Chapter 3 A Wedding in Brownsville

Textbook Questions and Answers
Understanding the Text :

Question 1.
What do you understand of Dr. Margolin’s past? How does it affect his present Life?
आप डॉ. मार्गोलिन के अतीत के बारे में क्या समझते हैं ? यह ( अतीत) उसके वर्तमान जीवन को किस प्रकार प्रभावित करता है?
Answer:
Dr. Margolin belonged to the Sencimin community of Germany. He was the son of a poor teacher of Talmud. Right from the beginning, he was very intelligent. As a child, he could recite long passages from the Bible. he also learnt algebra and geometry.

Later on, he fell in love with a beautiful young woman, Raizel. The world war II and the loss of life and property caused by it filled him with a mortal fear of death. He also became a hypochondriac.

The fear of falling ill troubled him and restricted his social movement. He stopped taking part in the functions of the Senciminer society. Hitler’s carnage and the extinction of his family destroyed all his faith in humanity. He always felt that he was a failure though he was popular in his community which gave him important positions of responsibility. His psyche suffered permanent wounds as he had to migrate to the USA.

डॉ. मार्गोलिन जर्मनी के सेन्सिमिन समुदाय से संबंध रखते थे। वह तालमुड को पढ़ाने वाले एक गरीब अध्यापक के पुत्र थे। प्रारम्भ से ही वह अत्यधिक बुद्धिमान थे। बच्चे के रूप में वह बाइबल के लम्बे पैरों का वाचन कर सकते थे। उन्होंने बीजगणित तथा रेखागणित भी सीखी थी। बाद में उन्हें एक सुन्दर युवती रैजेल, से प्रेम हो गया। द्वितीय विश्व युद्ध तथा इसके द्वारा की गई जनधन की हानि ने उन्हें मृत्यु के भयानक भय से भर दिया।

वह रोगभ्रम के शिकार बन गए। बीमार हो जाने का भय उन्हें परेशान करता था और उनकी सामाजिक गतिविधि को इसने सीमित कर दिया। उन्होंने सेन्सिमिन सोसाइटी के कार्यक्रमों में भाग लेना बंद कर दिया। हिटलर द्वारा किए गए नरसंहार तथा उनके परिवार को मिटा दिए जाने के कारण मानव जाति के प्रति उनकी सारी आस्था ही समाप्त हो गई।

वह हमेशा यह महसूस करते थे कि वह एक असफल व्यक्ति थे यद्यपि वह उनके समुदाय में लोकप्रिय थे। उनके समुदाय ने उन्हें महत्त्वपूर्ण उत्तरदायित्व के पद दिए थे। उनके मन को स्थायी घाव लगे थे क्योंकि उन्हें अमेरिका में आकर बस जाना पड़ा था।

Question 2.
What was Dr. Margolin’s attitude towards his profession?
डॉ. मागोंलिन का उसके व्यवसाय के प्रति दृष्टिकोण किस प्रकार का था?
Answer.
Dr. Margolin’s attitude towards his profession was very positive. He followed Hippocratic Oath in letter as well as in spirit. He was very punctual in his duties at the hospital. One of the reasons why he was unwilling to attend the wedding was that he had to reach hospital early on Monday morning and he would have no time to sleep and rest during the wedding night.

He was also generous and charitable towards his patients. He treated rabbis refugees, and Jewish writers without charge, supplied them with medicines and hospital beds. He loved his patie and gave them his selfless services.

डॉ. मार्गोलिन का अपने व्यवसाय के प्रति दृष्टिकोण अत्यधिक सकारात्मक था। उन्होंने हिप्पोक्रेटिक शपथ का अक्षरशः एवं उसमें निहित भावना के अनुसार पालन किया था। वह अस्पताल में अपने कर्तव्यों के प्रति बड़े नियमित थे। शादी में जाने में उनकी अनिच्छा के कारणों में से एक यह भी था कि

उन्हें सोमवार की सुबह अस्पताल जल्दी पहुँचना था और शादी की रात आराम करने और नींद लेने के लिए उनके पास समय नहीं था। वह अपने मरीजों के प्रति उदार एवं दयालु भी थे। वह यहूदी धर्मगुरुओं, शरणार्थियों तथा यहूदी लेखकों का इलाज मुफ्त करते थे। उन्हें दवाइयाँ उपलब्ध कराते थे तथा बिस्तर देते थे। वह अपने मरीजों से प्रेम करते थे और उन्हें अपनी निःस्वार्थ सेवाएं देते थे।

Question 3.
What is Dr. Margolin’s view of the kind of life the American Jewish community leads?
अमेरिका में रह रहे यहूदी समाज के लोग जिस प्रकार का जीवन जीते हैं उसके बारे में डॉ.मार्गोलिन का मत क्या है?
Answer:
Dr. Margolin liked the institutions that Jewish community established in America. He also liked to take positions of responsibility in them for their betterment. He devoted his time and energy towards their improvement. However, he was critical of the way of the Jewish people behaved during such celebrations as weddings.

He was irritated too see his fellow Jews indulging in excessive eating and drinking at weddings. Their language was not pure Yiddish. It was anglicised Yiddish. Ear-splitting music and unruly dances marked their celebrations. Jewish laws and customs were completely distorted. People who had no regard for Jewishness wore skullcaps. Rabbis and cantors aped the Christian ministers. In fact, American Judaism was a mess.

डॉ. मार्गोलिन उन संस्थाओं को पसंद करते थे जिन्हें यहूदी समुदाय ने अमेरिका में स्थापित किया था। वह उन संस्थाओं में जिम्मेदारी के पद लेना भी पसंद करते थे ताकि उनकी बेहतरी हो सके। वह उनके विकास के लिए उनका समय एवं शक्ति भी समर्पित करते थे। किन्तु वे यहूदी लोगों के शादी जैसे आयोजनों में किए जाने वाले व्यवहार के प्रति आलोचना की भावना रखते थे। उन्हें यह देखकर चिढ़ होती थी कि उनके साथी यहूदी शादियों में अत्यधिक खाने-पीने में लग जाते थे।

उनकी भाषा भी शुद्ध यिडिश नहीं होती थी। यह अंग्रेजी शैली की यिडिश थी। कान-फोडू संगीत तथा भौंडे नृत्य उनके आयोजनों की पहचान बन गए थे। यहूदी कानून एवं रीतिरिवाज तोड़-मरोड़ दिए गए थे। जो लोग यहूदीपन का सम्मान नहीं करते थे, वे भी टोपियाँ पहनते थे। यहूदी पादरी एवं पूजा की अगुवाई करने वाले ईसाई पादरियों की नकल करने लगे थे। वस्तुतः अमेरिका में यहूदी धर्म अस्त-व्यस्त हो चुका था।

Question 4.
What were the personality traits that endeared Dr. Margolin to others in his community?
डॉ. मार्गोलिन के व्यक्तित्व के वे कौनसे गुण थे जिन्होंने उसे अपने समुदाय के लोगों में प्रिय बना दिया?
Answer:
Dr. Margolin was the son of a poor teacher of Talmud. Since his childhood, he was a man of extra ordinary intelligence and mental calibre. As a child he could recite long passages from the Bible. He also taught himself algebra and geometry. In his teens he became a master in the Guide for the Pearplexed and the Kuzari.

However, he wasted much of his time in visiting different countries and learning their languages. He was a self taught man. In person he was tall and handsome and liked pursuing women. As a doctor he was kind, generous and sincere. He treated rabbis, refugees and Jewish writers without any charge.

His community held him in high esteem. He was made a board member of a Jewish scholastic society and a co-editor of an academic Jewish quarterly. All this was possible because of his merit and his spirit of devotion and it was right that he gained popularity and respect from the people of his community.

डॉ. मार्गोलिन एक तालमुड पढ़ाने वाले गरीब अध्यापक का पुत्र था। बचपन से ही वह एक असाधारण बुद्धिमत्ता तथा मानसिक गुणवत्ता का व्यक्ति था। बालक के रूप में वह बाइबल के लम्बे-लम्बे पैराग्राफ का वाचन कर सकता था। उसने बीजगणित तथा रेखागणित भी सीखी थी। किशोरावस्था में वह ‘गाइड फॉर द परप्लेक्ट’ तथा ‘कुजरी’ में दक्ष हो चुका था। किन्तु उसने विभिन्न देशों की यात्राएँ करने तथा उन देशों की भाषाएँ सीखने में बहुत समय बरबाद कर दिया।

वह एक आत्म प्रशिक्षित व्यक्ति था। शरीर से वह ऊँचे कद का था और सुन्दर था तथा स्त्रियों का पीछा करना पसंद करता था। चिकित्सक के रूप में वह दयालु, उदार तथा सच्चा व्यक्ति था। वह यहूदी धर्म गुरुओं, शरणार्थियों तथा यहूदी लेखकों का इलाज मुफ्त में करता था।

उसका समाज उसे अत्यधिक सम्मानीय मानता था। उसे एक यहूदी शिक्षण सभा का बोर्ड मेम्बर तथा एक यहूदी शैक्षणिक त्रैमासिक पत्रिका का सह संपादक बना दिया गया था। यह सब इसलिए संभव था क्योंकि वह एक गुणवत्ता एवं समर्पण की भावना रखने वाला व्यक्ति था। यह सही था कि उसने लोकप्रियता एवं सम्मान अपने समुदाय के लोगों से अर्जित किया।

Question 5.
Why do you think Dr. Margolin had the curious experience at the wedding half?
आपके अनुसार डॉ. मार्गोलिन को विवाह के हॉल में अजीब अनुभव क्यों हुआ?
Answer:
Dr. Margolin was a highly imaginative person. Sometimes he went so deæp in his imaginings that he lost contact with the outside world. His state of consciousness at such times was more profound than a narcotic trance. At the wedding hall his eyes were caught by a familiar figure, a woman whose looks and expressions were similar to Raizel, his longlost love and his imagination was fired.

The rest of the story is about what passed through his sub-conscious mind in a kind of hallucination. He tried to revive his past love. At the same time, the hard fact of Raizel being dead baffled and confused him. In such a state of mind he even thought that he was dead. About Raizel he thought she was an “Astral Body wandering in semi-consciousness, detached from the flesh.” He was transported to a higher reality than the world of practical life.

डॉ. मार्गोलिन एक अत्यन्त कल्पनाशील व्यक्ति था। कभी-कभी वह अपनी कल्पनाओं में इतना गहरा चला जाता था कि बाहर की दुनियां से उसका सम्पर्क टूट जाता था। उसकी चेतना की अवस्था ऐसे समय में नशीली दवाओं से प्राप्त बेहोशी से अधिक प्रबल हो जाती थी। शादी के हॉल में उसकी नजरें एक परिचित आकृति पर पड़ती हैं, एक महिला, चेहरा-मोहरा एवं हाव-भाव रैजल, उसकी अतीत की प्रेमिका जिसे वह बहुत पहले खो चुका था, के समान थे, और उसकी कल्पना प्रज्ज्वलित हो उठी।

शेष कहानी इस बात को बताती है कि उसके अवचेतन मन से होकर क्या गुजरा, एक भ्रम की स्थिति में। उसने उसके अतीत के प्रेम को जीना चाहा। साथ ही साथ रैजेल के मृत होने की सच्चाई ने उसे असमंजस एवं भ्रम में डाल दिया। ऐसी मानसिक दशा में उसने स्वयं को मृत भी समझ लिया। रैजेल के बारे में वह सोचने लगा कि वह एक “नक्षत्रीय शरीर थी जो अर्द्ध चेतन अवस्था में भटक रही थी, हाड़-माँस के शरीर से अलग होकर।” वह एक उच्चतर अस्तित्व में पहुँच गया जो व्यावहारिक दुनियां से भिन्न था।

Question 6.
Was the encounter with Raizel an illusion or was the carousing at the wedding hall illusory? Was Dr. Margolin the victim of the accident and was his astral body hovering in the world of twilight?
क्या रैजेल से सामना होना एक भ्रम था अथवा शादी के हॉल की खाने-पीने-नाचने की पार्टी एक भ्रमपूर्ण आयोजन था? क्या डॉ. मार्गोलिन दुर्घटना का शिकार व्यक्ति था और क्या उसका नक्षत्रीय शरीर मद्धम रोशनी (प्रातः एवं संध्याकाल की रोशनी) में भटक रहा था?
Answer:
Of course, Dr. Margolin’s encounter with Raizel was an illusion. A wish to meet his teenage love and relive his past life was there in his sub-conscious mind. His imagination was set a fire when his eyes were caught by a familiar figure. The woman he set his eyes upon had the same narrow face, dark eyes and girlish smile as his dead Raizel had. He saw Raizel in her. However, it proved to be a long hallucination. The carousing at the wedding hall was not illusory.

Were it illusory, where would the encounter with Raizel have taken place? Again, the people at the hall were real and whatever going on there was also real. He was not a victim of the accident that took place on the way. In a state of total confusion at having his dead behaved or imagining that he was having her, and also having lost his wallet, he imagined that he was a victim of the accident.

He even imagined that he was dead. He was not himself while thinking on these lines. So far as the astral body hovering in the world of twilight is concerned, this idea of his was about Raizel when she asked, ‘shot her? Who told you that?’

In his confusion, Margolin was reminded of having heard about a state of the dead-the astral body wandering in semi-consciousness, clinging to the illusions and vanities of the past. Raizel might he in such a state after her death. However, he rejected such a state as a superstition. He considered himself to be in a drunken stupor and the whole incident being one long hallucination. The story ended with the wedding ceremony going on.

बिल्कुल, डॉ. मार्गोलिन की रैजेल से भेंट एक भ्रम ही था। किशोरावस्था की प्रेमिका से मिलने तथा अतीत को पुनः जी लेने की इच्छा उसके अवचेतन मस्तिष्क में उपस्थित थी। उसकी कल्पना एक परिचित आकृति को देखकर प्रज्ज्वलित हो उठी थी। जिस महिला को उसने देखा था उसका चेहरा वैसा ही संकरा था, वैसी ही काली आँखें थीं तथा वैसी ही लड़कियों जैसी मुस्कुराहट थी जैसी ये सब रैजेल के मामले में थीं।

उसने उस महिला में रैजेल को देखा था। किन्तु यह सब एक लम्बी चलने वाली भ्रम की स्थिति थी। शादी के हॉल में चलने वाली खाने-पीने एवं नृत्य की दावत कोई भ्रम नहीं थी। अगर यह भ्रम होती तो रैजेल के साथ भेंट किस प्रकार संभव होती।

पुनश्चः, हॉल में उपस्थित लोग तथा वहाँ की गतिविधियाँ वास्तविक थीं। वह रास्ते में हुई दुर्घटना का शिकार नहीं हुआ था। उसकी मृत प्रेमिका को पा लेने अथवा ऐसी कल्पना कर लेने के कारण तथा उसका बटुआ खो देने के कारण उसने कल्पना की कि वह दुर्घटना का शिकार व्यक्ति था। उसने तो यह भी कल्पना कर ली कि वह मर चुका था। वह इस प्रकार चिंतन करते समय होश में नहीं था। जहाँ तक नक्षत्रीय शरीर के संध्याकालीन रोशनी में भटकते रहने की बात है, यह मार्गोलिन का विचार था जो रैजेल के बारे में था।

असमंजस की स्थिति में मार्गोलिन को याद आया कि मृत लोगों की एक अवस्था होती है जिसमें उनका नक्षत्रीय शरीर अर्द्धचेतन मस्तिष्क के साथ, अतीत के भ्रमों एवं इच्छाओं से चिपका हुआ, भटकता रहता है । रैजेल अपनी मृत्यु के बाद इसी अवस्था में हो सकती थी। किन्तु उसने (मार्गोलिन ने) इस अवस्था को एक अंधविश्वास मानकर ठुकरा दिया। उसने स्वयं को शराब के नशे से उत्पन्न निद्रा जैसी स्थिति में माना और समस्त घटना को एक लम्बी भ्रमात्मक स्थिति मानी। कहानी विवाह की रस्मों के चलते रहने के साथ ही समाप्त हो गई।

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Question 1.
Who were the Senciminers?
सेन्सिमिनर लोग कौन थे?
Answer:
The Senciminers were the migrant Jews from Sencimin, a town in Germany. Hitler’s persecution of the Jews in german, forced them to migrate to the USA and settle down in New York. They become a small commnuity of Jews there with thïer own social and cultural instituions. Dr. Solomon Margolin was also a Senciminer, who practised in New York and had earned a lot of respect and popularity among his fellow Jews.

सेन्सिमिनर लोग सेन्सिमिन नामक जर्मनी के एक शहर से आए हुए यहूदी सम्प्रदाय के लोग थे। यहूदियों पर हिटलर द्वारा किए गए अत्याचारों ने इन लोगों को अमेरिका आकर न्यूयॉर्क में बसने को बाध्य कर दिया था। ये लोग वहां यहूदियों के एक छोटे-से समुदाय के रूप में रहने लगे और उन्होंने स्वयं की सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाएँ स्थापित कर लीं। डॉ. मार्गोलिन भी सेन्सिमिन का एक निवासी था जो न्यूयॉर्क में व्यवसाय करता था और उसने उसके साथी यहूदियों के बीच अत्यधिक सम्मान एवं लोकप्रियता अर्जित कर ली थी।

Question 2.
Why did Dr. Margolin not particularly want his wife to accompany him to the wedding?
डॉ. मार्गोलिन विशेष रूप से यह क्यों नहीं चाहता था कि उसकी पत्नी भी शादी में उसके साथ जाए?
Answer:
Whenever Dr. Margolin took Gretl to a wedding or Bar Mitzvah, he felt ashamed. Even she, born a Christian, could see that American Judaism was a mess. First of all, a wedding like the one he was going to was to be a feast of poisons, of greasy, unhealthy food. Then everything about such celebrations irritated him.

People there spoke Anglicised Yiddish and Yiddishised English. The ear splitting music and unruly dance made things worse for him. Jewish laws and customs were completely distorted. People wore skullcaps without any regard for Jewishness. By taking Grelte to such weddings, Margolin had to feel embarrassed on account of the stupidities of the people of his community. Therefore, he did not like his wife to accompany him.

जब कभी भी मार्गोलिन ग्रेट्ल को किसी शादी अथवा शराब खाने पर लेकर जाता था, वह शर्मिंदगी महसूस करता था। वह भी (ग्रेट्ल भी), जो एक ईसाई परिवार में जन्मी थी, यह देख सकती थी कि अमेरिका के यहूदियों का धर्म अस्त-व्यस्त हो चुका था। सर्वप्रथम, एक शादी, जैसी शादी में वह जा रहा था, वह जहर से भरी शादी थी, तैलीय, अस्वास्थ्यप्रद भोजन की शादी। इसके अतिरिक्त ऐसी शादी अथवा आयोजन की हर चीज उसे परेशान कर देती थी।

वहां लोग अंग्रेजी शैली की यिडिश और यिडिश शैली की अंग्रेजी बोलते थे। कान-फोडू संगीत तथा अनुशासनहीन नृत्य बात को और बिगाड़ देते थे। यहूदी नियमों तथा परंपराओं को पूरी तरह तोड़ा-मरोड़ा जाता था। लोग यहूदीपन का सम्मान न करते हुए भी टोपियां पहनते थे। ग्रेटल को इस प्रकार की शादियों के आयोजन में ले जाकर मार्गोलिन को शर्मिंदा महसूस करना पड़ता था। क्योंकि उसके समुदाय के लोग मूर्खताओं के क्रियाकलाप करते थे। इस कारण वह अपनी पत्नी को अपने साथ ले जाना पसंद नहीं करता था।

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Question 1.
What is the Hippocratic Oath?
हिप्पोक्रेटिक शपथ क्या होती है ?
Answer:
Hippocratic Oath is an Oath that embodies a code of medical ethics usully taken by those about to begin medical practice. The Hippocratic Oath covers several imporatant ethical issues between doctors and patients. The Oath first establishes that the practitioner of medicine give deference to the creators, teachers and learners of medicine. The Oath serves as a contract for doctors to work towards the benefit of the health of the public. It is one of the most important of Greek medical texts.

हिप्पोक्रेटिक ऑथ एक प्रकार की शपथ होती है जिसमें चिकित्सीय नैतिकता के नियमों का समावेश होता है। सामान्यतया यह शपथ उन लोगों द्वारा ली जाती है जो चिकित्सा के व्यवसाय को शुरू करने वाले होते हैं। हिप्पोक्रेटिक शपथ कई प्रकार के महत्वपूर्ण मुददों को शामिल करती है जो चिकित्सकों एवं रोगियों के बीच होते हैं।

यह शपथ प्रथमतः इस बात को स्थापित करती है कि चिकित्सा का व्यवसायी चिकित्सा के रचयिताओं, चिकित्सा के शिक्षकों तथा प्रशिक्षुओं को सम्मान देगा। यह शपथ चिकित्सकों के लिए एक समझौता है कि वे जनता के स्वास्थ्य के हित में कार्य करेंगे। यह शपथ यूनानी चिकित्सा शास्त्र की सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है।

Question 2.
What topic does the merry banter at the wedding invariably lead to?
शादी के उत्सव में मित्रतापूर्ण हँसी-मजाक निश्चित रूप से किस विषय की ओर ही जाती है?
Answer:
The merry banter, the friendly, witty and teasing talk, the Jews at the wedding party indulge in, invariably leads to the topic of the Holocaust : the mass sloughter of European civilians and especially Jews by the Nazis during World War II. The people of the wedding talk joking about one another, but the memories of the massacre perpetrated by the Nazis under Hitler invariably return and occupy their minds.

They recollect their relatives, acquaintances and friends and also how they died, how they were either shot, or burned, or gassed to death. Thery reflect on the meaningless of life and on being born only to be killed by mad men filled with hatred. Their nightmarish experiences of death and destruction let loose on them and their families by Nazis return to haunt them.

मित्रतापूर्ण हँसी मजाक, जिसमें तात्कालिक उत्तर एवं परस्पर चिढ़ाना भी शामिल होता है, और जिसमें शादी में उपस्थित यहूदी समुदाय के लोग भाग लेते हैं, निश्चित रूप से नरसंहार के विषय की ओर चली जाती है। यह नरसंहार द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान यूरोप के नागरिकों और विशेष रूप से यहूदियों के विरुद्ध नाजियों के द्वारा किया गया था। शादी में उपस्थित लोग एक-दूसरे के बारे में मजाक से भरी बातें करते हैं, लेकिन हिटलर की अगुवाई में नाज़ियों द्वारा किए गए जनसंहार की पुरानी यादें निश्चित रूप से लौटकर आती हैं और उन लोगों के मस्तिष्कों पर अधिकार कर लेती हैं ।

वे उनके रिश्तेदारों, परिचितों तथा मित्रों को याद करते हैं और यह भी कि वे कैसे मरे, किस प्रकार उन्हें गोली मार दी गई, जला दिया गया अथवा गैस से मार दिया गया। वे जीवन तथा जन्म लेने की व्यर्थता पर चिंतन करते हैं। नफरत से भरे पागल लोगों द्वारा मार दिए जाने के लिए पैदा होना उन्हें व्यर्थ दिखाई देता है। मौत एवं विनाश के दुःस्वप्न जैसे उनके अनुभव जो नाज़ियों के कृत्यों से उपजे थे, उनके दिलो-दिमाग पर मंडराने चले आते हैं। |

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Question 1.
Who was the woman that Dr. Margolin suddenly encountered at the wedding?
वह महिला कौन थी जिससे डॉ.मार्गोलिन का अचानक विवाह के अवसर पर सामना हुआ?
Answer:
After dancing with a man in a frantic whirl, Dr. Margolin tore himself loose and stood apart. He saw a woman who had a familiar form. He felt he knew her. She beckoned to him. He stood totally confused. He had known her-that narrow face, those dark eyes, that girlish smile.

She too appeared surprised. They started talking, It came out of their enquiries about each other that the woman was Raizel, Dr. Margolin’s teenage love. It was given out to him that she had married another man and was later on shot deed. Dr. Margolin was totally confused to see his dead beloved come to life or, he thought, he was seeing things.

एक व्यक्ति के साथ उत्तेजना से भरे नृत्य में भाग लेने के बाद डॉ. मार्गोलिन ने स्वयं को नृत्य से मुक्त कर लिया तथा एक ओर जाकर खड़ा हो गया। उसे एक महिला दिखाई दी जो एक परिचित आकृति रखती थी। मागोलिन को लगा कि वह उसे जानता था। उस महिला ने उसकी ओर आने का इशारा किया। वह पूर्णतया चकराया हुआ खड़ा था। वह उस महिला को जान गया था- वह संकरा चेहरा, वे काली आंखें, वह लड़कियों जैसी मुस्कुराहट।

वह भी आश्चर्यचकित दिखाई दी। उन्होंने बातचीत शुरू की। उनकी एक-दूसरे से पूछताछ से यह सिद्ध हुआ कि वह महिला रैजेल थी, डॉ. मार्गोलिन की किशोरावस्था की प्रेमिका। मार्गोलिन को यह बताया गया कि उस महिला ने किसी अन्य व्यक्ति से शादी कर ली थी और बाद में उसे गोली मार दी गई थी। डॉ. मार्गोलिन उसकी प्रेमिका को जीवित देखकर पूरी तरह चकरा गया। अथवा, उसने सोचा उसे भ्रमवश चीजें दिखाई दे रही थीं।

Question 2.
What were the events that led to his confused state of mind?
वे कौनसी घटनाएँ थीं जो उसे चकराई हुई, भ्रमित मानसिक अवस्था में ले गई?
Answer:
Margolin attended the wedding of Abraham Mekheles’ daughter, Sylvia. Almost the whole community of Jews from Sencimin were present at the wedding hall. As soon as Margolin reached the wedding place, he was surrounded by the young and the old of his community. He was a popular man of his community in New York.

He know the old folk among the senciminers, but he didn’t recognize the young people as they were very youngers when he migrated to the USA. Old memories of the Nazi genocide came to the fore. Talks about shootings, burnings and gassing of the people by the Nazis brought out wounds on the psyche of the wedding guests.

Against this background, Margolin’s eyes were caught by a woman whose looks and expressions were quite similar to those of his teenage love, Raizel. The woman said that she was Raizel, the daughter of Melekh the watch maker. Margolin was confused as he had heard that she had married another man and was later an shot dead by the Nazis for Margolin, either the dead had come alive or he was seeing things. Perhaps he was deceived by some one in telling him a false story about Raizel’s death.

Though totally baffled, he was the happiest man there to find his long-lost love. He was ready to marry Raizel then and there. He could marry her even if he had a penny to offer, if not a ring. He groped his pockets for his wallet, but it was gone. This further confused him. He thought he had lost it in the accident he himself had met on the way. In his confused state of mind, he considered himself dead. Finally he thought it was all a hallucination, a result of food poisoning

मार्गोलिन अब्राहम मेखेलीज की पुत्री, सिल्विया, के विवाह में उपस्थित हुआ। यहूदियों का सेन्सिमिन का समस्त समुदाय इस विवाह में उपस्थित था। ज्योंही मार्गोलिन विवाह के स्थान पर पहुँचा उसके समुदाय के बूढ़े एवं युवा लोगों ने उसे घेर लिया। वह न्यूयॉर्क में उसके समुदाय का लोकप्रिय व्यक्ति था। वह सेन्सिमिनवासियों के बीच वृद्ध लोगों को जानता था, किन्तु युवकों को नहीं पहचानता था क्योंकि जब वह अमेरिका में आकर बस गया था तब वे बहुत छोटे थे ।

नाजियों द्वारा किए गए जातीय नरसंहार की पुरानी यादें सामने आ जाती थीं। गोलियां मारने, जला डालने तथा गैस से लोगों के नाजियों द्वारा मार डालने की घटनाएं लोगों के मन पर लगे घावों को उजागर कर रही थीं। इस पृष्ठभूमि में मार्गोलिन की नजरें एक महिला पर पड़ी जिसका चेहरा-मोहरा तथा भावभंगिमाएँ वैसी ही थीं जैसी उसकी किशोरावस्था की प्रेमिका रैजेल की। उस महिला ने कहा कि वह रैजेल ही थी, मेलेख नामक घड़ीसाज की पुत्री। मार्गोलिन चकरा गया क्योंकि उसने सुना था कि उसने (रैजेल ने) किसी अन्य

व्यक्ति से विवाह कर लिया था और बाद में उसे नाजियों ने गोली मार दी थी। मार्गोलिन के लिए या तो मृत व्यक्ति जीवित हो उठे थे, या वह भ्रम की स्थिति में अजीब चीजें देख रहा था। शायद उसे किसी व्यक्ति ने रैजेल की मौत के बारे में झूठी कहानी सुनाकर धोखा दे दिया था। यद्यपि वह पूरी तरह भ्रमित था किन्तु वह वहाँ सबसे अधिक प्रसन्न व्यक्ति था

क्योंकि उसे उसका काफी समय पूर्व खोया हुआ प्यार वापस मिल गया था। वह रैजेल से शादी करने को तुरन्त तैयार हो गया। वह उससे शादी कर सकता था चाहे उसके पास प्रस्तुत करने के लिए पैनी की रकम ही क्यों न हो। उसने बटुआ निकालने के लिए उसकी जेबों को टटोला। किन्तु बटुआ तो गायब था।

इस बात से वह और अधिक चकराया। उसने सोचा कि उसने बटुए को उस दुर्घटना के दौरान खो दिया होगा जो रास्ते में उसके साथ घटित हुई थी। पूर्णतया भ्रमित मस्तिष्क की अवस्था में उसने स्वयं को मृत मान लिया। अन्त में उसने सोचा कि यह सब एक मतिभ्रम ही था, बदहजमी का परिणाम।

Appreciation :

Question 1.
Surrealism was an artistic and literary movement in France between the two world wars. Its basic idea is that the automatic, illogical and uncontrolled associations of the mind represent a higher reality than the world of practical life and ordinary literature. Do you think this story could be loosely classified as surrealistic? What elements in this story would support the idea?
अति ययार्थवाद फ्रांस का एक कलात्मक एवं साहित्यिक आन्दोलन था जो दोनों विश्व युद्धों के बीच की अवधि में चला था। इसका आधारभूत विचार यह है कि मस्तिष्क के स्वस्फूर्त, अतार्किक एवं अनियंत्रित संयोग, व्यावहारिक जीवन तथा सामान्य साहित्य की दुनियां की तुलना में एक उच्चतर यथार्थ का प्रतिनिधित्व करते हैं। क्या आप सोचते हैं कि इस कहानी को शिथिल रूप से अति यथार्थवादी माना जा सकता है ? इस कहानी के कौनसे तत्त्व इस विचार की पुष्टि कर सकते हैं?
Answer:
Surrealism is the name given to a 20th century movement in art and literature in which unrelated images and events were put together in a strange or impossible way, like in a dream, in an attempt to express what happens deep in a person’s mind. This story contains some events and images which are unrelated but they are put together to express what goes on in Dr. Margolins mind.

At the wedding feast in Brownsville, Dr. Margolin, the chief protagonist of the story, passes through a strange experience which is in the form of a hallucination. Inside the wedding hall, where the feast is going on with dance and music, Dr. Margolin’s eye is caught by a familiar form. He knew her! She beckoned to him.

She had the same facial features-a narrow face, dark eyes and a girlish smile. She said that she was Raizel, the woman he used to love and wanted to marry. Margolin shivered at the revelation because Raizel was dead. Dr. Margolin was shaken by the incredible happening. He asked her to come to a quieter place and declared that it was the happiest day of his life. They went upstairs to the chapel. He regretted that he had not confirmed the reports of her death.

He proposed to marry her as he was still single according to the Jewish law. He searched his pockets for his wallet to get a penny from it. Strangely enough, he had lost his wallet. It seemed to him that she was too young and was probably Raizel’s daughter playing tricks on him. Later on, he recalls the accident that he had witnessed on the way. He imagined that he himself was the victim of the accident. He examined himself and found that he was dead.

He worried for Gretl. Being badly puzzled, he said that she was not the same Raizel as she was shot dead. She rejected his statement Margolin thought that Raizel did not realise her own condition. She had left her body, but was now hovering as an astral body. However, he himself rejected this kind of superstition. Finally, he decided that it was one long hallucination. Thus we see how unrelated things come together in Margolin’s mind to express what goes on there.

अति यथार्थवाद 20वीं सदी में कला एवं साहित्य के क्षेत्र में हुए एक आन्दोलन का नाम है । इसमें असम्बद्ध कल्पनाएँ एवं घटनाएँ एक अजीब अथवा असंभव तरीके से साथ-साथ रख दी जाती थीं, जैसा कि स्वप्न में होता है, ताकि मनुष्य के मस्तिष्क की गहराई में घटने वाली घटनाओं को व्यक्त किया जा सके। इस कहानी में घटनाएँ एवं कल्पनाएँ हैं जो परस्पर असंबद्ध हैं किन्तु उन्हें डॉ. मार्गोलिन के मस्तिष्क में घटित होने वाली घटनाओं को व्यक्त करने के लिए जोड़ दिया जाता है।

ब्राउन्सविले में विवाह की दावत में डॉ. मार्गोलिन जो कहानी का मुख्य पात्र है, एक अजीब प्रकार के अनुभव से गुजरता है जो एक भ्रम के रूप में होता है। विवाह के हॉल के भीतर जहाँ नृत्य एवं संगीत के साथ दावत चल रही है, डॉ. मार्गोलिन की नजर एक परिचित व्यक्ति पर पड़ जाती है । वह उसे जानता था।

उस महिला ने उसे हाथ से इशारा करते हुए बुलाया। उसके चेहरे के हाव-भाव वैसे ही थे-एक संकराचेहरा, काली आँखें और लड़कियों जैसी मुस्कुराहट। उस महिला ने कहा कि वह रैजेल थी, वह महिला जिससे मार्गोलिन प्रेम करता था तथा विवाह करना चाहता था। मार्गोलिन इस रहस्योद्घाटन पर कांपने लगा क्योंकि रैजेल तो मर चुकी थी। डॉ. मार्गोलिन इस अविश्वसनीय घटना से हिल गया।

उसने महिला से किसी शांत स्थान पर चलने को कहा और उसने घोषणा की कि यह दिन उसके जीवन का प्रसन्नतम दिन था। वे सीढ़ियों से चढ़कर पूजा-गृह में पहुँचे। मार्गोलिन ने पश्चाताप व्यक्त किया कि उसने रैजेल की मृत्यु की सूचनाओं की पुष्टि नहीं की थी। उसने उससे शादी करने का प्रस्ताव रखा क्योंकि यहूदी कानून के अनुसार वह अभी भी अविवाहित था। उसने बटुआ निकालने के लिए जेबों को टटोला ताकि एक पैनी का सिक्का निकाल सके। अजीब संयोग था कि उसका बटुआ गायब हो गया था।

उसे लगा कि वह उम्र में इतनी छोटी थी कि वह संभवतया रैजेल की पुत्री थी जो उसके साथ मजाक कर रही थी। बाद में उसे उस दुर्घटना का ध्यान आता है जो उसने रास्ते में देखी थी। उसने कल्पना की कि वह स्वयं उस दुर्घटना का शिकार हुआ था। उसने स्वयं की जाँच कर पाया कि वह मर चुका था। उसने ग्रेट्ल् (उसकी पत्नी) के बारे में चिन्ता जताई। बुरी तरह चकराए हुए उसने कहा कि वह महिला रैजेल नहीं थी क्योंकि उसे तो गोली मार दी गई थी।

महिला ने उसके इस कथन को ठुकरा दिया। मार्गोलिन ने महसूस किया कि रैजेल उसकी स्वयं की हालत को नहीं समझ रही थी। उसने शरीर तो छोड़ दिया था कि अब वह एक नक्षत्रीय शरीर धारण कर भटक रही थी। किन्तु स्वयं मार्गोलिन ने इस प्रकार के अंधविश्वास को ठुकरा दिया। अन्त में उसने तय किया कि यह सब एक लम्बी अवधि तक चलने वाली भ्रम की स्थिति मात्र थी। इस प्रकार हम देखते हैं कि किस प्रकार मार्गोलिन के मस्तिष्क में असंबद्ध बातें जुड़ जाती हैं ताकि उसके मस्तिष्क में संचालित घटना को व्यक्त किया जा सके।

Question 2.
Comment on the technique used by the author to convey the gruesome realities of the war and its devastating effect on the psyche of human beings through an intense personal experience.
लेखक द्वारा प्रयुक्त उस तकनीक पर टिप्पणी लिखिए जिसके माध्यम से उसने युद्ध की वीभत्स वास्तविकताओं तथा मनुष्यों के मानस पर गहरे व्यक्तिगत अनुभव से पड़ने वाले पूर्णतया विनाशकारी प्रभाव को व्यक्त किया है।
Answer:
The story “A Wedding in Brownsville.” is a story of how the Jews in, Germany suffered at the hands of Hilter, the German dictator, and his followers the Nazis. The Jews that came together at Brownsville, a place in the outskirts of New York, once belonged to Sencimin a town in Germany. They all were the survivors of the holocaust brought about by Nazis.

The town of Sencimin was completely destoryed by the Nazis and its people were killed. Some were shot dead and others were burnt alive or killed in gas-chambers. The survivors fled to the USA and settled down in and around New York. Gradually, they formed a well-knit community there.

The guests at the wedding once belonged to Sencimin. As soon as Dr. Margolin arrived at the venue of the wedding, he was surrounded by the Senciminers. His popularity was so much in his community that everyone wished to talk to him. Almost every one of them talked about his family, relatives and acquaintances.

They also talked about how they were killed by the Nazis, how the survivors fled to save their lives, how they put together their devastated lives and how some of them grew rich and remarried. Every one of them had the horrible memories of Hilter ‘s carnage of the Jews and a pessimistic view of humanity in general.

They were all people with a wounded psyche. A woman told Margolin that there was no sense in having children if people were such murderers. Even Margolin, the chief protagonist of the story, and his wife suffer from the ill effects of what they had undergone. He was plagued by such questions as, “Why did God create a Hitler, a Stalin? Why did he need world wars? Why heart attacks and cancers?” He suffered from hypochondria and the fear of death haunted even his dreams.

At the same time, Gretl, Margolin’s wife lamented continually over the Nazi catastrophe of her two brothers, one, a Nazi, had died of typhus in a Russian prison camp and the other, a communist, had been shot by the Nazis. Thus, we see that this story is peopled with the sufferers of a war and its devastating effects.

“ए वैडिंग इन ब्राउन्स्विले” एक ऐसी कहानी है जो यह बताती है कि किस प्रकार यहूदी लोग जर्मन तानाशाह हिटलर तथा उसके नाजी अनुयायियों के हाथों उत्पीड़ित हुए। ब्राउन्सविले में एकत्र हुए यहूदी जर्मनी के सेन्सिमिन नामक एक शहर के निवासी रहे थे। अब ये लोग अमेरिका के न्यूयॉर्क में आकर बस गए थे।

ये सभी नाजियों द्वारा किए गए नरसंहार से बचे हुए लोग थे। सेन्सिमिन शहर को नाजियों ने पूरी तरह नष्ट कर दिया था और इसके निवासियों को मार डाला था। कुछ को गोली मार दी गई थी और अन्य को जिन्दा जला दिया गया था अथवा गैस चेम्बरों में बंद कर मार डाला गया था। बचे हुए लोग भाग कर अमेरिका में आ गए थे तथा न्यूयॉर्क तथा इसके आसपास बस गए थे। धीरे-धीरे उन्होंने एक सुगठित समुदाय बना लिया था।

शादी में आए हुए मेहमान कभी सेन्सिमिन के निवासी थे। डॉ. मार्गोलिन ज्यों ही शादी के स्थान पर पहुँचे, उन्हें सेन्सिमिन के निवासियों ने घेर लिया। उनकी लोकप्रियता उनके समुदाय में इतनी अधिक थी कि प्रत्येक व्यक्ति उनसे बात करना चाहता था। करीब-करीब प्रत्येक व्यक्ति उसके परिवार, संबंधियों तथा परिचित लोगों के बारे में बात करता था।

वे यह भी बताते थे कि उन्हें नाजियों द्वारा किस प्रकार मार डाला गया था, किस प्रकार नरसंहार से बच गए लोग उनकी जान बचाने को भागे थे, किस प्रकार उन्होंने उनकी बरबाद हो गई जिन्दगियों को संभाला था और किस प्रकार उनमें से कुछ धनवान हो गए थे और उन्होंने पुनः विवाह कर लिए थे।

प्रत्येक व्यक्ति के पास हिटलर द्वारा किए गए जनसंहार की स्मृतियाँ थीं तथा मानव जाति के प्रति एक निराशावादी भाव था। वे सभी घायल मानसिकता रखते थे। एक महिला ने मार्गोलिन से कहा कि बच्चों के होने का कोई अर्थ नहीं था, अगर लोग ऐसे हत्यारे हों। कहानी का मुख्य पात्र, डॉ. मार्गोलिन, तथा उसकी पत्नी भी उनके साथ जो घटित हुआ था उसके दुष्प्रभावों से पीड़ित थे। वह इस प्रकार के प्रश्नों द्वारा परेशान होता था, जैसे “हिटलर तथा स्टालिन जैसे लोगों को ईश्वर ने क्यों बनाया था? ईश्वर को विश्व युद्धों की आवश्यकता क्यों हुई? दिल के दौरे तथा कैंसर जैसी बीमारियाँ क्यों थीं?”

वह रोग भ्रम से पीड़ित था तथा मृत्यु का भय उसे सपनों में भी परेशान करता था। साथ-साथ, ग्रेट्ल, मार्गोलिन की पत्नी भी लगातार नाज़ियों द्वारा किए गए विनाश पर दुःख व्यक्त करती रहती थी। उसके दो भाइयों में से एक रूसी कारावास-शिविर में टाइफस बुखार से मर गया था। वह स्वयं एक नाज़ी था। दूसरा भाई, जो एक कम्युनिस्ट था, को नाजियों ने गोली मार दी थी। इस प्रकार हम देखते हैं कि यह कहानी एक युद्ध से तथा इसके विनाश से पीड़ित लोगों से भरी है।

RBSE Class 12 English A Wedding in Brownsville Important Questions and Answers
Short Answer Type Questions :

Question 1.
How did Dr. Margolin contribute to his community?
डॉ. मार्गोलिन ने अपने समुदाय को किस प्रकार योगदान दिया?
Answer:
Dr. Margolin had come to occupy an important place in his Jewish community that had settled down in New York. He sacrificed his Sunday evenings to carry out the responsibilities to his community. His community had appointed him to a committee, he was a boardmember of a Jewish scholastic society and co-editor of an academic Jewish quarterly. He treated rabbis, refugees, and Jewish writers, without charge.

डॉ. मार्गोलिन ने न्यूयॉर्क में बसे यहूदी समुदाय में महत्त्वपूर्ण स्थान बना लिया था। वह उनकी रविवार की संध्याओं का त्याग उनके समुदाय के प्रति उत्तरदायित्वों को क्रियान्वित करने हेतु कर दिया करते थे। उनके समुदाय ने उन्हें एक समिति में नियुक्त कर दिया था, वह एक यहूदी शैक्षणिक सोसायटी के बोर्ड में सदस्य थे तथा एक शैक्षणिक यहूदी त्रैमासिक पत्रिका के सह संपादक थे। वह यहूदी धर्म गुरुओं, शरणार्थियों तथा यहूदी लेखकों का उपचार मुफ्त किया करते थे।

Question 2.
Why was Gretl not willing to go with Dr. Margolin to the wedding?
ग्रेट्ल डॉ. मार्गोलिन के साथ शादी में जाने की इच्छुक क्यों नहीं थी?
Answer:
Gretl, Dr. Margolin’s wife, was not willing to go with him to the wedding at Brownsville for a few reasons. The wedding was going to be held on a far-off place on the outskirts of New York. She did not like to be carted off’ to such a place. Again, the food that was going to be served there was unhealthy and greasy. Then, the marriage was to be celebrated till late in the night, which could give her great discomfort.

ग्रेट्ल, डॉ. मार्गोलिन की पत्नी, उसके साथ शादी में जाने की इच्छुक नहीं थी। यह शादी ब्राउन्सविले में आयोजित थी। इसके कुछ कारण थे। शादी एक दूर-दराज के स्थान पर सम्पन्न होने जा रही थी जो न्यूयॉर्क के बाहरी इलाके में स्थित था। वह नहीं चाहती थी कि उसे ऐसे स्थान पर लाद कर ले जाया जाए। पुनश्च, वहाँ जो भोजन परोसा जाने वाला था वह अस्वास्थ्यप्रद एवं चिकनाई से परिपूर्ण था। पुनः, शादी का जश्न रात को देर तक चलना था और इससे उसे अत्यधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती थी।

Question 3.
What irritated Dr. Margolin about the celebrations of the Jews living America?
अमेरिका में रह रहे यहूदियों के समारोहों के बारे में डॉ. मार्गोलिन को कौनसी चीजें बुरी लगती थीं ?
Answer:
Dr. Margolin hated a few things that he saw in the celebrations of the Jews in America. They celebrated weddings etc. with great extravagance, pomp and show. They gorged greasy food and drank too much at these celebrations.

They corrupted both the languages-Yiddish and English-by mixing them. Their music was ear-splitting and dances unruly. Jewish laws and customs were distorted and disregarded. Rabbis and cantors copied the Christian ministers. Their celebrations used to be a mess.

डॉ. मार्गोलिन को अमेरिका के यहूदियों के समारोहों के बारे में कुछ बातों को लेकर नफरत थी। प्रथमतः वे शादी इत्यादि के कार्यक्रमों को बढ़ा-चढ़ाकर आयोजित करते थे जिनमें धूमधाम एवं दिखावे की अधिकता थी। वे वसायुक्त भोजन को भकोसते थे और इन समारोहों में अत्यधिक शराब पी लेते थे।

वे दोनों भाषाओं, यिडिश तथा अंग्रेजी को परस्पर मिश्रित कर बिगाड़ देते थे। उनका संगीत कानफोडू होता था और उनके नृत्य भौंडे होते थे। यहूदी कानूनों तथा परम्पराओं को वे तोड़-मरोड़ देते थे तथा उनकी उपेक्षा करते थे। यहूदी धर्मगुरु तथा प्रार्थनाओं की अगुवाई करने वाले ईसाई पादरियों की नकल किया करते थे। उनके समारोह बिल्कुल अव्यवस्थित होते थे।

Question 4.
What do you know about Dr. Margolin as a child and a teenager?
बालक एवं किशोर के रूप में डॉ. मार्गोलिन के बारे में आप क्या जानते हैं ?
Answer:
Margolin was acclaimed a highly talented child. He could recite long passages from the Bible and study the Talmud and commentaries on his own. As a teenager, he had become a master in the “Guide for the Perplexed” and the Kuzari. But he wasted his talents in learning languages and in wandering from country to country. He loved Raizel, who married someone else and later shot dead by the Nazis.

मार्गोलिन की प्रशंसा एक प्रतिभा सम्पन्न बालक के रूप में होती थी। वह बाइबिल के लम्बे-लम्बे पैरों का वाचन कर सकता था तथा तालमुड तथा टीकाओं का अध्ययन स्वयं कर सकता था। एक किशोर के रूप में वह “ए गाइड फॉर द परप्लेक्स्ट” तथा कुजारी में दक्ष हो गया था। लेकिन उसने उसकी प्रतिभा को विभिन्न भाषाओं को सीखने तथा एक देश से दूसरे देश भटकने में बर्बाद कर दिया था। वह रैजेल नामक एक लड़की से प्रेम करता था जिसने किसी अन्य से शादी कर ली थी और बाद में नाजियों द्वारा उसे गोली मार दी गई थी।

Long Answer Type Questions :

Question 1.
Draw a character-sketch of Gretl.
ग्रेटल् का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Answer:
Gretl was Dr. Margolin’s wife. She had been a nurse in the Berlin hospital where he had been a member of the staff. She had two brothers. One of them was a Nazi and had died of typhus in a Russian prison camp. The second, a communist, had been shot by the Nazis. Her father lived with her sister in Hamburg and Gretl sent him money regularly.

She was a devoted wife who never came in the way of her husband’s professional or community work. She was also a hard working housewife, who did her domestic chores without the help of a maid. She also went to buy eatables and carried the heavy bags home. She was friendly to Jewish women and followed Jewish customs. She also lamented continually over the Nazi catastrophe. She loved her husband very much and worried about his health.

ग्रेट्ल डॉ. मार्गोलिन की पत्नी थी। वह बर्लिन के अस्पताल में एक नर्स थी जहाँ डॉ. मार्गोलिन स्टाफ के सदस्य थे। उसके दो भाई थे। उनमें से एक भाई नाजी था जो रूसी कारागार शिविर में टाइफस बीमारी से मर गया था। दूसरा भाई जो एक कम्युनिस्ट था उसे नाजियों ने गोली मार दी थी। ग्रेट्ल के पिता उसकी बहिन के पास हैमबर्ग में रहते थे तथा ग्रेट्ल उन्हें नियमित रूप से धनराशि भेजती थी। वह एक समर्पित पत्नी थी और वह उसके पति के व्यावसायिक अथवा सामुदायिक कार्यों के आड़े नहीं आती थी।

वह एक परिश्रमी गृहिणी भी थी जो उसके घरेल कार्यों को बिना किसी नौकरानी की मदद लिए करती थी। वह खाने-पीने की सामग्री खरीदने जाती थी तथा भारी थैलों को लादकर घर ले आती थी। वह यहूदी महिला के प्रति मित्रता का भाव रखती थी और यहूदियों की परम्पराओं का अनुसरण करती थी। वह भी लगातार नाजियों द्वारा किए गए नरसंहार एवं विनाश के बारे में दुःख व्यक्त करती थी। वह अपने पति से अत्यधिक प्रेम करती थी तथा उसके स्वास्थ्य के बारे में चिंतित रहती थी।

Question 2.
What kind of atmosphere prevailed at the Brownsville wedding feast?
ब्राउन्सविले की शादी की दावत का माहौल किस प्रकार का था?
Answer:
Abraham Mekheles, a Landsman from Sencimin, was celebrating his daughter’s (Sylvia’s) marriage at a hall in Brownsville, an area on the outskirts of New York. The wedding was being celebrated on a Sunday night. Dr. Margolin was also a guest there. Almost every Senciminer had come there. Sencimin, a town destroyed by Hilter’s Nazis, was situated in Germany.

The atmosphere at the wedding hall was one of gaiety, pomp and show. Ear-splitting music and unruly dances marked the occasion. Foods and drinks of a great variety were lying in heaps. In the midst of revelry, there was a note of sorrowful memories of how they suffered on account of Hitler and his Nazis, how their near and dear ones were burnt, shot and killed, how some of them escaped and came to the USA as refugees. Thus the atmosphere was a mixture of jey and narrow.

अब्राहम मेखोलीज, जो सेन्सिमिन का एक जमींदार था, उसकी लड़की, सिल्विया, की शादी का जश्न ब्राउन्सविले नामक जगह, जो न्यूयॉर्क के बाहरी भाग में स्थित थी, पर मना रहा था। यह शादी एक रविवार की रात्रि के समारोह में सम्पन्न की जा रही थी। डॉ. मार्गोलिन भी यहाँ अतिथि के रूप में आए थे। करीब-करीब प्रत्येक सेन्सिमिन का निवासी यहाँ आया था। सेन्सिमिन जिसे हिटलर के नाजियों ने नष्ट कर दिया था, जर्मनी में स्थित एक कस्बा था।

शादी के हॉल का वातावरण मौज-मस्ती, धूम-धड़ाके एवं शान-शौकत से परिपूर्ण था। कानफोडू संगीत एवं भौंडे नृत्य कार्यक्रम की पहचान थे। विभिन्न प्रकार की खाद्य-वस्तुएँ एवं पेय पदार्थों के ढेर लगे थे। इस मौज-मस्ती के बीच दुःखद यादों का स्वर भी था, कि किस तरह वे हिटलर तथा उसके नाजियों के कारण परेशानियों से गुजरे, किस तरह उनके निकट के परिजनों को जलाकर गोलियों से भूनकर मार दिया गया, किस तरह उनमें से कुछ लोग बच निकले और शरणार्थियों के रूप में अमेरिका आ गए। इस प्रकार वातावरण आनन्द एवं दुःख का एक मिश्रण था।

Question 3.
What kind of experience did Dr. Margolin pass through during the wedding feast at Brownsville?
ब्राउन्सविले में शादी की दावत के दौरान डॉ. मार्गोलिन किस प्रकार के अनुभव से गुजरा?
Answer:
Dr. Margolin passed through a weird experience during the wedding feast at Brownsville. After having danced in a frantic whirl with a man, he stood apart. His eye was suddenly caught by a familiar form of a woman. He went up to her. He stood baffled. She looked neither young nor old. She had the same eyes and smile as his long-dead beloved Raizel had.

Raizel had married another man and was shot dead by the Nazis later. The woman said that she was his Raizel. Margolin was terribly confused. He thought the woman might be Raizel’s daughter. Even then, he wanted to marry her. He asked her where she had been all those years. She did not answer. Margolin took all this as a drunken stupor and decided “All this may be one long hallucination, perhaps a result of food poisoning.”

डॉ. मार्गोलिन ब्राउन्स्विले में आयोजित शादी की दावत के दौरान एक रहस्यमय अनुभव से गुजरे। एक उत्तेजना भरे एक व्यक्ति के साथ नृत्य के बाद वह अलग खड़े हो गए। उनकी नजर अचानक एक परिचित आकृति पर पड़ी। वह एक महिला थी। वह उसके पास गए। वह अत्यधिक असमंजस में थे। वह न तो वृद्ध दिखाई देती थी और न युवा। उसकी आँखें तथा मुस्कुराहट उनकी काफी समय पूर्व मर चुकी प्रेमिका रैजेल की जैसी ही थीं।

रैजेल ने किसी अन्य व्यक्ति से शादी कर ली थी और बाद में उसे नाजियों द्वारा गोली मार दी गई थी। उस महिला ने कहा कि वह उनकी रैज़ेल ही थी। मार्गोलिन भयानक रूप से चक्कर में पड़ गए थे। उन्होंने सोचा कि वह महिला रैज़ेल की पुत्री हो सकती थी। फिर भी उन्होंने उससे विवाह करना चाहा। मार्गोलिन ने उससे पूछा कि वह इतने वर्षों तक कहाँ थी। उसने उत्तर नहीं दिया। मार्गोलिन ने इस अनुभव को शराब के नशे से उत्पन्न तंद्रा माना और तय किया कि “यह सब एक लम्बे समय तक चलने वाली भ्रम की स्थिति हो सकती है, शायद भोजन से हुई बदहजमी का परिणाम।”

Seen Passages

Passage-1.

Dr. Margolin admitted to himself that his wife was right. When would he get a chance to sleep? He had to be at the hospital early Monday morning. Moreover he was on a strict fat-free diet. A wedding like this one would be a feast of poisons. Everything about such celebrations irritated him now : the Anglicised Yiddish, the Yiddishised English, the earsplitting music and unruly dances.

Jewish laws and customs were completely distorted; men who had no regard for Jewishness wore skullcaps; and the reverend rabbis and cantors aped the Christian ministers. Whenever he took Gretl to a wedding or Bar Mitzvah, he was ashamed. Even she, born a Christian, could see that American Judaism was a mess. At least this time he would be spared the trouble of making apologies to her.

Questions :

  1. What was Dr. Margolin’s complaint regarding the food at the wedding feast?
    शादी की दावत के भोजन के संबंध में डॉ. मार्गोलिन की शिकायत क्या थी?
  2. Which things irritated Dr. Margolin at the celebrations of the Jew’s living in the USA?
    अमेरिका में रह रहे यहूदियों के समारोहों में किन चीजों से डॉ. मार्गोलिन को चिढ़ होती थी?
  3. Why did Margolin feel ashamed when he took Gretl, his wife, to a wedding?
    डॉ. मार्गोलिन किसी शादी में अपनी पत्नी को साथ लेकर जाने पर शर्मिन्दा क्यों होते थे?
    Answers :
  4. Dr. Margolin’s complaint about the food at wedding feasts was that the food served there was too greasy to suit his health as he was on a strict fat-free diet.

शादी की दावतों के भोजन के बारे में डॉ. मार्गोलिन की शिकायत यह थी कि वहाँ परोसा जाने वाला भोजन इतना तैलीय (वसायुक्त) होता था कि उनके स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं रहता था क्योंकि वह बिल्कुल वसारहित भोजन खाते थे।

  1. Use of Yiddish corrupted by English and vice versa, loud, deafening music, unruly dances and disregard of Jewish laws and customs irritated him.
    अंग्रेजी द्वारा प्रदूषित यिडिश भाषा तथा यिडिश द्वारा प्रदूषित अंग्रेजी का प्रयोग, ऊँचे स्वर में बहरा कर देने वाला संगीत, भौंडे नृत्य तथा यहूदी नियमों तथा परम्पराओं का तिरस्कार उसे चिढ़ा देते थे।
  2. Whenever he took Gretl to a wedding, he felt ashamed. Borm a Christian, she could see how the Jews spoke a corrupted language, how they danced to an ear-splitting music and disregarded Jewish customs and laws.
    जब भी वह ग्रेट्ल् को किसी शादी में लेकर जाता था, वह शर्मिन्दा महसूस करता था। ईसाई परिवार में पैदा होने के कारण वह देख सकती थी कि वे किस प्रकार अशुद्ध भाषा बोलते थे, किस प्रकार वे कानफोडू संगीत पर नाचते थे तथा यहूदी रीति-रिवाजों तथा नियमों की अनदेखी करते थे।.

Passage-2.

Solomon Margolin regarded her quietly. She had her own share of troubles. She had suffered in silence for her two brothers, even for Hans, the Nazi. She had gone through a prolonged change of life. Now her face was flushed and covered with beads of sweat. He earned more than enough to pay for a maid, yet Gretl insisted on doing all the house work herself, even the laundry.

It had become a mania with her. Every day she scoured the oven. She was forever polishing the windows of their apartment on the sixteenth floor and without using a safety belt. All the other housewives in the building ordered their groceries delivered, but Gretl lugged the heavy bags from the supermarket herself.

Now husband and wife sized each other up wryly, feeling the strangeness that comes of great familiarity. He was always amazed at how she had lost her looks. No one feature had altered, but something in her aspect had given way : her pride, her hopefulness, her curiosity.

Questions :

  1. Why was Gretl troubled?
    ग्रेट्ल् दुःखी क्यों थी?
  2. What had become a mania with Gretl?
    ग्रेट्ल के लिए कौनसी बात उन्माद (पागलपन) बन गई थी?
  3. What had Gretl lost?
    ग्रेट्ल ने क्या खो दिया था?
    Answers :
  4. She was troubled over the death of her two brothers. She suffered in silence even for Hans, the Nazi. Nazis were responsible for mass murder of Jews in Germany under Hitler.
    वह अपने दो भाइयों की मौत से दुःखी थी। वह हंस के लिए भी चुपचाप परेशान रहती थी, चाहे वह नाजी ही क्यों न था। नाजी लोग हिटलर के अन्तर्गत यहूदियों की सामूहिक हत्याओं के लिए जिम्मेदार थे।
  5. Gretl insisted on doing all the house-work herself, even the washing of clothes. This became a mania with her.
    ग्रेट्ल् घर का सारा काम स्वयं ही करने पर अड़ी हुई थी जिसमें कपड़े धोना भी शामिल था। ऐसा करना उसके लिए उन्माद (पागलपन) बन चुका था।
  6. Something in her looks was lost. It could be her pride, her hopefulness and her curiosity.
    उसके स्वरूप से कोई चीज गायब हो गई थी। यह उसका अभिमान, उसका आशावाद तथा उसकी जिज्ञासा हो सकती थी।

Passage-3.

Some time later the taxi started moving again. Solomon Margolin was now driving through streets he had never seen before. It was New York but it might just as well have been Chicago or Cleveland. They passed through an industrial district with factory buildings, ware houses of coal, lumber, scrap iron.

Negroes, strangely black, stood about on the sidewalks, starting ahead, their great dark eyes full of gloomy hoplessness. Occasionally the car would pass a tavern. The people at the bar seemed to have somthing unearthly about them, as if they were being punished here for sins committed in another incarnation.

Just when Solomon Margolin was beginning to suspect that the driver, who had remained stubbornly silent the whole time, had gotten lost or else was deliberately taking him out of his way, the taxi entered a thickly populated neighbourhood. They passed a synagogue, a funeral parlour, and there, ahead, was the wedding hall, all lit up, with its neon Jewish sign and Star of David. Dr. Margolin gave the driver a dollar tip and the man took it without uttering a word.

Questions :

  1. What kind of place did Solomon Margolin in his taxi pass through? What did he see?
    सोलोमोन मार्गोलिन की टैक्सी किस प्रकार के स्थान से होकर गुजरी? उसने क्या देखा?
  2. What did Margolin think of the people at the bar?
    शराबघर पर उपस्थित लोगों के बारे में मार्गोलिन ने क्या सोचा?
  3. What did Margolin suspect the driver of?
    मार्गोलिन ने ड्राइवर पर क्या संदेह किया?
    Answers :
  4. Margolin’s taxi passed through an industrial district with factory buildings and ware houses. Negro lobourers were standing on the side walks. They also passed taverns.
    मार्गोलिन की टैक्सी एक औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरी जहाँ कारखानों की इमारतें तथा गोदाम थे। नीग्रो मजदूर बगल के रास्तों पर खड़े थे। वे शराबखानों के पास से भी गुजरे।
  5. Margolin thought that the people at the bar of a tavern had something mysterious about them and that they were being punished for the sins committed in their previous lives.
    मार्गोलिन ने सोचा कि शराबखाने में उपस्थित लोग उनके बारे में कुछ रहस्यमय बात रखते थे और कि उन्हें उनके पूर्व जीवन में किए गए पापों के लिए दण्डित किया जा रहा था।
  6. Margolin suspected that the driver of the taxi was intentionally silent either because he had lost the way or else he has purposely taking him out of his way.
    मार्गोलिन ने संदेह किया कि टैक्सी का ड्राइवर समझ बूझकर कर इसलिए चुप था क्योंकि या तो वह रास्ता चूक गया था, या फिर इरादतन उसे रास्ते से भटका रहा था।

Passage-4.

Margolin took her arm and felt at once the thrill, long forgotten, of youthful desire. He steered her away from the other guests, afraid that he might lose her in the crowd, or that some one would break in and spoil his happiness. Everything had returned on the instant : the embarrassment, the agitation, the joy. He wanted to take her away, to hide somewhere alone with her.

Leaving the reception hall, they went upstairs to the chapel where the wedding ceremony was to take place. The door was standing open. Inside, on a raised platform stood the permanent wedding canopy. A bottle of wine and a silver goblet were placed in readiness for the ceremony. The chapel with its empty pews and only one glimmering light was full of shadows. The music, so blaring below, sounded soft and distant up here. Both of them hesitated at the threshold.

Margolin pointed to the wedding Canopy. ‘We could have stood there.’ ‘Yes.’ ‘Tell me about yourself. Where are you now? What are you doing?’ ‘It is not easy to tell.’ ‘Are you alone? Are you attached?’ ‘Attached? No. ‘Would you never have let me hear from you?’ he asked. She didn’t answer.

Questions :

  1. Which emotions overwhelmed Dr. Margolin when he met Raizel, his former love?
    जब डॉ. मार्गोलिन अपनी भूतपूर्व प्रेमिका रैजेल से मिला तो वह किन मनोभावों से ओतप्रोत हो गया?
  2. Why did Margolin want to take Raizel away?
    मार्गोलिन रैजेल को क्यों दूर ले जाना चाहता था?
  3. What did Margolin and Raizel talk about after they had gone upstairs to the chapel?
    सीढ़ियों से चढ़कर प्रार्थना-कक्ष में पहुँचने के बाद मार्गोलिन तथा रैजेल ने किस बारे में बातें कीं?
    Answers :
  4. He was overwhelmed by the emotions of embarrassment, agitation and joy.
    वह घबराहट, व्याकुलता तथा आनन्द के मनोभावों से ओतप्रोत हो गया।
  5. He had found his lost love after so many years. He wanted to take her away to some private place, so that they might not be disturbed by any visitor.
    उसे बहुत वर्षों बाद उसका खोया हुआ प्यार मिल गया था। वह उसे किसी व्यक्तिगत स्थान पर ले जाना चाहता था ताकि उन्हें कोई आगन्तुक बाधा न पहुँचा दे।।
  6. Margolin expressed his unfulfilled wish that they could have been husband and wife and wanted to know where Raizel was then and what she was doing.
    मार्गोलिन ने अपनी अतृप्त इच्छा को प्रकट किया कि वे पति एवं पत्नी हो सकते थे। वह यह भी जानना चाहता था कि उस समय वह कहाँ रहती थी और क्या करती थी।

A Wedding in Brownsville Summary and Translation in Hindi
About the Author-

Isaac Bashevis Singer was born is Poland. His father and grandfather were rabbis and he was educated at the Warsaw Rabbinical Seminary. In 1935 he emigrated to the US and since then has worked as a regular journalist and columnist for the New York paper. The Jewish Daily Forward.

RBSE Class 12 English Kaleidoscope Short Stories Chapter 4 Tomorrow 1
Apart from some early work published in Warsaw, nearly all his fiction has been written in Yiddish for this journal. It is relatively recently that Singer’s work has been translated on any scale and that his merit, and the endurance of Isaac Bashevis his writing, have been recognised by a general audience. He was Singer awarded the Nobel Prize for literature in 1978. His publications include A Friend of Kafka, The Seance and Other Stories.

लेखक के बारे में-

आइजैक बैशेविस सिंगर का जन्म पोलैंड में हुआ था। उसके पिता तथा दादा यहूदियों के पादरी थे। उनकी शिक्षा वारसा (पोलैंड) में रबाईनिकल सेमिनरी में हुई थी। 1935 में वह स्वदेश छोड़कर अमेरिका में बस गए और तब से ही वह एक नियमित पत्रकार स्तंभ-लेखक रहे हैं। उन्होंने न्यूयॉर्क के अखबार “द ज्यूइश डेली फारवर्ड के लिए लिखा है। वारसा में कुछ प्रारंभिक रचनाओं के प्रकाशन के अतिरिक्त करीब-करीब उनका सारा कथा-साहित्य इस पत्रिका के लिए उन्होंने यिडिश भाषा में लिखा है।

ऐसा तुलनात्मक रूप से कुछ समय पूर्व ही हुआ है कि सिंगर की रचनाएं किसी मात्रा में अनुवादित हुई हैं और उनकी (सिंगर की) गुणवत्ता तथा उनके लेखन के टिकाऊपन को सामान्य पाठकों द्वारा मान्यता दी गई है। उन्हें 1978 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। उनकी प्रकाशित रचनाओं में “ए फ्रेंड ऑफ काफ्का”, “द सीएन्स एण्ड अदर स्टोरीज़” शामिल हैं।

About the Story-

“A Wedding in Brownsville” is a story about Dr. Solomon Margolin. The author has described the automatic, illogical and uncontrolled associations of his main character, Dr. Solomon Margolin. Dr. Solomon belonged to a Sencimin community. He was the son of a poor teacher of Talmud. Right from his childhood, he was very intelligent, but he spent much of his time in other countries, learning their languages. As a child he could recite long passages from the Bible.

He taught algebra and geometry also. At an early age he had done so much that it was predicted that he would become a genius. Later on, he started loving a beautiful girl named Raizel, who was the daughter of Melekh the watchmaker. He had a mania and considered himself to be a very handsome youngman.

Due to the II world war and its devastating results, he suffered from hypochondria and the fear of death haunted even his dreams. Hitler’s carnage spoiled all his expectations of better days. The town of his community (Sencimin) had been destroyed. His family had been tortured, burned and gassed there. So, Dr. Margolin left his native land and settled in the U.S.A. In the U.S., he was appointed to a committee by the Zionists and was a board.

member of a Jewish scholastic society and also a co-editor of an academic Jewish quarterly. He treated rabbis, refugees and Jewish writers without charge. Now Abraham Mekheles was marrying off his youngest daughter Sylvia. Gretl, Margolin’s wife, refused to go with him to the wedding in the wilds of Brownsville.

However, Solomon was free to go and gorge himself on all sorts of oily food and come home at three o’clock in the morning. Solomon too, was not very willing to go as he would be at the hospital early Monday morning and was on a fat- free diet. He disliked such celebrations with the ear-splitting music and unruly dances.

Yet he decided to go as everyone of his community would be there. Besides, he was an important figure in Jewish circles in New York. He took a taxi to the wedding site. He peered through the frosted window in to the wintry Sunday night, but there was nothing to be seen. He kept sitting in the taxi and started to think about God, a Hitler, and a Stalin, heart attacks and cancers. On the Eastern parkway the taxi was jolted and stopped with a screech suddenly. An accident had taken place. A wounded man was carried to the ambulance on a stretcher.

Dr. Margolin thought he too, was going to a marriage, perhaps, to the same marriage as he was going to. Dr. Margolin reached the wedding hall and was surrounded by familiar faces. It was filled with people and music, food and liquor. Standing in corner, he saw a lady who had just arrived. In his subconscious mind he thought she was his former love, Raizel. They went upstairs and talked in detail. But when he took her in his arms, some doubtful feelings came into his mind.

Raizel had died long before. It was his subconscious mind that made him imagine. When he became conscious, he found that it was either an illusion or the effect of intoxication or foodpoisoning. He also found that the hall (wedding place) was full and the ceremony was going on. Abraham Mekheles was leading his daughter down the aisle.

कहानी के बारे में-

“ए वैडिंग इन ब्राउन्स्विले” नामक कहानी एक डॉक्टर के बारे में है जिसका नाम सोलोमन मार्गोलिन है । लेखक ने उसकी कहानी के मुख्य पात्र, डॉ. सोलोमोन मार्गोलिन की अव्यवस्थित, तर्करहित तथा अनियंत्रित भावनाओं का वर्णन किया है। डॉ. मार्गोलिन का संबंध सेन्सिमिन के एक समुदाय से था। वह तालमुड के एक गरीब अध्यापक का पुत्र था। बचपन से ही वह अत्यन्त बुद्धिमान था, लेकिन उसने काफी समय दूसरे देशों में उन देशों की भाषाओं को सीखने में बिताया था।

बालक के रूप में उसने बाइबल के लंबे-लंबे पैरा सुनाए थे। उसने बीज-गणित तथा रेखा-गणित का अध्यापन भी किया था। छोटी उम्र में ही उसने इतना कर लिया था कि उसके बारे में भविष्यवाणी की जाती थी कि वह एक प्रतिभा बनेगा। बाद में उसने एक सुन्दर लड़की रेज़ेल से प्रेम करना शुरू कर दिया। वह मेलेख नाम के एक घड़ीसाज़ की पुत्री थी। उसे एक तरह का पागलपन था और वह स्वयं को एक अत्यंत सुंदर युवक मानता था।

द्वितीय विश्वयुद्ध तथा इसके विनाशकारी परिणामों के कारण वह “रोगभ्रंम” नामक बीमारी से पीड़ित रहने लगा और मृत्यु का भय उसे सपनों में भी सताने लगा। हिटलर के द्वारा किए गए नरसंहार ने अच्छे दिनों की उसकी उम्मीदों को ही बिगाड़ दिया। उसके समुदाय का शहर, सेन्सिमिन, नष्ट कर दिया गया। उसके परिवार को शारीरिक कष्ट दिए गए, जला दिया गया और गैस से दम घोंटकर मार दिया गया। इसलिए डॉ. मार्गोलिन ने उसकी जन्मभूमि को छोड़ा और अमेरिका में रहने लगा।

अमेरिका में जिऑनिस्ट समर्थकों ने उन्हें एक समिति में नियुक्त कर दिया और ज्यूइश स्कॉलेस्टिक सोसाइटी के बोर्ड में उन्हें सदस्य बना दिया गया तथा वह एक शैक्षणिक ज्यूइश त्रैमासिक के सह-सम्पादक भी बन गए। वह यहूदी धर्म-गुरुओं, शरणार्थियों तथा यहूदी लेखकों का मुफ्त इलाज करने लगे। अब अब्राहम मेखेलीज उसकी सबसे छोटी पुत्री सिल्विया का विवाह करने जा रहा था ।

ग्रेट्ल, डॉ. मार्गोलिन की पत्नी, ने इस विवाह के कार्यक्रम में शामिल होने से मना कर दिया क्योंकि यह कार्यक्रम ब्राउन्सविले के जंगली क्षेत्र में आयोजित होने जा रहा था। किन्तु सोलोमोन को स्वतंत्रता थी कि वह जाए और सभी प्रकार के तैलीय व्यंजनों को ढूंस-ठूस कर खाए और सुबह 3 बजे घर लौटकर आए। सोलोमन भी बहुत इच्छुक नहीं था कि वह जाए क्योंकि उसे सोमवार को सुबह जल्दी ही अस्पताल पहुंचना था और वह चिकनाई-रहित भोजन खा रहा था। उसे इस प्रकार के आयोजन पसंद नहीं थे जहां कान-फोडू संगीत तथा भद्दे नृत्य होते थे। फिर भी उसने वहां जाने का निर्णय किया क्योंकि उसके समुदाय का प्रत्येक व्यक्ति वहां आने वाला था।

इसके अतिरिक्त वह न्यूयॉर्क के यहूदी समाज में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति था। उसने विवाह के स्थान पर पहुंचने के लिए एक टैक्सी ली। उसने टैक्सी की खिड़की, जिस पर बर्फ जमी थी में से बाहर झांकने की कोशिश की ताकि वह रविवार की सर्द मौसम की रात्रि का दृश्य देख सके। लेकिन देखने को कुछ नहीं था । वह टैक्सी में बैठा रहा और उसने ईश्वर, हिटलर तथा स्टालिन, हार्ट-अटैक्स तथा कैंसर की बीमारियों के बारे में चिंतन शुरू कर दिया। ईस्टर्न पार्कवे पर टैक्सी ने झटका खाया और अचानक चीखने जैसी आवाज के साथ अचानक रुक गई। कोई दुर्घटना हो गई थी। एक घायल व्यक्ति को एम्बुलेंस में एक स्ट्रेचर पर लादकर पहुंचाया गया।

डॉ. मार्गोलिन ने सोचा कि वह व्यक्ति भी किसी विवाह में जा रहा था, शायद उसी विवाह में जिसमें वह स्वयं जा रहा था। डॉ. मार्गोलिन शादी के हॉल में पहुंचे और उन्हें परिचित लोगों ने घेर लिया। हॉल लोगों, संगीत, भोजन और शराब से भरा हुआ था। कोने में खड़े हुए डॉ. मार्गोलिन ने एक नवागन्तुक महिला को देखा। उसके अवचेतन मस्तिष्क में यह विचार आया कि वह महिला उसकी पूर्व-प्रेमिका रेज़ेल थी। वे ऊपर की मंजिल में चले गए और उन्होंने विस्तार से वार्तालाप किया।

लेकिन जब डॉ. मार्गोलिन ने उसे बाँहों में लिया तो उनके मस्तिष्क में संदेह के विचार आए। रेजेल तो बहुत पहले ही मर चुकी थी। उसका अवचेतन मस्तिष्क ही उसे ऐसा सोचने पर बाध्य कर रहा था। जब वह सामान्य चेतना की स्थिति में आए तो उन्हें लगा कि या तो यह कोई भ्रम था अथवा नशे का प्रभाव अथवा बदहजमी का प्रभाव । उन्होंने यह भी देखा कि हॉल (शादी का स्थान) भर चुका था और उत्सव जारी था। अब्राहम मेखेलीज़ उसकी पुत्री को चर्च के गलियारे से | वेदी की ओर ले जा रहा था।

कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद

The wedding had been a burden……..making apologies to her. (Pages 21-22)

कठिन शब्दार्थ-Zionists (जिऑनिस्ट्स् ) = advocates of re-settling Jews in Palestine as their national home, यहूदियों को उनके राष्ट्रीय घर, पैलिस्टाइन में पुनर्स्थापित करने के समर्थक। Jewish (ज्यूइश) = related to the Jews, यहूदियों का । scholastic (स्कॉलैस्टिक) = connected with schools and education, स्कूलों तथा शिक्षा से संबंधित । quarterly (क्वॉटलि) = once every three months, त्रैमासिक पत्रिका।

agnostic (ऐग्नॉस्टिक) = not sure of god’s existence, ईश्वर के अस्तित्व में संशय रखने वाला। atheist (एथिइस्ट) = one who believes that there is no God, नास्तिक, निरीश्वरवादी। seders (सेड(र)ज) = a Jewish home or community service including a dinner, यहूदियों के घर अथवा समुदाय की पूजा जिसमें भोजन का आयोजन भी शामिल था। rabbis (रेबाइज) = a Jewish religious leader or teacher of Jewish law, रब्बी, यहूदियों का धार्मिक गुरु ।

carted off (काड ऑफ) = carried off, लादकर ले जाए जाना। wilds (वाइल्ड्ज् ) = places far away from towns, निर्जन स्थान । gorge (गॉज) = to eat a lot of food, भकोसना, खूब खाना। prerogative (प्रिरॉगटिव्) = a special right, विशेष अधिकार। Yiddish (यिडिश्) = dialect of mixed German and Hebrew used by Jews in Europe, यहूदियों द्वारा यूरोप में बोले जाने वाली एक बोली। reverend (रेवरन्ड्) = respectable, आदरणीय।

हिन्दी अनुवाद-यह विवाह डॉ. सोलोमोन के लिए शुरू से ही एक बोझ बना हुआ था। यह सच था कि इस आयोजन को रविवार को होना तय था, लेकिन ग्रेट्ल सही थी जब उसने कहा था कि यही एक शाम पूरे सप्ताह में थी जिसे वे साथ-साथ बिता सकते थे। हमेशा ऐसा ही होता था। उसकी (डॉ. सोलोमोन की) उसके समाज के प्रति जिम्मेदारियां उसे उन संध्याओं का त्याग करने को बाध्य कर देती थीं जिन पर ग्रेट्ल का अधिकार था। जिऑनिस्ट लोगों ने उसे एक समिति में नियुक्त कर दिया था; वह यहूदियों की शैक्षणिक सोसाइटी के बोर्ड का एक सदस्य था; वह यहूदियों की एक शैक्षणिक त्रैमासिक पत्रिका का सह-सम्पादक बन गया था।

और, यद्यपि वह स्वयं को प्रायः संशयवादी (ईश्वर के अस्तित्व में संदेह करने वाला), तथा निरीश्वरवादी बताता था, फिर भी वह ग्रेट्ल् को सेडर नामक धार्मिक उत्सव में, जो सेन्सिमिन के एक जमीनदार, मेखेलीज़ के घर पर आयोजित होता था. वर्षों से घसीट ले जाया करता था। डॉ. मार्गोलिन यहूदी धर्मगुरुओं, शरणार्थियों तथा यहूदी लेखकों का इलाज मुफ्त में करता था, और उन्हें दवाइयां, और आवश्यक होने पर, अस्पताल में बिस्तर उपलब्ध कराता था।

एक समय था जब वह सेन्सिमिनर सोसाइटी की मीटिंगों में नियमित रूप से जाया करता था, और उसने वहां के पदधारियों के बीच पदग्रहण किए थे, और उनकी सभी दावतों में उपस्थित हुआ करता था। अब अब्राहम मेखलीज़ उसकी सबसे छोटी पुत्री, सिल्विया, की शादी करने जा रहा था। निमंत्रण आने के साथ ही ग्रेट्ल ने उसका निर्णय घोषित कर दिया थाः वह स्वयं को ब्राउन्स्विले के निर्जन स्थान पर लादकर ले जाने की इजाजत नहीं देगी। अगर वह, सोलोमोन, जाना चाहे और सभी प्रकार के तैलीय भोजन को ढूंस-ठूस कर खाना चाहे, सुबह तीन बजे घर लौटकर आना चाहे, तो यह उसका विशेषाधिकार था।

डॉ. मार्गोलिन ने मन-ही-मन स्वीकार किया कि उसकी पत्नी सही थी। वह कब सो पाएगा? उसे सोमवार को जल्दी सुबह अस्पताल में पहुंचना होगा। इसके अतिरिक्त वह उन दिनों बिल्कुल वसारहित भोजन पर था। इस प्रकार की कोई शादी तो जहर की दावत ही होगी। अब इस प्रकार के उत्सवों की प्रत्येक चीज़ उसे क्रुद्ध करती थी: अंग्रेजी का पुट लिए हुए यिडिश बोली, यिडिश का पुट लिए अंग्रेजी, कान-फोडू संगीत तथा बेहूदा नाच-गान।

यहूदियों के कानून तथा रीति-रिवाज पूरी तरह तोड़-मरोड़ दिए गए थे ; वे लोग जो यहूदीपन के प्रति सम्मान नहीं रखते थे, सिर पर टोपियां पहनते थे; तथा आदरणीय धर्मगुरु एवं भजनों की गायकी में अगुवाई करने वाले लोग ईसाई पादरियों की नकल करने लगे थे। जब कभी भी वह (डॉ. मार्गोलिन) ग्रेट्ल को किसी विवाह अथवा बार में लेकर जाता था तो उसे शर्मिंदा होना पड़ता था। ग्रेट्ल भी, जो ईसाई के रूप में जन्मी थी, देख सकती थी कि अमेरिका का यहूदी धर्म अब उल्टा-पुल्टा हो गया था। कम-से-कम इस बार वह उससे क्षमायाचना करने की तकलीफ से बचा रहेगा।

Usually after breakfast…………………reserved for themselves. (Pages 22-23)

कठिन शब्दार्थ-Palisades (पैलिसेड्स) = bold cliffs along the Hudson river, हड्सन नदी के किनारे पर स्थित नोकदार पहाड़ियां, I pester (पेस्ट(र)) = annoy, परेशान करना। reproach (रिप्रोच्) = scold, accuse, फटकारना, दोष लगाना। aloof (अलूफ्) = keep away from, दूर-दूर रहना। snob (स्नॉब्) = a person with a superiority complex, दंभी, वर्गदंभी। dreary (ड्रिअरि) = boring, uninteresting, नीरस, अनाकर्षक।

meticulously (मटिक्यलस्लि ) = very carefully, अत्यधिक सावधानीपूर्वक। temples (टेम्प्ल्ज् ) = flat parts on each side of forehead, कनपटियां। lined (लाइन्ड्) = with wrinkles, झुर्रियोंदारः । blonde (ब्लॉन्ड्) = with fair or yellow hair, शुभ अथवा वर्ण केशों वाला व्यक्ति । calves (काव्ज) = the back of legs, टाँगों की पिंडलियां। typhus (टाइफस्) = a kind of disease with high fever, उच्च प्रकार के ज्वर की बीमारी। vegetated (वेजिटेट्ड्) = living without any brain activity, निष्क्रियता का जीवन जी रहा।

हिन्दी अनुवाद-सामान्यतः रविवार को नाश्ते के बाद वह तथा उसकी पत्नी सेंट्रल पार्क में भ्रमण करते, अथवा जब मौसम ठीक-ठाक होता, नोकदार पहाड़ियों की ओर चले जाते। लेकिन आज सोलोमोन मार्गोलिन बिस्तरों में ही ठहरा रहा। इन वर्षों के दौरान उसने सेन्सिमिनर सोसाइटी के कार्यक्रमों में जाना बन्द कर दिया था। इसी बीच सेन्सिमिन शहर को नष्ट कर दिया गया था। वहां उसके परिवार को यातनाएं दी गईं, जला दिया गया तथा गैस से दम घोंटकर मार डाला गया। सेन्सिमिन के कई लोग जीवित बच गए थे और बाद में शिविरों से अमेरिका में आ गए थे। लेकिन इनमें से अधिकतर युवक थे जिन्हें सोलोमोन उस देश में नहीं जाना करता था।

आज की रात प्रत्येक व्यक्ति वहां (शादी में) होगा; वधू-पक्ष के सेन्सिमिनर लोग और वर-पक्ष से जुड़े टेरेशपोलर्स लोग। वह जानता था कि वे उसे किस प्रकार परेशान करेंगे, उसे दूर-दूर रहने के लिए फटकारेंगे, संकेतों में उसे घमंडी कहेंगे। वे उसे परिचित मानकर संबोधित करेंगे, पीठ पर थपकी मारेंगे, उसे घसीटकर नाचने के लिए ले जाएंगे। ठीक है, फिर भी, उसे सिल्विया की शादी में तो जाना ही होगा। उसने पहले ही उपहार तो भेज ही दिया था।

दिन उग आया था, सलेटी तथा धुंधलके जैसा नीरसता से भरा । रातभर, भारी बर्फबारी हुई थी। सोलोमोन मार्गोलिन ने उम्मीद की थी कि वह उस नींद की पूर्ति कर लेगा जिसे उसे खो देना होगा, लेकिन दुर्भाग्यवश वह सामान्य समय से भी पूर्व जग गया था। अन्त में वह उठ खड़ा हुआ।

उसने स्नानघर के दर्पण के पास अत्यन्त सावधानी के साथ दाढ़ी बनाई और कनपटियों पर के शुभ्र बालों की काट-छांट की। आज अन्य दिनों की अपेक्षा वह अपनी उम्र के अनुरूप दिखाई दे रहा था : उसकी आँखों के नीचे की चमड़ी थैलों की भांति लटक रही थी, और उसके चेहरे पर झुर्रियां थीं। उसके हावभाव में थकान दिखाई देती थी।

उसकी नाक सामान्य की अपेक्षा अधिक लंबी तथा तीखी प्रतीत होती थी; उसके मुँह की बगलों में गहरे लपेटे (त्वचा के) थे। नाश्ते के बाद वह बैठक के सोफा पर फैलकर बैठ गया था। वहां से वह ग्रेट्ल को देख सकता था जो रसोईघर में खड़ी थी, कपड़ों पर इस्तरी करती हुई-वह सफेद पीले बालों वाली, चमक खो चुकी, मध्यम उम्र की थी।

उसने एक ओछा पेटीकोट पहन रखा था और उसके पैरों की पिंडलियां एक नर्तक की पिंडलियों की भांति मांसल थीं। ग्रेट्ल् बर्लिन के अस्पताल में नर्स थी जहां वह स्वयं स्टाफ का सदस्य था। उसके परिवार में, एक भाई, जो नाजी दल का था, टाइफस नामक बुखार से मर चुका था, रूस के एक कारावास-शिविर में ।

दूसरा भाई, जो एक कम्युनिस्ट (साम्यवादी) था, नाज़ी लोगों द्वारा मार डाला गया था। उसका (ग्रेट्ल् का) पिता अपनी दूसरी पुत्री के घर पर हैमबर्ग में, निष्क्रिय होकर रह रहा था और ग्रेट्ल उसे नियमित रूप से धन भेजा करती थी। वह स्वयं न्यूयार्क में करीब-करीब यहूदियों जैसी बन चुकी थी। उसने यहूदी महिलाओं से मित्रता कर ली थी, उनके समूह में शामिल हो गई थी और उसने यहूदी व्यंजन पकाना सीख लिया था।

इतना ही नहीं, उसकी आह भी यहूदियों जैसी हो चुकी थी। और वह लगातार नाजियों द्वारा किए सर्वनाश पर दुःख जताती रहती थी। उसने स्वयं के लिए जमीन का एक टुकड़ा डॉ. मार्गोलिन के टुकड़े की बगल में ले लिया था, कब्रिस्तान के उस हिस्से में जिसे सेन्सिमिन के निवासियों ने स्वयं के लिए आरक्षित कर लिया था।

Dr. Margolin yawned …….. What shirt are you going to put on?’ (Pages 23-24)

कठिन शब्दार्थ-Ostensibly (ऑस्टेन्सब्लि ) = seemingly, प्रतीत रूप से। acclaimed (अक्लेम्ड्) = praised, admired, प्रशंसा किया गया। prodigy (प्रॉडजि) = a child who is unusually good at something, प्रतिभा सम्पन्न बालक। talmud (तालमुड्) = an authoritative body of Jewish tradition, यहूदी परंपरा का एक प्रामाणिक ग्रंथ। commentaries (कॉमस्ट्रिज़) = explanations, व्याख्याएं। Responsum (रिस्पॉन्सम्) = a written decision from a rabbinic authority, धर्म-गुरुओं का लिखित निर्णय । illustrious (इलस्ट्रिअस्) = famous and successful, प्रसिद्ध एवं सफल ।

genius (जीनिअस्) = a person with great and unusual ability, असाधारण क्षमता संपन्न व्यक्ति । squanderd (स्क्वॉन्डर(र)ड) = wasted, बरबाद किया। plagued (प्लग्ड्) = caused a lot of trouble, मुसीबत खड़ी कर दी गई। eternal (इटन्ल) = continuing for ever, शाश्वत, स्थायी । hypochondria (हाइपकॉन्ड्रिआ) = morbid depression about one’s own health, स्वास्थ्य के बारे में असाधारण चिन्ता, रोगभ्रम ।

haunted (हॉन्ट्ड्)ि = was always in his mind, उसके दिमाग में हमेशा रहता था। carnage (कॉनिज्) = massacre, नरसंहार। extinction (इस्टिङ्क्श्न् ) = विलोप, विनाश। matrons (मेट्रन्ज्) = married women, शादीशुदा महिलाएं । devising (डिवाइजिङ्) = inventing, आविष्कार कर रहे ।

हिन्दी अनुवाद-डॉ. मार्गोलिन ने जंभाई ली, सिगरेट के लिए हाथ बढ़ाया जो उसके पास रखी कॉफी की टेबल पर एशट्रे में पड़ी थी। उसने स्वयं के बारे में सोचना शुरू किया। उसका पेशा ठीक प्रकार से चला था। ऐसा प्रतीत होता था कि वह एक सफल व्यक्ति था। वेस्ट एंड एवन्यू पर उसका एक ऑफिस था और उसके मरीज धनवान थे। उसके सहकर्मी उसका सम्मान करते थे और न्यूयॉर्क के यहूदी समाज-समूहों में वह एक महत्वपूर्ण व्यक्ति था। सेन्सिमिन से आया एक लड़का इससे अधिक क्या अपेक्षा कर सकता था?

वह एक स्व-प्रशिक्षित व्यक्ति था तथा यहूदी परंपरा के प्रामाणिक ग्रंथ, तालमुड को पढ़ाने वाले एक गरीब अध्यापक का पुत्र था। व्यक्तित्व से वह ऊंचे कद का था और बहुत सुंदर था और उसे महिलाओं से मेल-मिलाप में हमेशा अच्छा महसूस होता था। वह अभी भी उनका पीछा किया करता था- उसकी उम्र तथा उच्च रक्तचाप को देखते हुए कुछ अधिक ही।

लेकिन गुप्त रूप से सोलोमोन मार्गोलिन ने हमेशा यह महसूस किया था कि वह एक असफल व्यक्ति था। बालक के रूप में उसकी प्रशंसा एक अत्यन्त प्रतिभा संपन्न व्यक्ति के रूप में थी जो बाइबल के लंबे-लंबे पैरा सुनाया करता तथा बिना किसी सहायता के तालमुड तथा इसकी व्याख्याओं का अध्ययन किया करता था।

जब वह ग्यारह वर्ष का लड़का था, उसने टारनो के धर्म-गुरु को उसके बारे में लिखित में निर्णय मांगा। इस धर्म-गुरु ने उसके उत्तर में सोलोमोन को “महान् एवं प्रसिद्ध” के रूप में उल्लेखित किया था। किशोरोवस्था में वह “गाइड फॉर द परप्लेक्स्ट” तथा “कुजरी” में दक्ष हो गया था। उसने स्वयं को बीजगणित तथा रेखागणित पढ़ाई थी।

सत्रह वर्ष की उम्र में उसने स्पिनोज़ा की पुस्तक “एथिक्स” का लेटिन से हेब्रू में अनुवाद करने का प्रयास किया था। उसे यह पता नहीं था कि ऐसा पहले किया जा चुका था। हर व्यक्ति भविष्यवाणी करता था कि वह असाधारण प्रतिभासंपन्न व्यक्ति होगा। लेकिन उसने उसकी क्षमताओं को बरबाद किया था, अध्ययन के क्षेत्र में लगातार बदलाव करते हुए।

और उसे भाषाओं को सीखने में तथा एक देश से दूसरे देश में भटकने में वर्षों बरबाद कर दिए थे। न ही वह उसके महान् प्रेम, रेजेल, जो मेलेख नामक घड़ीसाज की पुत्री थी, को लेकर भाग्यशाली रहा। रेजेल ने किसी अन्य से शादी कर ली थी और बाद में उसे नाज़ियों के द्वारा गोली मार दी गई थी। जीवनभर सोलोमोन मार्गोलिन शाश्वत प्रश्नों द्वारा परेशान किया गया। वह अभी भी रात को जगा रहता, संसार के रहस्यों को सुलझाने की कोशिश करते हुए।

वह रोगभ्रम का शिकार हो गया और मृत्यु का भय उसे सपनों में भी बना रहता। हिटलर द्वारा किए गए नरसंहार तथा उसके परिवार को मिटा दिए जाने से बेहतर दिनों की उसकी अंतिम उम्मीद को भी उखाड़ फेंका था और मानवजाति में उसकी श्रद्धा को नष्ट कर दिया था। उसने शादीशुदा महिलाओं की निन्दा करना शुरू कर दिया था जो उसके पास छोटी-छोटी बीमारियों को लेकर आती थीं, जबकि लाखों लोग एक-दूसरे के लिए भयावह मौतों के तरीकों का आविष्कार करने में लगे थे। ग्रेट्ल रसोईघर से भीतर आई। ‘तुम कौनसी कमीज़ पहनने वाले हो?’

Solomon Margolin regarded her…………..and call her back. (Pages 24-25)

कठिन शब्दार्थ – Prolonged (प्रलॉङ्) = continuing for a long time, लम्बी अवधि तक रहने वाला। flushed (फ्लश्ट्) = hot red, लाल रंग का । beads (बीड्ज्) = drops, बूंदें। laundry (लॉन्ड्रि) = washing of dirty clothes, गंदे कपड़ों की धुलाई। mania (मेनिया) = great enthusiasm for something, उन्माद, अतिउत्साह । scoured (स्काउअ(र)ड) = cleaned by rubbing, रगड़कर साफ करती। delivered (डिलिव(र)ड) = taken to the place, घर पर पहुंचाया जाना। lugged (लग्ड) = carried, ढोया करती। wryly (राइलि) = with disappointment and amusement, निराशा मिश्रित विनोद के साथ। aspect (ऐस्पेक्ट्) = way of behaviour, व्यवहार का तौर-तरीका। blurted out (ब्लट्ड्आउट) = spoke out suddenly, अचानक बोल पड़ा।

हिन्दी अनुवाद-सोलोमोन मार्गोलिन ने चुपचाप उसे देखा। उसके पास उसकी स्वयं की समस्याएं थीं। वह उसके दो भाइयों के लिए चुपचाप दुःखी रही थी, हंस के लिए भी जो एक नाज़ी था। वह जीवन में लम्बे समय तक टिकने वाले परिवर्तन से गुजरी थी। अब उसका चेहरा लाल हो गया था और पसीने की बूंदों से ढका हुआ था।

वह पर्याप्त से भी अधिक कमाता था और नौकरानी का खर्च चुका सकता था, लेकिन ग्रेट्ल् स्वयं सारा घर का काम करने पर अड़ी हुई थी, कपड़ों की धुलाई भी। यह उसके लिए एक उन्माद (पागलपन) बन गया था। वह रोज़ चूल्हे को रगड़कर साफ करती थी। वह हमेशा उनके मकान की खिड़कियों पर पोलिश करती रहती थी, जो सोलहवीं मंजिल पर स्थित था, बिना सुरक्षा-बेल्ट को बांधे। अन्य सभी गृहणियां, उस इमारत में, उनके किराणे के सामान को घर पहुंचाने का आदेश देती थीं। लेकिन ग्रेट्ल् भारी थैलों को सुपर मार्केट से स्वयं ढोकर लाती थी।

अब पति तथा पत्नी ने एक-दूसरे को निराशा एवं विनोद के साथ देखा, उस अजनबीपन को महसूस करते हुए जो अत्यधिक परिचय से निकलता है। वह हमेशा आश्चर्य करता था कि उसने किस प्रकार अपनी सुंदरता को खो दिया था। कोई भी उसकी भाव-भंगिमा (नाक-नक्श) नहीं बदली थी, लेकिन उसके व्यवहार के तरीके में कुछ जा चुका था : उसका अभिमान, उसका आशावादी दृष्टिकोण, उसकी जिज्ञासा, उसने अचानक कहा :

‘कौनसी कमीज? कोई फर्क नहीं पड़ता। एक सफेद कमीज।’ ‘तुम टक्सीडो (डिनर जेकेट) नहीं पहनने जा रहे ? ठहरो, मैं तुम्हारे लिए एक विटामिन लाऊंगी।’ ‘मुझे कोई विटामिन नहीं चाहिए।’ ‘लेकिन तुम स्वयं कहते हो कि वे तुम्हारे लिए अच्छे होते हैं।’ ‘मुझे अकेला छोड़ दो।’ ‘ठीक है, तुम्हारे स्वास्थ्य की बात है, मेरे स्वास्थ्य की नहीं।’ । और धीरे-धीरे वह कमरे के बाहर चली गई, सकुचाते हुए जैसे कि वह उम्मीद करती थी कि उसे (सोलोमोन को) किसी चीज की याद आएगी और वह उसे वापस बुला लेगा।

Dr. Solomon Margolin took a last look…….worth a pinch of dust. (Pages 25-26)

कठिन शब्दार्थ-Nap (नैप्) = a short sleep during the day, झपकी। monocle (मॉनकल्) = eye-glass for one eye, एक आँख का चश्मा। pretentious (प्रिटेन्श्स् ) = presumptuous, बनावटी, आडंबरी। severity (सिवेरटि) = strictness, कठोरता। Hippocratic Oath (हिप्पोक्रेटिक औथ) = an oath embodying a code of medical ethics, चिकित्सकीय नैतिकता को शामिल करती एक शपथ ।

cant (कैन्ट) = technical jargon, तकनीकी शब्दावली। dubious (ड्यूबिअस्) = dishonest or doubtful, अनैतिक अथवा संदेहास्पद । smacked (स्मैक्ट) = gave a hint, संकेत दिया। careerism (करिअरिज्म) = engaging in immoral practices, अनैतिक कार्यों में शामिल होना (व्यवसाय में आगे बढ़ने हेतु)। hazardous (हैजडस्) = dangerous, खतरनाक । curb (कब्) = edge of the path, रास्ते का किनारा। flicked (फ्लिक्ट) = hit something lightly, हल्के से ठोका। sprawled (स्पॉल्ट) = covered a large area, फैला हुआ। impenetrably (इम्पेनिट्रॅबलि) = अभेद्य रूप से। retreated (रिट्रीट्ड) = moved backwards, पीछे हटा। cosmic (कॉमिक्) = of space or the universe, अंतरिक्ष या ब्रह्मांड का।

हिन्दी अनुवाद-डॉ. सोलोमोन ने दर्पण में अंतिम बार दृष्टि डाली और घर से रवाना हो गया। उसने आधे घंटे की भोजन के बाद की झपकी से तरोताजा महसूस किया। उसकी उम्र के बावजूद भी वह अब भी लोगों को अपने व्यक्तित्व एवं स्वरूप से प्रमाणित करना चाहता था, सेन्सिमिन के लोगों को भी। उसके अपने भ्रम थे। जर्मनी में वह इस तथ्य में गर्व करता था कि वह एक कबाड़ी जैसा दिखाई देता था, और न्यूयार्क में उसे प्रायः यह अहसास होता था कि वह एक एंग्लो-सैक्सोन लगता था।

वह ऊंचे कद का, पतला-दुबला हल्के पीले बालों वाला, नीली आँखों वाला व्यक्ति था। उसके बाल घटते जा रहे थे, और थोड़ा सफेद पड़ने लगे थे, लेकिन वह बढ़ती उम्र के इन संकेतों को छिपाने की युक्ति काम में ले लेता था। वह थोड़ा झुक गया था, लेकिन दूसरों के साथ होने पर वह शीघ्रतापूर्वक सीधा हो जाया करता था। जर्मनी में वर्षों पूर्व वह एक आँख का चश्मा पहनता था, और यद्यपि ऐसा करना अत्यधिक बनावटी होता, उसकी दृष्टि अभी भी पूरे यूरोप की जैसी कठोरता रखे हुई थी।

उसके अपने सिद्धांत थे। उसने चिकित्सकीय शपथ, हिपॉक्रेटिक ऑथ, को कभी नहीं तोड़ा था। अपने मरीजों के प्रति वह अत्यधिक सम्मानजनक बना रहता था और तकनीकी शब्दावली से बचता था। उसने बहुत सारे संदेहास्पद जुड़ावों (संबंधों) को नकार दिया था जिनसे धंधेबाजी का संकेत मिले । ग्रेट्ल् का दावा था कि उसकी सम्मान की भावना पागलपन अथवा उन्माद बन गई थी। डॉ. मार्गोलिन की कार गैरेज में थी- उसके अधिकतर सहकर्मियों की जैसे कैडिलैक कार नहीं- लेकिन उसने टैक्सी से जाने का निश्चय किया। वह ब्रुकलिन नामक इलाके से अनजान था और भारी बर्फबारी ने गाड़ी चलाने को जोखिम भरा बना दिया था।

उसने हाथ हिलाया और तुरंत एक टैक्सी फुटपाथ के किनारे आ गई। डॉ. मार्गोलिन को डर था कि वह ब्राउन्विले जितनी दूरी तक जाने से मना कर देगा, लेकिन उसने मीटर को हल्के से ठोककर चालू किया, बिना एक भी शब्द बोले। डॉ. मार्गोलिन ने बर्फ जमी हुई खिड़की से होकर सर्द ऋतु की रविवार की रात्रि में झांका, लेकिन देखने को वहां कुछ था ही नहीं। न्यूयॉर्क की गलियां पसरी हुई थीं, गीली, गंदी, अभेद्य अंधेरे में डूबी हुई। थोड़ी देर बाद डॉ. मार्गोलिन पीछे की ओर झुका, आँखें बंद की, और स्वयं की गरमाहट में ही चला गया।

उसका गंतव्य एक शादी का आयोजन था। क्या यह दुनियां, इस टैक्सी की भांति, कहीं छलांग लगाती हुई अज्ञात में किसी ब्रह्माण्डीय गंतव्य की ओर नहीं जा रही थी? हो सकता है यह कोई ब्रह्माण्डीय ब्राउन्स्विले हो, कोई ब्रह्माणीय शादी? हाँ। लेकिन ईश्वर-अथवा कोई उसे जिस नाम से भी पुकारना चाहे-ने एक हिटलर, एक स्टालिन की रचना क्यों की? उसे विश्व-युद्धों की आवश्यकता क्यों पड़ी? इसी प्रकार ईश्वर कोई दिल के दौरों, कैंसर की बीमारियों की आवश्यकता क्यों पड़ी? डॉ. मार्गोलिन ने एक सिगरेट निकाली और इसे सकुचाते हुए सुलगाई। उसके वे पवित्र चाचा-ताऊ लोग क्या सोच रहे थे जब वे स्वयं की कब्र खोद रहे थे? क्या अमरत्व संभव था? क्या आत्मा जैसी कोई चीज थी? पक्ष एवं विपक्ष में दिए गए सभी तर्क चुटकी भर धूल के बराबर भी नहीं थे।

The taxi turned onto the bridge………without uttering a word. (Pages 26-27)

कठिन शब्दार्थ-Sagged (सैग्ड) = curved downwords, नीचे की ओर झुका हुआ। glare (ग्लेअर) = strong light, तेज रोशनी । suffused (सफ्यूज्ड) = fitted, भर दिया। vault (वॉल्ट्) = a high roof or ceiling, छत। heavens (हैव्न्ज् ) = sky, आकाश। sifting down (सिफ्टिंङ् डाउन) = fall, गिरना। hauling (हॉलिङ्) = pulling away, खींच रही। screeched (स्क्रीन्ट) = made on unpleasant loud, high sound, and as safa fichicit grimaced (free) = showed his disgust on his face, चेहरे से अफसोस जताया।

pallor (पैलर) = pale colouring, पीलापन।glazed (ग्लेज्ड्) = showing no expression, जड़प्रायः या भावशून्य । lumber (लम्ब (र)) = timber, इमारती लकड़ी। gloomy (ग्लूमि) = sad, उदासीभरा। incarnation (इन्कानेश्न्) = a period of life on earth in a particular form, अवतरण, जन्म। stubbornly (स्ट्ब न्लि ) = obstinately, हठपूर्वक। deliberately (डिलिबरट्लि) = on purpose, जान-बूझकर । synagogue (सिनगॉग्) = a building for the Jewish people to pray, यहूदियों का प्रार्थना-गृह।

हिन्दी अनुवाद-टैक्सी ईस्ट रिवर के आरपार बने पुल पर मुड़कर चढ़ गई और पहली बार डॉ. मार्गोलिन आकाश को देख सका। यह नीचे झुका हुआ, भारी-भरकम, लाल था, चमकती धातु के सदृश । ऊंचाई पर बैंगनी रंग की तेज रोशनी आकाश की छत को ढके फैली हुई थी। बर्फ धीमे-धीमे गिर रही थी, इस दुनिया के लिए सर्द ऋतु की शांति लाते हुए, जैसा कि इसने अतीत में किया था-चालीस वर्ष पूर्व, एक हजार वर्ष पूर्व, और शायद दस लाख वर्ष पूर्व। आग के समान दिखाई देने वाले स्तंभ ईस्ट रिवर के नीचे चमकते दिखाई देते थे; नदी की सतह पर काली लहरों में से होकर जो चट्टानों की भांति कटी-फटी थीं, एक खींचकर ले जाने वाली नाव उन नावों की एक श्रृंखला को खींच कर ले जा रही थी जिनमें कारें लादी गई थीं।

टैक्सी में सामने की एक खिड़की खुली थी और बर्फीली हवा के झोंके अंदर आ रहे थे जिनमें पेट्रोल तथा समुद्र की गंध थी। मान लो, मौसम फिर से कभी न बदले? तब कौन व्यक्ति कभी ग्रीष्म के दिन, चांदनी से प्रकाशित रात्रि, बसंत की कल्पना कर सकेगा। लेकिन कितनी कल्पना- जिसका महत्व जो भी हो-एक व्यक्ति वास्तव में रखता है ? ईस्टर्न पार्कवे पर टैक्सी ने झटका खाया और जोरदार चीख के साथ अचानक ठहर गई । कोई यातायात की दुर्घटना, स्पष्ट रूप से। पुलिस की गाड़ी का सायरन चीखता था। एक चित्कार करती एम्बुलेंस की गाड़ी निकल आई।

डॉ. मार्गोलिन ने चेहरे को मोड़कर अफसोस जताया। एक और शिकार। कोई व्यक्ति स्टीअरिंग व्हील को थोड़ा-सा गलत घुमा देता है और एक व्यक्ति की इस दुनियां की सारी योजनाएं बेकार हो जाती हैं। एक घायल व्यक्ति स्ट्रेचर पर एम्बुलेंस की ओर ले जाया जाता है । गहरे रंग के सूट तथा खून से सनी हुई कमीज एवं धनुषाकार टाई से ऊपर चेहरा सफेद-पीलापन लिए था। एक आँख बंद थी, दूसरी आंशिक रूप से खुली तथा निष्क्रिय ।

शायद वह भी किसी शादी में जा रहा था, डॉ. मार्गोलिन ने सोचा। यह भी हो सकता था कि वह उसी शादी में जा रहा हो, जिसमें मैं…. । कुछ समय बाद टैक्सी फिर चलने लगी। सोलोमोन मार्गोलिन अब उन गलियों से होकर गाड़ी में जा रहा था जिन्हें उसने पहले कभी नहीं देखा था। यह न्यूयॉर्क ही था किन्तु यह शिकागो या क्लेवलेंड भी हो सकता था

(क्योंकि यह जगह अपरिचित थी)। वे एक औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरे जहां कारखानों की इमारतें, कोयले के गोदाम, इमारती लकडी, लोहे का कबाड थे। नीग्रो लोग, अजीब काले रंग के, बगल की गलियों पर इधर-उधर खड़े थे, सामने की ओर घूरते हुए, उनकी बड़ी-बड़ी काली आँखें उदासीभरी निराशा से भरी हुईं।

कभी-कभी टैक्सी किसी शराबघर के पास से गुजरती। शराब की बिक्री के स्थान पर लोगों में कुछ अलौकिक-सा था, जैसे कि उन्हें दूसरे अवतरण (जन्म) में किए गए पापों की सजा यहां मिल रही थी। ठीक तभी जब सोलोमोन मार्गोलिन यह संदेह करने लगा था कि टैक्सी का ड्राइवर, जो पूरे समय हठपूर्वक चुप रहा था, रास्ता चूक गया था अथवा जान-बूझकर उसे गलत रास्ते पर ले जा रहा था, टैक्सी ने एक घनी आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश किया।

वे एक यहूदी प्रार्थना स्थल, दफनाने में सहायक कर्मचारी के दफ्तर के पास से गुजरे, और, आगे, शादी का हॉल था, रोशनी से जगमग करता हुआ, जिस पर यहूदियों का निओन लाइट से बना निशान तथा डेविड का सितारा था। डॉ. मार्गोलिन ने ड्राइवर को एक डॉलर की टिप (इनाम) दी और उस व्यक्ति ने बिना एक शब्द भी बोले इसे ले लिया।

Dr. Margolin entered the outer lobby………..a fortune in real estate’. (Pages 27-29)

कठिन शब्दार्थ-Lobby (लॉबि) = waiting and meeting area inside a large building, प्रतीक्षा-कक्ष। engulfed (इन्गल्फ्ट ) = surrounded completely, पूरी तरह घेर लिया। checkroom (चेक्म् ) = a room where personal belongings are handed over, एक कमरा जहां व्यक्तिगत सामान छोड़ा जाता है। march (माच्) = a kind of music, एक प्रकार का संगीत। hodge-podge (हॉज्-पॉज्) = jumble, मिश्रण ।

oriental (ऑरिएन्ट्ल ) = belonging to East or far East, पूर्वी अथवा सुदूर पूर्वी देशों का। flourishes (फ्लरिश्ज) = exaggerated movements, अतिशयोक्तिपूर्ण गतियां । briskly (ब्रिस्क्ल ) =quickly, फुर्ती से । retinue (रेटिन्यू) = agroup of people following an important person, सेवकों का दल। amalgam (अमैल्गम्) = a mixture, मिश्रण। emit (इमिट्) = send out, निकालते हैं। reminiscences (रेमिनिस्न्स्ज् ) = memories of the past, अतीत की यादें। reeking (रीकिंङ्) = smelling strongly, दुर्गंध निकालना। convulsed (कन्वल्स्ट् ) = made uncontrolled movements, बल खाए। delicatessen (डेलिकट्ससन्) = ready to eat food items, तैयार भोजन सामग्रियां।

हिन्दी अनुवाद-डॉ. मार्गोलिन ने बाहरी प्रतीक्षालय में प्रवेश किया और सेन्सिमिनर लोगों की आरामदायक घनिष्ठता ने उसे चारों ओर से घेर लिया। सभी चेहरे जो उसने देखे, परिचित चेहरे थे, यद्यपि वह व्यक्ति विशेष को नहीं पहचानता था। सामान जमा करने वाले कमरे में उसके टोप एवं कोट को छोड़कर उसने सिर पर एक टोपी पहनी और हॉल में प्रवेश किया।

यह लोगों से और संगीत से भरा हुआ था, टेबलों पर खाद्य सामग्रियों के ढेर लगे थे, एक बार में बोतलों की कतारें लगी थीं। संगीतकार एक इज्राइली धुन बजा रहे थे जो अमेरिकी जॉज का अव्यवस्थित रूप थी जिसके साथ पूर्वी देशों की अतिशयोक्तिपूर्ण गतियां थीं। पुरुष पुरुषों के साथ, महिलाएँ महिलाओं के साथ, पुरुष महिलाओं के साथ नाच रहे थे।

उसने काली टोपियां, सफेद टोपियां तथा नंगे सिर देखे। मेहमान आते रहे, भीड़ में से धकेलते हुए रास्ता बनाते रहे, कुछ अभी भी कोट एवं टोप पहने थे, भूख जगाने वाली चीजे चबाते हुए, तेज शराब पीते हुए। हॉल पैरों की आवाज, चीख-चिल्लाहट, हंसी-मजाक, ताली की आवाज से गूंज रहा था। कैमरों के बल्ब अचानक बुझते थे और अंधा कर देते थे, क्योंकि फोटोग्राफर चक्कर लगाकर तस्वीरें खींच रहे थे।

अज्ञात स्थान से आती हुई दुल्हन प्रकट हुई, फुर्ती से उसके पीछे घिसटते वस्त्र को खींचती हुई। उसके पीछे सेविकाओं का एक समूह चल रहा था। डॉ. मार्गोलिन हर व्यक्ति को जानता था, लेकिन फिर भी किसी को नहीं जानता था। लोग उसे कुछ कहते, हँसते, पलकें झपकाते और हाथ हिलाते और वह प्रत्येक को एक मुस्कुराहट से, सिर को हिलाकर और झुककर उत्तर देता था। धीरे-धीरे उसने अपनी सारी चिंताओं को त्याग दिया, उसकी सारी निराशा को ।

विभिन्न प्रकार की गंध के मिश्रण से वह अर्द्ध-मदहोशी की स्थिति में पहुंच गया। गंध के मिश्रण में फूलों, गोभी-कांजे, लहसुन, इत्र, सरसों की गंध और वह नाम-रहित गंध शामिल थी जो केवल सेन्सिमिनर लोगों से निकलती है। हैलो, डॉक्टर!’ ‘हैलो, स्क्लोइमो-डोविड, तुम मुझे नहीं पहचान रहे, क्यों? देखो, वह भूल गया!’ वहां मिलना-जुलना था, पछतावे थे, पुराने अनुभवों की स्मृतियाँ थीं। लेकिन क्या हम पड़ौसी नहीं थे?

तुम हमारे घर आते थे यिडिश भाषा का अखबार उधार लेने।’ किसी ने उसे पहले ही चूम लिया था : बुरी तरह से शेव की गई थूथनी से, व्हिस्की की दुर्गंध से भरे मुंह से और सड़े हुए दांतों से। एक महिला हँसी से इतनी लोटपोट हुई कि उसके कान की एक बाली खो गई। मार्गोलिन ने इसे उठाने की कोशिश की किन्तु उसे तो पहले ही पैरों से कुचल दिया गया था। “तुम मुझे नहीं पहचानते हो, क्यों? अच्छी तरह देखो! यह जिसेल है, चाये बेले का पुत्र।”

“तुम कुछ खाते क्यों नहीं?””कुछ पीने को क्यों नहीं ले रहे ? इधर चलो । एक ग्लास लो। तुम क्या चाहते हो? व्हिस्की? ब्रान्डी? कॉग्नैक? स्कॉच ? सोड़े के साथ? कोका-कोला के साथ ? कुछ ले लो। यह अच्छी है । इस बोतल को खड़ी न रहने दो। जब तक तुम यहां हो, तुम मजा ले सकते हो।” “मेरे पिता? वह मार दिए गए। वे सब मार डाले गए। पूरे परिवार में से केवल मैं ही बचा हूं।” “बैरिस, फेविश का पुत्र? रूस में भूख से मर गया-उन्होंने उसे कजाखस्तान भेज दिया था।”

“उसकी पत्नी? इज्राइल में है। उसने एक लिथुनियावासी से शादी कर ली।””सोरेले? गोली मार दी गई। उसके बच्चों सहित।””येन्ट्ल्? यहीं शादी में है। वह यहां एक क्षण पहले ही खड़ी थी। वह वहाँ है, उस ऊंचे कद वाले आदमी के साथ नाच रही।””अब्राहम ज़िल बरस्टीन? उन्होंने उसे बीस अन्य लोगों के साथ यहूदी-प्रार्थनास्थल में जला दिया था।

जली हुई लकड़ी का कोयला और राख का ढेर, यही सब बचा था।” “योसेले बुडनिक? वह तो वर्षों पूर्व चल बसा। तुम्हारा मतलब जरूर येकेने बुडनिक से है । वह तैयार खाद्य वस्तुओं की एक बड़ी दुकान यहीं ब्राउस्विले में रखता है- उसने एक विधवा से शादी की जिसके पति ने जायदाद के धंधे में खूब धन कमाया था।”

‘Lechayim, Doctor! Lechayim,………….people are such murderers?’ (Page 29)

कठिन शब्दार्थ-Tractate (ट्रेक्टेट्) = treatise, ग्रंथ । beaming (बीमिङ्) = smiling happily, प्रसन्नता से मुस्करा रहा । exterminated (इक्स्ट मिनेट्ड) = killed a large number of people, संहार कर दिया।

हिन्दी अनुवाद–’लेचाइम, डॉक्टर! लेचाइम, स्क्लोइमे-डोविड! तुम्हें बुरा तो नहीं लगता होगा कि मैं तुम्हें स्क्लोइमे डोविड नाम से पुकारती हूँ ? मेरे लिए तो तुम अभी भी वही स्क्लोइमे डोविड हो, छोटे-से लड़के, हल्के सुनहरी-भूरी बगल की बालों की लटों वाले, जो तालमुड नामक ग्रंथ को कंठस्थ पूरा बोलकर सुना दिया करते थे। तुम्हें याद है, है कि नहीं? यह केवल कल की सी बात लगती है। तुम्हारे पिता, उन्हें शान्ति मिले, बड़े गर्व से प्रसन्नतापूर्वक मुस्कुराते थे…”तुम्हारा भाई चेइम? तुम्हारा चाचा ओइजेर? उन्होंने प्रत्येक को मार डाला, प्रत्येक को। उन्होंने एक ही समुदाय के सारे लोगों को ले जाकर उन्हें जर्मन तरीके से (कुशलता से) मिटा डाला।’ ‘क्या तुमने दुल्हन को देख लिया है ?’

तस्वीर की भांति सुन्दर, लेकिन शृंगार बहुत ज्यादा। कल्पना करो, रेब टोड्रोस, राडजिन के, की पौत्री । और उसके दादा दो-दो टोपियां पहनते थे, एक सामने की ओर और एक पीछे की ओर। क्या तुम उस पीली ड्रेस पहने नाच रही युवती को देख रहे हो। यह रीवा की बहिन है- उनका पिता मोइशे, मोमबत्ती बनाने वाला था। रीवा स्वयं? जहां सभी समाप्त हो गए, आस्तिविज । हम भी मृत्यु के कितना निकट थे। हम सभी वास्तव में मर चुके हैं, अगर तुम कहना चाहो।

हम सभी मार डाले गए, मिटा दिए गए। जो जीवित बच गए वे भी मृत्यु को दिलों में लेकर चलते हैं। लेकिन यह एक शादी का अवसर है, हमें प्रसन्न होना चाहिए।’ ‘लेचाइम स्क्लोइमे-डोविड! मैं तुम्हें बधाई देना चाहूंगी। क्या तुम्हारे लड़का या लड़की है जिसकी शादी करनी हो? नहीं? ठीक, यह बेहतर है। बच्चों के होने का क्या फायदा है अगर लोग ऐसे हत्यारे हों?’

It was already time for ………………. lying side by side.’ (Pages 29-31)

कठिन शब्दार्थ-Cantor (कैन्टर) = prayer-leader, प्रार्थना का नेतृत्व करने वाला। scowled (स्काउल्ड) = frowned, तेवर दिखाए। bass fiddle (बेस् फिड्ल) = bass guitar, एक गिटार, जो निम्न तान के स्वर निकालती है। abandoned (अबैन्डन्ड्) = free, उन्मुक्त। romped (रॉम्प्ड) = played happily and noisily, प्रसन्नता से शोर मचाते हुए खेल रहे। commotion (कमोश्न्) = great noise or excitement, शोरगुल, हुल्लड़। tumult (ट्यूमल्ट्) = great noise, कोलाहल। blotches (ब्लॉच्ज्) = patches on skin, चमड़ी पर चकत्ते। husky (हस्कि ) = rough and quiet voice, फटी-फटी एवं बैठी हुई आवाज । swindler (स्विन्ड्ल्र् ) = cheat, ठगने वाला।

हिन्दी अनुवाद-उत्सव का समय पहले ही हो चुका था। लेकिन कोई व्यक्ति अभी तक नहीं आया था। चाहे वह यहूदी पादरी हो, प्रार्थना की अगुवाई करने वाला हो अथवा कोई वर-पक्ष का व्यक्ति हो जो गायब था, कोई भी पता नहीं लगा सका कि बात क्या थी अब्राहम मेखेलीज, दुल्हन का पिता, चारों तरफ दौड़ता था, तेवर दिखाता था, हाथ हिलाता था, लोगों के कानों में फुसफुसाता था। वह उसकी किराए पर ली गई डिनर जैकेट में बड़ा अजीब दिखाई देता था। टेरेश पोल समधन एक फोटोग्राफर से उलझ रही थी।

संगीतकार एक क्षण के लिए भी संगीत बजाना बंद नहीं कर रहे थे। ढोल धम-धमा रहा था, धीमी तान की गिटार गुर्रा रही थी। सैक्सोफोन जोर की ध्वनि पैदा कर रहा था। नृत्य अधिक तीव्र एवं उन्मुक्त हो चले थे और अधिक से अधिक लोग शामिल हो रहे थे। युवा लोग ऐसी ताकत के साथ पैरों को ठोकते थे कि ऐसा लगता था कि नृत्य का फर्श ही टूट जाएगा। कुछ लड़के बकरों की तरह उछल-कूद कर रहे थे, और छोटी लड़कियां साथ-साथ गोल-गोल तेजी से घूमती थीं।

कई पुरुष तो पहले ही पीकर उन्मत्त हो गए थे। वह चीख-चीखकर शेखी मारते थे, चिल्लाकर हँसते थे, अजनबी औरतों का चुम्बन लेते थे। हुल्लड़ इतना अधिक था कि सोलोमोन मार्गोलिन समझ नहीं पाता था कि उसे क्या कहा जा रहा था और हर बात सिर हिलाकर हां करता जा रहा था। कुछ मेहमानों ने स्वयं को उससे जोड़ लिया था और हिलने को भी तैयार नहीं थे।

वे उसे सभी दिशाओं में खींच रहे थे और उसका परिचय सेन्सिमिन तथा टेरेशपोल से आए अधिक से अधिक लोगों से करा रहे थे। एक शादीशुदा महिला जिसका नाक मस्सों से ढका हुआ था, ने उसकी ओर अंगुली से इशारा किया, स्वयं की आंखों को पोंछा तथा उसे स्क्लोइमेले कहकर संबोधित किया। सोलोमोन मार्गोलिन ने पूछताछ की कि वह कौन थी और किसी ने उसे बताया। हल्ले-गुल्ले में नाम तो सुनाई नहीं पड़े। उसने कुछ शब्दों को बार-बार सुना : मर गया, गोली मार दी गई, जला दिया गया।

टेरेशपोल के एक व्यक्ति ने उसे एक तरफ ले जाने की कोशिश की और उस व्यक्ति को चिल्लाकर चुप कर दिया गया, कई सेन्सिमिनवासियों के द्वारा, जो उसे अनामंत्रित व्यक्ति बता रहे थे जिसका वहां कोई लेना-देना नहीं था। देर से आने वाला एक व्यक्ति आया, जो घोड़ा-बग्गी हांकने वाला, सेन्सिमिन का निवासी था, और जो न्यूयॉर्क में लखपति बन गया था। उसकी पत्नी तथा बच्चे मर गए थे, लेकिन, वह एक नई पत्नी का स्वामी बन चुका था। वह महिला, हीरों से लदी हुई, इधर-उधर नीचे तक कटे हुए गाऊन को पहनकर घूमती थी। यह गाऊन उसकी पीठ को कमर तक नग्न दिखाता था। उसकी पीठ चकत्तों से ढकी थी। उसकी आवाज फटी-फटी एवं धीमी थी।

वह कहां से आई थी? वह कौन थी?’ ‘निश्चित ही वह कोई संत तो नहीं थी। उसका पहला पति एक ठग था जिसने बहुत बड़ी दौलत इकट्ठा कर ली थी और फिर अचानक मर गया था। किस बीमारी से? कैंसर। कहां? पेट में। पहले तो तुम्हारे पास खाने को नहीं होता, फिर खाने के साधन नहीं होते। एक व्यक्ति दूसरे पति के लिए कमाता है।’ (अर्थात् जब वह मर जाता है तो महिला दूसरे पति को अपना लेती है और पहले पति की सम्पत्ति दूसरे पति को मिल जाती है।)

‘जिन्दगी वास्तव में क्या है? कब्र एक नाच।”हाँ, किन्तु जब तक तुम खेल को खेल रहे हो, तुम्हें नियमों के अनुसार चलना होगा।”डॉ. मार्गोलिन, तुम नृत्य क्यों नहीं कर रहे? तुम अजनबियों में तो शामिल नहीं हो। हम सब एक ही मिट्टी से बने हैं। वहाँ तुम डॉक्टर नहीं थे। तुम केवल स्क्लोइमे डोविड थे, तालमुड पढ़ाने वाले अध्यापक के पुत्र । तुम जान भी नहीं पाओगे उससे पूर्व हम कब्र में पास-पास लेटे होंगे।’

Margolin didn’t recall drinking …………………. All right let’s go.’ (Pages 31-32)

कठिन शब्दार्थ-Carousel (कैरसेल्) = merrygo-round, ऊपर से नीचे घूमने वाला झूला। contemplated (कॉन्टम्प्ले ट्ड) = looked at for long time, काफी देर तक देखा। permutations (पम्युटेश्न्) = order of things, क्रम परिवर्तन, अदल-बदल । frantic (फ्रेन्टिक) = hurried and excited, जल्दबाजी में एवं उत्तेजित। baffled (बैफ्ल्ड ) = confused, भ्रमित, उलझा हुआ। braids (ब्रेड्ज) = plaits, बालों की गुंथी हुई लटें। wreath (रीथ्) = a circle of flowers, पुष्पचक्र, माला। adorned (अडॉन्ड) = decorated, सजाया था। shivered (शिव(र)ड) = shook slightly, कंपकंपाती थी।

हिन्दी अनुवाद-मार्गोलिन को याद नहीं था कि उसने कुछ पिया हो, लेकिन उसने स्वयं को नशे में होने जैसा महसूस किया।कोहरे जैसे वातावरण से भरा हॉल झूले की भांति घूम रहा था; फर्श हिल रहा था। कोने में खड़े रहकर उसने काफी देर तक नृत्य को देखा। कितनी भिन्न-भिन्न प्रकार की मुद्राएँ नृतकों ने धारण कर रखी थीं। प्राणियों के कितने प्रकार के सम्मिश्रण एवं क्रम परिवर्तन रचयिता (ईश्वर) ने यहां संग्रहित कर दिए थे। हर चेहरा एक अलग ही कहानी कहता था।

ये लोग साथ-साथ नाच रहे थे, ये लोग, लेकिन हर व्यक्ति का अपना अलग ही दर्शन था, उसका अपना दृष्टिकोण। एक व्यक्ति ने मार्गोलिन को पकड़ लिया और कुछ समय के लिए वह तीव्र, उत्तेजित गोल-गोल गति में नाचा। फिर, बलपूर्वक स्वयं को मुक्त करते हुए वह अलग खड़ा हो गया। उसने उसकी दृष्टि को एक परिचित महिला की आकृति पर अटका हुआ पाया। वह उसे जानता था। उसने उसे हाथ के इशारे से बुलाया। वह असमंजस में खड़ा रहा। वह न तो युवा दिखाई देती थी और न ही वृद्ध। उसने (मार्गोलिन ने) उसे कहां जाना था- वो संकरा चेहरा, वे काली आँखें, वो लड़कियों जैसी मुस्कुराहट? उसके बाल पुराने तरीके

से व्यवस्थित थे, लंबी, बालों की चोटियां पुष्पचक्र की भांति उसके सिर के चारों ओर लिपटी हुई थीं। सेन्सिमिन की शालीनता उसे सुसज्जित करती थी-एक ऐसी चीज़ जिसे मार्गोलिन बहुत पहले से भूल चुका था। और वे आँखें, वह उन आँखों से प्रेम करता था, उसे उन आँखों से प्रेम था और पूरे जीवनभर वह उनसे प्रेम करता रहा था। वह उसकी ओर थोड़ा-सा मुस्कुराया और वह महिला उत्तर में वापस उसकी ओर मुस्करा दी। उसके गालों में मुस्कराते समय गड्ढे बनते थे। वह भी आश्चर्यचकित दिखाई देती थी। मार्गोलिन, यद्यपि उसे महसूस हुआ कि वह एक लड़के की भांति शरमाने लगा था, उसके पास गया।

‘मैं तुम्हें जानता हूँ-लेकिन तुम सेन्सिमिन से नहीं हो?’ ‘हाँ, सेन्सिमिन से हूँ।’ उसने यह आवाज बहुत पहले सुनी थी। वह इस आवाज से प्रेम किया करता था। ‘सेन्सिमिन से-कौन हो तुम, फिर?’ उसके होंठ कांपे। ‘तुम मुझे पहले ही भूल चुके हो?’ ‘मुझे सेन्सिमिन को छोड़कर आए बहुत समय हो गया।’
‘तुम मेरे पिता से मिलने आते थे।’ ‘कौन थे तुम्हारे पिता?’ ‘मेलेख, घड़ीसाज।’
डॉ. मार्गोलिन कांपा। ‘अगर मैं पागल नहीं हूँ तो मुझे काल्पनिक चीजें दिखाई दे रही हैं।’
‘तुम ऐसा क्यों कह रहे हो?’ ‘क्योंकि रेजेल मर चुकी है।’
‘मैं रेजेल हूँ।’
‘तुम रेजेल हो? यहां? हे ईश्वर, अगर यह सच है- तब तो कुछ भी संभव है।
तुम न्यूयॉर्क कब आई?’ ‘कुछ समय पहले।’ ‘कहां से?’
‘वहां से। ‘लेकिन हर व्यक्ति ने मुझे बताया था कि तुम सब मर गए थे।’
‘मेरे पिता, मेरी मां, मेरा भाई हरशल……’
‘लेकिन तुम शादीशुदा थी!’ ‘हां, मैं थी।’
‘अगर यह सच है, तब तो कुछ भी संभव है !’
डॉ. मार्गोलिन ने दोहराया, अभी भी इस अविश्वसनीय घटना से विचलित होते हुए। किसी व्यक्ति ने अवश्य जान-बूझकर उसे धोखा दिया था। लेकिन क्यों? उसे (मार्गोलिन को) अहसास था कि कहीं न कहीं गलती हुई थी, लेकिन तय नहीं कर सका था कि कहां।
‘तुमने मुझे बताया क्यों नहीं? आखिर तो.. वह चुप हो गया। वह भी क्षणभर के लिए शांत थी।
‘मैंने सब कुछ खो दिया था। लेकिन मेरे पास अभी भी थोड़ा अभिमान शेष बच गया था।’
‘चलो मेरे साथ किसी शांत जगह पर-कहीं भी। यह मेरे जीवन का सबसे सुखभरा दिन है।’
‘लेकिन यह तो रात है…………………….’
‘तो फिर सबसे सुखभरी रात! करीब-करीब जैसे मसीहा ही आ गया हो, जैसे कि मृत व्यक्ति जीवित हो उठा हो!’
‘तुम कहां जाना चाहते हो? ठीक है, हमें चलना चाहिए।’

Margolin took her…………………going to get home?’ (Pages 32-34)

कठिन शब्दार्थ-Agitation (ऐजिटेशन्) = worry or excitement, चिन्ता या उत्तेजना। goblet (गाब्लट्) = a glass or metal cup for drinking wine, शराब पीने का प्याला। canopy (कैनपि) = a cover, छत्र, चॅदवा। pews (प्यूज़) = long benches in a church, चर्च में लंबी बेंचें। glimmering (ग्लिम(रि)ङ्) = a weak unsteady light, धीमी अस्थिर रोशनी, झिलमिलाती हल्की रोशनी।

blaring (ब्लेअ(रि)ङ्) = making aloud unpleasant sound, कर्कश ध्वनि पैदा करता हुआ। threshold (थ्रेश्होल्ड्) = the ground at the entrance, दहलीज। expectancy (इक्स्पे क्टन्सि ) = the state of expecting something, आशा, उम्मीद। import (इम्पॉट्) = implied meaning, निहितार्थ, परोक्ष अर्थ। wallet (वॉलिट) = a folding case to keep money in, बटुआ। falteringly (फॉल्ट(रि)लि) = without confidence, बिना दृढ़ता के, डगमगाते हुए।

हिन्दी अनुवाद-

मार्गोलिन ने उसकी भुजा को पकड़ा और तुरंत युवावस्था की इच्छा के उत्तेजनात्मक आनंद को महसूस किया। वह उसे दूसरे मेहमानों से दूर ले गया, डरते हुए कि कहीं वह उसे भीड़ में न खो दे और कि कोई व्यक्ति अचानक उनके बीच न आ जाए और उनकी प्रसन्नता को न बिगाड़ दे। प्रत्येक चीज उसी क्षण लौट आई थीः लज्जित होने का भाव, चिन्ता एवं उत्तेजना और खुशी। वह उसे दूर ले जाना चाहता था, उसके साथ अकेले छिप जाना चाहता था।

स्वागत हॉल को छोड़कर वे ऊपर प्रार्थना-कक्ष में गए जहां शादी की रस्म पूरी की जानी थी। दरवाजा खुला हुआ था। भीतर, एक ऊंचे मंच पर एक स्थाई शादी का चन्दवा (छत्र) खड़ा हुआ था। शराब की एक बोतल तथा चांदी का एक प्याला तैयार कर रख दिए गए थे, शादी की रस्म के लिए। पूजा-स्थल इसकी खाली बेंचों तथा केवल एक टिमटिमाती हल्की रोशनी के साथ कई प्रकार छायाओं से परिपूर्ण था। संगीत, जो नीचे इतना ऊंची आवाज में बजता सुनाई देता था, यहां धीमा और दूर से आता हुआ सुनाई देता था। पूजा-स्थल की दहलीज पर दोनों ही ठिठक गए।

मार्गोलिन ने शादी के छत्र (चंदवा) की ओर इशारा किया। ‘हाँ।’ ‘हम भी वहाँ खड़े हो सकते थे।’ ‘मुझे अपने बारे में बताओ। तुम अब कहां हो? तुम क्या कर रही हो?’ ‘यह बताना आसान नहीं है।’ ‘क्या तुम अकेली हो? क्या तुम किसी से जुड़ी हो? (अर्थात् क्या तुम्हारे पति, परिवार आदि हैं ?)’ ‘जुड़ी हुई ? नहीं।’ ‘क्या तुम मुझे कोई समाचार नहीं दे सकती थी?’ उसने पूछा। महिला ने कोई उत्तर नहीं दिया।

उसकी ओर टकटकी लगाकर देखते हुए वह जानता था कि उसका प्रेम पूरे बल के साथ लौट आया था। पहले से ही वह इस विचार से कांप रहा था कि उन्हें शीघ्र अलग हो जाना पड़ेगा। युवावस्था की उत्तेजना तथा आशा ने उसे भर दिया था। वह उसे अपनी बांहों में लेना और चूमना चाहता था, लेकिन किसी भी क्षण कोई व्यक्ति भीतर आ सकता था। वह उसके पास खड़ा था, शर्मिंदा होकर कि उसने किसी अन्य से शादी कर ली थी, कि उसने व्यक्तिगत रूप से उसकी मौत की पुष्टि नहीं की थी।

मैं किस प्रकार इस सारे प्रेम को दबा सका हूँगा? मैं इस दुनियां को उसके बिना किस प्रकार स्वीकार कर सका होगा? और अब ग्रेट्ल के साथ क्या होगा? मैं उसे प्रत्येक चीज दे दूंगा, मेरी अन्तिम सैंट की रकम भी।’ उसने मुड़कर सीढ़ियों की ओर देखा ताकि वह देख सकता था कि मेहमानों में से कोई भी ऊपर आने लगा था, या नहीं। उसे विचार आया कि यहूदी कानून से वह शादीशुदा नहीं था, क्योंकि उसने तथा ग्रेट्ल ने केवल सिविल विवाह (कोर्ट मैरिज जो धार्मिक रीतियों पर आधारित न हो) किया था। उसने रेजेल की ओर देखा। ‘यहूदी कानून के अनुसार मैं एक अविवाहित व्यक्ति हूँ।’

‘क्या ऐसा है?’
‘यहूदी कानून के अनुसार मैं तुम्हें वहां (वेदी पर) ले जा सकता हूँ और विवाह कर सकता हूँ।’
वह उसके शब्दों के निहितार्थ पर चिंतन करती प्रतीत हुई।
‘हां, मैं महसूस करती हूँ………………..
‘यहूदी कानून के अनुसार मुझे एक अंगूठी की आवश्यकता भी नहीं है। कोई एक पैनी की रकम से भी शादी कर सकता है।’
‘क्या तुम्हारे पास एक पैनी है ?’
उसने सामने (छाती पर) लगी जेब पर हाथ रखा, लेकिन उसका बटुआ गायब था। उसने दूसरी जेबों में खोजना शुरू किया। क्या मुझे किसी ने लूट लिया है ? उसे आश्चर्य हुआ। लेकिन कैसे? मैं तो पूरे समय टैक्सी में बैठा रहा था। क्या किसी व्यक्ति ने मुझे यहां शादी में लूट लिया होगा? वह उतना परेशान नहीं था जितना परेशान। उसने अटकते हुए कहा :
‘अजीब, लेकिन मेरे पास कोई धन राशि नहीं है।’
‘हम बिना इस धनराशि के भी काम चला लेंगे।’
‘लेकिन मैं घर कैसे पहुंच पाऊंगा?’

‘Why go home?’ she said.. ……….And what will Gretl do? (Page 34)

कठिन शब्दार्थ-Homely (होम्लि) = simple but also pleasant, सीधी-सादी, अच्छी लगने वाली। bewildered (बिविल्ड(र)ड) = confused and surprised, हक्का-बक्का, विस्मित। untangle (अन्टैङ्ग्ल् ) = to separate, to solve, सुलझाना । discrepancy (डिसक्रेपन्सि ) = a difference between two things, विसंगति, बेमेलपन । profound (प्रफाउन्ड्) = felt very strongly, प्रबल, अत्यधिक प्रमाणित करने वाला ।

narcotic (नाकॉटिक) = a powerful illegal drug, शक्तिशाली नशीली दवा । trance (ट्रॉन्स्) = state of suspended consciousness, आत्म-विस्मृति की दशा। eerie (इअरि) = strange and frightening, विचित्र एवं भयानक । deflated (डिफ्लेट्ड) = less confident, घटा हुआ आत्मविश्वास। dimension (डाइमेन्श्न् ) = आयाम, पहलू।

हिन्दी अनुवाद-‘घर क्यों जाना है?’ वह बोली, एक प्रश्न से प्रत्युत्तर देते हुए। वह उसकी सरल, आनंददायक मुस्कान से मुस्कराई जो रहस्य से भरी थी। उसने उसे कलाई से पकड़ा और उसकी ओर टकटकी लगाकर देखा। अचानक उसे विचार आया कि यह उसकी रैजेल नहीं हो सकती थी। वह तो बहुत कम उम्र की थी।

संभवतया यह रैजेल की पुत्री थी जो उसके साथ मजाक कर रही थी, उसका उपहास करती हुई। भगवान के लिए, मैं तो पूरी तरह चकराया हुआ हूँ। उसने सोचा। वह हक्का-बक्का हो खड़ा था, वर्षों (रैजेल की उम्र) की गुत्थी सुलझाने की कोशिश करता हुआ। वह उसके चेहरे-मोहरे से उसकी उम्र का पता नहीं लगा सकता था। उसकी आँखें गहरी, काली तथा उदास थीं। वह भी असमंजस में दिखाई देती थी

जैसे कि वह भी कोई विसंगति महसूस कर रही हो। सारी बात एक गलती थी, मार्गोलिन ने मन में सोचा। लेकिन गलती ठीक कहां थी? और उस बटुए को क्या हुआ। क्या उसने ड्राइवर को भुगतान करने के बाद उसे टैक्सी में ही छोड़ दिया होगा? उसने याद करने की कोशिश की कि उसने इसमें कितनी नकदी रखी थी, लेकिन वह असमर्थ रहा। मैंने अवश्य बहुत अधिक पी लिया होगा। इन लोगों ने मुझे अधिक शराब पिलाकर बेहोश कर दिया है-बिल्कुल बेहोश।’

लंबे समय तक वह चुपचाप खड़ा रहा, किसी स्वप्न विहीन अवस्था में खोया हुआ, एक ऐसी अवस्था में जो नशीली दवा से उत्पन्न बेहोशी से भी अधिक प्रबल थी। अचानक उसे यातायात की दुर्घटना की याद आ गई जिसे उसने ईस्टर्न पार्कवे पर देखा था। एक अजीब एवं भयानक संदेह उस पर छा गया : शायद वह एक दृष्टा से अधिक था। शायद वह स्वयं उस दुर्घटना का शिकार रहा था। स्ट्रेचर पर लेटा वह आदमी अजीब तरह से परिचित दिखाई देता था। डॉ.

मार्गोलिन ने स्वयं की जाँच करना शुरू कर दिया, जैसे कि वह उसके मरीजों में से ही एक हो । उसको धड़कन अथवा सांस लेने का कोई संकेत नहीं मिल सका।और उसे अजीब-सी आत्मविश्वास की न्यूनता महसूस हुई, जैसे कि उसका कोई शारीरिक पहलू गायब हो। वजन की अनुभूति, हाथ-पैरों की मांसपेशियों का तनाव, उसकी हड्डियों में छिपे हुए दर्द, ये सब गायब हो गए प्रतीत होते थे। ऐसा नहीं हो सकता-ऐसा नहीं हो सकता, वह बड़बड़ाया। क्या कोई यह जाने बिना मर सकता है, कि वह मर चुका है ? और ग्रेट्ल क्या करेगी?

He blurted out : ‘You’re not the same Raizel……………….led his daughter down the aisle. (Page 35)

कठिन शब्दार्थ-Ponder (पॉन्ड(र)) = thought carefully, सावधानीपूर्वक सोचा। Hovering (हॉवे(रि)ङ्) = staying in one place, एक स्थान पर मंडराना। twilight (ट्वाइलाइट्) = the sunlight after the sunset, सूर्यास्त के बाद संध्या की रोशनी। astral (अस्ट्रल) = of or like a star, तारे का अथवा तारे जैसा। vanities (वैनटिज) = the qualities of being too proud, दंभ, घमंड (अकल या शकल का)। superstition (सुपरस्टिश्न्) = blilnd faith, अंधविश्वास ।

wishful (विश्फुल्) = based on our wishes, इच्छाओं पर आधारित। oblivion (अब्लिविअन्) = being unaware or unconscious, चेतना-शून्यता। stupor (स्ट्यू प(र)) = nearly unconscious or unable to think, करीब-करीब बेहोशी या मानसिक जड़ता की स्थिति। hallucination (हलूसिनजन्) = seeing or hearing something that is not realy there, अनुपस्थित चीजों को देखना या सुनना। ceremonious (सेरिमोनिअस्) = formal, औपचारिक। intoned (इन्टोन्ड) = unttered, बोला। benedictions (बैनेडिक्श्न्न्स ) = invocation of divine blessings, ईश्वरीय आशीर्वाद का आह्वान करना।

हिन्दी अनुवाद-वह अचानक बोल पड़ा : ‘तुम वही रैजेल नहीं हो।’ ‘नहीं? फिर कौन हूं मैं ?’ ‘उन्होंने रैजेल को गोली मार दी थी।’ ‘गोली मार दी उसे? तुम्हें किसने कहा?’ वह भयभीत एवं चकरायी प्रतीत हुई। चुपचाप उसने अपने सिर को झुकाया जैसे कोई व्यक्ति बुरे समाचार के सदमे को प्राप्त कर रहा हो । डॉ. मार्गोलिन ने चिंतन जारी रखा। स्पष्टतः रैजेल उसकी स्वयं की अवस्था को नहीं जान रही थी। मार्गोलिन ने ऐसी अवस्था के बारे में सुना था-इसे क्या कहा जाता था?

संध्याकाल की रोशनी की दुनियां में मंडराते हुए विचरण करना। नक्षत्रीय शरीर का सांसारिक शरीर से अलग होकर अर्द्ध-चेतना की स्थिति में भटकना, तथा गंतव्य तक पहुंचने में असमर्थ रहते हुए, अतीत के भयों तथा दम्भों से चिपके रहना। लेकिन क्या इस अंधविश्वास में कोई सच्चाई संभव थी?

नहीं, जहां तक उसकी (मार्गोलिन की) बात थी, यह एक कामनाभरी सोच के अतिरिक्त कुछ नहीं था। इसके अतिरिक्त, इस प्रकार का जीवन पूर्ण-विस्मृति से कम की स्थिति होगा। ‘मैं संभवतया शराब के नशे से पैदा हुई मानसिक जड़ता की हालत में हूँ, ‘ डॉ. मार्गोलिन ने तय किया। यह सब एक लम्बा दिवास्वप्न (भ्रम की स्थिति) हो सकता है, शायद बदहज़मी का परिणाम।’

उसने ऊपर की ओर देखा, और वह अभी भी वहीं थी। वह झुका और उसके कान में फुसफुसाकर बोला : ‘क्या फर्क पड़ता है ? जब तक हम साथ-साथ हैं।’ ‘मैं इसके लिए इन सब वर्षों से इंतजार करती रही हूँ।’ ‘तुम कहां रही हो?’ उसने उत्तर नहीं दिया, और उसने दुबारा नहीं पूछा। उसने चारों ओर देखा।

खाली हॉल भर चुका था, सभी सीटें भर चुकी थीं। दर्शकणों पर एक औपचारिक शांति छा गई थी। संगीत धीमे स्वर में बज रहा था। प्रार्थना की अगुवाई करने वाले ने ईश्वरीय आशीर्वादों का आह्वान किया। नपे-तुले कदमों से अब्राहम मेखेलीज चर्च के गलियारे से होकर उसकी सुपुत्री को ले जा रहा था।

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