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Chapter 4 विद्यालयः

पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में ‘विद्यालय’ पर आधारित बालकों के वार्तालाप एवं चित्रों के माध्यम से सर्वनाम शब्दों का प्रयोग बताया गया है। संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं। संज्ञा शब्द में जो विभक्ति, वचन तथा लिङ्ग होते हैं, सर्वनाम शब्दों में भी वही विभक्ति, वचन एवं लिङ्ग प्रयुक्त होते हैं।

पाठ के कठिन-शब्दार्थ :

  • सङ्गणकयन्त्राणि = (अनेक) कम्प्यूटर। 
  • अस्माकम् = हमारा/हम लोगों का। 
  • वयम् (सर्वनाम) = हम सब। 
  • तव = तेरा। 
  • मम् = मेरा। 
  • त्वम् (सर्वनाम) = तुम। 
  • अहम् (सर्वनाम) = मैं। 
  • एव (अव्यय) = ही। 
  • अपि (अव्यय) = भी। 
  • इदानीम् (अव्यय) = अब/इस समय। 
  • आवाम् (सर्वनाम) = हम दोनों। 
  • मित्रे (नपुं.) = (दो) मित्र। 
  • स्वः = (हम दोनों) हैं। 
  • यूयम् (सर्वनाम) = तुम सब। 
  • आचार्ये! = शिक्षिका (सम्बोधन)। 
  • युष्माकम् = तुम्हारा/तुम लोगों का। 
  • कुत्र = कहाँ। 
  • सभागारम् = सभागार को। 
  • युवाम् (सर्वनाम) = तुम दोनों। 
  • आचार्य! = गुरु/शिक्षक (सम्बोधन)। 
  • शोभनम् = अच्छा। 
  • गायावः = (हम दो) गाते हैं/गाती हैं। 
  • रचयावः = (हम दो) बनाते हैं/बनाती हैं। 

पाठ का हिन्दी-अनुवाद : 

1. एषः विद्यालयः। 

अत्र छात्राः ……………………………………. कीडामः पठामः च। 

हिन्दी-अनुवाद-

यह विद्यालय है। यहाँ छात्र, शिक्षक और शिक्षिकाएँ हैं। 
यह कम्प्यूटर-प्रयोगशाला है। ये अनेक कम्प्यूटर हैं। 
यह हमारे विद्यालय का बगीचा है। बगीचे में पुष्प हैं। हम सब यहाँ खेलते हैं और पढ़ते हैं।

2. ऋचा-तव नाम किम्? ……………………………………… आवां मित्रे स्वः। 

हिन्दी-अनुवाद : 

  • ऋचा – तुम्हारा नाम क्या है? 
  • प्रणव – मेरा नाम प्रणव है। तुम्हारा नाम क्या है? 
  • ऋचा – मेरा नाम ऋचा है। तुम कहाँ पढ़ते हो?
  • प्रणव – मैं यहीं पढ़ता हूँ। 
  • ऋचा – मैं भी यहीं पढ़ती हूँ। अब हम दोनों मित्र हैं।

3. शिक्षिका- छात्राः! यूयं किं कुरुथ? ………………………………………. पुस्तकानि अत्र सन्ति। 

हिन्दी-अनुवाद : 

  • शिक्षिका – छात्राओ! तुम सब क्या कर रही हो? 
  • छात्राएँ – हे शिक्षिका! हम सब जा रही हैं। 
  • शिक्षिका – तुम सब कहाँ जा रही हो? 
  • छात्राएँ – हम सब सभागार को जा रही हैं। 
  • शिक्षिका – तुम्हारी पुस्तकें कहाँ हैं? 
  • छात्राएँ – हमारी पुस्तकें यहाँ हैं।

4. शिक्षकः-छात्रौ! युवां किं कुरुथः? …………………………………. बहुशोभनम्। 

हिन्दी अनुवाद :

  • शिक्षक – हे छात्रो! तुम दोनों क्या कर रहे हो? 
  • दोनों छात्र – हे आचार्य ! हम दोनों श्लोक गा रहे हैं। 
  • शिक्षक – अच्छा, क्या तुम दोनों श्लोक नहीं लिख रहे हो? 
  • दोनों छात्र – हम दोनों लिख रहे हैं, पढ़ रहे हैं, गा रहे हैं और चित्र भी बना रहे हैं। 
  • शिक्षक – बहुत अच्छा।
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