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Night

Poem 3 Rain on the Roof

Textbook Questions and Answers

Thinking About The Poem :
I.
Question 1.
What do the following phrases mean to you? Discuss in class :
(i) humid shadows (आर्द्र परछाइयाँ) 
(ii) starry spheres (तारा भरे क्षेत्र) 
(iii) What a bliss (कितना आनंददायक)
(iv) a thousand dreamy fancies into busy being start 
(एक व्यस्त व्यक्ति में हजारों स्वप्निल कल्पनाएँ जाग्रत हो जाती हैं) 
(v) a thousand recollections weave their air-threads into woof 
(हजारों यादों हवाई ताने-बाने बुनने लगते हैं)
Answer:
(i) humid shadows-dark clouds full of humidity 
(काले घने आर्द्र बादल) 

(ii) starry spheres-group of stars in the sky. 
(आकाश स्थित तारा-समूह) 

(iii) what a bliss a great joy 
(अत्यधिक आनंद)

(iv) a thousand dreamy fancies into busy being start a man is lost in reveries 
(एक व्यक्ति दिवास्वप्न में खो जाता है)।

(v) a thousand recollections weave their air-threads into woof-old memories bring pictures to mind. 
(पुरानी यादें दिमाग में तस्वीरें लाती हैं)

Question 2. 
What does the poet like to do when it rains?
जब वर्षा आती है तो कवि क्या करना चाहता है?
Answer:
When rain comes the poet likes to lie on a cushioned bed in his cottage. He wants to listen to the pattering sound of rain softly falling on the tiles of the roof.

जब वर्षा आती है तो कवि अपनी कॉटिज में गद्देदार बिस्तर पर लेटना चाहता है। वह छत की टाइल्स पर हल्के से बहती हुई वर्षा की पट-पट को सुनना चाहता है।

Question 3. 
What is the single major memory that comes to the poet? Who are the “darling dreamers” he refers to?
वह कौनसी एक मुख्य याद है जो कवि को आती है? darling dreamers’ किसके लिए कहा गया है?
Answer:
The poet thinks of his mother looking fondly on his face while he lay in bed. The darling dreamers are referred to the poet’s brothers and sisters when they were children.

कवि.सोचता है कि उसकी माँ स्नेहपूर्वक उसके मुख को निहार रही है जबकि वह बिस्तर पर लेटा हुआ है। Darling dreamers कवि के भाइयों व बहिनों से सम्बन्धित है जब वे बच्चे थे।

Question 4. 
Is the poet now a child ? Is his mother still alive?
क्या कवि अब बच्चा है? क्या उसकी माँ जीवित है?
Answer:
The poet is no longer a child. He is grown up. His mother is dead. He often recollects, her face.

कवि अब बालक नहीं है। वह वयस्क है। उसकी माँ मर चुकी है। वह अक्सर उसके चेहरे का स्मरण करता है।

II. 

Question 1. 
When you were a young child, did your mother tuck you in, as the poet’s did?
जब तुम बच्चे थे तो क्या तुम्हारी माँ भी तुम्हें बिस्तर में लपेट कर सुलाती थी? 
Answer:
Yes, my mother took care of me. She used to tuck me in. 

हाँ, मेरी माँ ने मेरी देखभाल की। वह मुझे बिस्तर में लपेट कर सुलाती थी।

Question 2. 
Do you like rain? What do you do when it rains steadily or heavily as described in the poem?
क्या आपको वर्षा अच्छी लगती है ? जब लगातार या भारी वर्षा होती है जैसा कि कविता में वर्णन किया गया है तो आप क्या करते हो?
Answer:
Yes, I like the rain. When it rains during the day, I put on my raincoat and like to walk in the rain. If it rains at night I listen to its patter and the crack of lightning.

हाँ, मैं वर्षा को पसन्द करता हूँ। जब दिन में वर्षा होती है, मैं अपना रेनकोट पहन लेता हूँ और वर्षा में चलना पसन्द करता हूँ। यदि रात्रि में वर्षा होती है मैं इसकी पट-पट सुनता हूँ और बिजली की चमक की आवाज सुनता हूँ।

Question 3. 
Does everybody have a cosy bed to lie in when it rains? Look around you and describe how different kinds of people or animals spend time, seek shelter etc. during rains.
क्या सबके पास सोने के लिए आरामदायक बिस्तर होता है? अपने चारों ओर दृष्टि डालो और वर्णन करो कि भिन्न-भिन्न प्रकार के लोग व पशु वर्षा के दिनों में कैसे समय व्यतीत करते हैं, शरण लेते हैं इत्यादि।
Answer:
Everyone doesn’t have a cottage and a cosy bed. There are people who live in small huts. During the monsoons their life is most miserable. Their huts are half sunk in water and look like boats. They have leaky roofs and oozing floors. They spend sleepless nights.

They huddle in a ‘safe’ corner. And the stray animals have no place to go. They stand motionless in the pouring rain. Some unfortunate people don’t own huts either. They live in improvised tents. During the rains their lot is no better than that of the homeless animals.

प्रत्येक के पास कॉटिज व आरामदायक बिस्तर नहीं है। ऐसे लोग भी हैं जो छोटी-छोटी झोंपड़ियों में रहते हैं । मानसून के दौरान उनका जीवन सर्वाधिक दयनीय हो जाता है। उनकी झोंपड़ियाँ आधी-आधी तक पानी में डूब जाती हैं और नाव-सी नजर आती हैं। उनकी छत टपकती है और फर्श गीले रहते हैं।

वे नींद-रहित रातें व्यतीत करते हैं। वे एक सुरक्षित कोने में इकट्ठे हो बैठ जाते हैं। और आवारा पशुओं के पास जाने का कोई स्थान नहीं होता है। वे वर्षा में ही शान्ति से खड़े रहते हैं। कुछ दुर्भाग्यशाली लोगों के पास झोंपड़ी तक नहीं होती। वे काम-चलाऊ टेन्ट में रहते हैं। वर्षा में उनका भाग्य भी शरण रहित पशुओं से अच्छा नहीं होता है।

Important Questions and Answers

Question 1. 
How does the poem open? 
कविता का आरम्भ कैसे होता है?
Answer:
The poem opens with a note of happiness. The poet feels that in a pouring rain if we lie on the bed and enjoy the patter (music of nature) of the soft rain, it is a bliss.

कविता प्रसन्नता की सूचना के साथ आरम्भ होती है। कवि अनुभव करता है कि वर्षा में यदि हम बिस्तर पर लेटे हों और प्रकृति के संगीत, हल्की वर्षा की पट-पट का आनन्द ले रहे हों तो यह परम सुख है।

Question 2. 
What is the message/theme/central idea of the poem?
कविता का सन्देश/सार/केन्द्रीय भाव क्या है?
Answer:
The message/theme/central idea of the poem is that we should enjoy rain and music of nature. It is more blissful for one who has dreamy fancies and sweet ears in which the echo of refrains are heard now and then.

कविता का सन्देश/सार केन्द्रीय भाव यह है कि हमें वर्षा व प्रकृति के संगीत का आनन्द लेना चाहिए। यह उसके लिए और अधिक आनन्ददायक है जो स्वप्नत्व कल्पनाएँ रखता है और मधुर कान रखता है जिनमें टेक की गूंज बारम्बार सुनाई देती है। 

Question 3. 
How does the poem conclude?
कविता का अन्त कैसे होता है?
Answer:
The poem concludes on a note of happiness. The poet’s mother comes in his memory. And she regards her darling dreamers. The poet feels her fond look on him as he hears the patter of the rain.

कविता का अन्त प्रसन्नता की सूचना के साथ होता है। कवि अपनी यादों में अपनी माँ को देखता है। और वह अपने प्रिय स्वप्नद्रष्टाओं को निहारती है। कवि उसकी स्नेहपूर्ण दृष्टि को अपने पर पाता है जब वह वर्षा की पट-पट को सुन रहा होता है।

Question 4. 
Discuss on the aptness of the little, “Rain on the Roof’. 
शीर्षक ‘Rain on the Roof’ की उपयुक्तता पर विचार विमर्श करें।
Answer:
The title is apt and suggestive. “Rain’ in the title is the centre of the thoughts. Similarly, “roof’ is the cause of the melody of nature. The poet discusses the effects of the rain on the roof in the poem.

शीर्षक उचित एवं सांकेतिक है। शीर्षक में Rain (वर्षा) विचार-प्रवाह का केन्द्र है। उसी प्रकार, Roof भी प्रकृति के मधुर संगीत का कारण है। कवि, कविता में, छत पर पड़ रही वर्षा के प्रभावों की चर्चा करता है।

Question 5. 
How has the poet personified darkness ? 
कवि ने अंधकार का मानवीकरण कैसे किया है?.
Answer:
The poet presumes darkness a human being. He finds darkness sad because the sky is black due to clouds. He further finds darkness weeping in rainy tears because the rain-drops are falling from the black sky.

कवि, अंधकार को एक मानव मानता है। वह अंधेरे को उदास पाता है क्योंकि बादलों के कारण आकाश काला (अंधकारमय) है। वह आगे भी अंधकार को वर्षा रूपी अश्रु रोते (बहाते) पाता है क्योंकि वर्षा की बूंदें काले आकाश से गिर रही हैं।

Question 6. 
What does the poet dream of while listening to the rain ? 
वर्षा को सुनकर कवि क्या स्वप्न लेता है?
Answer:
The poet has thousand dreamy fancies and recollections when he listens to the patter of the rain upon the roof. His mother also comes into his memory then.

कवि जब छत पर वर्षा की पट-पट सुनता है तो हजारों स्वप्निल कल्पनाओं एवं स्मृतियों में खो जाता है। उसकी माँ भी फिर उसकी स्मृतियों में आती है।

Question 7. 
How can you say that this poem represents the melody of nature ? 
आप कैसे कह सकते हैं कि यह कविता प्रकृति की धुन का प्रतिनिधित्व करती है?
Or 
How is this poem onomatopoeic ? 
यह कविता ध्वनि-अनुकरणमूलक कैसे है?
Answer:
This poem represents the melody of nature by the uses of onomatopoeia sounds similar to the noises they describe. The words tinkle’, ‘patter’ and ‘echo’ are onomatopoeic. And they produce melody of nature.

यह कविता ध्वनि-अनुकरण शब्दों के प्रयोग द्वारा प्रकृति की धुन प्रस्तुत करती है – इन शब्दों का प्रयोग जो उन आवाजों के समान हैं जिनकी वे व्याख्या करते हैं। शब्द ‘टन-टन’, ‘पट-पट’ व ‘गूंज’ ध्वनि-अनुकरणमूलक हैं। और ये प्रकृति की धुन पैदा करते हैं।

Explanations with Reference to the Context (सन्दर्भ सहित व्याख्याएँ)

Stanza 1. 

When the humid shadows hover 
Over all the starry spheres 
And the melancholy darkness 
Gently weeps in rainy tears. 
What a bliss to press the pillow 
Of a cottage-chamber bed 
And lie listening to the patter
Of the soft rain overhead! 

Reference : These lines have been taken from Coates Kinney’s poem, ‘Rain on the Roof”. The poet describes the bliss that he feels when he hears the patter of the soft rain overhead.

Context : The poet hears the sound of rain-drops that fall upon the roof of his house at night. It gives him great pleasure to listen to the patter of the soft rain overhead. 

Explanation : The poet describes the blissful experience of listening to the patter of the soft rain falling on the roof of his house. At night, when the clouds cover the sky, which is full of bright stars, and a sad darkness hides everything, rain-drops start falling overhead on the roof. For the poet, it is a great pleasure to lie on his bed in his cottage, resting his head on a pillow, and to listen to the patter of softly falling rain-drops.

सन्दर्भ : ये पंक्तियाँ कोट्स किनी की कविता ‘Rain on the Roof’ से ली गयी हैं। कवि उस आनन्द का वर्णन करता है जो उसे छत पर गिरने वाली बरसात की बूंदों की धीमी पटपट सुन कर मिलता है।

प्रसंग : कवि रात्रि के समय उसके घर की छत पर गिरने वाली बरसात की बँदों की ध्वनि सुनता है। ऊपर छत पर गिरने वाली बरसात की धीमी पटपट सुनकर उसे अत्यधिक आनन्द की अनुभूति होती है।

व्याख्या : कवि उस आनन्दपूर्ण अनुभव का वर्णन करता है जो उसे उसके घर की छत पर गिरने वाली बरसात की बूंदों की पटपट की ध्वनि सुनने से मिलता है। रात्रि को जब बादल आकाश को ढक लेते हैं, जो चमकीले तारों से भरा होता है और एक उदासीभरा अंधियारा सब चीजों को छिपा लेता है, तब बरसात की बूंदें ऊपर छत पर गिरने लगती हैं। कवि के लिए यह अत्यधिक आनन्दपूर्ण क्षण होता है जब वह उसकी झोंपड़ी के बिस्तर पर लेटा होता है तथा उसका सिर तकिए पर टिका होता है, और वह धीमे-धीमे गिरने वाली बरसात की बूंदों की ध्वनि सुनता है।

Stanza 2.

Every tinkle on the shingles 
Has an echo in the heart; 
And a thousand dreamy fancies 
Into busy being start, 
And a thousand recollections 
Weave their air-threads into woof, 
As I listen to the patter
Of the rain upon the roof. 

Reference : These lines have been taken from Coats Kinney’s poem, “Rain on the Roof’. The poet describes the experience of listening to the music of falling rain-drops and the fancies and recollections that are evoked by this music.

Context : The poet listens to the patter of the rain falling upon the roof of his house. He says a thousand dream-like fancies and recollections are evoked by the soft sound of the falling rain-drops.

Explanation : The poet says that every tinkling sound of the falling rain-drop has its echo in his heart. He means to say that his heart is filled with the tinkling music of the rain-drops that fall upon the tiles of the roof overhead. A thousand dream like ideas become active in his mind and he is lost in a thousand memories about the past. These recollections (memories) weave themselves into a weft. All this happens when the poet listens to the music of the rain-drops falling upon the roof.

सन्दर्भ : ये पंक्तियाँ कोट्स किनी की कविता ‘Rain on the Roof’ से ली गयी हैं। कवि गिरती हुई बरसात की बूंदों के संगीत को सुनने तथा इसके द्वारा जागृत की गयी कल्पनाओं तथा स्मृतियों के अनुभव का वर्णन करता है।

प्रसंग : कवि उसके घर की छत पर गिरने वाली बरसात की पटपट की ध्वनि को सुनता है । वह कहता है कि हजारों स्वप्न जैसी कल्पनाएँ तथा स्मृतियाँ धीमे-धीमे गिरने वाली बरसात की बूंदों की ध्वनि द्वारा मस्तिष्क में जागृत कर दी जाती हैं।

व्याख्या : कवि कहता है कि गिरने वाली बरसात की प्रत्येक बूंद की घंटी जैसी ध्वनि उसके हृदय में प्रतिध्वनि पैदा करती है। उसका यह आशय है कि उसका हृदय बरसात की बूंदों के गिरने की घंटी जैसी ध्वनियों से भर उठता है। ये बँदें छत पर लगी लकड़ी की टाइलों पर गिरती हैं और मधुर संगीत पैदा करती हैं। उसके मस्तिष्क में हजारों स्वप्न जैसे विचार सक्रिय हो उठते हैं और वह अतीत की हजारों स्मृतियों में खो जाता है। ये स्मृतियाँ परस्पर मिलकर एक ताने-बाने का निर्माण कर लेती हैं। यह सब तब होता है जब कवि छत पर गिरने वाली बरसात की बूंदों के संगीत को सुनता है।

Stanza 3.

Now in memory comes my mother, 
As she used in years agone, 
To regard the darling dreamers 
Ere she left them till the dawn : 
O! I feel her fond look on me 
As I list to this refrain 
Which is played upon the shingles
By the patter of the rain. 

Reference : These lines have been extracted from Coates Kinney’s poem “Rain on the Roof’. The poet recounts here a childhood memory of his mother.

Context : The poet is lost in a thousand fancies and recollections when he listens to the music produced by the softly falling rain-drops on the roof of his cottage.

Explanation : The poet is lost in his childhood memories when he hears the gentle sound of the rain-drops falling on the roof of his cottage. 

In his memory, he meets his mother. She has come, as she used to do when the poet and his siblings had sweet dreams in their sleep. She used to pay a visit to the bedroom of the children to see whether they were sleeping comfortably, or not. Then she left them till the dawn. The poet feels nostalgic about his mother’s loving look on him when he is listening to the music of the rain falling upon tiles of the roof of his cottage.

सन्दर्भ : ये पंक्तियाँ कोट्स किनी की कविता ‘Rain on the Roof” से ली गयी हैं। कवि इन पंक्तियों में उसकी माँ के बारे में बचपन की एक स्मृति का वर्णन करता है।

प्रसंग : कवि हजारों कल्पनाओं तथा स्मृतियों में खो जाता है जब वह उस संगीत को सुनता है जिसे उसकी झोंपड़ी की छत पर गिरने वाली बरसात की बूंदें पैदा करती हैं।

व्याख्या : जब कवि उसकी झोंपड़ी की छत पर धीमे-धीमे गिरती हुई बूंदों की ध्वनि सुनता है तो वह बचपन की यादों में खो जाता है। उसकी स्मृति में वह उसकी माँ से मिलता है । वह आ गयी है जैसा कि वह

आया करती थी जब कवि तथा उसके भाई-बहिन नींद में मधर स्वप्न देखते रहते थे। वह बच्चों के शयनकक्ष में आती थी तथा यह देखती थी कि वे आराम से सो रहे हैं अथवा नहीं। फिर वह उन्हें सूर्योदय तक छोड़ कर चली जाती थी। कवि को उसकी माँ की दृष्टि की अत्यधिक याद आती है। उस पर डाली जाने वाली माँ की प्रेमभरी दृष्टि की याद उसे तब आती है जब वह उसकी झोंपड़ी की छत की टाइलों पर बरसात की बूंदों द्वारा पैदा किए गए संगीत को सुनता है।

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