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Night

Kaleidoscope Short Stories Chapter 5 One Centimetre
Textbook Questions and Answers
Understanding the Text :

Question 1.
How did Tao Ying’s son influence the way she led her life?
ताओ यिंग के पुत्र ने अपने जीवन जीने की शैली को किस प्रकार प्रभावित किया?
Answer:
Tao Ying, the protagonist of the story, was an ordinary woman like all other women. She worked in the canteen of a factory. She was in habit of saving money. For this purpose, she even did not buy bus ticket. But her son had influenced her life a lot. Her son was the light house of her life.

So the wanted to become a perfect and flawless mother. She inculcated good habits in her son. In order to teach him good habits, she always tried to behave in a gentle and civilized manner.

When her son wanted a separate ticket for him, she did not hesitate to buy it. Even she swallowed her anger and self pride at the temple gate while she was bold enough to fight and argue. All this she did because she wanted her son belonging to a well cultured family. She was quite sensitive towards her son. She did not show a single sign of her weakness before her son Xiao Ye. Thus, he has a deep influence over his mother.

ताओ यिंग, कहानी की नायिका, अन्य महिलाओं की तरह ही एक साधारण महिला थी। वह एक कारखाने की कैन्टीन में कार्य करती थी। उसकी धन बचाने की आदत थी। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए, वह बस में टिकट भी नहीं खरीदती थी। लेकिन उसके पुत्र ने उसका जीवन अत्यन्त प्रभावित कर दिया था। उसका पुत्र उसके जीवन का प्रकाश स्तम्भ था, इसलिए वह एक सम्पूर्ण और दोष रहित माँ बनना चाहती थी। उसने अपने पुत्र में अच्छी आदतें विकसित की थी, वह हमेशा नम्र एवं सभ्य व्यवहार करने की कोशिश करती थी।

जब उसके पुत्र ने अपने लिए एक अलग टिकट चाहा तो उसने खरीदने में बिल्कुल भी संकोच नहीं किया। यहाँ तक कि मन्दिर के दरवाजे पर वह अपने क्रोध और आत्मसम्मान को भी पी गई जबकि वह झगड़ा करने और बहस करने के लिए निडर थी। वह यह सब कार्य इसलिए करती थी क्योंकि वह अपने पुत्र को एक बहुत सुसंस्कृत परिवार से सम्बन्धित बनाना चाहती थी। वह अपने पुत्र के प्रति अत्यन्त भावुक थी। उसने अपने पुत्र श्याओ ये के सम्मुख अपनी कमजोरी का भी चिह्न प्रदर्शित नहीं किया। इस प्रकार, उसका (श्याओ ये) उसके जीवन पर अत्यधिक गहरा प्रभाव था।

Question 2.
Pick out instances from the story to show that official rules are often arbitrary.
कहानी में से ऐसे उदाहरण बताइये जो यह दिखाते हैं कि आधिकारिक नियम प्राय: मनमाने ढंग से बनाये जाते हैं।
Answer:
No doubt, the story is replete with the instances that show that the official rules are often arbitrary. The first instance is about the purchasing of ticket for Xiao Ye. He is shorter than the required height but the bus conductor provided the ticket to the child without caring the official rules.

When they reached the temple gate, the earthworm to measure the height was not properly painted and the guard at gate was misbehaving arbitrarily to the visitors.

Tao Ying had to buy another ticket for her son without reason. The guard was not ready to listen anything against his measuring line. Apart it, when she sent a letter of complaints, it was not paid heed. She had to wait for a long time even she almost forgot that she had sent a complaint letter. But when the two officials came to her house, they also behaved in their own way and settled the matter. Thus, the story gives a proof that these official rules are arbitrary.

निःसन्देह, कहानी ऐसे उदाहरणों से भरी हुई है जो यह प्रदर्शित करते हैं कि आधिकारिक नियम प्रायः मनमाने ढंग से बनाये जाते हैं। पहला उदाहरण श्याओ ये के लिए टिकट खरीदने का है। वह आवश्यक लम्बाई से कम था परन्तु बस के कन्डक्टर ने उस बच्चे को बिना आधिकारिक नियमों की चिन्ता किए टिकट उपलब्ध करा दी। जब वे मन्दिर के दरवाजे पर पहुँचे तो केंचुए जैसी आकृति जो लम्बाई नापने के लिए थी, ठीक प्रकार से नहीं बनाई गई थी और दरवाजे का सुरक्षाकर्मी मनमाने ढंग से दुर्व्यवहार कर रहा था।

ताओ यिंग को बिना किसी कारण के दूसरा टिकट खरीदना पड़ा। सुरक्षाकर्मी उस नापने वाली लाइन के विरुद्ध कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था। इसके अतिरिक्त, जब उसने एक शिकायती पत्र भेजा, तो उस पर ध्यान नहीं दिया गया। उसे लम्बे समय तक इन्तजार करना पड़ा। यहाँ तक कि वह लगभग भूल गई कि उसने कोई शिकायती पत्र भेजा है। लेकिन जब दो अधिकारी उसके घर आये तो उन्होंने भी अपने ही तरीके से व्यवहार किया और मामले को संभाला। इस प्रकार, कहानी प्रमाणित करती है कि ये आधिकारिक नियम मनमाने होते हैं।

Question 3.
Tao Ying was very careful about spending money..What were her reasons for refusing the compensation offered by the temple officials?
ताओ यिंग धन खर्च करने में अत्यधिक सावधान थी।मन्दिर के अधिकारियों द्वारा क्षतिपूर्ति के रूप में दिये गये धन को लेने से इन्कार करने के उसके क्या कारण थे?
Answer:
Undoubtedly, Tao Ying was always very careful about spending money. Even she did not care to buy ticket when she rode in the bus, as it was a small saving for her and her family but when the story came to a close, we found that she was not ready to accept money offered by the temple officials for compensation. The officials felt their own guilt in the measurement of her son. It happened so because the visit of the temple had become an unhappy memory in her life.

The compensation of money could not restore her happiness of the day. She was shocked to even memorise the ill treatment at the temple gate. These unhappy memories had been imprinted on her tender heart. That’s why she asked the officials just to tell her son Xiao Ye that his mother was not wrong that day so that her son should not blame her for the entire incident. Thus, she was reluctant to accept money.

निःसन्देह, ताओ यिंग धन खर्च करने में हमेशा सावधान रहती थी। जब वह बस से यात्रा करती थी तब भी वह टिकट खरीदने की चिन्ता नहीं करती थी क्योंकि यह उसके लिए और उसके परिवार के लिए छोटी बचत होती थी लेकिन जब कहानी समाप्त होने पर आती है, तो हमने पाया कि वह क्षतिपूर्ति के रूप में मन्दिर के अधिकारियों द्वारा दिये धन को स्वीकार करने से इन्कार कर देती है। अधिकारियों ने उसके पुत्र के नापने में अपनी गलती स्वीकार की।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मन्दिर का भ्रमण उसके जीवन की एक दुःखद घटना बन गई। धन द्वारा क्षतिपूर्ति उसकी उस दिन की खुशियों को वापस नहीं ला सकती थी। वह मन्दिर के दरवाजे पर हुए दुर्व्यवहार की स्मृति से ही काँप गई थी। ये दु:खद स्मृतियाँ उसके कोमल हृदय पर अमिट हो गई थीं। यही कारण है कि वह अधिकारियों से अपने पुत्र श्याओ ये को सिर्फ यह बताने के लिए कहती है कि उसकी माँ उस दिन गलत नहीं थी ताकि उसका पुत्र उसे पूरी घटना के लिए दोषी न ठहराये। इस प्रकार वह धन स्वीकार करने की अनिच्छुक थी।

Question 4.
Why was her final vindication important to Tao Ying?
उसका अन्तिम दोष निवारण ताओ यिंग के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण था?
Answer:
In the end when the story came to a close, we find that Tao Ying was vindictive but she did not want to hurt any one. On the contrary, she forgave even the guard who misbehaved with her. But her vindication was something different. She could argue at the temple gate with the guard but she prefered to buy another ticket for her son. When the old woman measured him, he was less than one meter and ten centimeter. Then, to confirm it, she measured him herself and found the same.

Only then, she wrote a letter of complaint to the temple authorities. The temple officials found her complaint right and came to her house. They opologized and offered her five dollars as compensatory amount but she denied to accept money.

What she wanted from the officials was that they should tell her son Xiao Ye that his mother was not wrong that day. They should explain him exactly what had happened on that day. Thus, her vindication was not to hurt anyone or punish but she wanted that her son should clearly understand that she was not wrong that day.

अन्त में जब कहानी समाप्त होती है तो हम पाते हैं कि ताओ यिंग दोष निवारण करती है लेकिन वह किसी को परेशान करना नहीं चाहती है । इसके विपरीत उसने उस सुरक्षाकर्मी को भी क्षमा कर दिया जिसने उसके साथ दुर्व्यवहार किया था। लेकिन उसका दोष निवारण कुछ अलग प्रकार का था।

वह मन्दिर के दरवाजे पर सुरक्षाकर्मी से झगड़ा कर सकती थी लेकिन उसने अपने पुत्र के लिए दूसरी टिकट खरीदना ज्यादा श्रेष्ठ समझा। जब वृद्ध महिला ने उसको नापा तो वह एक मीटर दस सेन्टीमीटर से छोटा था। तत्पश्चात् इसको पूरी तरह से सुनिश्चित करने के लिए उसने उसे स्वयं नापा और ठीक वही पाया। केवल तभी, उसने मन्दिर के अधिकारियों के लिए एक शिकायती पत्र लिखा।

मन्दिर के अधिकारियों ने उसकी शिकायत को ठीक पाया और उसके घर आये। उन्होंने क्षमा याचना की और क्षतिपूर्ति के रूप में पाँच डॉलर दिये लेकिन उसने धन स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। वह अधिकारियों से जो चाहती थी वह यह था कि वे उसके पुत्र श्याओ ये को यह बता दें कि उसकी माँ उस दिन गलत नहीं थी। वे उसे ठीक वह बतायें कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था। इस प्रकार उसका दोष निवारण किसी को सताना अथवा सजा देना नहीं था बल्कि वह चाहती थी कि उसका पुत्र स्पष्ट रूप से समझ जाए कि उस दिन वह गलत नहीं थी।

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Question 1.
What made Tao Ying decide whether to buy a ticket or not when she rode a bus alone?
जब ताओ यिंग बस में अकेली बैठती थी तो किस प्रकार निश्चित करती थी कि उसे टिकट खरीदना है अथवा नहीं?
Answer:
Tao Ying was not financially strong so she tried to save money in every possible way. This was the reason why she never bothered to buy a ticket when she rode a bus alone. She used to buy a ticket only if the bus conductor seemed to her to be a responsible person but if he was a lazy type of fellow, she would never mind of paying for a ticket. She used to consider it to be her a little saving and a mild punishment for the conductor of the bus.

ताओ यिंग आर्थिक रूप से सुदृढ़ नहीं थी इसलिए वह हर संभव तरीके से धन बचाने की कोशिश करती थी। यही कारण था कि वह कभी टिकट खरीदने की परेशानी नहीं उठाती थी जब वह अखेली बस में यात्रा करती थी। वह तभी टिकट खरीदती थी जब बस कंडक्टर उत्तरदायित्वपूर्ण व्यक्ति दिखाई देता था लेकिन यदि वह आलसी प्रकार का व्यक्ति होता था तो वह कभी भी टिकट खरीदने की चिन्ता नहीं करती थी। इसे बह अपनी छोटी सी बचत और बस कंडक्टर के लिए छोटी सी सजा मान लेती थी।

Question 2.
Why dis she insist on buying tickets both for herself and her son that day?
उस दिन उसने स्वयं अपने और अपने बेटे दोनों के लिए टिकट खरीदने का आग्रह क्यों किया?
Answer:
Tao Ying never bought a ticket for herself. But that day, she was accompanied with her son. He wanted a ticket for himself but Tao Ying told him that he was not tall enough to buy a ticket. Thus, he was offended regarding his height.

Even bus conductor told her that he was one centimeter short to require a ticket but she bought a separate ticket for him as it was a matter of self pride for the son. She bought a ticket only for twenty cents which brought an infinite happiness to her son. So to make her son realise his self pride, she bought two tickets on that day.

ताओ यिंग अपने लिए कभी टिकट नहीं खरीदती थी। लेकिन उस दिन उसका पुत्र भी उसके साथ था। वह अपनी भी टिकट चाहता था लेकिन ताओ यिंग ने उसे बताया कि वह अभी टिकट खरीदने के लिए पर्याप्त लम्बा नहीं है। इस प्रकार वह अपनी लम्बाई को लेकर शर्मिंदगी महसूस करता था।

यहाँ तक कि बस कन्डक्टर ने भी उसे बताया कि टिकट की आवश्यकता से वह एक सेन्टीमीटर छोटा है लेकिन उसने उसके लिए एक अलग टिकट खरीदी क्योंकि यह उसके पुत्र के लिए आत्म गौरव का मामला था। उसने केवल बीस सैन्ट में टिकट खरीदा जिसने उसके पुत्र को अनन्त खुशियों से भर दिया। अतः अपने पुत्र को आत्म गौरव की अनुभूति कराने के लिए उस दिन उसने दो टिकट खरीदे।

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Question 1.
Did Tao Ying really intend to cheat at the temple?
क्या ताओ यिंग वास्तव में मन्दिर के दरवाजे पर धोखा देना चाहती थी?
Answer:
Tao Ying was an honest working lady. Occassionaly, she used to try not to buy a ticket for herself in the bus but her son was one centimeter short to require a ticket. But at the temple gate, the earthworm showing the height was inaccurately pointed which showed Xiao Ye to be some centimeter more than his height. Thus, it was a fault of the temple authorities not of Tao Ying. In this way, we can say that Tao Ying did not intend to cheat at the temple gate.

ताओ यिंग एक ईमानदार कार्यशील महिला थी। कभी-कभी वह अपने लिए बस में टिकट नहीं खरीदने का प्रयास करती थी लेकिन उसका पुत्र टिकट की आवश्यकता से एक सेन्टीमीटर छोटा था। लेकिन मन्दिर के दरवाजे पर, केंचुए जैसी आकृति जो लम्बाई प्रदर्शित करती थी गलत बनाई गई थी जिसने श्याओ ये को उसकी लम्बाई से कुछ सेन्टीमीटर ज्यादा दिखाया था। इस प्रकार, यह मन्दिर के अधिकारियों की गलती थी ताओ यिंग की नहीं। इस प्रकार, हम कह सकते हैं कि ताओ यिंग ने मन्दिर के दरवाजे पर धोखा देने की कोशिश नहीं की थी।

Question 2.
Why did Tao Ying change her intention to buy another ticket?
ताओ यिंग ने एक और टिकट खरीदने के लिए अपनी मानसिकता क्यों बदल ली?
Answer:
Tao Ying always tried to save money in every possible way. So she seldom care to buy ticket. When she was not allowed to enter the temple gate by the guard, she became ready to argue and fight with the guard. She was not least afraid but she didn’t want her child to be witness to such scene so she handelled the situation wisely and changed her intention to buy another ticket to preserve her dignity.

ताओ यिंग हमेशा हर संभव तरीके से धन बचाने का प्रयास करती थी। इसलिए उसने टिकट खरीदने की चिन्ता भी नहीं की थी। जब उसे सुरक्षाकर्मी द्वारा मन्दिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई तो वह सुरक्षाकर्मी से बहस करने और उससे लड़ने को तैयार हो गई। उसे बिल्कुल भी डर नहीं लगा था लेकिन वह अपने बेटे को ऐसे दृश्य का गवाह बनाना नहीं चाहती थी इसलिए उसने स्थिति को अत्यन्त कुशलता से संभाला और अपने गौरव को बनाये रखने के लिए एक और टिकट खरीदने का निश्चय किया।

Page 82.

Question 1.
Were the old lady’s scales a reliable measure of height and weight? What convoluted logic were her measurements based on?
क्या वृद्ध महिला के मापन यंत्र लम्बाई और वजन मापने के लिए विश्वसनीय मापक थे? उसका मापन किस जटिल तर्क पर आधारित था?
Answer:
No, the old lady’s scales were not reliable measure of height and weight as her scales were based on an extremely convoluted logic. Her scales were based on the assumption that every mother wanted her son to gain height as quickly as they could.

That’s why her scales were completely flattering. They were not accurate. They were old and she had adjusted them in a way that every one should have a height more than what he really had. Her perception was that every one wants to be looked long and thin. So she used to do according to the will of public.

नहीं, वृद्ध महिला के तर्क लम्बाई और वजन मापने के लिए बिल्कुल भी विश्वसनीय नहीं थे क्योंकि उसके पैमाने अत्यधिक जटिल तर्क पर आधारित थे। उसके पैमाने इस मान्यता पर आधारित थे कि प्रत्येक माँ चाहती है कि उसका बेटा जितनी जल्दी हो सके, लम्बा हो जाए। यही कारण था कि उसके पैमाने पूरी तरह से चापलूसी पर आधारित थे।

वे सही नहीं थे। वे पुराने थे और उसने उन्हें इस प्रकार समायोजित किया हुआ था कि प्रत्येक उससे ज्यादा लम्बा दिखाई दे जितना वह था। उसकी मानसिकता थी कि प्रत्येक व्यक्ति लम्बा और पतला दिखना चाहता है। अतः वह लोगों की इच्छानुसार कार्य किया करती थी।

Question 2.
What was the conflict between the mother and son?
माँ और पुत्र के बीच क्या मतभेद था? .
Answer:
There was a difference of opinion between Tao Ying, the mother and Xiao Ye, the son. Xiao Ye was of the opinion that his mother did not want to buy a separate ticket for him so every time she used to measure him while all the mothers want that their sons should grow more and more. On the contrary, Xiao Ye wanted to grow very soon so that his mother might buy a separate ticket for him.

माँ ताओ यिंग और उसके पुत्र श्याओ ये के बीच विचारों का अन्तर था। श्याओ ये का विचार था कि उसकी माँ उसके लिए अलग से टिकट खरीदना नहीं चाहती थी इसलिए हर बार वह उसे नापती रहती थी जबकि सारी माँएँ चाहती हैं कि उनके पुत्र और ज्यादा बड़े हो जाएं।इसके विपरीत, श्याओ ये जल्दी से जल्दी बड़ा होना चाहता था ताकि माँ उसके लिए अलग से टिकट खरीद सके।

Talking about the Text :

Question 1.
The way a child looks at the world is very different from that of an adult.
जिस प्रकार एक बच्चा संसार को देखता है वह एक बड़े व्यक्ति के देखने से बिल्कुल अलग होता
Answer:
This is true that a child looks at the world quite contrary to his elders. The relationship between a child and an elder is long lasting and full of emotional intense social ties. The child looks the world physically while an adult looks the world physically as well as psychologically. A child does not know what is right or wrong for him while an adult knows about it.

The children always try to use every thing when they get it while elders want to keep it for future purposes also. A child makes no planning for his future life while an adult always peeps into his future. A child always wants to spend all the money that he has but an adult saves money for future. So happens in the present story.

We find a great difference between the mother and her son. The mother considers her son to be small while the son wants to show himself older. The mother does not want to buy a ticket for him but he wants his separate ticket and when she shows her reluctance to buy ticket for him, he becomes angry. Thus, we can say that the perception of a child and that of an adult is quite contrary to each other.

यह सत्य है कि एक बच्चा संसार को अपने से बड़ों के देखने के विपरीत देखता है। बच्चे और बड़ों के बीच सम्बन्ध लम्बे समय तक चलने वाला होता है और गहन भावुकता और सामाजिक बन्धनों से बंधा होता है। बच्चा संसार को उसके भौतिक स्वरूप में देखता है जबकि बड़ा व्यक्ति संसार को भौतिक और मनोवैज्ञानिक रूप से देखता है।

बच्चे को यह पता नहीं होता है कि उसके लिये क्या सही है और क्या गलत है जबकि एक युवा इस बारे में जानता है। बच्चा हर उस वस्तु का परीक्षण करना चाहता है जो उसके पास है जबकि युवक उसे भविष्य के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भी रखना चाहता है । बच्चा अपने भविष्य के लिए कोई योजना नहीं बनाता है जबकि बड़ा व्यक्ति हमेशा अपने भविष्य में झांकता रहता है।

बच्चा उस सम्पूर्ण धन को खर्च करना चाहता है जो उसके पास है लेकिन एक बड़ा व्यक्ति भविष्य के लिए धन बचाता है। ठीक ऐसा ही इस कहानी में होता है। हमें माँ और उसके पुत्र के बीच बहुत अन्तर दिखाई देता है। माँ अपने बच्चे को छोटा समझती है जबकि उसका बेटा अपने आप को बड़ा दिखाने की कोशिश करता है। माँ उसके लिए टिकट नहीं खरीदना चाहती है लेकिन वह अपनी अलग टिकट चाहता है और जब वह उसके लिए टिकट खरीदने की अनिच्छा व्यक्त करती है तो वह नाराज हो जाता है। इस प्रकार, हम कह सकते हैं कि एक बच्चे और एक बड़े व्यक्ति का दृष्टिकोण एक-दूसरे के ठीक विपरीत होता है।

Question 2.
There is always a gap between what we really are and what we wish to appear to be to others.
हम वास्तव में जो हैं और हम दूसरों के सामने जिस प्रकार अपने आपको प्रस्तुत करना चाहते हैं, इसके बीच में बहुत बड़ा अन्तर होता है।
Answer:
According to psychologists, man has such tendency that he always presents himself before the others in the best way while internally he is full of flaws. A man wants to be a leader and intends that others should follow him. Man preaches high ideals and moral virtues but he himself never follows what he preaches. Externally he seems to be a divine personality whole internally he behaves in the manner of a devil. The same things happen in this story also.

Tao Ying wants that her son should be full of moral virtues. So in his company, she buys ticket in the bus but when she is done, she never bother to purchase a ticket. She expects a lot virtues from her son but she does not follow herself those virtues. Thus, it is true that man is not what he wants to show himself.

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, मनुष्य की यह मानसिकता होती है कि वह स्वयं को दूसरे के सम्मुख हमेशा सर्वश्रेष्ठ रूप में प्रस्तुत करता है जबकि आन्तरिक रूप से दोषों से भरा हुआ होता है। मनुष्य पथ प्रदर्शक बनना चाहता है और उसकी इच्छा होती है कि दूसरे लोग उसका अनुसरण करें। मनुष्य उच्च आदर्श और नैतिक गुणों का (दूसरों को) उपदेश देता है लेकिन वह अपनी ही उन बातों का अनुसरण नहीं करता है जो वह आदेश देता है। बाह्य रूप से वह दैवीय व्यक्तित्व दिखाई देता है जबकि आन्तरिक रूप से वह एक दैत्य का सा व्यवहार करता है।

ठीक यही बात इस कहानी में होती है। ताओ यिंग चाहती है कि उसका बेटा नैतिक गुणों से परिपूर्ण हो। इसलिए उसकी संगति में, वह बस में टिकट खरीद लेती है लेकिन जब वह अकेली होती है तो वह कभी भी टिकट खरीदने की नहीं सोचती है। वह अपने पुत्र में अनेकों गुण होने की आशा करती है लेकिन वह स्वयं उन गुणों का पालन नहीं करती है। इस प्रकार, यह सत्य है कि मनुष्य वह नहीं होता है जो वह स्वयं को प्रदर्शित करना चाहता है।

Appreciation :

Question 1.
Comment on the significance of the first sentence of the story to its theme.
कहानी के प्रथम वाक्य की कहानी की विषयवस्तु से महत्ता का परीक्षण करिये।
Answer:
The first sentence of the story is very significant to its theme as it indicates the main plot. The first sentence=”when Tao Ying rides the bus alone, quite often she does not bother to buy a ticket” shows the intention of greed of Tao Ying. It is true that she is not a rich lady but the manner in which she always tries to save money shows her greed of money.

The first sentence is directly related to the theme and conclusion of the story. She does not intend to buy ticket even at temple gate and becomes ready for a hot argument. Thus, she is ready to do everything to save money out of her greedy nature and temptation.

कहानी का पहला वाक्य कहानी की विषयवस्तु के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह मुख्य कथानक की ओर इशारा करता है। प्रथम वाक्य-“जब ताओ यिंग अकेली बस में यात्रा करती है, तो प्रायः वह टिकट खरीदने के बारे में चिन्तित नहीं होती है” ताओ यिंग की लालच की मनोवृत्ति को दिखाता है ।

यह सत्य है कि वह एक धनी महिला नहीं है परन्तु जिस तरीके से वह हमेशा धन बचाने की सोचती है, उसके धन के प्रति लालच को दिखाता है। प्रथम वाक्य कहानी की विषयवस्तु और अन्त होने की विषयवस्तु से सीधा सम्बन्धित है । वह मन्दिर के दरवाजे पर भी टिकट खरीदना नहीं चाहती है और गर्मागर्म बहस के तैयार हो जाती है। इस प्रकार, वह धन बचाने के लिए अपनी लालची प्रवृत्ति के कारण सब कुछ करने के लिए तैयार रहती है।

Question 2.
Would you describe the author’s portrayal of Tao Ying’s character in the story as sympathetic, critical or realistic? ।
आप कहानी में ताओ यिंग के चरित्र को किस प्रकार व्यक्त करेंगे-सहानुभूतिपूर्ण, आलोचनात्मक अथवा वास्तविकता से पूर्ण ?
Answer:
Tao Ying is the protagonist in the story. When we read between the lines about her character, we find that she is economical lady. She tries to save money as much as she can. Even she does not by a ticket for herself when she travels by bus. She keeps money above every thing which turns into her greed which is quite realistic for a woman of limited resources.

Her love for her son, the problems that she faces at the temple gate, her denial to accept money from the temple officials, all are portrayed in realistic manner. We feel sympathy for her when she is forced to buy another ticket at the temple gate and when she buys a ticket for her son to please him. Along with it we become critical towards her when out of her greed, she does not bother to buy ticket for herself. Thus, we can say that the story is an amalgamation of all the three qualities i.e. sympathy, critical and realism.

ताओ यिंग कहानी की नायिका है। जब हम उसके चरित्र के बारे में सूक्ष्मता से निरीक्षण करते हैं तो हम पाते हैं कि वह मितव्ययी महिला है । वह जितना धन बचा सकती है उतना बचाने की कोशिश करती है। यहाँ तक कि जब वह बस में यात्रा करती है तो भी अपने लिए टिकट नहीं खरीदती है। वह धन को सबसे ऊपर रखती है जो कि उसके लालच में परिवर्तित हो जाता है जो कि सीमित आय की महिला के लिए पूरी तरह स्वाभाविक है।

उसका अपने पुत्र के प्रति प्रेम, मन्दिर के दरवाजे पर जो कठिनाइयाँ उसे आती हैं, मन्दिर के अधिकारियों से धन स्वीकार करने से इन्कार करना, यह सभी वास्तविक व्यवहार का चित्रण है। हम उसके प्रति सहानुभूति महसूस करते हैं जब वह मन्दिर के दरवाजे पर दूसरा टिकट खरीदने को बाध्य हो जाती है और जब वह अपने पुत्र को प्रसन्न करने के लिए एक और टिकट खरीदती है। इसके साथ हम उसके प्रति आलोचनात्मक हो जाते हैं जब अपने लालच के कारण वह स्वयं के लिए एक टिकट भी नहीं खरीदती है। इस प्रकार, हम कह सकते हैं कि कहानी तीनों गुणों-सहानुभूति, आलोचना और वास्तविकता का मिश्रण है।

Question 3.
Identify the episodes that bring out the ambivalent attitude to ethics commonly seen in human life.
उन घटनाओं को पहचानिये जो कि मानवीय जीवन में नैतिक मर्यादाओं में दोहरी मानसिकता के रूप में सामान्य रूप से दिखाई देती हैं।
Answer:
The story ‘One Centimetre is an impressive story which shows the face of society in mirror. The story is replete with the ambivalent attitude to ethics at many places. Tao Ying never bothers to by a ticket for herself when she travels by a bus but when she is in the company of her son, she buys an extra ticket for her son for his happiness as well as to teach him that the passengers should buy ticket in the bus. Thus, she shows her ambivalent character.

Apart it, Temples should be a place of worship with free access to each devotee but this holy place has been turned into a business spot by the temple authorities. They don’t allow any one to enter the temple without a ticket. Even they have painted a wrong figure for measurement so that the devotees may be forced to buy ticket. Thus, this is the ambivalent attitude and duality in their behaviour.

‘वन सेन्टीमीटर’ कहानी एक प्रभावपूर्ण कहानी है जो कि दर्पण में समाज का चेहरा प्रस्तुत करती है। कहानी में अनेकों स्थानों पर नैतिकताओं के प्रति दोहरी मानसिकता को प्रस्तुत किया गया है। जब ताओ यिंग बस से यात्रा करती है तो वह टिकट खरीदने की परेशानी नहीं उठाती है लेकिन जब वह अपने पुत्र के साथ है तो वह एक अतिरिक्त टिकट उसकी खुशी के लिए खरीदती है साथ ही उसे यह भी सिखाना चाहती है कि बस में यात्रियों को टिकट खरीदना चाहिए।

इस प्रकार वह अपना दोहरा चरित्र प्रदर्शित करती है। उसके अतिरिक्त, मन्दिर प्रत्येक श्रद्धालु की निःशुल्क पहुँच में पूजा स्थल होने चाहिए लेकिन यह पवित्र स्थल भी मन्दिर के अधिकारियों द्वारा व्यापार केन्द्र में परिवर्तित कर दिया गया है । वे मन्दिर में बिना टिकट किसी को प्रवेश नहीं करने देते हैं । यहाँ तक कि उन्होंने लम्बाई नापने के लिए गलत आकृति बनाई है ताकि श्रद्धालुओं को टिकट खरीदने के लिए बाध्य किया जा सके। इस प्रकार, यह उनके व्यवहार में दोहरापन है।

Question 4.
How effectively does the narrative technique adopted in this story illustrate ‘unity of thought’?
इस कहानी में वर्णनात्मक तकनीक को ‘विचारों की एकरूपता’ के रूप में कितने प्रभावपूर्ण तरीके से व्यक्त किया गया है ?
Answer:
The story ‘One Centimetre’ illustrates the narrative technique ‘unity of thought in a well impressive manner. There is a smooth flow of thoughts from prologue to epilogue. The writer narrates all the incidences one by one but all the incidences are interwoven.

The narration of Tao Ying’s bus ride alone and with her son, child’s curiosity to have his own ticket, their planning to visit the temple, the hobnob at the temple gate, her arguments with the guard, her attitude to recheck her son’s height etc.

all have unity of thought. But the story reaches its heights when Tao Ying denies to accept money from the temple officials and wants that they should tell her son that his mother did no wrong that day. Thus, the story has a well knit plot along with unity of thought’.

‘वन सेन्टीमीटर’ कहानी वर्णनात्मक तकनीक विचारों की एकरूपता’ को अत्यन्त प्रभावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत करती है। कहानी में प्रारम्भ से लेकर अन्त तक विचारों का मधुर प्रवाह है। लेखिका सभी घटनाओं को एक के बाद एक प्रस्तुत करती है लेकिन सभी घटनाएँ आपस में अर्न्तसम्बन्धित हैं । ताओ यिंग की अकेले और अपने पुत्र के साथ बस यात्रा, बच्चे की अपनी स्वयं की टिकट लेने की जिज्ञासा, मन्दिर भ्रमण की उनकी योजना,

मन्दिर के दरवाजे पर झगड़ा, सुरक्षाकर्मी के साथ बहस, उसकी अपने पुत्र की लम्बाई दोबारा नापने की इच्छा इत्यादि वर्णन में पूरी तरह विचारों की एकरूपता है। लेकिन कहानी अपने शिखर पर तब पहुँचती है जब ताओ यिंग मन्दिर के अधिकारियों से धन स्वीकार करने से इन्कार कर देती है और चाहती है कि वे उसके पुत्र को बताएं कि उस दिन उसकी माँ ने कुछ भी गलत नहीं किया था। इस प्रकार, कहानी में सुगठित कथानक के साथ ‘विचारों की एकरूपता’ है।

Language Work :

Figures of Speech-According to P.C. Wren-“A figure of speech is a departure from the ordinary form of expression or the ordinary course of ideas in order to produce a greater effect”.

“A figure of speech अभिव्यक्ति के सामान्य स्वरूप अथवा विचारों के सामान्य रूप से अत्यधिक प्रभाव उत्पन्न करने की प्रक्रिया है।”

Simile-In simile, there is a comparison between two objects of different kinds that are similar at least in one point. It is introduced by words as; like, so ….. as, so.

Example-As the door shut her jacket is caught, ballooning as like a tent behind her.
Explanation-Here we have two different objects ballooning of jacket and tent. The jackat is as ballooning as a tent. It is compared through the conjunction ‘like’ so it is simile.

Other Examples :

(1) The white of the wall looks like a virgin canvas and ……..
(2) Her nails are shiny, glistening like the smooth curved back of a sea shell.

Metaphor-“In metaphor, there is a comparison between two objects of different kinds which have at least one point in common but the difference is not expressed but remains understood.”
Example-“But in order to melt the ice in her son’s eyes, she must do something.”

Explanation-Tao Ying feels that her has coldness and a distance towards her so she wants to end this coldness through some efforts.
Other Example-Shooting down aeroplanes with a small gun.

Pronunciation-It is to note that when a word is used as noun, the word-carries the stress on the first syllable while when it is used as a verb, the stress is put on the second syllable. Thus, stress changes pronunciation.

The following words can be used as both a noun and a verb :
Answer:

RBSE Class 12 English One Centimetre Important Questions and Answers
Short Answer Type Questions :

Question 1.
What are Tao Ying’s contrary qualities regarding money?
धन से सम्बन्धित ताओ यिंग के क्या विरोधी गुण हैं ?
Answer:
Tao Ying is financially poor. So she keeps a careful vigilance over her purse but she never gives her son a little diet. Apart it, she remains ready to spend money whenever she is in the company of her son. On the contrary when she a’une travels by buis, she even does not care to buy a ticket for herself.

ताओ यिंग आर्थिक रूप से कमजोर है इसलिए वह अपने खर्चों पर सावधानीपूर्वक नजर रखती है लेकिन वह अपने पुत्र को कभी भी कम भोजन नहीं देती है। इसके अतिरिक्त, वह हमेशा धन खर्च करने को तैयार रहती है जब भी वह अपने पुत्र के साथ होती है। इसके विपरीत जब वह अकेली बस में यात्रा करती तब वह अपने स्वयं के लिए टिकट खरीदने की भी चिन्ता नहीं करती है।

Question 2.
What sense of responsibility does she feel regarding her son?
अपने पुत्र के प्रति वह क्या उत्तरदायित्व की भावना महसूस करती है ?
Answer:
Tao Ying always feels a sense of responsibility regarding her son. She thinks that it was she who had brought this delicate creature in the world. She elearly realises that to this little boy, she is the only centre of universe and for this reason she must try every time to be the perfect and flawless mother.

ताओ यिंग अपने पुत्र के प्रति हमेशा उत्तरदायित्व की भावना से परिपूर्ण है । वह सोचती है कि यह वह स्वयं ही है जो इस कोमल प्राणी को इस संसार में लेकर आयी है । वह स्पष्ट रूप से महसूस करती है कि इस छोटे बच्चे के लिए वह स्वयं ही ब्रह्माण्ड का केन्द्र है और इसी कारण से उसे हर समय यह प्रयत्न करना चाहिए कि वह हमेशा पूर्ण और दोष रहित माँ बन सके।

Question 3.
Why does the child shout, “Mama! I’m tall enough?”
बच्चा क्यों जोर-जोर से चिल्लाता है, “माँ, मैं पर्याप्त बड़ा हो गया हूँ?”
Answer:
The child shouts these words again and again as Tao Ying promised him to buy a separate ticket for him the next time and this is the next time but she any how does not want to purchase a ticket for him. The child is excited to have his own ticket but she tries to avoid it by measuring him again and again.

बच्चा बार-बार इन शब्दों को चिल्ला-चिल्लाकर बोलता है क्योंकि ताओ यिंग ने उससे वायदा किया था कि वह अगली बार उसके लिए अलग से टिकट खरीदेगी और यह अगला संमय आ गया है लेकिन किसी न किसी तरह से वह इसके लिए टिकट खरीदना नहीं चाहती है। बच्चा अपनी स्वयं की टिकट लेने के लिए अत्यन्त उत्साहित है, लेकिन वह उसको बार-बार नाप कर टिकट खरीदने से बचना चाहती है।

Question 4.
Why does she buy another ticket for her child?
वह दूसरी टिकट अपने बेटे के लिए क्यों खरीदती है?
Answer:
She buys another ticket for her child because she thinks that to be able to purchase self-esteem with only twenty cents is not a costly dealing for a small child like Xiao Ye. It happens only in childhood and it is sure that no mother can restrict herself to get this opportunity to make her little son happy with a petty amount.

वह बच्चे के लिए एक दूसरी टिकट खरीदती. है क्योंकि वह सोचती है कि श्याओ ये जैसे बच्चे के लिए केवल बीस सैन्ट में स्व-सम्मान खरीदना कोई महंगा सौदा नहीं है। यह केवल बचपन में ही होता है और यह निश्चित है कि कोई भी माँ अपने छोटे बच्चे को एक छोटी धनराशि से खुश करने के सुअवसर को नष्ट करना नहीं सोच सकती है।

Question 5.
What was the reply of Lao Chiang when Tao Ying inquired him about one more ticket?
जब ताओ यिंग ने एक और टिकट के बारे में पूछा तो लाओ चियान्ग ने क्या उत्तर दिया?
Answer:
When Tao Ying inquired about another ticket, Lao Chiang replied that she should forget to take her husband with her instead she should take her son who was under 110 centimeters and did not need a ticket. Even if she didn’t want to go to temple, she should sell at and earn money to buy a couple of watermelons.

जब ताओ यिंग ने दूसरी टिकट के बारे में जानकारी चाही तो लाओ चिआन्ग ने उत्तर दिया कि वह अपने साथ अपने पति को ले जाना भूल जाए। इसके स्थान पर वह अपने बेटे को ले जाए जो कि 110 सेन्टीमीटर से छोटा है और उसे टिकट की आवश्यकता नहीं है। इस पर भी यदि वह मन्दिर जाना नहीं चाहे तो वह उस टिकट को बेच दे और दो तरबूज खरीदने के लिए पर्याप्त धन कमा ले।

Question 6.
Why was Xiao Ye so excited at the temple?
श्याओ ये मन्दिर में इतना उत्साहित क्यों था?
Answer:
Xiao Ye was so excited because it was hard to find a large field of grass in the middle of the city. There was something refreshing, something green in the air as if they were approaching a valley or a waterfall out of his excitement, he snatched the ticket from his mother’s hands and ran away towards the shining gates of the temple.

श्याओ ये इतना उत्साहित इसलिए था क्योंकि शहर के बीच में घास का इतना बड़ा मैदान मिलना अत्यन्त कठिन था। वहाँ पर हवा में अत्यन्त ताजगी थी और चारों ओर हरियाली थी ऐसा लग रहा था कि वे किसी घाटी में अथवा झरने पर पहुंच रहे हैं। अपने उत्साह के कारण उसने अपनी माँ के हाथ से टिकट खींच लिया और मन्दिर के चमचमाते हुए दरवाजे की ओर भाग गया।

Question 7.
Why does Tao Ying want to show the ticket to the guard from the box? What happens then?
ताओ यिंग बॉक्स में से सुरक्षाकर्मी को टिकट क्यों दिखाना चाहती है ? उसके बाद क्या होता है?
Answer:
Tao Ying wants to show the ticket from the box to prove that what she says is right as it is printed on the back of the ticket that children under 110 centimeters do not have to pay. But the youth scolds her to touch the box and Tao Ying realises that she should not have touched the box and quickly withdraws her hand.

ताओ यिंग बॉक्स में से टिकट यह सिद्ध करने के लिए दिखाना चाहती है कि वह जो कुछ कह रही है, सही है क्योंकि टिकट के पीछे छपा हुआ है कि 110 सेन्टीमीटर से कम बच्चों को टिकट का भुगतान नहीं करना है। लेकिन युवक उसे बॉक्स छूने के लिए डाँट देता है और ताओ यिंग महसूस करती है कि उसे बॉक्स छूना ही नहीं चाहिए था और शीघ्र ही अपना हाथ वापस खींच लेती है।

Question 8.
Why did Tao Ying not want to argue with the guard?
ताओ यिंग सुरक्षाकर्मी से बहस करना क्यों नहीं चाहती थी?
Answer:
When the guard did not allow Tao Ying to enter the temple and was ready to argue, her hands began to tremble like thin strings but she was not least afraid of a good fight but she did not want to be witness to such an unpleasant scene of arguement in the presence of her son Xiao Ye. So she swallowed her pride.

जब सुरक्षाकर्मी ने ताओ यिंग को मन्दिर में प्रवेश देने से इन्कार कर दिया और वह झगड़ने के लिए तैयार हो गया तो उसके हाथ पतले तारों की तरह काँपने लगे लेकिन वह किसी लड़ाई से बिल्कुल भी भयभीत नहीं थी लेकिन वह नहीं चाहती थी कि उसका बेटा श्याओ ये किसी भी ऐसी दुःखद घटना का प्रत्यक्षदर्शी बने। इसलिए उसने अपने गर्व को दबा लिया।

Question 9.
When does Tao Ying notice about the old woman? Why is the woman sitting there?
ताओ यिंग को वृद्ध महिला की जानकारी कब होती है ? वृद्ध महिला वहाँ पर क्यों बैठी है ?
Answer:
When Xiao Ye takes money from his mother for ice-cream and runs towards an old woman behind the stall and ask her to measure him. Tao Ying notices the lady sitting next to a pair of scales for measuring weight and height of the people who want to visit the temple.

जब श्याओ ये आइसक्रीम के लिए अपनी माँ से पैसे ले लेता है और छोटी दुकान के पीछे बैठी हुई वृद्ध महिला की ओर दौड़ता हुआ चला जाता है और उससे (वृद्ध महिला) उसका अपना नाप लेने के लिए कहता है। तब ताओ यिंग लम्बाई नापने और वजन तौलने की तराजू के बगल में बैठी हुई महिला को देखती है जो कि उन लोगों का नाप लेती है और वजन नापती है जो मन्दिर भ्रमण करना चाहते हैं।

Question 10.
What does the old woman tell Tao Ying about her techinque of measurement?
वृद्ध महिला ताओ यिंग को अपने नापने की तकनीक के बारे में क्या बताती है ?
Answer:
The old woman tells Tao Ying about her technique of measurement that her scales are to make every one happy. She has psychologically adjusted her scales. This is the psychology of every other that she wants her son to grow tall. Every mother wants that her son may shoot up as early as possible. Thus, she has flattering scales to make every one happy.

वृद्ध महिला ताओ यिंग को अपनी नापने की तकनीक के बारे में बताती है कि उसका नापने का यंत्र प्रत्येक व्यक्ति को खुश करने के लिए है। उसने अपने यंत्र को मनोवैज्ञानिक तरीके से समायोजित कर दिया है। प्रत्येक माँ की यह मानसिकता होती है कि वह अपने बेटे को बढ़ता हुआ देखे। प्रत्येक माँ चाहती है कि उसका बेटा अतिशीघ्र बड़ा हो जाए। इस प्रकार, उसका यंत्र प्रत्येक व्यक्ति को खुश करने के लिए है।

Question 11.
When does the yellow tape in Tao Ying’s hands seems to have turned into a poisonous snake?
ताओ यिंग के हाथों में पीला टेप कब जहरीले सर्प में बदलता हुआ प्रतीत होता है ?
Answer:
When Tao Ying once again tries to measure her son at back home, he becomes furious and tells that he does not want to be measured again. He says that evey one except her says that he is tall enough. She does not say so because she does not want to buy a ticket for him and he is well acquainted with her this intention. If she measures him again she is bound to get shorter again. Hearing this, the yellow tape seems to have turned into a poisonous snake.

जब ताओ यिंग वापस घर आकर एक बार फिर अपने बेटे को नापना चाहती है तो वह नाराज हो जाता है और कहता है कि वह फिर से नापा जाना नहीं चाहता है । वह कहता है कि उसे (ताओ यिंग) छोड़कर प्रत्येक व्यक्ति कहता है कि वह पर्याप्त बड़ा हो गया है। वह इसलिए ऐसा नहीं कहती है क्योंकि वह उसके लिए टिकट खरीदना ही नहीं चाहती है और वह (श्याओ ये) उसकी इस मानसिकता से अच्छी तरह परिचित है । यदि वह उसे एक बार फिर नापेगी तो वह निश्चित रूप से एक बार फिर छोटा हो जाएगा। यह सुनकर पीला टेप जहरीले सांप में परिवर्तित होता हुआ प्रतीत होता है।

Question 12.
When does Tao Ying feel guilty?
ताओ यिंग कब दोषी महसूस करती है ?
Answer:
Tao Ying feels guilty when a customer queuing in front of her counter shouts out that all her cakes are ruined. They are full of burnt marks. No doubt, she is usually very conscientious in her work but these couple of days she often finds herself distracted.

ताओ यिंग दोषी महसूस करती है जब एक ग्राहक जो कि उसके काउन्टर के सामने लाइन में खड़ा है और चिल्लाता है कि उसके सारे केक नष्ट हो गये हैं। वे काले धब्बों से भरे हुए हैं। निःसन्देह, सामान्य रूप से वह अपने कार्य के प्रति अत्यन्त सचेत है परन्तु पिछले दो दिन से वह प्रायः स्वयं को भ्रमित पाती है।

Question 13.
Why did she decide to write a letter to temple administrators?
उसने मन्दिर के प्रशासकों को पत्र लिखने का निश्चय क्यों किया?
Answer:
Tao Ying wanted to rescue the situation. So at night when Xiao Ye went to sleep, she straightened his little legs and stretched her tape from the soles of his feet to the top of his head and found that his height was one metre and nine centimeters. Then, she decided to write a letter to temple administrators.’

ताओ यिंग स्थिति को संभालना चाहती थी। इसलिए रात्रि को जब श्याओ ये सो गया तो उसने (ताओ यिंग) उसके छोटे पैरों को सीधा किया और अपना (नापने का) टेप उसके पैरों के तलवों से लेकर उसके सिर तक फैलाया और पाया कि उसकी लम्बाई एक मीटर नौ सेन्टीमीटर है। तब, उसने मन्दिर के प्रशासकों को पत्र लिखने का निश्चय किया।

Question 14.
How did the writer’ help her in writing the letter?
‘द राइटर’ ने पत्र लिखने में किस प्रकार उसकी सहायता की?
Answer:
When she completed the letter, she offered the letter to the writer’ to see whether it was a complete letter. “The writer’ read the letter between the lines and gave her useful suggestions. He suggested that her letter must open with a strong and righteous claim to grab the attention of the editor. The letter must touch the heart of the editor. Thus, the writer’ halped her.

जब उसने पत्र पूरा कर लिया तो वह पत्र उसने ‘द राइटर’ को यह देखने के लिए दे दिया कि क्या यह सम्पूर्ण पत्र है। ‘द राइटर’ ने सूक्ष्मता से पत्र पढ़ा और उसे उपयोगी सुझाव दिये। उसने सुझाव दिया कि उसके पत्र की शक्तिशाली और सटीक शुरुआत होनी चाहिए ताकि सम्पादक का ध्यान खींच सके। पत्र सम्पादक के हृदय को छूना चाहिए। इस प्रकार ‘द राइटर’ ने उसकी सहायता की।

Question 15.
What were Tao Ying’s thoughts after she posted the letter?
पत्र को डाक द्वारा भेजने के बाद ताओ यिंग की क्या भावनाएं थीं?
Answer:
When she posted the letter, there was a long wait. Meanwhile she looked through the newspapers everyday. She used to listen to the radio, imagining that one morning, she would hear her own letter read out by some announcer with a sweet voice. Then she would go to the post office to bring the letter from the temple authorities who would apologise from her and she had imagined a hundred different scenarios.

जब उसने पत्र डाक द्वारा भेज दिया तो उसके बाद एक लम्बी प्रतीक्षा थी। इसी समय वह प्रतिदिन समाचार पत्र भी पढ़ती थी। वह रेडियो सुना करती थी यह सोचकर कि किसी सुबह, वह किसी उद्घोषक की मधुर आवाज में अपने पत्र को पढ़ता हुआ सुनेगी। तत्पश्चात् वह अपना पत्र लेने डाकघर जाएगी जो कि उससे क्षमा याचना करेंगे और इसी तरह से उसके मस्तिष्क में सैकड़ों विभिन्न विचार आये।

Long Answer Type Questions :

Question 1.
“Children are the best imitators in the world.” Discuss and also tell how this statement has a deep effect on Tao Ying?
“बच्चे संसार में सर्वश्रेष्ठ अनुकरण करने वाले होते हैं।” व्याख्या कीजिए और यह भी बताइये कि इस वाक्य का ताओ यिंग पर कितना गहन प्रभाव है ?
Answer:
Children are the best imitators in the world. It was proved one day when she came across her son eating a melon in the same manner as she did. She could see a white melon seed stuck to his forehead. She became furious but at once realised that if she wanted her son to behave in a well cultured way, she must concentrate and never fall in her own example.

Since then, she determined to follow herself the way that she wanted her son to do. It was very difficult for her but she knew that nothing was impossible with firm determination. Now her life became more focused and challenging than before.

बच्चे संसार में सर्वश्रेष्ठ अनुसरण करने वाले होते हैं । यह उस दिन सिद्ध हुआ जब एक दिन उसने अपने बेटे को अचानक ठीक उसी प्रकार तरबूज खाते हुए पाया जैसे वह खाती थी। उसने तरबूज के एक सफेद बीज को उसके माथे पर चिपका हुआ पाया। वह अत्यन्त क्रोधित हुई लेकिन तुरन्त महसूस किया

कि यदि वह अपने बेटे का सुसंस्कृत व्यवहार चाहती है तो उसे स्वयं भी ध्यान देना होगा और अपना उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। तभी से उसने वही व्यवहार अपनाने का निश्चय कर लिया जो व्यवहार वह अपने पुत्र से चाहती थी। यह उसके लिये अत्यन्त कठिन था लेकिन वह जानती थी कि दृढ़ निश्चय के सम्मुख कुछ भी असंभव नहीं है। अब उसका जीवन पहले से और ज्यादा केन्द्रित तथा चुनौतीपूर्ण हो गया।

Question 2.
Give a character sketch of Tao Ying.
ताओ यिंग का चरित्र चित्रण कीजिए।
Answer:
Tao Ying is the protagonist of the story. She is not a rich lady so she always tries to save money in every way possible. She even does not care to buy a ticket in the bus to save money but whenever she is in the company of her son, she buys a ticket so that her son may understand to follow the rules and regulations. She is replete with motherly love.

This is her love to her son that she takes a leave from her work and takes him to the temple but when the guard tries to make fun of her, she boldly argues with him and retaliate in every possible way but when the temple officials come to her house, she shows herself respect and wants that the officials should make her child understand that his mother was not wrong that day. She is a hard working and self reliant lady. She leaves a deep impression on the readers.

ताओ यिंग कहानी की नायिका है । वह धनी महिला नहीं है इसलिए हमेशा हर संभव तरीके से धन बचाना चाहती है। वह बस में भी धन बचाने के लिए टिकट खरीदने की चिन्ता नहीं करती है लेकिन जब भी वह अपने बेटे के साथ होती है, वह टिकट खरीदती है ताकि उसका बेटा नियम और कानूनों का पालन करना सीख सके। वह मातृत्व प्रेम से परिपूर्ण है । यह उसके अपने पुत्र के प्रति प्रेम ही कि वह अपने कार्य से छुट्टी लेती है और उसे मन्दिर ले जाती है लेकिन जब सुरक्षाकर्मी

उसकी हँसी उड़ाने की कोशिश करता है तो वह निडरता से उससे झगड़ा करती है और हर संभव तरीके से प्रतिरोध करती है लेकिन जब मन्दिर के अधिकारी उसके घर आते हैं तब वह अपना आत्मसम्मान प्रदर्शित करती है और चाहती है कि मन्दिर के अधिकारी उसके पुत्र को समझायें कि उस दिन उसकी माँ गलत नहीं थी। वह कठोर परिश्रमी और आत्मविश्वासी महिला है। वह पाठकों पर गहन प्रभाव छोड़ती है।

Question 3.
Write a brief note about the qualities of Xiao Ye.
श्याओ ये के गुणों के बारे में एक संक्षिप्त नोट लिखिए।
Answer:
Xiao Ye is the second main character of the story after only Tao Ying, his mother. He is a very active child who every time wants that should grow older as soon as he can. He is curious to see the world. He wants to know more and more about the world. It seems that he wants to assimilate the entire world into his little arms.

He has a deep love for his mother. He likes to live in the company of his mother. He is full of child like sensitiveness. He is in hurry to visit the temple so he remains ignorant about the arguments at the temple gate. He always tries that he should have his own separate ticket as he has grown old now. In short, Xiao Ye shows all the activities of an innocent child.

श्याओ ये कहानी का उसकी माँ ताओ यिंग के बाद दूसरा सबसे महत्त्वपूर्ण पात्र है। वह अत्यन्त फुर्तीला है जो कि हर समय यह चाहता है कि वह जितनी जल्दी हो सके और बड़ा हो जाए। वह संसार के प्रति जिज्ञासु है। वह संसार के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहता है। ऐसा लगता है कि वह सम्पूर्ण संसार को अपनी छोटी बाँहों में भर लेना चाहता है। उसे अपनी माँ से गहन प्रेम है। वह अपनी माँ के साथ रहना पसन्द करता है। वह

Question 6.
Comment on the find ending of the story.
कहानी के अन्त पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
Answer:
The story has a surprising ending. When Tao Ying did not accept the five dollar note, the temple officials gave her two tickets and told her that she and her son were welcome to visit the temple any day any time. But Tao Ying was reluctant to accept this offer too. She asked her son to call the officials grand pa.

Then, she requested the officials to take back the money and the tickets. She also reuested not to punish the guard as he was doing his duty only. What she wanted from the officials was that they should explain to her son exactly what happened on that day. She also wanted that they should tell him that his mother was not wrong that day. Thus, she compensated her sense of guilt that she was feeling.

कहानी का अन्त आश्चर्य से भरा हुआ है। जब ताओ यिंग ने पाँच डॉलर का नोट स्वीकार नहीं किया तो मन्दिर के अधिकारियों ने उसे दो टिकट दिये और उससे कहा कि वह और उसका बेटा किसी भी दिन और किसी भी समय मन्दिर भ्रमण के लिए आमन्त्रित हैं लेकिन ताओ यिंग इस प्रस्ताव को भी स्वीकार करने की अनिच्छुक थी।

उसने अपने पुत्र से अधिकारियों को ‘दादा जी’ कहकर सम्बोधित करने के लिए कहा। तत्पश्चात्, उसने अधिकारियों से धन और टिकट वापस लेने के लिए कहा। उसने यह भी प्रार्थना की कि वे सुरक्षाकर्मी को कोई सजा न दें क्योंकि वह तो अपना कर्त्तव्य पालन कर रहा था। वह अधिकारियों से जो चाहती थी वह यह था कि वे उसके बेटे को बतायें कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था। वह यह भी चाहती थी कि वे उसे यह भी बताएं कि उस दिन उसकी माँ की गलती नहीं थी। इस प्रकार, उसने अपनी भावनाओं की क्षतिपूर्ति कर ली।

Seen Passages

Passage-1.

Clearly Tao Ying has to be astute. When the bus conductor looked like the responsible type, she would buy a ticket as soon as she got on board. But if he appeared to be casual and careless, she would not dream of paying, considering it a small punishment for him and a little saving for herself.

Questions:

  1. When does Tao Ying buy a ticket in the bus?
    ताओ यिंग बस में टिकट कब खरीदती है?
  2. When does she not bother to buy a ticket in the bus?
    वह बस में टिकट खरीदने की परेशानी कब नहीं उठाती है?
  3. What does she consider when she does not buy a ticket in the bus?
    जब वह बस में टिकट नहीं खरीदती है तो उसे वह क्या मानती है ?
    Answers :
  4. Tao Ying buys a ticket in the bus only when she finds the bus conductor to be a responsible person. In other words if the conductor is alert and goes from one seat to another seat and insists to buy a ticket, she buys only then.

ताओ यिंग बस में टिकट केवल तब खरीदती है जब उसे लगता है कि बस का कन्डक्टर उत्तरदायित्वपूर्ण व्यक्ति है। दूसरे शब्दों में यदि कंडक्टर जागरूक है और एक सीट से दूसरी सीट पर जाता है तथा टिकट खरीदने का आग्रह करता है तभी वह टिकट खरीदती है।

  1. When Tao Ying finds that the conductor in the bus is casual and careless and does not care whether the passengers have bought ticket, Tao Ying never bothers to buy a ticket.

जब ताओ यिंग यह पाती है कि बस का कण्डक्टर सामान्य और लापरवाह है तथा उसे यह चिन्ता नहीं है कि यात्रियों ने टिकट खरीदा है अथवा नहीं तो ताओ यिंग कभी भी टिकट खरीदने की परेशानी नहीं उठाती

  1. Tao Ying is not a very rich lady. So when she does not buy a ticket, she considers it to be her small saving but along with it, she thinks to be a little punishment to the bus conductor for his carelessness.

ताओ यिंग धनी महिला नहीं है। इसलिए जब वह टिकट नहीं खरीदती है तो इसे वह अपनी एक छोटी बचत मानती है लेकिन इसके साथ-साथ वह इसे बस कन्डक्टर की लापरवाही के लिए एक हल्की-सी सजा भी समझती है।

Passage-2.

She hands over the tickets nonchalantly. The conductor asks: ‘Are you going to claim these back?’ ‘No.’ In fact Tao Ying ought to have kept the tickets so that the next time there is a picnic or an outing at work she could use her bicycle and then claim back the fare with the stubs.

Both she and her husband are blue-collar workers, and any saving would have been a help. But Xiao Ye is a smart boy, and might well question her aloud. ‘Mama, can we claim back tickets even when we are on a private outing?’ In front of the child, she would never lie.

Questions :

  1. Why does the conductor ask Tao Ying-“Are you going to claim these back?”
    बस कण्डक्टर ताओ यिंग से क्यों कहता है-“क्या तुम इन टिकटों के पैसे वापस चाहती हो?”
  2. What does return of money mean to Tao Ying and her husband?
    ताओ यिंग और उसके पति के लिए धन वापस लेने का क्या अर्थ है ?
  3. Why did Tao Ying not want to tell a lie before her son?
    ताओ यिंग पुत्र के सम्मुख झूठ क्यों नहीं बोलना चाहती थी?
    Answers :
  4. The conductor sks this to Tao Ying because she has bought a ticket for her son Xiao Ye who does not require a ticket but wants a separate ticket. She does not want to claim back for the happiness of her son.

बस कन्डक्टर ताओ यिंग से यह इसलिए पूछता है क्योंकि उसने अपने पुत्र श्याओ ये के लिए टिकट खरीदी है जिसे टिकट की आवश्यकता नहीं है परन्तु अपने लिए एक अलग टिकट चाहता है। वह इस टिकट के पैसे अपने पुत्र की खुशी के कारण वापस पाना नहीं चाहती है।

  1. Both Tao Ying and her husband are poor manual workers. So if anyhow they get money, it will be a small saving for them which will help to bear the expanses in their daily life.

ताओ यिंग और उसका पति दोनों ही गरीब सामान्य मजदूर हैं। इसलिए यदि वे किसी भी प्रकार से धन प्राप्त करते हैं तो यह उनके लिए छोटी-सी बचत होगी जो कि उनके प्रतिदिन के जीवन में खर्च पूरा करने के काम आयेगी।

  1. Tao Ying did not want to tell a lie before her son because he was a smart boy and could ask her aloud if they could claim back tickets even when they were on a private outing.

ताओ यिंग अपने पुत्र के सामने झूठ नहीं बोलना चाहती थी क्योंकि वह एक चतुर बालक था और उससे तेज आवाज में पूछ सकता था कि क्या वे तब भी टिकट का पैसा पाने का दावा कर सकते थे जबकि वे निजी बाह्य भ्रमण पर हों।

Passage-3.

The tickets cost five dollars a piece-these days even temples are run like businesses. Tao Ying’s ticket was a gift from Lao Chiang, who worked at the meat counter. The ticket was valid for a month, and today was the last day. Lao Chiang was one of those people who seemed to know everybody. Occasionally he would produce a battered coverless month-old magazine and say: Seen this before? This is called the Big Reference, not meant for the eyes of the common people.’

Questions :

  1. Why does the writer think that temples are like businesses?
    लेखक क्यों कहती है कि मन्दिर व्यापार की तरह हैं ?
  2. How did Tao Ying arrange a ticket for herself?
    ताओ यिंग ने अपने लिए टिकट की व्यवस्था किस प्रकार की?
  3. How can you say that Lao Chiang was an eccentric person?
    आप कैसे कह सकते हैं कि लाओ चियाग एक सनकी व्यक्ति था?
    Answers :
  4. The writer says so because temples have imposed a costly ticket to enter there. If someone poor wants to visit the temple, he can not do so as it becomes a heavy finanical burden on him.

लेखक ऐसा इसलिए कहती है क्योंकि मन्दिरों में प्रवेश के लिए महंगी टिकट लगा दी गई हैं। यदि कोई गरीब मन्दिर का भ्रमण करना चाहता है तो वह ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि यह उस पर एक भारी आर्थिक भार बन जाता है।

  1. This ticket was given to Tao Ying by Lao Chiang who worked at the meat counter. The ticket was valid for a month and today was the last day. This was the reason why she want today to visit the temple.

ताओ यिंग को यह टिकट लाओ चियान्ग द्वारा उपलब्ध कराई गई थी जो कि किसी माँस की दुकान पर कार्य करता था। टिकट एक महीने के लिए ही वैध थी और आज उसका अन्तिम दिन था। यही कारण था कि वह आज मन्दिर भ्रमण को गई थी।

  1. Lao Chiang was an eccentric person because sometimes he used to produce any torn magazine and ask if she had seen that before as this was called the Big Reference which was not for common eyes. Thus, he was an eccentric person.

लाओ चियान्ग एक सनकी व्यक्ति था क्योंकि कभी-कभी वह कोई फटी पुरानी पत्रिका उठा लेता था और पूछता था कि क्या उसने ऐसी पत्रिका पहले कभी देखी है क्योंकि उसे Big Reference कहा गया जो कि सामान्य आँखों के लिए नहीं थी। इस प्रकार वह एक सनकी व्यक्ति था।

Passage – 4.

You have a nerve! This is not to do with what I want, clearly you must apologise! God knows how you had managed to get hold of a complimentary ticket in the first place. To get in free is not enough, now you want to sneak in an extra person. Have you no shame? Don’t think you can get away with this, go, get yourself a valid ticket!’ The youth is now leaning on the wall, facing the crowd as if he is pronouncing an edict from on high.

Questions :

  1. Who is the speaker here and whom is he speaking to?
    यहाँ पर वक्ता कौन है और वह किससे बात कर रहा है?
  2. What is happening between them?
    उनके बीच में क्या चल रहा है?
  3. What was the gesture of the guard?
    सुरक्षाकर्मी का हाव-भाव क्या था?
    Answers :
  4. Here, the speaker is the gaurd at the temple who wants that Tao Ying should buy another ticket for her son. He is talking to Tao Ying who wants to enter the temple on her complimentary ticket with her son.

यहाँ पर, वक्ता मन्दिर का सुरक्षाकर्मी है जो कि चाहता है कि ताओ यिंग अपने पुत्र के लिए दूसरा टिकट खरीद कर लाये। वह ताओ यिंग से बात कर रहा है जो अपने पुत्र के साथ निःशुल्क टिकट पर मन्दिर में प्रवेश करना चाहती थी।

  1. There was a hot argument between them. Tao Ying wanted to enter the temple with her son on complimentary ticket while the guard was not ready to let them enter without another ticket.

उनके बीच में गर्म बहस चल रही थी। ताओ यिंग अपने पुत्र के साथ निःशुल्क टिकट पर प्रवेश करना चाहती थी जबकि सुरक्षाकर्मी बिना अतिरिक्त टिकट के उन्हें प्रवेश नहीं करने दे रहा था।

  1. The guard was rebuking them in a loud voice. Then, he was leaning on the wall. His face was towards the crowd and he looked as if he were pronouncing an order on behalf of the government from a high padestal.

सुरक्षाकर्मी उन्हें तेज आवाज में डाँट रहा था। उसके बाद, वह दीवार पर झुका हुआ था। उसका चेहरा भीड़ की ओर था और वह ऐसा लग रहा था जैसे कि सरकार की ओर से किसी ऊँचे स्थान से कोई आदेश दे रहा हो।

Passage-5.

Something moist begins to glisten in Xiao Ye’s eyes. Leaving his mother behind and without a backward glance, he starts to run away. He trips. One moment he is in the air, taking flight like a bird, another and he was dropped to the ground with a heavy thud.

Tao Ying rushes over to lend a hand but just as she is about to reach him Xiao Ye has picked himself up and is off again. Tao Ying stops in her tracks. If she gives chase Xiao Ye will only keep falling. Watching her son’s vanishing silhouette her heart begins to break: Xiao Ye, aren’t you going to look back at your mother?

Questions :

  1. What happened when Xiao Ye ran madly?
    जब श्याओ ये पागलों की भाँति भागा तो क्या हुआ?
  2. What did Tao Ying do the protect her son from falling?
    ताओ यिंग ने अपने बेटे को गिरने से बचाने के लिए क्या किया?
  3. Why does Tao Ying not want to give a chase to her son?
    ताओ यिंग अपने पुत्र के पीछे क्यों नहीं भागना चाहती है?
    Answers :
  4. When Xiao Ye ran madly without a backward glance, he again and again dropped to the ground with a heavy thud.
    जब श्याओ ये बिना पीछे देखे पागलों की भाँति भागा तो वह तेज आवाज के साथ बार-बार जमीन पर गिरा।
  5. When her son fell again and again on the ground, Tao Ying rushed over to lend her hand to protect him from falling again and again.

जब उसका पुत्र बार-बार जमीन पर गिरा तो ताओ यिंग उसे बार-बार गिरने से बचाने के लिए अपने हाथ का सहारा देने के लिए उसकी ओर दौड़ी।

  1. Tao Ying does not want to give a chase to her son because if she gives chase, Xiao Ye will only keep falling and may hurt himself. So she stops in her track. ताओ यिंग अपने पुत्र के पीछे भागना नहीं चाहती है क्योंकि यदि वह उसके पीछे भागेगी तो वह लगातार गिरता ही रहेगा और स्वयं को चोट लगा लेगा। इसलिए वह वहीं पर खड़ी रह जाती है।

Passage-6.

“What you need to do is this. You must open with a strong and righteous claim, fawned by a passage of stunning originality so that your work stands out and grabs the attention of the editor. This would make him pick it out of a large pile on his desk. It has to catch his eyes like a blinding light, an apple in a mound of potatoes. But most important of all, your letter must touch his heart. Have you heard of the saying, grieving soldiers always win?’

Questions :

  1. Who is the speaker? What is he talking about?
    वक्ता कौन है ? वह किस बारे में बात कर रहा है?
  2. Is the Writer satisfied with the letter? Why does he want some corrections in the letter?
    क्या लेखक पत्र से संतुष्ट है? वह पत्र में कुछ संशोधन क्यों चाहता है ?
  3. Explain the line “an apple in a mound of potatoes.”
    “आलुओं के ढेर में एक सेब” इस पंक्ति की व्याख्या कीजिए।
    Answers :
  4. The speaker is the Writer. He is talking about the letter that Tao Ying has written to the temple authorities through the editor. Tao Ying has given him the letter to see whether it has been written properly or not.

वक्ता द राइटर है। वह पत्र के बारे में बात कर रहा है जो ताओ यिंग ने सम्पादक के माध्यम से मन्दिर के अधिकारियों के लिए लिखा है। ताओ यिंग ने उसे पत्र यह देखने के लिए दिया है कि पत्र ठीक लिखा गया है अथवा नहीं।

  1. The Writer is not satisfied with the letter. Specially the opening is not satisfactory. According to him, a letter must be lively and impressive.

लेखक पत्र से संतुष्ट नहीं है। विशेषकर उसकी शुरुआत संतोषजनक नहीं है। उसके अनुसार एक पत्र जीवन्त और प्रभावशाली होना चाहिए।

  1. The line tells us about the mindset of the writer. What he wants to say through this line is that whatever she has written should be unique in its nature so that editor may recognize it at once as an apple can be easily recognised among the pile of potatoes.

यह पंक्ति हमें द राइटर की मानसिकता के बारे में बताती है । वह इस पंक्ति के माध्यम से जो कहना चाहता है वह यह है कि उसने (ताओ यिंग) जो कुछ भी लिखा है वह स्वाभाविक रूप से अद्वितीय होना चाहिए ताकि सम्पादक उसे तुरन्त इस प्रकार पहचान ले जैसे कि आलुओं के ढेर में एक सेब को आसानी से पहचाना जा सकता है।

Passage-7.

They produce a five-dollar bill from a pocket. The note pokes out of an envelope. They have evidently come prepared. Before they left the temple, they must have checked the height of the earthworm, and realised it was not drawn accurately.

“The other day you and your son were unable to enter. This is a small token to redress the situation. This time it is the elder of the two gentlemen who speaks. His demeanour is kind, so he must be the more senior of the two.

Questions :

  1. Who are they’ here?
    यहाँ पर ‘वे’ कौन हैं?
  2. Why did they produce a five dollar bill?
    उन्होंने पाँच डॉलर का नोट क्यों निकाला?
  3. What do you know about the elder one of the visitors?
    आगन्तुकों में से बड़े व्यक्ति के बारे में आप क्या जानते हैं ?
    Answers :
  4. ‘They’ here are the temple authorities. When Tao Ying’s letter reached them, they masured the painted earthwom and found that it was painted wrong.

‘वे’ यहाँ पर मन्दिर के अधिकारी हैं। जब ताओ यिंग का पत्र उनके पास पहुँचा तो उन्होंने बनायी गई केंचुए जैसी आकृति को नापा और पाया कि वह गलत बनी हुई थी।

  1. They produced a five dollar bill to give to Tao Ying as after complaint, they measured the painted earthworm and found that it was painted wrong so they wanted to compensate to Tao Ying.

उन्होंने पाँच डॉलर का नोट ताओ यिंग को देने के लिए निकाला क्योंकि शिकायत के बाद उन्होंने केंचुए जैसी आकृति को नापा और पाया कि उसे गलत चित्रित किया गया है। इसलिए वे ताओ यिंग की क्षतिपूर्ति करना चाहते थे।

  1. The elder man is more kind and generous than the yonger one. His behaviour is very humble. He seems to be senior to the other one. He wants to pursuade Tao Ying to accept money.

बड़ा व्यक्ति छोटे व्यक्ति से और ज्यादा दयालु और उदार है। उसका व्यवहार अत्यन्त विनम्र है । वह दूसरे से वरिष्ठ दिखाई देता है। वह ताओ यिंग को धन स्वीकार करने के लिए मनाना चाहता है।

One Centimetre Summary and Translation in Hindi
About the Author-

Bi Shu-min has been serving her country, China, as a doctor for over twenty years. She also has a Master’s degree in literature from the Beijing Teacher’s College.Bi Shu-min is one of the best known writers currently working in China.

RBSE Class 12 English Kaleidoscope Poem 1 A Lecture Upon the Shadow 1

Her works have been translated into many languages. She has won innumerable literary awards both in China and in Taiwan. ‘One Centimetre’ is a fine example of a mature artist working at the height of her powers.

लेखक के बारे में-

बी शू मिन बीस वर्षों से भी ज्यादा से अपने देश चीन की न जीर सेवा कर रही हैं। उनके पास बीजिंग टीचर्स कॉलेज से साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि है। बी शू मिन आजकल चीन में कार्यरत सर्वश्रेष्ठ लेखकों में से एक हैं। उनके साहित्यिक कार्य को अनेकों भाषाओं में अनुवादित किया गया है। उन्होंने चीन और ताइवान दोनों में ही अनगिनत साहित्यिक पुरस्कार प्राप्त किये हैं। ‘One Centimetre’ एक परिपक्व कलाकार का शानदार उदाहरण है जो कि अपनी शक्ति के उच्चतम बिन्दु पर कार्य कर रही है।

About the Story-

The story ‘One Centimetre’ by Bi Shu-min is a narrative story which deals with the hard work of Tao Ying who extremely loves her child. She is not a rich lady but takes care of her son well. Out of her motherly love, she takes her child to a temple but her visit to the temple becomes a bad memory for her.

She finds herself unable to digest her insult and writes to the temple authorities. The officials come to her house and begs pardon for the misbehave she had to bear at the temple gate and gives compensation but she rejects the offer and wants that they should tell her son that what she did on that day was not wrong on her part. The story comes to its end with a surprise in which she restores her self pride. The story is full of emotions which has been written in a realistic manner.

कहानी के बारे में-

बी शू मिन द्वारा लिखित ‘एक सेन्टीमीटर’ कहानी वर्णनात्मक कहानी है जो कि ताओ यिंग के कठोर परिश्रम से जुड़ी हुई है जो कि अपने बेटे को अत्यधिक प्रेम करती है । वह धनी महिला नहीं है लेकिन अपने पुत्र की अच्छी तरह देखभाल करती है। अपने मातृत्व प्रेम के कारण वह अपने पुत्र को एक मन्दिर लेकर जाती है लेकिन मन्दिर का भ्रमण उसके लिए एक दुखद स्मृति बन जाता है। वह अपने अपमान को पचा नहीं पाती है और मन्दिर के अधिकारियों को पत्र लिखती है।

अधिकारी उसके घर आते हैं और मन्दिर के दरवाजे पर उसे जो दुर्व्यवहार सहन करना पड़ा उसके लिए क्षमा याचना करते हैं और उसकी क्षतिपूर्ति करते हैं । परन्तु वह इस प्रस्ताव को ठुकरा देती है और चाहती है कि वे उसके पुत्र को बताएं कि उसने उस दिन जो कुछ किया था, वह उसकी ओर से गलत नहीं था। कहानी अपने अन्त को आश्चर्य के साथ प्राप्त होती है जिसमें वह अपने आत्म गौरव को पुनः प्राप्त करती है। कहानी भावनाओं से परिपूर्ण है जो कि यथार्थवादी रूप में लिखी गई है।

कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद

When Tao Ying …………….hair is a mess. (Pages 71-72)

कठिन शब्दार्थ-rides (राइड्स) = moves, चलना, जाना। astute (अ’स्ट्यू ट) = very clever, अत्यधिक होशियार। casual (कैशुअल्) = relaxed, तनाव मुक्त । sesame (सेसमि) = seeds that are used in cooking and the oil, तिल का पौधा। Twists (ट्विस्ट्)= to bend or turn into a particular shape, ऐंठना, मरोड़ना। wrenching (रेन्चिङ) = to pull or turm, झटका देकर खींचना या मरोड़ना।

conscious (कॉन्शस्) = able to see, hear, feel, सजग/सचेत । rituals (रिचुअल्स) = ceremony, अनुष्ठान, कर्मकाण्ड। fluffy (फ्लफि) = covered in soft fur, रोएँदार, कोमल फर वाला। lustre (लस्टर्) = shining and soft, चमकीला एवं मुलायम, skimped (स्किम्प्ड ) = to provide less of something than is necessary (किसी वस्तु को आवश्यकता से कम प्रयोग में लाना। mess (मेस्) = dirty or untidy गंदा अथवा अव्यवस्थित।।

हिन्दी अनुवाद-जब ताओ यिंग बस में अकेली यात्रा करती है तो वह सामान्यतया टिकिट खरीदने की बिल्कुल भी चिन्ता नहीं करती है। उसे यह चिन्ता क्यों करनी चाहिए? उसके बिना भी, बस रुकने के प्रत्येक स्थान पर रुकेगी, अभी भी एक चालक और परिचालक को नौकरी पर रखना ही पड़ेगा और पेट्रोल की समान मात्रा भी प्रयुक्त होगी।

स्पष्ट रूप से ताओ यिंग अत्यधिक होशियार है । जब उसे बस परिचालक उत्तरदायित्वपूर्ण दिखाई देता था तो वह बस में सवार होते ही टिकिट खरीद लेती थी लेकिन जब वह सामान्य और लापरवाह दिखाई देता था तो वह भुगतान करने के बारे में ध्यान भी नहीं देती थी कि यह उस परिचालक के लिए एक छोटी सी सजा होगी और उसकी अपनी एक छोटी सी बचत होगी। ताओ यिंग एक कारखाने की कैन्टीन में रसोइया का कार्य करती है। वह पूरा दिन तिल के मक्खन के साथ स्क्रू के आकार का गेहूँ का केक खुली हुई आग के सामने सेंकने में व्यतीत करती है।

आज वह अपने पुत्र श्याओ ये के साथ है । वह बस में अपने बेटे के बाद चढ़ती है। जैसे ही दरवाजा बन्द होता है, उसकी जैकेट फंस जाती है और (बस चलने के साथ ही) उसमें उसके पीछे गुब्बारे की तरह हवा भर जाती है। वह इस और उस तरह से झटका देती है और अन्त में झटके के साथ वह उसे खींच लेती है।

“मम्मा टिकिट!” श्याओ ये कहता है। बच्चे परम्पराओं के बारे में बड़ों से ज्यादा जागरूक होते हैं । जब तक उसके हाथ में टिकट नहीं होती है, उनकी यात्रा उचित यात्रा नहीं मानी जाती है। बस के दरवाजे पर किसी व्यक्ति ने पीली सी अंगुली का आकार बना दिया था। यह 1.10 मीटर की ओर इशारा करती है।

श्याओ ये को उस स्थान पर ले जाया जाता है। उसके बाल ऐसे रोएँदार दिखाई देते हैं जैसे कि तिनकों का गट्ठर-सूखा हुआ और चमकहीन। और अपने नियम के अनुसार, ताओ यिंग अपने पर्स को लेकर अत्यधिक सचेत रहती है, लेकिन उसने अपने बच्चे की खुराक को कभी कम नहीं किया है । इसके बावजूद उसके भोजन की पर्याप्तता उसके बालों तक आने से इन्कार कर देती है। (उसके अच्छे खाने का उसके बालों पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं है) परिणामस्वरूप श्याओ ये स्वस्थ एवं होशियार है परन्तु उसके बाल गंदे अथवा अव्यवस्थित हैं।

Tao Ying ……………. an aristocrat. (Pages 73-74)

कठिन शब्दार्थ-Topsoil (टॉपसॉइल) = the layer of the soil nearest the surface of the ground, मिट्टी की सबसे ऊपरी परत। skull (स्कल्) = the bone structure of head, मनुष्य के सिर की अस्थि संरचना, खोपड़ी। apparently (अपैरट्लि) = clearly, स्पष्ट रूप से। hemispheres (हेमिस्फिअ(र) = one half part, आधा भाग।

aperture (ऐपच(र)) = a small opening in something, छोटा छिद्र। flawless (फ्लॉलस्) = without faults or mistakes, त्रुटिहीन । slender (स्लेन्ड(र)) = thin in an attractive way, पतला, छरहरा । gracious (ग्रेशस्) = polite and generous, नम्र और उदार । elevates (एलिवेट्स) = to take on higher place, ऊँचा उठाना । aristocrat (ऐरिस्ट ट्) = belonging to the highest social class, उच्चतम सामाजिक वर्ग से सम्बन्धित।

हिन्दी अनुवाद-ताओ यिंग बालों को ठीक करने की कोशिश करती है जैसे कि वह ठोस धरातल पाने के लिए मिट्टी की ऊपरी सतह को साफ कर रही हो । वह अपने पुत्र के सिर की कोमलता को महसूस करती हैछूते ही वह रबर की तरह गुदगुदी और इलास्टिक की तरह खिंचने वाली महसूस होती है। स्पष्ट रूप से, प्रत्येक व्यक्ति के सिर के ऊपर एक दरार होती है जहाँ पर (खोपड़ी के) दोनों आधे-आधे गोले मिलते हैं । यदि वे (दोनों गोले) ठीक से नहीं मिले तो व्यक्ति का सिर स्थायी रूप से बदसूरत हो जाएगा। यदि दोनों अर्ध गोले ठीक प्रकार से मिल भी जाएं तो भी उनको पूरी तरह से भरने में समय लगता है। यह स्वयं जीवन का प्रवेश द्वार है-यदि यह खुला रहता है

तो बाहरी संसार इस प्रकार दिखाई देगा जैसे कि पानी इस दरार के माध्यम से शरीर में बह रहा हो। प्रत्येक बार, जब भी ताओ यिंग अपने पुत्र के सिर पर इस छोटे छिद्र को देखती है तो वह अपने उत्तरदायित्व की भावना से भाव विभोर हो जाती है। आखिर वही तो है जो इस कोमल प्राणी को दुनियाँ में लेकर आयी थी। यद्यपि वह महसूस करती है कि वह इस संसार में महत्त्वहीन प्राणी है और उसके अस्तित्व से किसी पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ता है लेकिन वह यह भी महसूस करती है कि इस छोटे बच्चे के लिए वह ब्रह्माण्ड का केन्द्र बिन्दु है और उसे पूरी तरह से एक पूर्ण तथा त्रुटिहीन माँ बनने की हर तरह से कोशिश करनी चाहिए।

श्याओ ये के गोल सिर और चित्रित किये अंक जो कि टिकिट खरीदने के आवश्यक लम्बाई के लिये बनाया गया है, के बीच ताओ यिंग की पतली अंगुलियाँ हैं। क्योंकि वह पूरे दिन तेल के सम्पर्क में रहती है इसलिए उसके नाखून किसी समुद्री शंख की चिकनी मुड़ी हुई पीठ की तरह चमक रहे हैं। “श्याओ ये, अभी तुम पर्याप्त लम्बे नहीं हुए हो, अभी भी एक सेन्टीमीटर कम है,” वह धीरे से उसे (श्याओ ये) बताती है। ताओ यिंग किसी समृद्ध पृष्ठभूमि से नहीं आती है और न ही वह अत्यधिक पढ़ी-लिखी है। लेकिन वह भद्र, नम्र एवं उदार बनी रहती है ताकि वह अपने पुत्र के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर सके और अच्छा प्रभाव छोड़ सके। इससे उसमें स्वयं की कीमत बढ़ जाती है और वह स्वयं को किसी उच्चतम सामाजिक वर्ग से सम्बन्धित महसूस करती है।

‘Mama! I’m tall…..her own son. (Page 73)

कठिन शब्दार्थ-scoffed (स्कॉफ्ड) = to ridicule, मजाक बनाना, खर्च कर देना। cucumber (क्यू कम्ब(र)) = a thin long vegetable, ककड़ी, खीरा। radishes (रैडिश्स) = a long vegetable, मूली। spinach (स्पिनिच्) = green leaves of a vegetable, पालक। bellows (बेलोज्) = a loud shout, चीखना। outburst (आउटबस्ट्) = a strog feeling of anger, अत्यधिक क्रोधित । beady (बीडि) = suspecious, सन्देह युक्त । shrinks (ङ्क्सि ) = to become smaller, छोटी हो जाना। Poised (पॉइज्ड्) = not moving but ready to move, कोई कार्य करने के लिए तैयार रहना।

हिन्दी अनुवाद-“मम्मा, मैं पर्याप्त लम्बा हूँ, मैं पर्याप्त लम्बा हूँ।” श्याओ ये अपनी सबसे ऊँची आवाज में चीखता है और अपने पैर जोर-जोर से जमीन पर पटकता है जैसे कि वह टिन का कोई ड्रम हो । “आपने मुझसे पिछली बार कहा था कि मैं अगली बार टिकट ले सकूँगा, यह अगली बार है।”आप अपना वायदा पूरा नहीं करती हो।” वह अपनी माँ की ओर क्रोध से देखता है।
ताओ यिंग अपने पुत्र की ओर देखती है। एक टिकट की कीमत बीस सैन्ट है।

बीस सैन्ट आसानी से खर्च करने योग्य नहीं हैं। इससे एक खीरा खरीदा जा सकता है, दो टमाटर खरीदे जा सकते हैं, थोड़ी कम कीमत पर तीन गड्डी मूली अथवा चार दिनों के लिये पर्याप्त पालक खरीद सकते हैं। लेकिन श्याओ ये का उठा हुआ चेहरा ऐसा लग रहा है कि कोई अधखिली कली सूरज की ओर देखकर अपने पूरे खिलने की प्रतीक्षा कर रही हो।

“दूर हटो ! दरवाजे को मत रोको! यह कोई ट्रेन नहीं है जिसमें तुम बीजिंग से लेकर बाओ डिंग तक खड़े रहते हो। हम लगभग अगले स्टेशन पर पहुँच गये हैं ………!” परिचालक ने चीखते हुए कहा। सामान्य रूप से, इस प्रकार का क्रोध ताओ यिंग को निश्चित रूप से टिकट खरीदने के प्रति हतोत्साहित करता। लेकिन आज वह कहती है, “कृपया दो टिकट दीजिए।” क्रोधित परिचालक सन्देहयुक्त आँखों से देखता है। “यह बच्चा टिकट की आवश्यकता से एक सेन्टीमीटर छोटा है।”

श्याओ ये सिकुड़ गया, केवल एक सेन्टीमीटर नहीं बल्कि कई सेन्टीमीटर-टिकट की आवश्यकता अचानक इस छोटे बच्चे के गर्व के साथ गुथ गई। बीस सैन्ट में अपने लिए आत्म सम्मान खरीदना कुछ ऐसा है जो कि केवल बचपन में हो सकता है और निश्चित रूप से कोई भी माँ अपने बेटे को खुश करने के लिए इस सुअवसर को प्राप्त करने से वंचित नहीं होना चाहती। “मैं दो टिकट खरीदना चाहूँगी,” वह विनम्रता से कहती है।

श्याओ ये दोनों टिकट हाथ में लेकर अपने होठों के नजदीक लाता है हवा भरता है जिससे पवन चक्की के पंखों की सी आवाज उत्पन्न होती है। उन्होंने बस के बीच वाले दरवाजे से प्रवेश किया लेकिन सामने की ओर बढ़े। यहाँ पर एक दूसरा परिचालक उनकी टिकट का परीक्षण करने के लिए तैयार खड़ा था। ताओ यिंग सोचती है कि यह व्यक्ति अत्यधिक समझदार नहीं हो सकता है। क्या कोई ऐसी माँ हो सकती है जो कि अपने बच्चे के साथ हो और पूरा किराया न चुकाये? वह चाहे कितनी भी गरीब हो, वह कभी भी अपने बेटे के सामने स्वयं को शर्मिन्दा होने की अनुमति नहीं दे सकती है।

She hands over………..more challenging. (Pages 74-75)

कठिन शब्दार्थ-nonchalantly (नॉन्शलट्लि ) = not showing interest, उदासीनता से। stubs (स्टब्स ) = the short piece of a cigarette or pencil that is left after the rest of it has been used, सिगरेट अथवा पेंसिल का अन्त में बचा हुआ टुकड़ा। exhausting (इग्जॉस्टिङ) = making very tired, cene alcat I concentrate = full attention, 2017 diferent = thick hard skin of fruits, फलों का ऊपरी कड़ा छिलका।

diminishes (डिमिनिश्ज़) = decrease, छोटा करना । beneficial (बेनिफिशल) = good or useful effect, लाभकारी। furious (फ्युअरिअस्) = very angry, बहुत क्रुद्ध। gnaw (नॉ) =to bite with teeth, दाँतों से काटना। defiant (डिफाइअन्ट) = showing open refusal, खुली अवज्ञा । imitators (इमिटेट्(र)स) = to copy the behaviour, किसी के व्यवहार की नकल करना।

हिन्दी अनुवाद-वह अनिच्छापूर्वक टिकट उसे दे देती है। परिचालक पूछता है “क्या तुम इन टिकटों के पैसे वापस चाहती हो?””नहीं।” वास्तव में ताओ यिंग को उन टिकटों को रख लेना चाहिए था ताकि अगली बार जब कार्य के दौरान कोई पिकनिक अथवा बाह्य भ्रमण हो तो वह अपनी साइकिल से जाये और टिकट के किराये के पैसे वापस माँगे।

वह और उसके पति दोनों ही सामान्य मजदूर हैं और कोई भी बचत उनके लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। लेकिन श्याओ ये एक चतुर बालक है और उससे तेज आवाज में पूछ सकता था, “मम्मा क्या हम इन टिकटों का पैसा वापस मांग सकते हैं जबकि हम अपनी निजी यात्रा पर हैं ?” अपने बच्चे के सामने, वह कभी भी झूठ नहीं बोलेगी।

हर समय माता-पिता की मार्गदर्शिका पुस्तिका में लिखे हुए सारे नियमों का पालन करना अत्यन्त कठिन है लेकिन ताओ यिंग आदर्श माँ बनने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ है और अपने पुत्र के अनुसरण करने के लिए पूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करना चाहती है। वह वास्तव में इस तरह से ध्यान रखती है जैसे कि तुम कलाकार के रूप में जहाँ भी जाते हो अपने साथ दर्शक भी ले जाते हो। परन्तु उसकी क्रियाविधि प्रेम और कोमलता से परिपूर्ण है।

उदाहरण के लिए-वह जब भी श्याओ ये के सामने तरबूज खाती है, तो वह छिलके के अत्यन्त नजदीक तक न खाने का ध्यान रखती है यद्यपि वह वास्तव में यह भी नहीं सोचती है कि तरबूज के गूदे और छिलके के बीच ज्यादा अन्तर होता है । वास्तव में, तरबूज की मिठास लाल गूदे से हरे छिलके की ओर धीरे-धीरे कम हो जाती है जैसे-जैसे आप इसे खाते हैं, लेकिन तरबूज का प्रत्येक हिस्सा समान रूप से ताजगीभरा होता है। हर प्रकार से, तरबूज का छिलका लाभप्रद ठण्डक प्रदान करने वाला होता है और प्रायः दवाई के रूप में उसका प्रयोग किया जाता है।

एक दिन उसने अपने बेटे को ठीक उसी प्रकार से तरबूज खाते हुए देखा जैसे वह स्वयं खाती थी। जब श्याओ ये ने (सिर उठाकर) ऊपर की ओर देखा तो ताओ यिंग ने उसके माथे पर चिपका हुआ एक श्वेत बीज देखा। वह अत्यन्त क्रोध में भर गई, “तुम्हें इस तरह से तरबूज चबाना किसने सिखाया? क्या तुम अपना चेहरा भी इसके अन्दर धोना चाहते हो?” श्याओ ये घबरा गया। छोटा सा हाथ जिसमें उसने तरबूज पकड़ा हुआ था, कांपने लगा परन्तु उसकी गोल आँखें अवज्ञापूर्ण तरीके से खुली रहीं।

बच्चे संसार में सबसे अच्छे नकलची व्यवहार करने वाले होते हैं । इसके बाद ताओ यिंग ने महसूस किया कि यदि वह अपने बेटे से इस प्रकार का व्यवहार चाहती है जैसे कि वह संस्कार युक्त परिवार का बच्चा है तो उसे अपना ध्यान केन्द्रित करना होगा और अपना स्वयं का उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। यह अत्यन्त कठिन कार्य था जैसे कि ‘एक छोटी बन्दूक से हवाई जहाज को गिराना’ लेकिन दृढ़ इच्छा-शक्ति से, वह जानती थी कि कोई भी कार्य असम्भव नहीं है। अपने मस्तिष्क में इस स्पष्ट उद्देश्य के साथ ताओ यिंग ने अपने जीवन को और ज्यादा केन्द्रित, और ज्यादा चुनौतीपूर्ण पाया।

Today she is taking ………. a practical man. (Pages 75-76)

कठिन शब्दार्थ-intend (इन्टेन्ड्) = to plan to do something, कुछ करने की योजना। battered (बैटड्) = damaged, जीर्ण-शीर्ण। speculation (स्पेक्युलेश्न्) = to make a quess, अनुमान लगाना । superstition (सूप स्टिश्न्) = a blind belief, अंधविश्वास। dates (डेट्स) = a small, dark, sweet fruit, छुआरा, खजूर। famine (फैमिन्) = lack of food grains, अकाल। indiscriminate (इन्डिस्क्रिमिनट) = done without thought, विवेकहीन। gratitude (ग्रैटिट्यूड्) = feeling of being grateful, कृतज्ञता।

हिन्दी अनुवाद-आज वह श्याओ ये को एक बड़े मन्दिर लेकर जा रही है। उसने बुद्ध की मूर्ति को पहले कभी नहीं देखा है। ताओ यिंग ईश्वर में विश्वास करने वाली नहीं है और वह उससे (मन्दिर में) पूजा पाठ करने के लिए नहीं कहेगी। यह एक अन्धविश्वास है, वह यह जानती है।

(मन्दिर का) टिकट पाँच डॉलर प्रति टिकट है-आजकल मन्दिर भी व्यापार की तरह चलाये जा रहे हैं। ताओ यिंग को टिकट लाओ चिआन्ग से उपहार में प्राप्त हुआ था जो कि किसी माँस की दुकान पर कार्य करता था। टिकट एक महीने के लिए वैध था और उसका आज अन्तिम दिन था। लाओ चिआन्ग उन लोगों में से एक है जो सभी को जानते हुए प्रतीत होते हैं । कभी-कभी वह पुरानी जीर्ण-शीर्ण बिना कवर की महीनों पुरानी पत्रिका उसके (ताओ यिंग) सामने रख देता है और पूछता है : “क्या तुमने ऐसी (पत्रिका) पहले कभी देखी है ?

इसे Big Reference कहा जाता है, और यह सामान्य लोगों के अध्ययन के लिए नहीं है।” ताओ यिंग ने ऐसी कोई वस्तु पहले कभी नहीं देखी थी और वह सोचती थी कि इस प्रकार के (कागज के) टुकड़े एक सामान्य (नियमित) समाचार पत्र से भी छोटे किस प्रकार Big Reference कहे जा सकते हैं। वह लाओ चिआन्ग से पूछती है लेकिन वह स्वयं भी भ्रमित दिखाई पड़ता है। उसने (लाओ चिआन्ग ने) कहा कि प्रत्येक व्यक्ति इसे

ऐसा ही कहता था-शायद इसलिए कि यदि तुम उसके सारे पेज निकाल लो और उन्हें (जमीन पर) बिछा दो तो वे एक सामान्य समाचार पत्र से बड़े हो जाएंगे। (ताओ यिंग को) उसे यह तर्क उचित लगता था। बड़े रूप में छपे उसे प्रकाशन के अध्ययन से ताओ यिंग देख सकती थी कि उसमें मध्य पूर्व के युद्ध के बारे में अनेकों प्रकार के विचार भरे पड़े हैं। प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क में सबसे पहले यह बात आती हुई प्रतीत होती थी कि क्या ईराक से चीन के लिए खजूर का निर्यात जारी रहेगा जैसा कि साठ के दशक में अकाल के दौरान होता था।

किसी भी तरह से ताओ यिंग लाओ चिआंग के प्रति सम्मान से परिपूर्ण थी। उसके इस प्रकार के भेदभाव रहित सम्मान के बदले में लाओ चिआंग ने उसे मन्दिर का एक टिकट उपहार में देने का निश्चय किया। “क्या तुम्हारे पास केवल एक टिकट है ?” कृतज्ञता से पूर्ण लेकिन कुछ अनिश्चितता के साथ ताओ ने पूछा। “अपने पति को भूल जाओ और अपने बेटे को ले जाओ और उसकी आँखें खोलो। (उसे सुन्दर संसार दिखाओ) 110 सेन्टीमीटर से छोटे बच्चों के टिकट की आवश्यकता नहीं होती है। और यदि तुम जाना नहीं चाहो तो उसे (टिकट को) बेच देना और (इस तरह) तुम दो तरबूज खरीदने के लिए पर्याप्त धन राशि प्राप्त कर लोगी।” लाओ चिआन्ग हमेशा से एक व्यावहारिक व्यक्ति रहा था।

Tao Ying decided…..remains unmoved. (Page 76)

कठिन शब्दार्थ-patch (पैच्) = adifferent surface from the area around it, सतह से भिन्न प्रकार का क्षेत्र। waterfall (वॉटफॉल्) = a stream falling from a cliff, Brook, झरना, जलप्रपात। snatches (स्नैच्ज) = to take with a quick movement, झपट लेना। gilded (गिल्डेड) = covered with a thin layer of gold, सुनहरा । abandon (अ बैन्डन्)-to leave, छोड़ देना। banishes (बैनिश्स) = to send away, निकाल देना। envelopes (इनवेलोप्स) = to cover, ढकना, लपेटना । strand (स्ट्रैन्ड्) = a single piece, एक टुकड़ा। gesture (जेस्च(र)) = movement of head or hand, हाव भाव। infinite (इन्फिनिट) = very great, अत्यधिक । budge (बज्) = move a little, थोड़ा-सा हिलना-डुलना।

हिन्दी अनुवाद-ताओ यिंग ने एक दिन की छुट्टी लेकर श्याओ ये के साथ बाहर भ्रमण करने का निश्चय किया। इतना विशाल घास का मैदान शहर के मध्य में पाना अत्यन्त कठिन कार्य है। इससे पहले कि वह्यं (मन्दिर) पहुँचते, हवा में कुछ ताजगी और कुछ हरियाली महसूस होने लगी जैसे कि वे किसी घाटी अथवा झरने के पास पहँच रहे हों। श्याओ ये अपनी माँ के हाथ में से टिकट खींच लेता है, अपने होठों के बीच में रखता है और मन्दिर के सुनहरी दरवाजों की ओर तीव्र गति से चला जाता है। (ऐसा लगता है जैसे) एक छोटा जानवर प्यास बुझाने के लिए (पानी की ओर) भागता है।

ताओ यिंग अचानक थोड़ा सा दुःख महसूस करती है। क्या केवल एक मन्दिर का आकर्षण श्याओ ये के लिए अपनी माँ को छोड़ने का पर्याप्त कारण हो सकता है ? परन्तु लगभग तुरन्त ही वह अपने इस विचार को त्याग देती है-क्या वह आज अपने बेटे को प्रसन्न करने के लिए यहाँ नहीं लायी है ?

(मन्दिर के) दरवाजे पर सुरक्षाकर्मी युवक है जो कि लाल शर्ट और काली पेन्ट पहने हुए है। ताओ यिंग कुछ महसूस करती है कि वह पीले रंग (की ड्रेस) में होना चाहिए। यह पोशाक उसे कुछ-कुछ किसी (भोजनालय में) खाना परोसने वाले व्यक्ति के रूप में दिखा रही थी। श्याओ ये ठीक वह जानता है कि उसे क्या करना है। भीड़ की ओर जाकर, वह किसी बड़ी नदी की धारा में पानी की एक छोटी बूंद के रूप में दिखाई देता है। – युवक उसके मुँह से टिकट ले लेता है और उसके एक हिस्से को फाड़ देता है। ताओ यिंग की मातृत्व से पूर्ण दृष्टि उसके पुत्र को ढंक लेती है (जैसे कि) कोई रेशमी धागा इधर-उधर हिल रहा हो (उसी तरह) उसकी दृष्टि (पुत्र के) प्रत्येक हाव-भाव को देख रही है।

“टिकट” युवक एक हाथ से उसके रास्ते को रोकता है, उसकी आवाज इतनी कठोर है जैसे कि वह खजूर की गुठली को थूक रहा हो। ताओ यिंग असीमित कोमलता और दुलार के साथ अपने पुत्र की ओर इशारा कर देती है। वह महसूस करती है कि प्रत्येक व्यक्ति को यह देखना चाहिए कि वह (उसका पुत्र) कितना ज्यादा प्रिय है।

“मैं तुम्हारी टिकट के बारे में पूछ रहा हूँ।” लाल कपड़े पहने हुए युवा बिल्कुल भी हिलता-डुलता नहीं है। “क्या बच्चे ने अभी-अभी आपको (टिकट) नहीं दी है?” ताओ यिंग की आवाज शान्तप्रद है। यह लड़का अभी अत्यधिक युवा है और पिता बनने से अभी वर्षों दूर है, वह सोचती है। ताओ यिंग आज कार्य नहीं कर रही है और आज वह बहुत अच्छी मानसिकता में है। वह इतना धैर्य धारण किए हुए खुश है। “वह उसकी टिकट थी, अब मैं आपकी (टिकट) देखना चाहता हूँ।” युवक अविचलित रहा।

Tao Ying…………………….cleared up at once. (Page 77)

कठिन शब्दार्थ-exempt (इग्जेम्प्ट्) = free from payment, शुल्क से मुक्त। swarming (स्वॉमिङ्) = a large group of fish, मछलियों का झुण्ड। panic (पैनिक) = a feeling of fear, भय। fracas (फ्रकस्) = noise, शोरगुल । tilts (टिल्ट्स ) = to move one side, bow down, झुकना। obviously (ऑब्विअस्लि ) = clearly, स्पष्ट रूप से। nasty (नास्टि) = unpleasant, अप्रिय। sarcasm (साकैजम्) = opposite of what is actually said, व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी। earthworm (अथवम्) = a small long thin creature that lives in soil, केंचुआ। titters (टिट(र)स) = to laugh quietly, दबी हुई हँसी।

हिन्दी अनुवाद-ताओ यिंग को सोचने से पहले एक क्षण के लिए रुकना पड़ा-वे दो ही हैं और दोनों को अलग-अलग टिकट चाहिए। “मैंने सोचा कि बच्चे शुल्क से मुक्त हैं ?” उसने उलझन से कहा। “माँ जल्दी करो ! श्याओ ये दरवाजे के अन्दर से जोर से चीख कर कहता है।” “माँ आ रही है।” ताओ यिंग भी वापस तेज आवाज में कहती है। वहाँ पर भीड़ इकट्ठी होने लगी, ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार तेज रोशनी की ओर बहुत सी मछलियाँ इकट्ठी हो जाती हैं।

ताओ यिंग को डर लगने लगता है। वह इस शोरगुल को समाप्त करना चाहती है, उसका बच्चा उसका इन्तजार कर रहा है।
“तुमसे किसने कहा कि उसे टिकट की आवश्यकता नहीं है ?” सुरक्षाकर्मी ने अपने सिर को झुकाते हुए कहा-(सुरक्षाकर्मी की सोच है कि) जितने ज्यादा दर्शक, उतना ही ज्यादा अच्छा रहेगा।
“ऐसा तुम्हारी टिकट के पीछे लिखा हुआ है।” “वास्तव में इस पर क्या लिखा है?” स्पष्ट रूप से यह लड़का (सुरक्षाकर्मी) व्यावसायिक नहीं है।
“इस पर लिखा है कि 110 सेन्टीमीटर से छोटे बच्चों को भुगतान नहीं करना है,” ताओ यिंग आत्मविश्वास से पूर्ण है। वह सुरक्षाकर्मी के बगल में रखे हुए एक बॉक्स में पड़ी हुई टिकटों में से

एक टिकट उठाने के लिए चलती है और जो टिकट के पीछे छपा हुआ है उसे सभी को सुनाने के लिए पढ़ती है।
“ठीक वहीं रुक जाओ!” वह युवक अब उदंडता पर उतर आया है । ताओ यिंग महसूस करती है कि उसे बॉक्स नहीं छूना चाहिए था और जल्दी से वह अपने हाथ को वापस खींच लेती है।
“तो तुम सारे नियम और कानूनों से परिचित हो, क्या हो?” अब वह नवयुवक औपचारिक ‘तुम’ से उसे सम्बोधित करता है। ताओ यिंग उसकी आवाज में (छिपे हुए) कटाक्ष को पहचान लेती है लेकिन साधारण रूप से सिर हिला देती है।
“ठीक है तुम्हारा बेटा 110 सेन्टीमीटर से ज्यादा है,” वह निश्चिन्तता के साथ कहता है।

“नहीं वह नहीं है।” ताओ यिंग अभी भी मुस्करा रही है। प्रत्येक व्यक्ति माँ की ओर सन्देहयुक्त दृष्टि से देखने लगता है।
“वह अभी-अभी उस चिह्न के सामने से गुजरा था। मैंने उसे स्पष्ट रूप से देखा था। सुरक्षाकर्मी भी पूरी तरह से दृढ़ है, उसने दीवार पर एक लाल निशान की ओर इशारा करते हुए कहा जो कि बारिश के बाद सड़क पार करते हुए केंचुए की तरह दिखाई दे रही है।”
“माँ आप इतना समय क्यों ले रही हैं ?” मैंने सोचा कि मैंने तुम्हें खो दिया है ! श्याओ ये प्रेम से उसकी ओर देखकर चीखता है। वह अपनी माँ की ओर दौड़ता है जैसे कि वह उसका सबसे प्रिय खिलौना हो।
भीड़ दबी हुई हँसी हँसती है। बिल्कुल ठीक, वे सोचते हैं, अब प्रमाण आ गया है, अब सम्पूर्ण मामला तुरन्त स्पष्ट हो सकता है।

The youth is getting ……………….. an opinion. (Page 78)

कठिन शब्दार्थ-nervous (नवस्) = worried, चिंतित या भयभीत । smug (स्मग्) =too pleased with oneself, आत्मसंतुष्ट । graciously (ग्रेशस्लि ) = politely, विनम्रता से। ping-pong (पिङ्-पौङ) = game of table tennis, टेबिल टेनिस । disgrace (डिस्ग्रेस्) = insult, अपमान।

हिन्दी अनुवाद-युवक थोड़ा-थोड़ा भयभीत होने लगता है । वह केवल अपना कर्तव्य पूरा कर रहा था। वह (इस बात से) निश्चिन्त है कि वह (जो कुछ भी कर रहा है वह) सही है। लेकिन यह महिला पूरी तरह से आत्म विश्वास से पूर्ण दिखाई दे रही है, शायद यह सब कुछ विचित्र हो………. ताओ यिंग शान्त रहती है। वास्तव में वह थोड़ा-सा आत्मविश्वास महसूस करती है। उसके पुत्र को भावोत्तेजना प्रिय लगती है। यह किसी एक घटना की ओर मुड़ रहा है इसलिए उसे (पुत्र को) प्रसन्न करने के लिए वह बाध्य है।

“यहाँ आओ,” युवक उसे आदेश देता है। पूरी भीड़ सांस रोक कर खड़ी रहती है। श्याओ ये अपनी माँ की ओर देखता है। ताओ यिंग उसे सिर हिलाकर हल्का-सा इशारा करती है। वह सुरक्षाकर्मी की ओर विनम्रता से जाता है, हल्का-सा खाँसता है और अपनी जैकेट को ठीक करता है। पूरी भीड़ के सम्मुख, श्याओ ये एक हीरो की तरह लगता है जब वह केंचुए जैसी लाइन के पास पहुँचता है।
तत्पश्चात्-भीड़ देखती है और देखती है-केंचुए जैसी लाल लाइन श्याओ ये के कान तक आती है। ऐसा कैसे सम्भव है?

ताओ यिंग उसकी ओर उससे दो कदम की दूरी पर है। उसका समतल हाथ छोटे बच्चे के सिर पर तेजी से प्रहार करता है और उससे ऐसी ध्वनि उत्पन्न होती है जैसे कि पिंग पोंग बॉल को पैर से मारने पर होती है। श्याओ ये अपनी माँ की ओर देखता है । वह रो नहीं रहा है। वह दर्द से एकदम चौंक उठता है।

इससे पहले उस पर कभी भी प्रहार नहीं किया गया था। भीड़ की सांसें रुक जाती हैं। “बच्चे को सजा देना एक अलग बात है (लेकिन) उसके सिर पर प्रहार करना पूरी तरह से अस्वीकार्य क्या यह एक माँ का (अपने बच्चे से) व्यवहार करने का तरीका है ! क्या हो जाता यदि वह एक टिकट और खरीद लेती? अपनी गलती को छिपाने के लिए अपने बेटे को मारना उसका अपमान है। “वह उसकी असली माँ नहीं हो सकती है…
प्रत्येक व्यक्ति का अपना (अलग-अलग) विचार था।”

Tao Ying is feeling…….chilling the air. (Pages 78-79)

कठिन शब्दार्थ-agitated (ऐजिटेटिड्) = worried, परेशान। stretches (स्ट्रेच्ज्) = to pull, खींचना। screams (स्क्रीम्स्) = loud cry, जोर की चीख। courtesy (कटसि) = polite and pleasant behaviour, शिष्ट व्यवहार । escape (इस्केप्) = to get free, बचकर निकल जाना। flummoxed (फ्लमॉक्स्ड) = bewildered, घबराया हुआ। astonished (अस्टॉनिश्ड्) = to surprise, चकित कर देना। sneers (स्निअ(र)स) = to show disrespect, तिरस्कार करना।

हिन्दी अनुवाद-अब ताओ यिंग थोड़ा-सा परेशान महसूस करती है। उसका श्याओ ये पर प्रहार करने का कोई इरादा नहीं था। वह तो उसके बालों को समतल करना चाहती थी लेकिन वह महसूस करती है कि यदि श्याओ ये इस समय गंजा भी होता तो भी वह दीवाल पर बनी लाइन से ऊँचा ही होता।
“श्याओ ये, पंजों के बल खड़े मत होओ!” ताओ यिंग की आवाज गम्भीर हो जाती है। “माँ, मैं (पंजों के बल) नहीं हूँ
” श्याओ ये रोना प्रारम्भ कर देता है। यह सही है। वह पंजों के बल नहीं खड़ा है। केंचुए जैसी लाइन उसकी भौंह के पास थी।

सुरक्षाकर्मी आलस्यपूर्वक अंगड़ाई लेता है। वह अत्यन्त चौकन्ना है, उसने अनेकों लोगों को पकड़ा है जिन्होंने बिना भुगतान किये प्रवेश करने का प्रयास किया था। “जाओ और एक टिकट लेकर आओ!” वह ताओ यिंग पर चिल्लाकर कहता है । आत्मीयता के पूर्ण बहाने को अब तक इस केंचुए जैसी लाल लाइन द्वारा निगला जा चुका था।
“लेकिन मेरा पुत्र एक मीटर दस सेन्टीमीटर से कम है!” ताओ यिंग आग्रह करती है यद्यपि वह महसूस करती है कि वह अकेली पड़ गई है।
“वह हर व्यक्ति यही कहता है जो बिना भुगतान किए हुए प्रवेश करना चाहता है।

क्या तुम यह सोचती हो कि ये लोग (जो वहाँ खड़े हुए हैं) तुम्हारा विश्वास कर लेंगे अथवा वे मेरा विश्वास करेंगे। यह पूरे विश्व में स्वीकार्य मापनयन्त्र है । अन्तर्राष्ट्रीय मानक यन्त्र पेरिस में है जो कि शुद्ध प्लेटिनम का बना हुआ है। क्या तुम उसे जानती थी? ताओ घबरा जाती है। वह जो कुछ भी जानती है (वह) यह है कि एक ड्रेस बनाने के लिए दो मीटर अस्सी सेन्टीमीटर (कपड़े) की आवश्यकता होती है। वह नहीं जानती है कि अन्तर्राष्ट्रीय मापक कहाँ रखा गया है। वह तो बुद्ध की शक्ति पर आश्चर्यचकित है जिसने उसके बेटे को कुछ मिनट में ही अनेकों सेन्टीमीटर बड़ा कर दिया
“लेकिन हम अभी बस में थे और वह इतना लम्बा नहीं था ………”
“निःसन्देह जब वह पैदा हुआ था तब भी इतना लम्बा नहीं था।” युवक ने ठण्डी साँस भरते हुए अवज्ञापूर्ण तरीके से कहा।

Standing in the middle………………….grown up. (Page-80)

कठिन शब्दार्थ-Jeering (जिअरिङ) = laughingly, उपहास करते हुए। frozen (फ्रोज्न्) = extremely cold, बिल्कुल ठण्डा । preserve (प्रि’जव्) = to keep safe, सुरक्षित रखना। dignity (डिग्नटि) = calm behaviour, self pride, शान्त व्यवहार, आत्म गौरव। nerve (नव्) = unacceptable behaviour, अस्वीकार्य आचरण । apologise (अ’पॉलजाइज्) = to beg pardon, क्षमा याचना करना। complimentary (कॉम्प्लिमेट्रि) = free of charge, निःशुल्क । sneak (स्नीक्) = taking quietly, चुपके से ले जाना। edict (ईडिक्ट) = government order, राजाज्ञा। swallow (स्वॉलो) = food or drink direct from throat to stomach, निगलना। frightens (फ्राइटन्स्) = afraid or shocked, भयभीत होना। sullen (सलन्) = bad tempered, चिड़चिड़ा, उदास।

हिन्दी अनुवाद-उपहास करती हुई भीड़ के बीच में खड़ी हुई ताओ यिंग का चेहरा ऐसा सफेद हो गया जैसे कि उसका टिकट।
“मम्मा क्या हो रहा है ?” श्याओ ये केंचुए जैसी लाइन से आता है और अपने छोटे गर्म हाथ से अपनी माँ के (भय के कारण) ठण्डे हाथों को पकड़ लेता है।
“कुछ नहीं (हो रहा है)। मम्मा तुम्हारे लिए टिकट खरीदना भूल गई हैं।” ताओ यिंग स्पष्ट रूप से कहती

“भूल गई? इस बात को रखने का यह अच्छा तरीका है ! तुम यह क्यों नहीं भूल जाती, कि तुम्हारा एक बेटा भी है ? युवक उसके शान्त विश्वास को एक क्षण के लिए क्षमा नहीं करेगा।”
“अब तुम और क्या चाहते हो?” ताओ यिंग की आवाज तेज हो जाती है। अपने बच्चे के सामने उसे अवश्य ही अपने आत्म गौरव को सुरक्षित रखना चाहिए।

“मैं तुम्हारे इस अस्वीकार्य आचरण को समझ गया हूँ। इससे तुम्हें कुछ नहीं करना है कि मैं क्या चाहता हूँ। स्पष्ट रूप से तुम्हें क्षमा याचना करनी चाहिए! ईश्वर जानता है कि तुम लोग किस प्रकार पहली बार में ही निःशुल्क टिकट की व्यवस्था कर लेते हो। निःशुल्क टिकट भी पर्याप्त नहीं है। अब तुम चुपके से एक अन्य व्यक्ति को भी अन्दर ले जाना चाहती हो। क्या तुम्हें बिल्कुल शर्म नहीं है ? यह मत सोचो कि तुम इसके साथ अन्दर प्रवेश कर सकती हो, जाओ, अपने लिए एक वैध टिकट खरीदकर लाओ!” अब युवक दीवाल पर झुका हुआ भीड़ के सामने है जैसे कि वह किसी ऊँचे स्थान से राजा की तरह आदेश दे रहा हो।

ताओ यिंग के हाथ किसी कठपुतली की डोरी की तरह काँप रहे हैं। उसे क्या करना चाहिए? क्या उसे उससे (सुरक्षाकर्मी से) तर्क-वितर्क करना चाहिए? उसे किसी भी झगड़े का कोई डर नहीं है लेकिन वह अपने पुत्र को ऐसी किसी घटना को दिखाना नहीं चाहती। श्याओ ये के हित में वह अपने आत्म गौरव को भी निगल लेगी।

“माँ एक टिकट खरीदने जा रही है। तुम यहीं पर प्रतीक्षा करो, इधर-उधर मत दौड़ना।” ताओ यिंग मुस्कराने का प्रयास करती है। यह बाह्य भ्रमण कभी-कभी आने वाला अवसर है (और) चाहे जो कुछ हो जाए उसे अपनी मानसिकता को खराब नहीं करना चाहिए। वह हर बात को ठीक करने का दृढ़ निश्चय कर लेती है।

“माँ, क्या तुमने वास्तव में ही टिकट नहीं खरीदा था?” श्याओ ये उसकी ओर आश्चर्य और भौंचक्का होकर देखता है। अपने पुत्र के चेहरे के भाव उसको (और ज्यादा) डरा देते हैं। आज वह यह टिकट नहीं खरीद सकती है ! यदि वह आगे की ओर गई तो वह स्वयं अपने बेटे को कभी भी समझाने में समर्थ नहीं होगी।
“आओ हम चलें!” वह श्याओ ये को झटके से खींचती है। ईश्वर का धन्यवाद है कि बच्चे की हड्डियाँ मजबूत थीं अन्यथा उसकी तो बाँह ही उखड़ सकती थी।
“आओ हम चलें और पार्क में खेलें।” ताओ यिंग अपने बेटे को खश देखना चाहती है, लेकिन छोटा बच्चा शान्त और उदास हो गया है। श्याओ ये अचानक बड़ा हो जाता है।

As they walk…….once more………. (Page – 81)

हिन्दी अनुवाद – scales= an equipment to measure hight or weights, toll पैमाना। resemble (रि’जेम्ब्ल् ) = look like others, समानता। moist (मॉइस्ट्) = slightly wet, हल्का गीला।glisten (ग्लिस्न्) = to shine, चमकना। thud (थड्) = sound of falling a heavy object, भारी वस्तु के गिरने से उत्पन्न आवाज। vanishing (वैनिशिङ) = to disappear suddenly, अचानक गायब हो जाना। silhouette (सिलु’एट्) = a dark shape against, light background, छायाचित्र | eventually (इ’वेन्चुअलि) = finally, अन्त में।

हिन्दी अनुवाद-जब वे एक आइसक्रीम विक्रेता के सामने से गुजरते हैं, तो श्याओ ये कहता है, “माँ मुझे (कुछ) धन दे दो।” धन लेकर, श्याओ ये छोटी दुकान के पीछे बैठी हुई वृद्धा की ओर दौड़ता है और उससे कहता है : “कृपया (मेरी) लम्बाई माप दें!” इसके ठीक बाद ही ताओ यिंग वृद्धा की ओर देखती है जो कि एक जोड़ी पैमाने के सामने वजन और लम्बाई नापने के लिए बैठी है।

वृद्ध महिला अत्यन्त कठिनाई से सेन्टीमीटर से सेन्टीमीटर की ओर खींचती हुई नापने के यन्त्र को निकालती है। वह कठिनाई से उसे स्पष्ट बताती है : एक मीटर ग्यारह सेन्टीमीटर।
ताओ यिंग आश्चर्य करने लगती है कि क्या उसका सामना किसी भूत से हो गया है अथवा उसका बेटा किसी बाँस की शाखा के समान बढ़ना शुरू कर रहा है जो कि जब भी उसे देखो प्रत्येक बार बढ़ता हुआ दिखाई देता है?

श्याओ ये की आँखों में आँस चमकने लगते हैं। अपनी माँ को पीछे छोड़कर और बिना पीछे मुड़कर देखे वह दौड़ना प्रारम्भ कर देता है । वह फँस कर गिरता है। एक क्षण में वह हवा से बातें करने लगता है, (अत्यन्त तीव्र गति से दौड़ता है) वह चिड़िया की भाँति उड़ता है और अगले क्षण में वह तेज आवाज के साथ जमीन पर धड़ाम से गिर जाता है। ताओ यिंग उसे हाथ का सहारा देने के लिए दौड़ती है लेकिन जैसे ही वह उसके (श्याओ ये) पास पहुँचने वाली है, श्याओ ये स्वयं ही उठ जाता है और फिर से दौड़ जाता है।

ताओ यिंग वहीं पर खड़ी रह जाती है। यदि वह श्याओ ये के पीछे भागेगी तो वह लगातार गिरता रहेगा। अपने पुत्र की अदृश्य होती हुई परछाई को देखकर उसका हृदय टूटने लगता है : “श्याओ ये, क्या तुम पीछे अपनी माँ की ओर देखोगे भी नहीं?”श्याओ ये काफी देर तक भागता रहता है और अन्त में एक स्थान पर रुक जाता है । वह शीघ्रता से पीछे की ओर अपनी माँ की ओर दृष्टि डालता है लेकिन जिस क्षण वह अपनी माँ को देख लेता है, वह एक बार फिर से दौड़ना शुरू कर देता है।

Tao Ying finds……………….poisonous viper. (Page 81-82)

कठिन शब्दार्थ-incomprehensible (इन्कॉम्प्रिहेन्सबल) = difficult to understand, जिसे समझना कठिन हो । shoot up (श्ट् अप्) = to grow, बड़ा होना। flattering (फ्लैटरिङ्) = false praise, चापलूसी करते हुए। baffled (बैफ्ल्ड ) = confused, उलझन में डाल देना। cunning (कनिङ्) = clever or dishonest, चालाक, धूर्त । convoluted (कान्वलूटिड) = extremely difficult to follow, अत्यन्त जटिल। viper (वाइप(र)) = a snake, साँप ।

हिन्दी अनुवाद-ताओ यिंग सम्पूर्ण घटना को समझने में कठिनाई महसूस करती है। वह वापस वृद्ध महिला के पास जाती है और विनम्रता से पूछती है : कृपया क्षमा कीजिए, आपके पास ये जो मापन यंत्र है………

“मेरा मापन यंत्र आपको खुश करने के लिए है ! क्या तुम नहीं चाहती कि तुम्हारा बेटा लम्बा हो जाए? प्रत्येक माँ यह चाहती है कि उसका पुत्र लम्बा हो जाए, लेकिन यह मत भूलना कि जब वह लम्बा हो जाएगा तो इसका अर्थ है कि तुम वृद्ध हो जाओगी! मेरा मापन यंत्र चापलूसी वाला है।” वृद्ध महिला दयालुता से कहती है लेकिन ताओ यिंग उलझन में पड़ जाती है।

“तुम देखो कि मेरे मापन यंत्र पुराने हैं और पूरी तरह से ठीक नहीं हैं और वे लोगों जितने वे हैं उससे हल्का बताते हैं । मैंने इसे इस प्रकार व्यवस्थित किया वे उससे ज्यादा लम्बे प्रतीत हों जितने वे हैं। आजकल लम्बे और पतले होने का प्रचलन है-मेरे मापन यंत्र लोगों को फिट बताने के हैं !” वृद्ध महिला दयालु हो सकती थी किन्तु वह धूर्तता से अलग नहीं है। अच्छा तो यह कारण है ! श्याओ ये को (इस महिला की) यह बात सुननी चाहिए थी! लेकिन अब वह बहुत दूर निकल गया है और किसी भी तरह से क्या वह इस अत्यन्त जटिल तर्क को समझ पायेगा?

श्याओ ये अभी सन्देहयुक्त दिखाई देता है जैसे कि उसकी माँ किसी खूखार भेड़िये में परिवर्तित हो गई हो और उसे खाने के लिए तैयार हो। तत्पश्चात् जब वे वापस घर पहुँचते हैं तो ताओ यिंग अपना मापने का टेप निकालती है और एक बार फिर उसे नापने का प्रयास करती है।

“मैं नहीं चाहता! प्रत्येक व्यक्ति कहता है कि मैं पर्याप्त लम्बा हूँ केवल तुम्हें छोड़कर। इसका कारण है कि तुम मेरे लिए टिकट खरीदना नहीं चाहतीं। ऐसा मत सोचो कि मैं (यह) नहीं जानता हूँ। यदि तुम मुझे फिर नापोगी तो मैं फिर से छोटा होने के लिए बाध्य हूँ। मैं तुम्हारा विश्वास नहीं करता! मैं तुम्हारा विश्वास नहीं करता
ताओ यिंग के हाथ में पीला टेप (अब पुत्र की बात सुनकर जैसे) एक जहरीले साँप में परिवर्तित हो चुका है।

“Chef! your cakes…..stained fingers. (Pages 82-83)

कठिन शब्दार्थ-camouflage (कैमफ्लाश्) = materials to hide from enemies, शत्रुओं से छिपने का सामान। queuing (क्यूइङ) = line of people, लोगों की कतार । ruined (रुइन्ड्) = destroyed, विनाश । terrapins (टेरपिन्स) = a species of turtles, छोटा कछुआ। conscientious (कान्शि’एन्शस्) = honest, dutiful ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ। distracted (डिस्ट्रैक्टिड्) = removal from attention, ध्यान भंग होना। rescue (रेस्क्यू ) = to save, (खतरे से) बचाना। fabric (फैब्रिक्) = soft material used in making clothes, कपड़े बनाने का सामान । stretches (स्ट्रेच्ज़) = to pull something, किसी चीज को खींचना। communication (कम्युनिकेशन्) = sharing of infromation, सूचनाओं का आदान-प्रदान। stained (स्टेन्ड्) = to leave a coloured mark. धब्बा या दाग लगना।

हिन्दी अनुवाद-“शेफ! तुम्हारे (बनाये हुए) केक ऐसे लग रहे हैं जैसे उन्होंने सेना की वर्दी पहन ली हो, सभी काले और भूरे।” उसके काउन्टर के सामने पंक्तिबद्ध एक ग्राहक चीखता है।
केक खराब हो गये हैं। उन पर जले के निशान हैं और छोटे कछुए की तरह लग रहे हैं। क्षमा करो, क्षमा करो, क्षमा करो।

ताओ यिंग अत्यधिक दोषी महसूस करती है। सामान्य रूप से वह अपने कार्य में अत्यधिक कर्त्तव्यनिष्ठ है लेकिन पिछले दो दिन से वह स्वयं को भ्रमित महसूस कर रही है। उसे परिस्थिति को ठीक करना ही होगा। रात्रि में, जब श्याओ ये सोने चला गया है, ताओ यिंग उसके छोटे पैरों को सीधा कर देती है जिससे अब वह ठीक उसी तरह बिल्कुल सीधा हो गया है जिस प्रकार कोई नई सिकुड़ी हुई चादर। तत्पश्चात् ताओ यिंग (बेटे के) पैर के तलवे से लेकर उसके सिर तक (मापन यंत्र) टेप को फैलाती है-एक मीटर नौ सेन्टीमीटर। वह मन्दिर के प्रशासकों को पत्र लिखने का निश्चय करती है।

वह (लेखन के लिए) अपना ब्रश उठाती है परन्तु अचानक उसे महसूस होता है कि यह जितना वह सोच रही है उससे ज्यादा कठोर है। उसकी तनी हुई भौंहों के साथ उसे गम्भीर चिन्तन में देखकर उसका पति कहता है, “तो तुम क्या सोचती हो यदि तुमने पत्र लिखा भी तो क्या हो सकता है?” वह (पति) ठीक (कह रहा) है। वह नहीं जानती कि इससे कुछ होगा या नहीं। लेकिन अपने पुत्र की आँखों में उसे अपना सम्मान बढ़ाने के लिए कुछ तो करना ही होगा।

अन्त में पत्र (लिखकर) पूरा हो जाता है। कारखाने में एक व्यक्ति है जिसका उपनाम ‘द राइटर’ है। लोगों का कहना है कि पहले कभी छोटे-छोटे अखबारों के पिछले पृष्ठों पर उसके लिखे लेख प्रकाशित हुए हैं । ताओ यिंग उसके पास जाती है और अत्यन्त सम्मान के साथ अपने लिखे पत्र को उसे (निरीक्षण के लिए) सौंप देती है। “यह एक औपचारिक संप्रेषण की तरह लगता है। इसमें पर्याप्त जीवन्तता नहीं है और न ही यह किसी पर प्रभाव डालता प्रतीत होता है। द. राइटर अपने निकोटिन के धब्बों से युक्त उंगलियों में पत्र को लेता है।”

Tao Ying doesn’t….out the letter. (Page 83-84)

कठिन शब्दार्थ-detects (डिटेक्ट्स्) = to notice, पता लगा लेना। righteous (राइचस्) = morally good or fair, नैतिक रूप से मान्य अथवा उचित। stunning (स्टनिङ्) = very attractive, प्रभावशाली। grabs (ग्रैब्स्) = to get or catch, पकड़ लेना। mound (माउन्ड्) = a pile टीला । infinite (इन्फिनिट) = अत्यधिक । threshold (थ्रेशहोल्ड्) = entrance, प्रवेश द्वार। shrinks (शिफ्स्) = to become smaller, सिकुड़ जाना। recall (रि’कॉल) = to remember, याद करना।

हिन्दी अनुवाद-ताओ यिंग यह नहीं जानती कि आधिकारिक संप्रेषण क्या होता है परन्तु वह विद्वान के कहने के तरीके से उसके असन्तोष को समझ जाती है। वह उन पंक्तियों को देखती है जिन्हें वह बता रहा है और उसके समर्थन में सिर हिलाती है।

“तुम्हें जिस चीज की आवश्यकता है वह यह है । तुम्हें (पत्र को) एक मजबूत और नैतिक रूप से मान्य दावे के साथ प्रारम्भ करना चाहिए जिसमें प्रभावशाली एकरूपता हो ताकि तुम्हारा पत्र कार्य कर सके और सम्पादक के ध्यान को आकर्षित कर सके। इससे वह (सम्पादक) अपनी डेस्क पर पड़े हुए पत्रों के बड़े ढेर में से तुम्हारा पत्र छाँट लेगा जैसे आलुओं के ढेर में से सेब । परन्तु सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण यह है कि तुम्हारा पत्र उसके दिल को छु जाए। क्या तुमने यह कहावत सुनी है कि शिकायती सैनिक हमेशा विजयी होते हैं?”
ताओ यिंग (स्वीकृति से) सिर हिलाती रहती है।

विद्वान अपनी बात को जारी रखने के लिए उत्साहित होता है : “अब हम (पत्र के) पहले पैराग्राफ को देखें-यह कुछ-कुछ इस प्रकार होना चाहिए-बुद्ध की शक्ति निश्चित रूप से अनन्त है ! पाँच वर्षीय बालक के पैर मुश्किल से मन्दिर की देहली पर पड़े ही थे कि वह दो सेन्टीमीटर बड़ा हो गया; लेकिन अफसोस, बुद्ध की शक्ति का भी अन्त हो गया-घर वापस आने पर लड़का वापस अपने वास्तविक आकार में आ गया .. जानता हूँ कि यह अभी भी पूर्ण नहीं है लेकिन इन पंक्तियों के साथ वह ठीक बैठ रही है।

ताओ यिंग विद्वान के शब्दों को याद करने की कोशिश करती है लेकिन उन सारे शब्दों को याद करना कठिन पाती है। घर वापस आने पर वह कुछ संशोधन करती है जितने अच्छे वह कर सकती है, और पत्र भेज देती

The writer comes………token of gratitude. (Page 84)

कठिन शब्दार्थ-stall (स्टॉल्) = a small shop, छोटी दुकान। vouchers (वाउचर(र)स) = a paper used for money, धन के स्थान पर प्रयुक्त होने वाला कागज। sombre (सॉम्ब(र्)) = serious, गम्भीर । shyly (शाइलि) = with hesitation, संकोचपूर्वक । gratitude (ग्रैटिट्यूड्) = feeling of being grateful, कृतज्ञता की भावना।

हिन्दी अनुवाद-विद्वान उसकी छोटी दुकान पर दोपहर के भोजन के समय आता है। (ऐसा लग रहा है कि) ताओ यिंग का चेहरा छोटी खिड़की में बन्द कर दिया गया हो जहाँ पर वह (खाने के) टिकट इकट्ठा कर रही है। वह एक फोटो की तरह दिखाई दे रही है जो कि कैमरे की ओर गम्भीर हावभाव से देख रही हो।
“कृपया थोड़ा-सा इन्तजार करिये,” और वह उसी फ्रेम से अदृश्य हो जाती है। विद्वान सन्देह करता है कि केक एक बार फिर से जल गये हैं। शायद ताओ यिंग (उसके लिए) कुछ ऐसे केक लेने गई है जो इनसे कम जले हों, उसे सही दिशा में जाने के लिए बताने के कारण।
“यह तुम्हारे लिए है, इसमें अतिरिक्त चीनी और तिल है,” ताओ यिंग शर्मीलेपन से कहती है। यह किसी बेकर का कृतज्ञता के साथ अपने मित्र को दिया गया महानतम उपहार होता है।

Then comes the…………..as certain the truth.’ (Pages 84-85)

कठिन शब्दार्थ-announcer (अनाउन्स(र)) = introducer of programs, उद्घोषक। apologising (अ’पॉलजाइसिङ) = begging pardon, क्षमा याचना करते हुए। misdeed (मिस’डीड्) = illegal act, अवैध कार्य। scenarios (सनारिओज्) = how things may happen in future, भावी घटनाओं का परिदृश्य । ordeal (ऑडील) = a very unpleasant experience, अत्यंत अप्रिय अनुभव। comrade (कॉम्रेड्) = companion, साथी। excitedly (इक्साइटिड्लि) = feeling of happiness, खुशी की भावना। immersed (इमस्ड) = sunk, डूबे हुए। ascertain (ऐस’टेन) = to find something out, कुछ पता लगाना।

हिन्दी अनुवाद-तत्पश्चात् एक लम्बा इन्तजार होता है। ताओ यिंग प्रतिदिन समाचार पत्र देखती है, वीडियो के लिए छोटे-छोटे वर्गीकृत विज्ञापनों सहित एक पेज से दूसरे पेज तक वह प्रत्येक समाचार को पढ़ती है। ठीक उसी समय, वह रेडियो भी सुना करती थी यह सोचते हुए कि एक सुबह एक शानदार मधुर आवाज में किसी उद्घोषक द्वारा अपने पत्र को पढ़ता हुआ भी सुनेगी। तत्पश्चात् वह पोस्ट ऑफिस भी जाया करती थी कि शायद मन्दिर के प्रशासन विभाग द्वारा उनके कर्मचारी के दुर्व्यवहार के कारण क्षमा याचना करते हुए कोई पत्र (उसके लिए) लिखा हो।

उसने (अपने मस्तिष्क में) सैकड़ों दृश्यों की कल्पना की थी लेकिन वह यह नहीं जानती थी कि वास्तव में क्या होने वाला है। उसके दिन उस सफेद आटे की तरह लग रहे थे जिससे वह प्रतिदिन कार्य करती है, दूसरे बिल्कुल पहले की तरह । (अर्थात् उसे कोई समाचार नहीं मिलता है) श्याओ ये उस दुखद घटना से उबरता हुआ प्रतीत होता है लेकिन ताओ यिंग को पूर्ण विश्वास है कि वह वास्तव में भूला नहीं है।

अन्त में, एक दिन, वह एक प्रश्न सुनती है। “साथी ताओ के घर का रास्ता कौनसा है ?”
“मैं जानता हूँ, मैं आपको ले चलूँगा।” श्याओ ये उत्साहपूर्वक यूनिफॉर्म में दोनों बड़े व्यक्तियों को सामने के दरवाजे से लाता है । “माँ, हमारे यहाँ आगन्तुक आये हैं।”
ताओ यिंग कपड़े धो रही है और उसके हाथ कोहनी तक साबुन के झाग में डूबे हुए हैं।
“हम मन्दिर के प्रशासन कार्यालय से आये हैं । स्थानीय समाचार-पत्र ने तुम्हारे पत्र को हमारे पास भेज दिया है और हम वास्तविकता का पता लगाने के लिए यहाँ आये हैं।”

Tao Ying is very ……………..this tall. (Page 85)

कठिन शब्दार्थ-nervous (नवस्) = worried, चिन्तित । messy (मेसी) = dirty or untidy, गंदा या मैला-कुचैला। prone (प्रोन्) = suffer from, ग्रसित होना। witness (विट्नस्) = person who sees the happening, गवाह । revelation (रेवलेश्न्) = something made known, प्रकटीकरण। predict (प्रिडिक्ट) = foretell, भविष्यवाणी। stirred (स्टिर्ड) = to fire, भड़का देना। recesses (रिसेस्स्) = a short break, मध्यावकाश। metallic (मटैलिक) = made of some metal, धातु से बना हुआ।

हिन्दी अनुवाद-ताओ यिंग घबरा जाती है और कुछ-कुछ निराश हो जाती है विशेष रूप से इसलिए क्योंकि उसका घर गन्दा है और उसे सफाई करने का समय ही नहीं मिला है। यदि वे यह सोच लेंगे कि वह आलस्य से ग्रसित है तो वे उसका विश्वास नहीं करेंगे।

“श्याओ ये, तुम बाहर खेलने क्यों नहीं चले जाते?” ताओ यिंग की कल्पना में, श्याओ ये कमरे में सत्य के प्रकटीकरण का गवाह बन जाएगा। अब जबकि वह समय अन्त में आ ही चुका है तो वह उसके (श्याओ ये) के यहाँ होने पर असुविधा महसूस कर रही है। वह यह भविष्यवाणी नहीं कर सकती है कि क्या होगा। निश्चित रूप से ये वही लोग हैं जिन्होंने लाल कपड़ों वाले युवक को रोजगार दिया था, इसलिए ये भी तार्किक कैसे हो सकते हैं?

दोनों में से छोटा वाला बोलता है। “हमने उस व्यक्ति से इस मामले में पूछताछ कर ली है और उसने जोर देकर कहा कि वह ठीक है। लड़के को बाहर जाने के लिए मत कहो, हम उसको मापना चाहते हैं।”

श्याओ ये आज्ञा का पालन करता है दीवार के पास (जाकर) खड़ा हो जाता है। सफेद दीवार एक शुद्ध कैनवास की तरह दिखाई दे रही है और श्याओ ये खाली स्थान को भरता हुआ एक चित्र की तरह दिखाई दे रहा है। वह दीवार से बिल्कुल सटकर खड़ा हो जाता है जैसे कि उसकी लम्बाई नापने के कार्य ने कुछ समय बाद फिर से उसके मस्तिष्क की किसी भयानक स्मृति को भड़का दिया हो।

दोनों व्यक्ति अत्यन्त गम्भीर हैं। सर्वप्रथम वे दीवार पर एक बड़ी लाइन खींचते हैं जो कि श्याओ ये के बिल्कुल सिर को छूती है। तत्पश्चात् वे धातु से बना हुआ एक नापने का यंत्र निकालते हैं और लाइन से लेकर जमीन तक का नाप लेते हैं। नापने के यंत्र की धातु सूर्य की धूप में किसी बहती हुई धारा की तरह चमक रही है।

ताओ यिंग अपनी शान्ति को पुनः प्राप्त करती है। “यह क्या कहता है ?” “एक मीटर दस सेन्टीमीटर, इतना ही,” कम उम्र वाले व्यक्ति ने कहा। “यह ऐसा नहीं है । तुम्हारे यहाँ आने में एक महीना नौ दिन का विलम्ब हो गया है । एक महीना पहले वह इतना लम्बा नहीं था।”

The two officials …..anything wrong………. (Page 86)

कठिन शब्दार्थ-refute (रिफ्यूट) = reject, खण्डन करना। redress (रिड्रेस) = to correct, सुधार करना। demeanour (डिमीन(र)) = behaviour, व्यवहार। unison (यूनिस्न्) = saying at the same time, एक साथ कहना। gracious (ग्रेशस्) = polite and generous, नम्र और उदार । awkward (ऑक्वड्) = difficult or strange, विचित्र। shaves (शवस्) = to push, धक्का देना।

हिन्दी अनुवाद-दोनों अधिकारी एक-दूसरे की ओर देखते हैं । यह ऐसा वक्तव्य था जिसे वे झुठला नहीं सकते थे। वे जेब से पाँच डॉलर का नोट निकालते हैं । यह नोट एक लिफाफे से बाहर निकलता है। स्पष्ट रूप से वे तैयार होकर आये हैं । मन्दिर से चलने से पहले, उन्होंने केंचुए जैसी आकृति की ऊँचाई का निरीक्षण किया और महसूस किया वह लाइन त्रुटिहीन नहीं खींची गई थी। “उस दिन तुम और तुम्हारा पुत्र प्रवेश नहीं कर सके थे। यह उस गलती के सुधार का छोटा-सा प्रयास है।” इस बार दोनों व्यक्तियों में जो बड़ा था वह बोलता है। उसका व्यवहार दयालुतापूर्ण है इसलिए वह दोनों में वरिष्ठ होना चाहिए।

ताओ यिंग शान्त खड़ी है। उस दिन की खुशी को फिर कभी भी नहीं खरीदा जा सकता। “यदि तुम्हें धन नहीं चाहिए, तो हमारे पास (तुम्हारे लिए) दो टिकट हैं। तुम और तुम्हारे पुत्र का मन्दिर भ्रमण के लिए प्रत्येक समय पर स्वागत है।” छोटा वाला व्यक्ति और ज्यादा विनम्र है। यह वास्तव में अत्यन्त विशाल लालच है लेकिन ताओ यिंग (इन्कार में) अपना सिर हिलाती है। अब उसके लिए, उसके पुत्र के लिए वह स्थान हमेशा दुःखदं स्मृतियों के साथ जुड़ा रहेगा।

“तो तुम किसे ज्यादा महत्त्व दोगी,” दोनों व्यक्ति एक साथ पूछते हैं। वास्तव में ताओ यिंग भी स्वयं से यही प्रश्न पूछ रही है। वह स्वभाव से नम्र और उदार है-यदि वह लाल कपड़ों वाला युवक आज उसके सामने व्यक्तिगत रूप से क्षमा याचना करने के लिए आ जाए तो वह उसे अपमानित महसूस नहीं होने देगी। तो वह क्या चाहती है? वह श्याओ ये को दोनों बड़े अधिकारियों के सम्मुख प्रस्तुत कर देती है। “दादाजी कहो,” वह (ताओ यिंग) उससे कहती है।

“दादाजी,” श्याओ ये अत्यन्त माधुर्य के साथ बोलता है।
“आदरणीय अधिकारियों, कृपया आप इस धन और टिकटों को वापस ले जाएं। (साथ ही) कृपया अपना कर्तव्य निर्वहन करने वाले सुरक्षाकर्मी को कोई सजा मत देना, वह तो केवल अपना कर्तव्य पालन कर रहा था……..”
दोनों अधिकारी हतप्रभ रह जाते हैं।
ताओ यिंग (अपने बेटे) श्याओ ये को और ज्यादा नजदीक बुलाती है : “महानुभावों, क्या आप मेरे पुत्र को ठीक वही बताने का कष्ट करेंगे कि उस दिन क्या हुआ था। कृपया उसे बताइये कि उसकी माँ ने (उस दिन) कुछ भी गलत नहीं किया था.

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