Chapter 15 प्रहेलिकाः Hindi Translation
Chapter 15 प्रहेलिकाः पाठ-परिचय – पहेलियाँ मनोरञ्जन की प्राचीन विधा है। ये प्रायः विश्व की सारी भाषाओं में उपलब्ध हैं। संस्कृत के कवियों ने इस परम्परा को अत्यन्त समृद्ध किया है। पहेलियाँ जहाँ हमें आनन्द देती हैं, वहीं समझ-बूझ की हमारी मानसिक व बौद्धिक प्रक्रिया को तीव्रतर बनाती हैं। इस पाठ में संस्कृत प्रहेलिका (पहेली) बूझने […]
Chapter 14 आर्यभटः Hindi Translation
Chapter 14 आर्यभटः पाठ-परिचय – भारतवर्ष की अमूल्य निधि है ज्ञान-विज्ञान की सुदीर्घ परम्परा। इस परम्परा को सम्पोषित किया प्रबुद्ध मनीषियों ने। इन्हीं मनीषियों में अग्रगण्य थे आर्यभट। दशमलव पद्धति आदि के प्रारम्भिक प्रयोक्ता आर्यभट ने गणित को नयी दिशा दी। इन्हें एवं इनके प्रवर्तित सिद्धान्तों को तत्कालीन रूढ़िवादियों का विरोध झेलना पड़ा। वस्तुतः गणित को […]
Chapter 13 क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः Hindi Translation
Chapter 13 क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ्यांश डॉ. कृष्णचन्द्र त्रिपाठी द्वारा रचित है, जिसमें भारत के गौरव का गुणगान है। इसमें देश की खाद्यान्न सम्पन्नता, कलानुराग, प्राविधिक प्रवीणता, वन एवं सामरिक शक्ति की महनीयता को दर्शाया गया है। प्राचीन परम्परा, संस्कृति, आधुनिक मिसाइल क्षमता एवं परमाणु शक्ति सम्पन्नता के गीत द्वारा कवि ने […]
Chapter 12 कः रक्षति कः रक्षितः Hindi Translation
Chapter 12 कः रक्षति कः रक्षितः पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ स्वच्छता तथा पर्यावरण सुधार को ध्यान में रखकर सरल संस्कृत में लिखा गया एक संवादात्मक पाठ है। हम अपने आस-पास के वातावरण को किस प्रकार स्वच्छ रखें तथा यह भी ध्यान रखें कि नदियों को प्रदूषित न करें, वृक्षों को न काटें, अपितु अधिकाधिक वृक्षारोपण करें […]
Chapter 11 सावित्री बाई फुले Hindi Translation
Chapter 11 सावित्री बाई फुले पाठ-परिचय – शिक्षा हमारा अधिकार है। हमारे समाज में कई समुदाय इससे लम्बे समय तक वञ्चित रहे हैं। उन्हें इस अधिकार को पाने के लिए लम्बा संघर्ष करना पड़ा है। लड़कियों को तो और ज्यादा अवरोध झेलना पड़ता रहा है। प्रस्तुत पाठ इस संघर्ष का नेतृत्व करने वाली सावित्री बाई […]
Chapter 10 नीतिनवनीतम् Hindi Translation
Chapter 10 नीतिनवनीतम् पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ ‘मनुस्मृति’ के कतिपय श्लोकों का संकलन है जो सदाचार की दृष्टि से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। यहाँ माता-पिता तथा गुरुजनों को आदर और सेवा से प्रसन्न करने वाले अभिवादनशील मनुष्य को मिलने वाले लाभ की चर्चा की गई है। इसके अतिरिक्त सुख-दुःख में समान रहना, अन्तरात्मा को आनन्दित करने […]
Chapter 9 सप्तभगिन्यः Hindi Translation
Chapter 9 सप्तभगिन्यः पाठ-परिचय – ‘सप्तभगिनी’ यह एक उपनाम है। उत्तर-पूर्व के सात राज्य विशेष को उक्त उपाधि दी गयी है। इन राज्यों का प्राकृतिक सौन्दर्य अत्यन्त विलक्षण है। इन्हीं के सांस्कृतिक और सामाजिक वैशिष्ट्य को ध्यान में रखका प्रस्तुत पाठ का सृजन किया गया है। पाठ के नाट्यांशों के कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी-अनुवाद – […]
Chapter 8 संसारसागरस्य नायकाः Hindi Translation
Chapter 8 संसारसागरस्य नायकाः पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ अनुपम मिश्र की कृति ‘आज भी खरे हैं तालाब के संसार सागर के नायक’ नामक अध्याय से लिया गया है। इसमें विलुप्त होते जा रहे पारम्परिक ज्ञान, कौशल एवं शिल्प के धनी गजधर के सम्बन्ध में चर्चा की गयी है। पानी के लिए मानव निर्मित तालाब, बावड़ी […]
Chapter 7 भारतजनताऽहम् Hindi Translation
Chapter 7 भारतजनताऽहम् पाठ-परिचय – प्रस्तुत कविता आधुनिक कविकुलशिरोमणि डॉ. रमाकान्त शुक्ल द्वारा रचित काव्य ‘भारतजनताऽहम्’ से साभार उद्धृत है। इस कविता में कवि भारतीय जनता के सरोकारों, विविध कौशलों, विविध रुचियों आदि का उल्लेख करते हुए बताते हैं कि भारतीय जनता की क्या-क्या विशेषताएँ हैं। पाठ के पद्यों के अन्वय, शब्दार्थ, हिन्दी-अनुवाद एवं भावार्थ […]
Chapter 6 गृहं शून्यं सुतां विना Hindi Translation
Chapter 6 गृहं शून्यं सुतां विना पाठ-परिचय – यह पाठ कन्याओं की हत्या पर रोक और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रेरणा हेतु निर्मित है। समाज में लड़के और लड़कियों के बीच भेद-भाव की भावना आज भी समाज में यत्र-तत्र देखी जाती है। जिसे दूर किए जाने की आवश्यकता है। संवादात्मक शैली में इस बात […]