Journey to the End of the Earth

Reading with Insight 

Question 1. 
“The world’s geological history is trapped in Antarctica. How is the study of this region useful to us ?
‘विश्व का भूवैज्ञानिक इतिहास अंटार्कटिका में कैद है।’ इस क्षेत्र का अध्ययन हमारे लिए किस प्रकार उपयोगी है ? 
Answer: 
The study of Antarctica shows that India and Antarctica were part of a supercontinent named Gondwana. The climate of Gondwana was much warmer. Then about 150 million years ago, Gondwana was forced to separate into countries. The globe was shaped much as we know it today.

A cold circumpolar current was created. It made Antarctica frigid. It holds half-million year old carbon records trapped in its layers of ice. It helps us understand the significance of Cordilleran folds and Pre-cambrian granite shields, ozone and carbon, evolution and extinction. 

अंटार्कटिका का अध्ययन दिखाता है कि भारत और अंटार्कटिका एक ही विशाल महाद्वीप के अंग थे जिसका नाम गोंडवाना था। गोंडवाना की जलवायु अब से कहीं अधिक गर्म थी। फिर लगभग 150 मिलियन वर्ष पहले, गोंडवाना को देशों में बँटना पड़ा। पृथ्वी ने काफी कुछ वह रूप ले लिया जैसा कि आज हम जानते हैं।

एक ठण्डी परिध्रुवीय धारा का निर्माण हुआ। इससे अंटार्कटिका जम गया। यह पाँच लाख वर्ष पुराने कार्बन का लेखा-जोखा अपनी बर्फ की परतों में समेटे हुए है । यह हमें समानान्तर पर्वतीय श्रृंखलाओं की परतों और पूर्व कैम्ब्रियन (अधिकाल) की ग्रेनाइट की परतों के महत्त्व, ओजोन और कार्बन के क्रमिक विकास और विनाश को समझने में मदद करता है । 

Question 2. 
What are Geoff Green’s reasons for including high school students in the ‘Students on Ice’ expedition? Students on Ice 
नामक खोज अभियान में Geoff Green ने हाईस्कूल के विद्यार्थियों को किन कारणों से सम्मिलित किया ? 
Answer: 
Geoff Green’s ‘Students on Ice’ expedition aimed at studying Antarctica from geological point of view. It also aimed at developing a new understanding and respect for the earth. Achieving these aims would be of use only if we put them to practice.

So, Geoff Green included high school students in his expedition. He provided them inspiring educational opportunities. At this age, the students are ready to absorb, learn and act. The knowledge of the geological history of the earth can give them deep insight. 

Geoff Green के Students on Ice खोज अभियान का उद्देश्य भूगर्भीय दृष्टिकोण से अंटार्कटिका का अध्ययन करना था। पृथ्वी के लिए एक नयी समझ और सम्मान विकसित करना भी इसका उद्देश्य था। इन उद्देश्यों को प्राप्त करने का लाभ तभी था जबकि इन्हें व्यवहार में लाया जाये । इसलिए Geoff Green ने अपने खोज अभियान में हाईस्कूल के विद्यार्थियों को सम्मिलित किया। उसने उन्हें प्रेरणादायक शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करवाये। उस आयु में विद्यार्थी आत्मसात करने, सीखने और कार्य करने के लिए तत्पर रहते हैं । पृथ्वी का भूवैज्ञानिक ज्ञान उन्हें गहन अन्तर्दृष्टि प्रदान कर सकता है ।। 

Question 3.
“Take care of the small things and the big things will take care of themselves’. What is the relevance of this statement in the context of the Antarctic environment? 
‘छोटी-छोटी चीजों की परवाह कीजिए और बड़ी चीजें स्वतः ही ठीक हो जायेंगी ।’ अंटार्कटिका के पर्यावरण के सन्दर्भ में इस कथन की क्या प्रासंगिकता है ? 
Answer: 
Antarctica has quite a simple ecosystem. It lacks biodiversity. It is the perfect place to study how small changes in the environment can have bad effects in the long run. Here we find very small sea grasses named phytoplankton. These grasses sustain the entire Southern Ocean’s food chain. This example shows that we have to take care of every small thing to save our world from destruction. We must also prevent the depletion of ozone layer by reducing carbon dioxide emission.

अंटार्कटिका की पारिस्थितिकी बिल्कुल साधारण है। यहाँ जैव विविधता की कमी है। यह इस बात का अध्ययन करने के लिए बिल्कुल उपयुक्त स्थान है कि वातावरण में छोटे-छोटे परिवर्तनों के लम्बे समय में कैसे दुष्प्रभाव हो सकते हैं। यहाँ हम फाइटोप्लैंकटन नामक छोटी-छोटी घास पाते हैं। ये घास दक्षिणी महासागर की भोजन श्रृंखला को जीवित रखती हैं। यह उदाहरण दिखाता है कि अपने विश्व को विनाश से बचाने के लिए प्रत्येक छोटी चीज की परवाह करनी . होगी । हमें कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी लाकर ओजोन परत की क्षति को भी रोकना चाहिये ।

Question 4. 
Why is Antarctica the place to go to, to understand the earth’s present, past and future ?
पृथ्वी के वर्तमान, भूत और भविष्य को समझने के लिए अंटार्कटिका जाने योग्य स्थान क्यों है ? 
Answer:
The world’s geological history is trapped in Antarctica. Here, we can study the earth’s past. About 90 percent of the earth’s total ice are stored here. There are no trees, buildings or other human markers. Here, we see glaciers melting and ice-caps falling.

We can see them being damaged as the result of global warming. Antarctica warns the end of the world if the west Antarctica ice sheet melts entirely and the Gulf Stream ocean current is stopped. Thus, Antarctica is the perfect place to go to, to understand the earth’s present, past and the future. 

विश्व का भूगर्भीय इतिहास अंटार्कटिका में दबा पड़ा है। यहाँ हम पृथ्वी के अतीत का अध्ययन कर सकते हैं। पृथ्वी के सम्पूर्ण बर्फ का लगभग 90 प्रतिशत यहाँ संग्रहित है। यहाँ हम ग्लेशियरों को पिघलते और बर्फ की चोटियों को गिरते हुए देखते हैं। हम इस क्षति को वैश्विक गर्मी के परिणाम से जोड़कर देख सकते हैं।

पश्चिमी अंटार्कटिका के बर्फ के आवरण के पूरी तरह पिघल जाने और Gulf Stream महासागर धारा के रुकने की दशा में यह हमें विश्व के अन्त की चेतावनी देता है । इस प्रकार, पृथ्वी के वर्तमान, भूत और भविष्य को समझने के लिए अंटार्कटिक जाने योग्य स्थान है ।

Read and Find out 

Question 1. 
How do geological phenomena help us to know about the history of humankind ?
भूवैज्ञानिक परिदृश्य मानवता का इतिहास जानने में हमारी सहायता कैसे करते हैं ? (Page 19) 
Answer: 
Study of the geological phenomena brings to our knowledge how the world must have been millions of years ago. As in Antarctica, Cordilleran folds and pre-Cambrian granite shields make us know that the climate there was much warmer in the past.

Fossils buried in the earth give knowledge of huge animals in existence in the past. By studying Antarctica, we can understand the earth’s present, past, and future. Thus, the geological phenomena help us know about the history of humankind.

भूवैज्ञानिक परिदृश्यों का अध्ययन हमें यह ज्ञान कराता है कि लाखों वर्ष पहले विश्व कैसा रहा होगा। जैसे कि अंटार्कटिका में Cordilleran परतें और Cambrian से पहले के ग्रेनाइट कवच बताते हैं कि वहाँ की जलवायु अतीत में काफी गर्म थी। पृथ्वी में दबे जीवावशेष अतीत में विशाल जीवों के अस्तित्व के बारे में बताते हैं। अंटार्कटिका का अध्ययन करके हम पृथ्वी के वर्तमान, भूत, और भविष्य के विषय में जान सकते हैं । इस प्रकार भूवैज्ञानिक परिदृश्य मानवता का इतिहास जानने में हमारी सहायता करते हैं । 

Question 2. 
What are the indications for the future of humankind ? (Page 20) 
मानवता के भविष्य के लिए क्या संकेत मिल रहे हैं ? 
Answer: 
The world today is facing the danger of global warming. Glaciers are melting and ice-caps are falling. These are indications of a much warmer world as existed in the remote past. If that happens, mankind will be wiped out from the global scenario. It seems that climate change will cause the end of the world. Thus, the indications for the future of mankind are really fatal. 

आज विश्व के सामने वैश्विक गर्मी का खतरा है । ग्लेशियर पिघल रहे हैं और बर्फ की चोटियाँ गिर रही हैं । ये कहीं अधिक गर्म विश्व का संकेत दे रहे हैं जैसा कि सुदूर अतीत में था । यदि ऐसा होगा तो वैश्विक परिदृश्य से मानवता का नामोनिशान मिट जायेगा । ऐसा लगता है कि जलवायु परिवर्तन के कारण विश्व का अन्त हो जायेगा । इस प्रकार, मानवता के भविष्य के संकेत वास्तव में घातक हैं।

Earth Important Questions and Answers

Multiple Choice Questions

Select the correct option for each of the following questions : 

Question 1. 
The author travelled to Antarctica on a Russian research vessel : 
(a) Sputnik-2
(b) Akademik Shokalsky 
(c) Vladinir Rosaki
(d) Mekhail Sholokhov 
Answer:
(b) Akademik Shokalsky 

Question 2. 
Burning of fossil fuels releases : 
(a) Oxygen 
(b) Ozone
(c) Carbon dioxide
(d) Fluorine 
Answer:
(c) Carbon dioxide

Question 3. 
Following gas causes global warming : 
(a) Chlorine. 
(b) Ozone
(c) Sulphur dioxide 
(d) Carbon dioxide 
Answer:
(d) Carbon dioxide 

Question 4.
According to the author, all forms of life are heading towards : 
(a) health and longevity
(b) more development 
(c) extinction
(d) sustainable development 
Answer:
(c) extinction

Question 5. 
Antarctica stores about ………… ice of the earth’s total ice. 
(a) 70% 
(b) 80% 
(c) 90%
(d) 95% 
Answer:
(c) 90%

Question 6. 
Antarctica is an ideal place to study : 
(a) Mathematics
(b) Geography 
(c) Geometry
(d) Environmental and climate change 
Answer:
(d) Environmental and climate change 

Question 7. 
Students on Ice’ programme was headed by : 
(a) Alexander Flemming
(b) Elbright 
(c) Johnson
(d) Geoff Green 
Answer:
(d) Geoff Green 

Question 8. 
Antarctica does not have : 
(a) oxygen 
(b) biodiversity 
(c) air
(d) water 
Answer:
(b) biodiversity 

Question 9. 
How did the author feel on reaching Antarctica ?
(a) unsatisfied 
(b) great relief 
(c) great sorrow
(d) great fear
Answer:
(b) great relief 

Question 10. 
The food chain of the entire southern ocean is maintained by single celled :
(a) bacteria 
(b) viruses 
(c) phytoplauktons 
(d) amoeba 
Answer:
(c) phytoplauktons 

Question 11. 
Antarctica is at the earth’s :
(a) north pole 
(b) south pole 
(c) equator 
(d) none of these 
Answer:
(b) south pole 

Short Answer Type Questions

Question 1. 
How did the author travel to Antarctica?
लेखिका ने अंटार्कटिका की यात्रा कैसे की ? 
Answer:
The author travelled to Antarctica on a Russian research vessel ‘Akademik Shokalskiy’. She travelled over 100 hours by a car, by an aeroplane and on a ship to reach Antarctica. 

लेखिका ने एक रूसी खोजी जहाज ‘Akademik Shokalskiy’ पर अंटार्कटिका की यात्रा की। उसने अंटार्कटिका पहुँचने के लिये एक कार, एक हवाईजहाज और एक जलयान से, कुल मिलाकर 100 घण्टे की यात्रा की । 

Question 2. 
What surprised the author most about Antarctica?
अंटार्कटिका के विषय में किस बात पर लेखिका को सबसे अधिक आश्चर्य हुआ ?
Answer:
India and Antarctica were once part of the same landmass. This fact surprised her most about Antarctica because the climate of these two places is altogether different. 

कभी भारत और अंटार्कटिका एक ही बड़े भूखण्ड का अंग थे। इस तथ्य पर उसे सर्वाधिक आश्चर्य हुआ क्योंकि वर्तमान में इन दोनों स्थानों की जलवायु पूर्णतः भिन्न है । 

Question 3. 
What were the climatic conditions of Gondwana?
गोंडवाना की जलवायु सम्बन्धी दशाएँ कैसी थीं ? 
Answer:
The climate of Gondwana was warm enough. This climate hosted a huge variety of flora and fauna. There existed mamath animals but no human beings. 

गोंडवाना की जलवायु काफी गर्म थी। इस जलवायु में विविध प्रकार की वनस्पति व जीव पनपते थे । वहाँ दैत्याकार जानवर अस्तित्व में थे पर मनुष्य का अस्तित्व नहीं था । 

Question 4. 
‘And for humans, the prognosis isn’t good.’ What does the line signify?
‘और मनुष्यों के लिए, पूर्वानुमान अच्छा नहीं है ।’ इस पंक्ति का क्या अभिप्राय है ? 
Answer:
The line signifies that the coming time is not good for humAnswer:उस पंक्ति का अभिप्राय है कि
मनुष्य के लिए आने वाला समय अच्छा नहीं है । 

Question 5. 
In what ways have the humans established dominance over nature? 
मनुष्यों ने किन तरीकों से प्रकृति पर प्रभुत्व स्थापित कर लिया है ? 
Answer:
Humans have inhabited villages, towns, cities and megacities. In the process of doing so, they are using natural resources at their will. Thus, they have established dominance over nature. 

मनुष्यों ने गाँव, कस्बे, शहर, और बड़े-बड़े शहर बसा दिये हैं । ऐसा करने की प्रक्रिया में वे प्राकृतिक संसाध नों का मनमर्जी से उपयोग कर रहे हैं। इस प्रकार उन्होंने प्रकृति पर प्रभुत्व स्थापित कर लिया है । 

Question 6. 
Why is the average global temperature increasing ?
विश्व का औसत तापमान किस कारण से बढ़ रहा है ? 
Answer:
We humans are burning fossil fuels thoughtlessly. This has created a blanket of carbon dioxide around the world. This is increasing the global temperature. 

हम मनुष्य कोयला, तेल आदि ईंधनों को बिना सोचे-समझे जला रहे हैं। इससे विश्व के चारों ओर कार्बन डाई ऑक्साइड गैस का एक आवरण बन गया है। यह विश्व का तापमान बढ़ा रहा है।

Question 7. 
What makes Antarctica a crucial element in the study of climate change?
अंटार्कटिका की कौन-सी बात इसे जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी अध्ययन में एक महत्त्वपूर्ण तत्व बनाती है ? 
Answer:
Antarctica holds half-million year old carbon records in its layers of ice. It has never sustained human population. This makes it a crucial element in the study of climate change.

अंटार्कटिका के बर्फ की परतों में पाँच लाख वर्ष पुराने कार्बन अभिलेख दबे पड़े हैं। इस पर कभी मानव जनसंख्या नहीं रही है । यह बात इसे जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी अध्ययन में एक महत्त्वपूर्ण तत्व बनाती है । 

Question 8. 
What was the chief aim of the ‘Students on Ice’ programme?
‘Students on Ice’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था ? 
Answer:
The chief aim of this programme was to make students aware of the danger of global warming. 

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक गर्मी के खतरे से परिचित कराना था। 

Question 9. 
In what way did the programme ‘Students on Ice’ become successful ?
‘Students on Ice’ कार्यक्रम किस रूप में सफल हुआ ? 
Answer:
The students on Ice programme visibly saw glaciers retreating and ice-caps falling. This made them feel that the threat of global warming is real. Thus it was successful in giving them a life changing experience. 

इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने अपनी आँखों के सामने ग्लेशियरों को सिमटते और बर्फ की चोटियों को गिरते हुए देखा। इससे उन्हें अनुभव हुआ कि वैश्विक गर्मी का खतरा वास्तविक है । इस प्रकार यह उन्हें जीवन परिवर्तित करने वाला अनुभव देने में सफल हुआ । 

Question 10. 
How is Antarctica the perfect place to study environmental changes?
पर्यावरणीय परिवर्तन का अध्ययन करने के लिए अंटार्कटिका सबसे उपयुक्त स्थान क्यों है ? 
Answer:
Antarctica lacks biodiversity. But in the past, it had a variety of flora and fauna. So, it is an ideal place to study evironmental and climatic changes. 

अंटार्कटिका में जैव विविधता का अभाव है। परन्तु अतीत में यहाँ विभिन्न प्रकार की वनस्पति तथा जीवन फूलते-फलते थे। अतः यह पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का अध्ययन करने के लिये एक आदर्श स्थान है। 

Question 11. 
What makes one lose all earthly sense of perspective and time in Antarctica? 
अंटार्कटिका में व्यक्ति किस कारण से गहराई और दूरी तथा समय का पृथ्वी से सम्बन्धित सारा भाव खो देता है ? 
Answer:
Antarctica is devoid of any human marks. The whole place is a huge expanse of ice.
Hence, one loses all earthly sense of perspective and time here.

अंटार्कटिका में कोई मानव-चिह्न नहीं हैं । वह सारा स्थान बर्फ का एक विशाल विस्तार है। इसलिए वहाँ व्यक्ति गहराई और दूरी तथा समय और पृथ्वी से सम्बन्धित समस्त भाव खो देता है । 

Question 12. 
What could be result of the effect of global warming on Antarctica?
अंटार्कटिका पर वैश्विक गर्मी के प्रभाव का क्या परिणाम हो सकता है ? 
Answer:
Global warming will melt the vast expanse of ice in Antartica. The water level in the seas and oceans will rise. This change will result in vast destruction. 

वैश्विक गर्मी से अंटार्कटिका का बर्फ का विशाल फैलाव पिघलेगा । समुद्रों और महासागरों में पानी का स्तर बढ़ेगा । इस परिवर्तन का परिणाम बहुत बड़ा विनाश होगा ।

Question 13. 
What is the impact of burning fossil fuels ?
जीवाश्मीय ईंधनों को जलाने का क्या प्रभाव पड़ता है? 
Answer:
Fossil fuels are coal, crude oil (petroleum) and natural gases. On burning these fossil fuels, we get heat energy and a lot of waste and poisonous gases are released. They pollute our environment. 

जीवाश्मीय ईंधन कोयला, कच्चा तेल (पेट्रोलियम) व प्राकृतिक गैसों को कहते हैं। इन जीवाश्मीय ईंधनों को जलाने पर हमें उष्मा ऊर्जा प्राप्त होती है और बड़ी मात्रा में व्यर्थ और हानिकारक गैसें निकलती हैं। इनसे हमारा वातावरण दूषित होता है ।

Question 14.
How is Antarctica different from the place you live in ?
आपके रहने के स्थान से अन्टार्कटिका किस प्रकार भिन्न है? 
Answer:
Antartica is different from the place where I live, in many ways. There are no trees, no billboards, no buildings. Only vast stretches of ice can be seen all around. 

स्थान, जहाँ मैं रहता हूँ, उस स्थान से अन्टार्कटिका कई तरह से भिन्न है। वहाँ न तो पेड़ हैं, न विज्ञापन बोर्ड और न ही इमारतें। चारों तरफ वहाँ बर्फ के लम्बे चौड़े क्षेत्र देखे जा सकते हैं। 

Long Answer Type Questions 

Question 1. 
Describe Antarctica in your own words on the basis of the lesson ‘Journey to the end of the Earth’.
‘Journey to the end of the Earth’ पाठ के आधार पर अंटार्कटिका का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए। 
Answer:
Antarctica is the coldest, driest and windiest continent in the world. It stores about 90 percent ice of the earth’s total volumes. It has no human trace. Here we lose all earthly sense of perspective and time. It holds in its ice-cores half million year old carbon records trapped in its layers of ice. Total silence prevails at this place. 

अंटार्कटिका विश्व में सबसे ठण्डा, सबसे शुष्क व सबसे तेज आँधियों वाला महाद्वीप है । यहाँ पृथ्वी के सम्पूर्ण बर्फ का लगभग 90 प्रतिशत संग्रहित है । यहाँ कोई मानव चिह्न नहीं हैं । हम यहाँ गहराई और दूरी तथा समय का सारा पृथ्वी से सम्बन्धित भाव खो देते हैं । यहाँ हम मच्छरों व कीड़े-मकोड़ों से लेकर नीली व्हेल तथा . बर्फ के पहाड़ तक (विशालकाय चीजें) देख सकते हैं यह पाँच लाख वर्ष पुराने कार्बन का लेखा-जोखा अपनी बर्फ की परतों में समेटे हुए है । इस स्थान पर पूर्ण शान्ति व्याप्त रहती है ।’ 

Question 2. 
What was ‘Students on Ice’ ? ‘Students on Ice’ क्या था ?
Or 
What are the objectives of ‘Student on Ice’ programme’ ?
‘Students on Ice’ कार्यक्रम के उद्देश्य क्या हैं? 
Answer:
‘Students on Ice’ was a programme that aimed at taking high school students + vue end of the world. This programme was headed by a Canadian, Geoff Green. It aimed at providing the students with inspiring educational opportunities. This would help them foster a new understanding and respect for the earth. According to the author Antarctica is the perfect place to understand the earth’s present, past and future. 

‘Students on Ice’ एक कार्यक्रम था जिसका उद्देश्य हाईस्कूल के विद्यार्थियों को विश्व के आखिरी छोर . पर ले जाना था। इस कार्यक्रम के अध्यक्ष कनाडा के एक नागरिक Geoff Green थे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रेरणादायक शैक्षणिक अवसर प्रदान करना था। इससे इनमें पृथ्वी के लिए एक नई समझ और सम्मान विकसित करने में सहायता मिलती । लेखिका के अनुसार पृथ्वी के वर्तमान, भूत और भविष्य को समझने के लिए अंटार्कटिका सबसे अधिक उपयुक्त स्थान है । 

Question 3. 
What does the author mean by her ‘Journey to the end of the Earth’ ? Describe this journey of her.
‘पृथ्वी के अन्तिम छोर की यात्रा’ से लेखिका का क्या अभिप्राय है ? उसकी यात्रा का वर्णन कीजिए। 
Answer:
Her journey began 13.09 degrees north of the Equator in Madras. She crossed nine time zones, six checkpoints, three bodies of water, and at least three ecospheres. She travelled over 100 hours in combination of a car, an aeroplane and a ship. Then she reached Antarctica, the end of the earth. There she was filled with deep wonder at the immensity and its isolation. 

उसकी यात्रा मद्रास भूमध्य रेखा के 13.09 अंश उत्तर से प्रारम्भ हुई । उसने नौ समय खण्डों, छः सीमाओं, तीन जलक्षेत्रों और कम-से-कम तीन पर्यावरण क्षेत्रों को पार किया । उसने कार के द्वारा, हवाईजहाज के द्वारा और जलयान के द्वारा कुल मिलाकर 100 घण्टे से अधिक की यात्रा की । फिर वह पृथ्वी के छोर, अंटार्कटिका पर पहुँची । वहाँ वह इसकी विशालता और इसके अलग-थलग होने पर गहन आश्चर्य से भर गई । 

Question 4. 
How is Antarctica a crucial element in the debate over climate change?
जलवायु परिवर्तन पर वाद-विवाद में अंटार्कटिका कैसे एक महत्त्वपूर्ण तत्व है ? 
Answer:
Antarctica is a place totally covered with ice. But its geological history shows it was once a much warmer place. There was a time when a huge variety of flora and fauna fostered here. If the west Antarctica ice sheet melts entirely and the Gulf Stream ocean current is disrupted, it will be the end of the earth. Therefore, Antarctica is a crucial element in the debate over climate change. 

अंटार्कटिका एक ऐसा स्थान है जो पूरी तरह बर्फ से ढका हुआ है । लेकिन इसका भूगर्भीय इतिहास दिखाता है कि एक समय यह बहुत गर्म स्थान था । यहाँ विविध वनस्पतियाँ व जीव पनपते थे । यदि पश्चिमी अंटार्कटिका का बर्फ का आवरण पूरी तरह पिघल जायेगा और Gulf Stream महासागर धारा बाधित होगी तो पृथ्वी का अन्त हो जायेगा । इसलिए, जलवायु परिवर्तन पर वाद-विवाद में अंटार्कटिका एक महत्त्वपूर्ण तत्व है। 

Question 5. 
How was the author’s Antarctica experience ?
लेखिका का अंटार्कटिका का अनुभव कैसा रहा ? 
Answer:
On reaching Antarctica, the author saw its expansive white landscape and widespread blue horizon. She felt great relief at seeing it. Then immediately came the feeling of deep wonder at its hugeness and its isolation. The author was also surprised to know that there was a time when India and Antarctica were part of the same landmass. 

अंटार्कटिका पहुँचने पर लेखिका ने इसकी फैली हुई (बर्फ के कारण) सफेद पृष्ठभूमि और दूर तक फैले नीले क्षितिज को देखा । यह देखकर उसे बड़ी राहत मिली । फिर तुरन्त उसके मन में इसकी विशालता और इसके अलग-थलग होने पर आश्चर्य की भावना आई । लेखिका को यह जानकर भी आश्चर्य हुआ कि एक समय ऐसा था जब भारत व अंटार्कटिका एक ही भू-भाग के अंग थे । 

Question 6. 
In what way have the humans affected global phenomenon ? 
मनुष्यों ने वैश्विक परिदृश्य को किस प्रकार प्रभावित किया है ? 
Answer:
Human beings have always tried to establish their dominance over nature. Thoughtless burning of fossil fuels has created a blanket of carbon dioxide gas around the world. Ozone layer is depleting. Global warming is posing a great danger to the future of the Earth. Thus, humans, in the name of development, have brought the world at the edge of destruction. 

मनुष्यों ने सदा प्रकृति पर प्रभुत्व स्थापित करने का प्रयास किया है । जीवावशेषों से प्राप्त ईंधनों (कोयला, तेल आदि) को बिना सोचे-समझे जलाने से विश्व के चारों ओर कार्बन डाई ऑक्साइड का एक आवरण बन गया है । ओजोन परत का ह्रास हो रहा है । वैश्विक गर्मी पृथ्वी के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा खतरा पैदा कर रही है । इस प्रकार, मनुष्यों ने, विकास के नाम पर, विश्व को विनाश के कगार पर ला दिया है । 

Question 7. 
What are phytoplanktons ? In what way are they useful ? 
फाइटोप्लैंकटन क्या हैं ? वे किस प्रकार उपयोगी हैं ?
Or 
What are phytoplanktons ? How are they important to our ecosystem ? समुद्री सूक्ष्म पौधे (काई) क्या हैं? ये हमारे जैवपारिस्थितिक तंत्र के लिये किस प्रकार महत्वपूर्ण हैं?
Or 
How can the further depletion of ozone layer disrupt the food chain of the Southern Ocean ? ओजोन परत में और अधिक क्षति दक्षिणी महासागर की खाद्य श्रृंखला को किस प्रकार प्रभावित कर सकती है?
Answer:
The depletion of ozone layer will adversely affect the life of phytoplanktons (small sea plants). These single-celled sea plants make food for themselves in the presence of sunlight. They use Carbon dioxide gas and give out oxygen. They also maintain the food chain of the entire southern Ocean. Depletion of ozone layer will raise the global temperature. After the melting of the ice sheets, water level in the seas and oceans shall rise which will be a danger to the humanity. 

इस ओजोन की परत की और अधिक क्षति फाइटोप्लैंकटन (समुद्र में पाये जाने वाले छोटे पौधों) को बुरी तरह से नुकसान पहुँचायेगी । ये एक कोशीय समुद्री पौधे अपने लिये सूर्य की उपस्थिति में भोजन बनाते हैं। इस क्रिया में वे कार्बनडाई ऑक्साइड गैस का प्रयोग करते हैं और ऑक्सीजन निकालते हैं। वे समस्त दक्षिणी क्षेत्र में भोजन श्रृंखला को बनाये रखते हैं । ओजोन परत की हानि वैश्विक गर्मी बढ़ाएगी । बर्फ की चादर पिघलने पर समुद्रों और महासागरों का जल स्तर बढ़ जाएगा जो मानवता के लिए खतरा बन जाएगा ।

Journey to the End of the Earth