Rajasthan Board RBSE Class 10 Maths

प्रश्न 1.
निम्न असमिकाओं का आलेखीय विधि से हल समुच्चय दर्शाइये
(i) r ≥ 2
(ii) y ≤ -3
(iii) x – 2y < 0
(iv) 2x + 3y ≤ 6
हल:
(i) x ≥ 2
सबसे पहले इसकी संगत रेखा x = 2 का ग्राफ खींचा। यह रेखा y-अक्ष के समान्तर होगी तथा मूल बिन्दु से +2 इकाई की दूरी पर रहेगी। मूल बिन्दु (0, 0)

असमिका x ≥ 2 को सन्तुष्ट नहीं करता है क्योंकि 0 ≥ 2 जो कि असत्य है। अतः x= 2 के दायीं ओर वाला क्षेत्र x ≥ 2 को प्रदर्शित करेगा। रेखा पर स्थित बिन्दु भी हल क्षेत्र में शामिल होंगे।

(ii) y ≤ – 3
सबसे पहले इसकी संगत रेखा y = -3 का ग्राफ खींचा। यह रेखा x-अक्ष के समान्तर होगी तथा मूल बिन्दु से -3 इकाई की दूरी पर रहेगी मूल बिन्दु (0, 0) असमिका y ≤ – 3 को सन्तुष्ट नहीं करता है क्योंकि 0 ≤ – 3 जो कि असत्य है। अतः y = – 3, xy-तल को दो क्षेत्रों में विभाजित करती है-एक तो इस रेखा के नीचे तथा दूसरी इस रेखा के ऊपर। हम देखते हैं कि मूल बिन्दु इस रेखा या असमिका के क्षेत्र में नहीं आता है तथा यह असमिका को सन्तुष्ट भी नहीं करता है। अतः इस असमिका y < – 3 द्वारा प्रदर्शित क्षेत्र में मूल बिन्दु नहीं आता है। अतः अभीष्ट हल क्षेत्र वह है जिसमें मूल बिन्दु स्थित नहीं है। यहाँ रेखा पर स्थित बिन्दु हल क्षेत्र में शामिल होंगे।

(iii) x – 2y < 0
अतः x – 2y = 0 या 2y = x
या y =  \frac { 1 }{ 2 } x
जब x = 2 तब y = 1, जब x = 4 तब y = 2
आलेख खींचने पर स्पष्ट है कि यह रेखा मूल बिन्दु से गुजरेगी अतः बिन्दु (2, 1) तथा (4, 2) है।

मूल बिन्दु के निर्देशांक असमिका को सन्तुष्ट नहीं करते हैं, अतः असमिका का हल क्षेत्र मूल बिन्दु की तरफ नहीं होगा। रेखा पर स्थित बिन्दु भी हल क्षेत्र में शामिल नहीं है।

(iv) 2x + 3y ≤ 6
दी गई असमिका के संगत समीकरण लिखने पर
2x + 3y = 6

समीकरण में x = 0 रखने पर 3y = 6 या y = 2 प्राप्त होता है। इसी तरह से y = 0 रखने पर 2x = 6 या x = 3 प्राप्त होता है।

अतः सरल रेखा 2x + 3 = 6 के लिए बिन्दु (0, 2) तथा (3, 0) को मिलाते हैं। मूल बिन्दु के निर्देशांक असमिका को सन्तुष्ट करते हैं अतः असमिका का हल क्षेत्र मूल बिन्दु की तरफ सरल रेखा 2x + 3y = 6 पर स्थित बिन्दुओं सहित होगा। इसका ग्राफ संलग्न आकृति में प्रदर्शित है।

प्रश्न 2.
निम्न असमिकाओं का आलेखीय विधि से हल ज्ञात कीजिए-
(i)  \left| x \right| \le 3
(ii) 3x – 2y ≤ r + y – 8
(iii)  \left| x-y \right| \ge 1
हुल:
(i) \left| x \right| \le 3
⇒ -3 ≤ x ≤ 3
⇒ x ≤ 3, ∵ x ≥ -3

असमिका x ≤ 3 के संगत समीकरण x = 3 है । यह मूल बिन्दु से दायीं ओर 3 इकाई दूरी पर -अक्ष के समान्तर एक रेखा है। बिन्दु (0, 0) असमिका को सन्तुष्ट करता है। इसलिए मूल बिन्दु हल क्षेत्र में शामिल है।

अतः हल क्षेत्र रेखा x = 3 पर स्थित बिन्दुओं सहित बायीं ओर है। असमिका x ≥ -3 के संगत समीकरण x = -3 है। यह मूल बिन्दु के बायीं तरफ 3 इकाई दूरी पर y – अक्ष के समान्तर एक रेखा है। बिन्दु (0, 0) असमिका को सन्तुष्ट करता है। इसलिए मूल बिन्दु हल क्षेत्र में शामिल है। अतः हल क्षेत्र रेखा x = – 3 पर स्थित बिन्दुओं सहित दायीं ओर है अतः दी गई असमिका का हल क्षेत्र रेखाओं x = – 3 तथा x = 3 के मध्य का छायांकित भाग है।

(ii) दी गयी असमिका
3x – 2y ≤ x + y – 8 ,
या 3x – 2y – x – y + 8 ≤ 0
या 2x- 3y + 8 ≤ 0
असमिका 2x – 3y + 8 ≤ 0 के संगत समीकरण 2x – 3y + 8 = 0 है।
समीकरण 2x – 3 + 8 = 0 का ग्राफ खण्डित रेखा के रूप में खींचा। समीकरण में x = 0 तथा y = 0 रखने पर y-अक्ष पर  \left( 0,\frac { 8 }{ 3 } \right)  तथा x-अक्ष पर (-4, 0) बिन्दु प्राप्त होते हैं। इसका ग्राफ संलग्न आकृति में प्रदर्शित है। अब समिका 2x – 3 + 8 ≤ 0 में x = 0 तथा y = 0 रखने पर

2.0 – 3.0 + 8 ≤ 0 जो कि असत्य है। अतः मूल बिन्दु असमिका 2x – 3y + 8 ≤ 0 के क्षेत्र में नहीं आता है। अतः दी हुई असमिका का हल क्षेत्र मूल बिन्दु के विपरीत ओर सरल रेखा 2x – 3y + 8 = 0 पर स्थित बिन्दुओं सहित होगा।

(iii) यहाँ दी गई असमिका \left| x-y \right| \ge 1  है। इसे मोड्यूलस को हटाने पर निम्नानुसार लिखा जा सकता है-
– 1 ≥ x – y ≤ 1
इसे पुनः निम्नानुसार दो असमिकाओं के रूप में लिखा जा सकता है-
x – y ≤ – 1 ………(i)
x – y ≥ 1 ………(ii)
असमिका (i) का संगत समीकरण लिखने पर
x – y = -1 प्राप्त होता है।
उपरोक्त समीकरण में x = 0 रखने पर,
0 – y = -1
y = 1
बिन्दु (0, 1), y-अक्ष पर स्थित होगा।
अब y = 0 रखने पर
x – 0 = -1
x = -1
बिन्दु (-1, 0), y-अक्ष पर स्थित होगा।
इन बिन्दुओं को मिलाने पर x – y = -1 का ग्राफ प्राप्त होता है। असमिका x – y ≤ – 1 में बिन्दु (0, 0) सन्तुष्ट नहीं है अर्थात् 0 – 0 ≤ -1 असत्य है अतः इसका छायांकित भाग रेखा से मूल बिन्दु के विपरीत होगा।

असमिका (i) का संगत समीकरण लिखने पर प्राप्त होता है-
x – y = 1
x = 0 रखने पर,
0 – y = 1
∴ y = -1
बिन्दु (0, 1), y-अक्ष पर स्थित होगा।
अब y = 0 रखने पर
x – 0 = -1
y = -1
बिन्दु (-1, 0), x-अक्ष पर स्थित होगा।
इन बिन्दुओं को मिलाने पर x – y = -1 का ग्राफ प्राप्त होता है। असमिका x – y ≥ 1 में बिन्दु (0, 0) सन्तुष्ट नहीं है अर्थात् x – y ≥ 1 असत्य है अतः इसका छायांकित भाग रेखा से मूल बिन्दु के विपरीत होगा। उत्तर

Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण एवं असमिकाएँ Ex 4.2