में विद्यार्थियों को प्रत्येक वर्ष पौधारोपण का कार्य हाथ में लेना चाहिए। यह समुदाय, प्रकृति, मानव तथा अन्य सभी जीवों के प्रति श्रेष्ठ सेवा है ।

उन्हें पौधों का वृक्ष के रूप में विकास सुनिश्चित करना चाहिए। विद्यार्थी इस नारे का अनुसरण कर सकते हैं—प्रत्येक एक को साक्षर करे। प्रत्येक विद्यार्थी एक निरक्षर को साक्षर करे। यह समुदाय, राष्ट्र व मानवता के लिए एक उपयोगी सेवा होगी। छात्रा विद्यार्थी महिलाओं को उनके कल्याण व स्वरोजगार की योजनाओं की जानकारी दे सकती है। इस प्रकार अनेक और सामुदायिक सेवाएँ हाथ में ली जा सकती हैं।
धन्यवाद।

Question 8. 
Write a speech on ‘Time management in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Time management

Honourable Principal Sir, respected teachers and dear schoolmates.I. Sanjana Kumari of class XII stand to speak on ‘Time management’. Every student and person has 24 hours. Some persons manage their time so efficiently that they achieve their goals easily.

Others mismanage their time so they achieve their aims either partially or not at all. A student should manage her or his time as given below. A student should not wake up after 5 a.m.In half an hour she or he should be free from natural calls etc. From 5.30 to 6.30 she or he should go for a morning walk or an RSS Shakha or a stadium for games and sports or a gymnasium for body building or physical fitness or yoga and pranayam.

From 6.30 to 7.30 she or he should take a bath, do pooja and get ready for school. From 8 to 2 p.m. she or he should stay at school. After returning home at 2.30 she or he should take rest upto 4 p.m. Then from 4 to 8 she or he should study. From 8 to 8.30 dinner should be taken. From 8.30 to 10.30 she or he should study. Then she or he should sleep.
Thank you.

समय प्रबंधन

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदय, आदरणीय अध्यापक महोदय व प्रिय विद्यालय साथियों। मैं, संजना कुमारी, कक्षा XII ‘समय प्रबंधन’ पर बोलने के लिए उपस्थित हूँ। प्रत्येक विद्यार्थी व व्यक्ति के पास 24 घण्टे ही हैं। कुछ व्यक्ति अपने समय का प्रबंधन इतनी कुशलता से करते है कि वे अपने उद्देश्यों को सरलता से प्राप्त कर लेते हैं।

अन्य अपने समय का कुप्रबंधन करते हैं तो वे अपने लक्ष्यों को या तो अधूरा प्राप्त करते हैं या बिल्कुल भी प्राप्त नहीं करते हैं। एक विद्यार्थी को प्रातः 5 बजे बाद नहीं उठना चाहिए। अगले आधे घण्टे में उसे नैसर्गिक क्रियाओं से निवृत्त हो जाना चाहिए। 5.30 से 6.30 तक उसे सैर पर जाना चाहिए या आरएसएस की शाखा में जाना चाहिए या खेल के लिए स्टेडियम जाना चाहिए या शरीर सौष्ठव व फिटनेस के लिए जिम जाना चाहिए या योग व प्राणायाम करने चाहिए। 6.30 से 7.30 तक उसे स्नान करना, पूजा करना तथा विद्यालय के लिए तैयार हो जाना चाहिए।

8 से 2 बजे तक उसे विद्यालय में रुकना होता है। 2.30 बजे घर वापिस आने पर 4 बजे तक उसे आराम करना चाहिए। फिर 4 से 8 बजे तक वह पढ़ाई करें। 8 से 8.30 तक सायंकालीन भोजन लिया जाना चाहिये। 8.30 से 10.30 तक उसे अध्ययन करना चाहिए। फिर उसे सोना चाहिए।
न्यवाद।

Question 9.
Write a speech on ‘Importance of morning assembly’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Importance of morning assembly

Honourable Principal madam, revered teachers and endearing schoolmates. I, Sangeeta Kumari of class XII stand to speak on ‘Importance of morning assembly’. As the saying is-well begin is half done. Morning assembly sets the tone of the school study. Musical prayer attracts the students. It makes the students pure at heart. Students learn to centralise their attention while praying to goddess of knowledge.

Centralised attention is useful for their study. Yoga and Pranayam session makes them learn how to be physically and mentally fit. This fitness helps them understand their subjects better. News reading session develops their expression power. The fear of speaking before a large gathering disappears, especially of girl students. G.K. session updates them from the happenings of the world.

They learn that carefulness lead to success and carelessness to mishaps. Speech session adds special knowledge of a field. The pros and cons of an issue are learnt. Thus, morning assembly is very much important.
Thank you.

प्रातःकालीन प्रार्थना सभा का महत्त्व

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदया, आदरणीय अध्यापक महोदय तथा स्नेहशील विद्यालय साथियों। मैं, संगीता कुमारी, कक्षा XII ‘प्रात:कालीन प्रार्थना सभा का महत्त्व’ विषय पर बोलने के लिए उपस्थित हूँ। जैसी कि कहावत है – अच्छी शुरुआत का अर्थ है आधा कार्य समाप्त । प्रात:कालीन प्रार्थना सभा, विद्यालय अध्ययन की दिशा निश्चित करती है।

संगीतमय प्रार्थना विद्यार्थियों को आकर्षित करती है। यह विद्यार्थियों के हृदय को पवित्र करती है। यह ज्ञान की देवी से प्रार्थना करते समय, ध्यान को केन्द्रित करना सिखाती है । केन्द्रित ध्यान, विद्यार्थियों के विद्याध्ययन के लिए उपयोगी है। योग व प्राणायाम सेशन/सत्र विद्यार्थियों को शारीरिक व मानसिक रूप से फिट कैसे रहें यह सिखाता है।

यह फिटनेस उन्हें अपने विषय को बेहतर समझने में सहायता करती है। समाचार वाचन सत्र उनकी अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करता है। एक बड़े श्रोता समूह के सामने बोलने का भय गायब हो जाता है, विशेषकर लड़कियों का। सामान्य ज्ञान सत्र उन्हें विश्व की घटनाओं से अद्यतन करता है ।

वे सीखते हैं कि ‘ध्यान’ सफलता की ओर ले जाता है तथा ‘लापरवाही’ दुर्घटनाओं की ओर।। भाषण सत्र, एक क्षेत्र का विशेष ज्ञान जोड़ता है। एक मुद्दे के पक्ष-विपक्ष का ज्ञान होता है। इस प्रकार, प्रातःकालीन प्रार्थना सभा बहुत महत्त्वपूर्ण है।
धन्यवाद।

Question 10. 
Write a speech on ‘Way of personality development in 150-200 words for a speech competition.
Answer:

Ways of personality development

Honourable judges, venerable teachers and dear audience. I, Indu Kumari of class XII of Govt. Adarsh Sr. Sec. School, Khajalpura, Chaksu, Jaipur, stand to deliver an eye-opening speech on ‘Way of personality development”. Some of the previous speakers have rightly pointed out that physical development is not the personality development.

Personality development is the sum total of physical, mental, moral, psychological, behavioural, scientific and spiritual qualities. Make your physique muscular by fitness exercises. Always have nutritive diet and never prefer taste. Read the great authors. It will enlighten your mind and widen your thinking. You’ll have store of facts, data, etc. You’ll have sharp analytical power.

You’ll be a wise person Have company of sages. They have pure and moral life. Their company will make you morally sound. Attend the programmes of “motivators’. They give clues to handle psychological pressures and adversity. Read scientific magazines, books etc.

to develop scientific temper. You won’t be orthodox then. Listen to the discourses of the seers to be spiritual. It will develop godly qualities in you. Thus, there are many ways of personality development. Thank you.

व्यक्तित्व विकास के तरीके

सम्माननीय निर्णायक महोदय, आदरणीय अध्यापक वृन्द तथा प्रिय श्रोतागण। मैं, इन्दु कुमारी, राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय खाजलपुरा, चाकसू, जयपुर की कक्षा XII की विद्यार्थी हूँ तथा आपके समक्ष व्यक्तित्व विकास के तरीके’ विषय पर एक आँखें खोल देने वाला भाषण देने आई हूँ।

कुछ पूर्व वक्ताओं ने सही कहा है कि शारीरिक विकास, व्यक्तित्व विकास नहीं है। व्यक्तित्व विकास शारीरिक, मानसिक, नैतिक, मनोवैज्ञानिक, व्यवहारात्मक, वैज्ञानिक तथा आध्यात्मिक गुणों का सम्मिश्रण है। स्वास्थ्य व्यायामों से अपने शरीर को मांसपेशीय बनाएँ । हमेशा पोषक आहार लें व स्वाद को प्रधानता न दें। महान लेखकों को पढ़ें।

इससे आपका ज्ञान बढ़ेगा तथा विचार विस्तृत होंगे । आपके पास तथ्यों, आँकड़ों आदि का संग्रह होगा। आपके पास तीव्र विश्लेषणात्मक शक्ति होगी। आप एक बुद्धिमान व्यक्ति होंगे। विवेकशील व्यक्तियों की संगति में रहें । वे पवित्र तथा नैतिक जीवन जीते हैं। उनकी संगति आपको नैतिक रूप से मजबूत बनायेगी।

प्रेरणा देने वालों के कार्यक्रमों में भाग लें। मनोवैज्ञानिक दबाव तथा विपरीत परिस्थितियों को सहने के तरीके वे बताते हैं। वैज्ञानिक मैगजीन पढ़ें, पुस्तकें पढ़ें ताकि वैज्ञानिक स्वभाव विकसित हो । आप रूढ़िवादी नहीं बनेंगे। संतों के प्रवचन आध्यात्मिक बनने के लिए सुनें। इससे आप में ईश्वरीय गुण विकसित होंगे। इस प्रकार व्यक्तित्व विकास के अनेक तरीके हैं। धन्यवाद।

Question 11. 
Write a speech on ‘Returns of sweet behaviour’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Returns of Sweet behaviour

Honourable Principal Sir, revered teachers and dear schoolmates. I, Priti Gupta of class XII stand to speak on Returns of sweet behaviour. Returns of sweet behaviour are very melodious. Sweet behaviour in family brings love for you. And that love motivates you to spread its range.

Sweet behaviour with schoolmates fetches likeness and friendship for you. So, it creates network of supporters for you. Sweet beaviour with teachers and elders earns blessings for you. And blessings keep you safe and happy.

Sweet behaviour with neighbours wins their sympathy and their sympathy will always extend a helping hand. Sweet behaviour with birds and animals will earn their faithfulness to you. They will support you in need. Sweet behaviour with nature will keep you happy. It will bring fragrance and greenary in your life. Thus, sweet behaviour has a lot of returns and sometimes unimaginable.
Thank you.

मधुर व्यवहार के प्रतिलाभ सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदय, आदरणीय अध्यापक महोदय व प्रिय स्कूल साथियों। मैं, प्रीति गुप्ता, कक्षा XII आपके समक्ष ‘मधुर व्यवहार के प्रतिलाभ’ विषय पर बोलने के लिए उपस्थित हूँ।

मधुर व्यवहार के प्रतिलाभ बड़े मधुर हैं। परिवार में मधुर व्यवहार आपको प्रेम देता है। और यह प्रेम आपको इसे और फैलाने को प्रेरित करता है। विद्यालय साथियों के साथ मधुर व्यवहार आपके लिए पसंदगी तथा मित्रता लाता है। अतः यह आपके लिए समर्थकों का एक नेटवर्क उत्पन्न करता है।

अध्यापकों व बड़ों के साथ मधुर व्यवहार आपके लिए आशीर्वाद कमाता है और आशीर्वाद आपको सुरक्षित व प्रसन्न रखते हैं। पड़ोसियों के साथ मधुर व्यवहार उनकी सहानुभूति जीतता है और उनकी सहानुभूति आपको हमेशा सहायता प्रदान करेगी। पक्षियों व जानवरों से मधुर व्यवहार उनकी निष्ठा आपके लिए कमायेगा ।

वे आवश्यकता में आपकी सहायता करेंगे। प्रकृति के साथ मधुर व्यवहार आपको प्रसन्न रखेगा। यह आपके जीवन में खुशबू तथा हरियाली लायेगा। अतः मधुर व्यवहार के प्रतिलाभ अनेक हैं तथा कभी-कभी तो अकल्पनीय होते हैं।
धन्यवाद।

Question 12. 
Write a speech on ‘Diet therapy’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Diet therapy

Honourable Principal madam, respected teachers and dear schoolmates. I, Anju Kumari of XII class stand before you to speak on ‘Diet therapy’. Science says that we should take balanced diet if we want to be healthy. Our diet should contain vitamins, proteins, carbohydrates, fibre, minerals, calcium etc.

Our meal should contain 15% protein-pulses, dry fruits, cereals etc., 30% fat-butter, oils etc., 45% complex carbohydrates-cereals, potatoes, lentils, beans etc., 10% simple carbohydrates-milk, fruit etc. Fruits and vegetables are preferred source of carbohydrates, fibre, vitamins, minerals etc.

Starch and grains provide carbohydrates, fibre, vitamin B and iron. Dairy products-Yoghurt, milk, cheese etc. are real mines of calcium, protein, vitamin A and B. Vegetable fats contain vitamin A and E. They provide energy. Herbs and spices are rich in minerals, multivitamins, medicinal properties etc. Thus, we should take balanced diet. This therapy will keep you healthy.
Thank you.

आहार चिकित्सा

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदया, आदरणीय अध्यापक महोदय व प्रिय विद्यालय साथियों। मैं, अन्जु कुमारी, कक्षा XII ‘आहार चिकित्सा’ विषय पर बोलने के लिए आपके समक्ष उपस्थित हूँ। विज्ञान कहता है कि हमें सन्तुलित आहार लेना चाहिए यदि हम स्वस्थ रहना चाहते हैं।

हमारे आहार में विटामिन्स, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर, खनिज, कैल्शियम आदि। हमारे भोजन में 15% प्रोटीन दालें, शुष्क फल, खाद्यान्न आदि, 30% वसा-दूध, घी, तेल आदि, 45% जटिल कार्बोहाइड्रेट्स-खाद्यान्न, आलू, मसूर दाल, फलियाँ आदि, 10% साधारण कार्बोहाइड्रेट्स दूध, फल आदि होनी चाहिए।

फल व सब्जियाँ कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर, विटामिन्स, खनिज आदि के प्रधान स्रोत हैं। स्टार्च व खाद्यान्न, कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर विटामिन-बी तथा लौह तत्व देते हैं। डेयरी उत्पाद-दही, दूध, पनीर आदि कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन ए तथा बी के वास्तविक स्रोत हैं। सब्जी वसा में विटामिन ए तथा ई होता है ।

वे ऊर्जा देती हैं। जड़ी-बूटियाँ तथा मसाले, खनिज, अनेक विटामिन्स, औषधीय गुणों में समृद्ध हैं। इस प्रकार हमें सन्तुलित आहार लेना चाहिए। यह चिकित्सा आपको स्वस्थ रखेगी।
धन्यवाद।

Question 13. 
Write a speech on the ‘Advantages of positive outlook’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Advantages of positive outlook

Honourable Principal sir, venerable teachers and endearing schoolmates. I, Sunidhi Kumari of class XII stand before you to deliver a speech on ‘Advantages of positive outlook’. There are a number of advantages of positivie outlook.

Let’s discuss them one by one. First, it keeps you peaceful and peacefulness keeps you healthy and happy externally and internally. Second, it wins supporters. When you guide others positively, they will be your supporters. They will be willing to help you in need. Third, it will undertake the task which will be in favour of everyone. Thus sustainable development will be possible.

Fourth, it ensures obeisance of rules, regulation and laws in right perspectives. The problem of law and order doesn’t arise. Fifth, it grows love, friendship, brotherhood etc. It will thus grow emotional unity. Sixth, it will grow the feeling of service to humanity. It is said that “Nar Seva is Narayan Seva’. Thus, advantages of positive outlook are multiple.
Thank you.

सकारात्मक दृष्टिकोण के लाभ

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदय, आदरणीय अध्यापक महोदय व प्रिय विद्यालय साथियों। मैं, सुनिधि कुमारी, कक्षा XII ‘सकारात्मक दृष्टिकोण के लाभ’ विषय पर भाषण देने के लिए आपके समक्ष उपस्थित हूँ। सकारात्मक दृष्टिकोण के अनेक लाभ हैं। आइए एक-एक कर इनका विवेचन करते हैं।

प्रथम, यह आपको शान्त रखता है और शान्ति आपको बाहय व आन्तरिक रूप से स्वस्थ तथा प्रसन्न रखती है। द्वितीय, यह समर्थक पैदा करता है। जब आप दूसरे को सकारात्मकता से मार्गदर्शन देते हैं तो वे आपके समर्थक बन जायेंगे। वे आवश्यकता होने पर आपकी सहायता करने के इच्छुक होंगे।

तृतीय, यह ऐसे कार्य हाथ में लेता है जो प्रत्येक के पक्ष में होता है। अतः समन्वयक विकास संभव होगा। चतुर्थ, यह नियमों, नियामकों तथा कानूनों की सही परिप्रेक्ष्य में अनुपालना सुनिश्चित करता है। अतः कानून व व्यवस्था की समस्या पैदा ही नहीं होती है। पंचम, यह प्रेम, मित्रता, भाईचारा आदि बढ़ाता है। अतः यह भावात्मक एकता बढ़ायेगा। षष्ठम, यह मानवता की सेवा का भाव बढ़ायेगा। यह कहा जाता है कि ‘नर सेवा, नारायण सेवा।’ इस प्रकार, सकारात्मक दृष्टिकोण के अनेक लाभ हैं। धन्यवाद।

Question 14. 
Write a speech on ‘How a student can help her or his family’ in 150200 words for the morning assembly. 
Answer:

How a student can help her or his family

Honourable Principal madam, respected teachers and dear schoolmates. I, Pooja Kumari of class XII, stand before you to speak on ‘How a student can help her or his family’. A student can help her or his family in a number of ways.

First, the student should sincerely study. She or he should come true to the expectation of the family in her or his study. Second, she or he should extend a helping hand in the professional or household work of the family. She or he should not make excuses to avoid the work of the family: Third, she or he can do a job during summer break and earn some money for her or his use. Then, there will be less economic burden on the family. Fourth, she or he can use a public library.

Then, there won’t be need to buy reference books. Fifth, she or he can join a part time job if the family is poor. Sixth, students of higher classes can teach the students of lower classes in the family. She or he can teach the illiterate in the family. Thus, these are the ways of helping family.
Thank you.

एक विद्यार्थी अपनी और अपने परिवार की सहायता कैसे कर सकता है?

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदया, आदरणीय अध्यापक महोदय व प्रिय स्कूल साथियों। मैं, पूजा कुमारी, कक्षा XII, ‘एक विद्यार्थी अपने परिवार की सहायता कैसे कर सकता है’ विषय पर बोलने के लिए उपस्थित हूँ। एक विद्यार्थी अपनी या अपने परिवार की कई तरीकों से सहायता कर सकता है। प्रथम, विद्यार्थी को ईमानदारी से पढ़ाई करनी चाहिए।

उसे अपनी पढ़ाई के संदर्भ में अपने परिवार की आशाओं पर खरा उतरना चाहिए। द्वितीय, उसे अपने परिवार के व्यावसायिक व घरेलू कार्यों में सहायता देनी चाहिए। उसे घर के कार्य करने से बचने के लिए बहाने नहीं बनाने चाहिए। तृतीय, वह ग्रीष्मावकाश में कुछ नौकरी कर सकती/सकता है ताकि अपने लिए कुछ पैसा कमाया जा सके।

तो परिवार पर कम आर्थिक भार पड़ेगा। चतुर्थ, सार्वजनिक पुस्तकालय का प्रयोग कर सकती/सकता है। तो फिर संदर्भ पुस्तकें खरीदने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी। पंचम, यदि परिवार गरीब है तो वह पार्ट टाइम नौकरी कर सकती/सकता है। षष्ठ, एक परिवार में उच्च कक्षाओं के विद्यार्थी निम्न कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ा सकते हैं । वह अपने परिवार के निरक्षरों को भी पढ़ा सकते हैं। इस प्रकार, परिवार की सहायता के ये तरीके हैं।
आपको धन्यवाद।

Question 15. 
Write a speech on ‘Psychological impacts of fairs and festivals’in 150200 words for a speech competition.
Answer: 

Psychological impacts of fairs and festivals

Honourable judges, respected teachers and dear audience. I, Shiv Kumar of class XII of Govt Adarsh Sr. Sec. School, Rojadi, Dudu, Jaipur, stand to speak on “Psychological impacts of fairs and festivals’. We take birth in a culture. Fairs and festivals are parts and parcels of that culture.

These have psychological impacts on us. The impacts are as below. First, they provide the required change from the routine life which become dull and dry owing to long continuity. Second, they help forget enmity and forge friendship even with enemies. They make our psychology positive.

Third, they provide opportunities to different communities to come together and celebrate together that grows love and brotherhood among them. Fourth, they grow the business transactions. People buy different articles. Labourers and others get employment. Thus fairs and festivals leave positive impacts on our psychology.
Thank

मेले एवं त्यौहारों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव

सम्माननीय निर्णायक महोदय, आदरणीय अध्यापक महोदय तथा प्रिय श्रोतागण। मैं, शिवकुमार, राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, रोजड़ी, दूदू, जयपुर की कक्षा XII विद्यार्थी हूँ तथा ‘मेले व त्यौहारों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव’ विषय पर बोलने के लिए आपके समक्ष उपस्थित हूँ। हम एक संस्कृति में जन्म लेते हैं।

मेले व त्यौहार इस संस्कृति के अभिन्न अंग होते हैं । इनका हम पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है। प्रभाव निम्न तरह होते हैं। प्रथम, ये नित्यप्रति के जीवन से कुछ अलग माहौल देते हैं, लम्बी निरन्तरता के कारण जीवन नीरस व शुष्क बन जाता है। द्वितीय, ये शत्रुता को भुलवा देते हैं तथा शत्रुओं से भी मित्रता करवा देते हैं ।

ये हमारे मन को सकारात्मक कर देते तृतीय, ये विभिन्न समुदायों को साथ आने का इन्हें एक साथ मनाने का अवसर.देते हैं जिससे उनके बीच प्रेम व भाईचारा बढ़ता है। चतुर्थ, ये व्यावसायिक गतिविधियाँ बढ़ाते हैं । लोग विभिन्न चीजें खरीदते हैं। श्रमिक तथा अन्य लोगों को रोजगार मिलता है। इस प्रकार मेले व त्यौहार हमारे मन पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं। आपको धन्यवाद।

Question 16. 
Write a speech on ‘Educative dimensions of tourism’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Educative dimensions of tourism

Honourable Principal Sir, respected teachers and dear schoolmates. I, Madhu Kumari of class XII stand before you to deliver a speech on ‘Educative dimensions of tourism’. First, tourism imparts the education about the history of that place or monument of building and so on.

Second, tourism makes us learn human behaviour patterns. We meet a number of people. Their behaviour patterns are different. We learn that how a human behaves in a particular situation. Third, tourism makes us learn about the architecture of that building or that place. Fourth, tourism makes us learn linguistic skills.

We meet foreigners. We learn spoken skills. Fifth, tourism makes us learn to be friendly with natue. We realise the importance of nature.Sixth, tourism makes us learn how to make arrangements for a journey and how to live together. Thus, tourism has a number of educative dimensions.
Thank you.

पर्यटन के शैक्षिक आयाम

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदय, आदरणीय अध्यापक महोदय एवं प्रिय विद्यालय साथियों। मैं, मधु कुमारी, कक्षा XII ‘पर्यटन के शैक्षिक आयाम’ विषय पर एक भाषण देने के लिए आपके समक्ष उपस्थितप्रथम, पर्यटन उस स्थान या स्मारक या भवन आदि के इतिहास की शिक्षा देता है। द्वितीय, पर्यटन हमें मानव के व्यवहार करने के पैटर्न सिखाता है।

हम अनेक लोगों से मिलते हैं। उनके व्यवहार करने के तरीके अलग-अलग होते हैं। हम यह सीखते हैं कि एक विशेष परिस्थिति में मानव कैसा व्यवहार करता तृतीय, पर्यटन हमें उस भवन या स्थान के वास्तु विज्ञान से अवगत कराता है। चतुर्थ, पर्यटन भाषा कौशल सिखाता है। हम विदेशियों से मिलते हैं।

हम अभिव्यक्ति के कौशल सीखते हैं। पंचम, पर्यटन हमें प्रकृति से मित्रवत रहना सिखाते हैं। हमें प्रकृति की महत्ता समझ आती है। षष्ठ, पर्यटन हमें यह सिखाता है कि एक यात्रा के लिए कैसे प्रबंध किया जाए तथा एक साथ कैसे रहें। इस प्रकार, पर्यटन के अनेक शैक्षिक आयाम हैं।
धन्यवाद।

Question 17. 
Write a speech on ‘Advantages of scientific temper’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Advantages of scientific temper

Honourable Principal madam, venerable teachers and dear schoolmates. I, Mani Jain of class XII stand to speak on ‘Advantages of scientific temper’. Scientific temper is a way of life which uses scientific methods which include questioning, observing, physical reality, testing, analysing etc. It has a number of following advantages. First, it frees us from superstitions.

There are a lot of unscientific notions in the society. The illiterate religious people generate them for their importance and gains. Only the scientific temper exposes them. Second, a person with scientific temper weighs a custom or a notion on the scale of analysis.

Analysis brings the true nature before us. Third, it leads to the creation and progress. Interplanetary rockets are the outcome of scientific temper. Fourth, scientific temper leads to inventions and discoveries. Satellites have changed our world of communication. Fifth, scientific temper has created new jobs. Internet is one such field. Thus, scientific temper has plenty of advantages.
Thank you.

वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लाभ

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदया, आदरणीय अध्यापक महोदय एवं प्रिय विद्यालय साथियों। मैं, मणि जैन, कक्षा XII वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लाभ’ विषय पर बोलने के लिए उपस्थित हूँ। वैज्ञानिक दृष्टिकोण जीवन का एक तरीका है जो वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग करता है जिसमें प्रश्न करना, पर्यवेक्षण करना, वास्तविकता, परीक्षण, विश्लेषण आदि सम्मिलित हैं। इसके निम्न अनेक लाभ हैं। प्रथम, यह हमें अंधविश्वास से मुक्त कर देता है। समाज में अनेक अवैज्ञानिक विचार हैं ।

निरक्षर धार्मिक लोग अपनी महत्ता तथा प्राप्ति के लिए इनको जड़ लेते हैं। केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही इनकी कलई खोलता है। द्वितीय, एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाला व्यक्ति एक परम्परा या विचार को विश्लेषण की तराजू पर तोलता है। विश्लेषण उसकी सही प्रकृति हमारे सामने ला देता है।

तृतीय, यह सूजन तथा प्रगति की ओर ले जाता है। अन्तरग्रह रॉकेट वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिणाम हैं। चतुर्थ, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आविष्कार तथा खोज होते हैं । उपग्रह ने संचार के हमारे संसार को बदल दिया पंचम, वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने नये रोजगार सृजित किये हैं। इंटरनेट ऐसा ही एक माध्यम है। इस प्रकार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनेक लाभ हैं।
धन्यवाद।

Question 18. 
Write a speech on ‘Benefits of honest and moral life’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Benefits of honest and moral life

Honourable Principal madam, respected teachers and dear schoolmates. I, Divya Kumari of class XII stand to speak on ‘Benefits of honest and moral life’. It is said that honesty is the best policy. Life of honesty makes your good image in the society.

People will undoubtedly respect you. Then, God always have blessings on honest people. They do not have unbearable pain in their life. Every person has faith in him or her. Everybody likes to have relation with honest person. Honest life keeps us peaceful at heart and soul.

Honest people work for the welfare of others. Thus honest life is always the best life. It is said that if character is lost, everything is lost. Character is the important part of moral life. In moral life we maintain purity of thought, speech and action. We should not loose our character.

We have piety. We observe equality. People like and love persons who have moral life. Society treats them as role model. They are worshipped. Their blessings are sought. People become their followers. Thus, honest and moral life has a number of benefits.
Thank you.

ईमानदार व नैतिक जीवन के लाभ

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदया, आदरणीय अध्यापक महोदय एवं प्रिय विद्यालय साथियों। मैं, दिव्या कुमारी, कक्षा XII ईमानदार व नैतिक जीवन के लाभ’ विषय पर बोलने के लिए आपके समक्ष उपस्थित हूँ। यह कहा जाता है कि ईमानदारी सबसे बड़ी नीति है। ईमानदारी का जीवन, समाज में आपकी अच्छी छवि बनाता है।

लोग नि:संदेह आपका सम्मान करेंगे। फिर, ईमानदार लोगों पर ईश्वर का आशीर्वाद रहता है। उनके जीवन में असहनीय पीड़ा नहीं आती है। प्रत्येक व्यक्ति का उसमें विश्वास होता है । प्रत्येक व्यक्ति ईमानदार व्यक्ति से संबंध रखना चाहता है। ईमानदार जीवन हमें हृदय व आत्मा से शान्त रखता है। ईमानदर व्यक्ति दूसरों के कल्याण के कार्य करते हैं ।

अतः ईमानदार जीवन हमेशा एक श्रेष्ठ जीवन होता है। यह कहा जाता है कि यदि चरित्र खो दिया तो सब कुछ खो दिया। चरित्र, नैतिक जीवन का महत्त्वपूर्ण भाग है। नैतिक जीवन में हम विचार, वाणी तथा कार्य की पवित्रता रखते हैं। हमें अपना चरित्र नहीं खोना चाहिए। हम पवित्रता रखते हैं । हम समानता रखते हैं। लोग उन व्यक्तियों को पसंद व प्यार करते हैं जो नैतिक जीवन रखते हैं। समाज उन्हें रोल मॉडल मानता है। उनकी पूजा की जाती है। उनका आशीर्वाद लिया जाता है। लोग उनके अनुयायी बन जाते हैं। इस प्रकार ईमानदार व नैतिक जीवन के अनेक लाभ हैं।
आपको धन्यवाद।

Question 19. 
Write a speech on ‘Advantages of regular study at home’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Advantages of regular study at home

Honourable Principal Sir, respected teachers and dear schoolmates. I, Namita Kumari of class XII stand to speak on “Advantages of regular study at home’. There are a number of advantages of regular study at home. First, it makes you consistent. A consistent person can achieve any target.

By continuity, one can achieve the target easily. Second, the student has sufficient time to make notes which will help in quick revision. Actually, quick revisions near exams help a lot in obtaining outstanding marks. Third, the student can take self check tests and know her or his level of knowledge in that topic.

Fourth, the student can help her or his homework complete. Teachers like such students. Fifth, the student has more and accurate knowledge. They grow the social prestige of the family, school and area. Sixth, they have enough time for two of three through revisions. Every subject matter remains crystal clear in their mind. Thus regular study at home has a lot of advantages. Thank you.

घर पर नियमित अध्ययन के लाभ

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदय, आदरणीय अध्यापक महोदय एवं प्रिय विद्यालय साथियों। मैं, नमिता कुमारी, कक्षा XII, ‘घर पर नियमित अध्ययन के लाभ’ विषय पर बोलने के लिए उपस्थित हूँ। घर पर नियमित अध्ययन के अनेक लाभ हैं । प्रथम, यह आपको निरन्तर करता है । एक निरन्तर व्यक्ति अपने उद्देश्य प्राप्त कर लेता है।

निरन्तरता से एक व्यक्ति सरलता से उद्देश्य प्राप्त कर लेता है। द्वितीय, विद्यार्थी के पास नोट्स बनाने का पर्याप्त समय होता है जो शीघ्र दोहरान में लाभदायक होते हैं । वास्तव में, परीक्षा के नजदीक शीघ्र दोहरान असाधारण अंक दिलाने में काफी सहायता करते हैं । विद्यार्थी स्व-जाँच परीक्षा ले सकता है तथा एक टॉपिक में अपने ज्ञान के स्तर की जाँच कर सकता है ।

चतुर्थ, विद्यार्थी अपना गृहकार्य पूरा रख सकती/सकता है । अध्यापक ऐसे विद्यार्थियों को पसन्द करते हैं । पंचम, विद्यार्थी को अधिक व सटीक ज्ञान हो जाता है। वे, परिवार, विद्यालय व क्षेत्र की सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं । षष्ठ, उनके पास दो या तीन सम्पूर्ण दोहरान करने का समय होता है। प्रत्येक विषय-वस्तु उनके दिमाग में एकदम स्पष्ट होती है। इस प्रकार, घर पर नियमित अध्ययन के अनेक लाभ हैं।
धन्यवाद।

Question 20. 
Write a speech on ‘Importance of economy in life’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Importance of economy in life

Honourable Principal Sir, respected teachers and dear schoolmates. I, Minakshi Kumari of calss XII stand to speak on ‘Importance of economy in life’. Economy is very important in life. First, it does not let the things go waste. So it stops wastage.

Second, it helps in maintaining the natural resources which are very much important for us as they are limited. It does not let us spoil them. Third, it saves money. When we use a thing for a long time, there won’t be need to spend money to buy it.

Thus we can swell our bank balance. Fourth, it helps indirectly in keeping the earth clean. When we waste things, we throw them here and there. Thus we make the earth and the environment unclean. Fifth, it helps in saving the resources for the future generations.

Sixth, it helps to send the additional things for the needy. Thus it is good for humanity. Seventh, an economic person is liked and loved by all. People quote her or his example before others. Thus economy is very important in life.
Thank you.

जीवन में मितव्ययता का महत्त्व

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदय, आदरणीय अध्यापक महोदय एवं प्रिय विद्यालय साथियों। मितव्ययता जीवन में बहुत महत्त्वपूर्ण है। प्रथम, यह वस्तुओं को बर्बाद नहीं होने देती है। अतः यह बर्बादी रोकती है। द्वितीय, यह प्राकृतिक संसाधनों को बनाए रखने में बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि वे सीमित मात्रा में हैं।

यह हमें उनको बर्बाद नहीं करने देती है। तृतीय, यह पैसे बचाती है। जब हम किसी वस्तु को लम्बे समय तक प्रयोग करते हैं तो इसे खरीदने पर पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती है। इस प्रकार हम अपना बैंक बैलेंस बढ़ा सकते हैं। चतुर्थ, यह अप्रत्यक्ष रूप से पृथ्वी को स्वच्छ रखने में सहायता करती है।

जब हम चीजों को बर्बाद करते हैं तो इधर-उधर फेंक देते हैं। इस प्रकार हम पृथ्वी तथा पर्यावरण को गन्दा कर देते हैं । पंचम, यह भावी पीढ़ियों के लिए संसाधन बचाये रखने में सहायता करती है। षष्ठ, यह अतिरिक्त चीजों को जरुरतमंदों तक पहुँचाने में सहायता करती है। इस प्रकार, यह मानवता के लिए अच्छी है। सप्तम, एक मितव्ययी व्यक्ति सभी द्वारा पंसद व प्यार किया जाता है। लोग दूसरों के समक्ष उनका उदाहरण देते हैं। इस प्रकार मितव्ययता जीवन में बहुत महत्त्वपूर्ण है।
आपको धन्यवाद।

Question 21. 
Write a speech on ‘Patriotism’ in 150-200 words for the morning assembly. 
Answer:

Patriotism

Honourable Principal madam, respected teachers and dear schoolmates. I, Apoorva Singh of class XII stand before you to deliver a speech on ‘Patriotism’. Men love their own country. They do many things for the good of the country. This feeling for their country is called patriotism.

Maharana Pratap, Chhatrapati Shivaji, Veer Savarkar, Mahatma Gandhi, Asfakulla Khan and so many others come to our mind. They observed patriotism. In the present age, Dr. Kalam devoted his whole life to the country. He ramained unmarried but the son of Bharat Mata.

Prime Minister Narendra Modi had been a Pracharak of Rashtriya Swamsevak Sangh (RSS) and now he is serving the nation. Baba Ramdeo has devoted his life to yoga and nation. ISRO has been serving the nation. It has given India pride moments. Indian cricket team has given pride moments to the nation. We should work for the nation. We should not be like of some misguided youths in Kashmir. We can die for our country. Thus patriotism is the best feeling.
Thank you.

राष्ट्रभक्ति

सम्माननीय प्रधानाचार्य महोदया, आदरणीय अध्यापक महोदय एवं प्रिय विद्यालय साथियों। मैं, अपूर्वा सिंह, कक्षा XII ‘राष्ट्रभक्ति’ विषय पर भाषण देने के लिए आपके सम्मुख उपस्थित हूँ। मानव अपने देश को प्यार करते हैं । वे अपने देश के अच्छे के लिए अनेक काम करते हैं। अपने देश के लिए यह भावना राष्ट्रभक्ति कहलाती है।

महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, वीर सावरकर, महात्मा गाँधी, अशफाक उल्ला खाँ तथा अनेक अन्य हमारे दिमाग में आते हैं। उन्होंने राष्ट्रभक्ति का पालन किया। वर्तमान युग में डॉ. कलाम ने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित किया। आप अविवाहित रहे किन्तु भारत माँ के सपूत रहे ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक रहे व अब राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं । बाबा रामदेव ने अपना जीवन योग व राष्ट्र को समर्पित किया है। ISRO राष्ट्र की सेवा कर रही है । इसने भारत को गर्व करने लायक क्षण दिये हैं। भारतीय क्रिकेट टीम ने भी राष्ट्र को गर्व करने लायक क्षण दिये हैं। हमें राष्ट्र के लिए कार्य करना चाहिए। हमें कश्मीर के कुछ भटके हुए युवाओं के जैसे नहीं होना चाहिए।
हम अपने राष्ट्र के लिए मर सकते हैं।
अतः राष्ट्रभक्ति सर्वोत्तम भाव है।
आपको धन्यवाद।

23. Speech Writing