Poem 5 The School Boy

कविता के बारे में :

इस कविता में विद्यालयी बालक एक खुशमिजाज बच्चा नहीं है। उसे क्या बात नाखुश करती है? वह अपनी तुलना एक (उस) पक्षी से क्यों करता है जो एक पिंजरे में रहता है, या उस पौधे से जो तब सूख जाता है जब उसमें फूल खिलने चाहिए।

कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद

I love to rise ……….. what sweet company. (Page 83)

कठिन शब्दार्थ : rise (राइज) = उठना, summer (समर) = ग्रीष्म ऋतु, morn (मोन) = प्रात:काल/सुबह, sing (सिंग) = गाना, distant (डिस्टंट) = दूर, huntsman (हंट्समॅन) = शिकारी, winds (वाइन्ड्ज) = बजाना, horn (होन) = भोंपू, skylark (स्काइलाक) = लवा चिड़िया, sweet (स्वीट) – मधुर, company (कमपॅनि) = साथ।

हिन्दी अनुवाद : मैं ग्रीष्म ऋतु में प्रात:काल उठना ही पसन्द करता हूँ। जब प्रत्येक वृक्ष पर पक्षी गाते (चहचहाते) हैं। दूर शिकारी अपना भोंपू बजाता है। और लवा चिड़िया मेरे साथ गाती है। आहा! कितना मधुर साथ है।
भावार्थ : प्रकृति का साथ हमेशा आनंददायक होता है। प्रकृति के संगीत का आनंद लेना चाहिए। प्रात:काल जल्दी उठने वाले को ही यह आनन्द प्राप्त होता है।

But to go to……………..sighing and dismay. (Page 83)

कठिन शब्दार्थ : drives (ड्राइब्ज) = भगा देना, away (अवे) = दूर, cruel (क्रूअल) = निर्दयी, outworn (आउटर्न) = जीर्ण/वृद्ध, spend (स्पेन्ड) = व्यतीत करना, sighing (साइंग) = आह भरते, dismay (डिसमे) = प्रबल निराशा। – हिन्दी अनुवाद : लेकिन ग्रीष्म ऋतु की सुबह-सुबह विद्यालय जाना, ओह ! यह समस्त आनन्द दूर भगा देता है। एक निर्दयी व जीर्ण आँख के नीचे (अर्थात् वृद्ध व सख्त अध्यापक के साथ) छोटे बालक आह भरते हुए व प्रबल निराशा में दिन व्यतीत करते हैं। भावार्थ-कवि, पाठशाला, पाठ्यवस्तु व पढ़ाने वालों को और अधिक आनन्ददायक बनाने की ओर हमारा ध्यान आकर्षित कर रहा है।

Ah! then at times …………………… the dreary shower. (Page 83)

कठिन शब्दार्थ : drooping (ड्रपिंग) = कुम्हलाये हुए, anxious (एंकॉस) = व्याकुल, nor (नोर) = न ही, delight (डिलाइट) = आनन्द, learning’s bower (लॅनिंग्ज बाउअर) = शिक्षा कुंज/विद्यालय, worm thro’ (वर्न धू) थका-मांदा होकर गुजरना, dreary (ड्रिअरि) = नीरस, shower (शाउअर) = बौछार।

हिन्दी अनुवाद : आह ! फिर, समय-समय पर मैं कुम्हलाया हुआ बैठता हूँ। और कुछ घण्टे व्याकुलता से व्यतीत करता हूँ। न ही मैं अपनी पाठ्यपुस्तकों में आनन्द ले पाता हूँ और न ही शिक्षा के कुंज (विद्यालय) में बैठ पाता हूँ और नीरस बौछारों से थका-मांदा होकर गुजरता हूँ (अर्थात् शिक्षा, शिक्षक व शिक्षण नीरस ज्ञान देते हैं।)

भावार्थ-कवि, विद्यालय के नीरस वातावरण, नीरस पाठ्यक्रम व नीरस शिक्षण पद्धति का मुद्दा उस बालक के माध्यम से उठा रहे हैं।

How can the bird …………… his youthful spring. (Page 83)

कठिन शब्दार्थ : born (बोन) = जन्म लिया, joy (जॉइ) = आनन्द, cage (केइज) = पिंजरा, fears (फिअर्ज) = डर, annoy (अनॉइ) = परेशान करना, but (preposition) (बट) = के सिवाय, droop (ड्रप) = झुका देना, tender (टेन्डर) = कोमल, wing (विंग) = पंख, forget (फॅगेट) = भूल जाना, youthful (यूथफल) – तरुण, spring (स्प्रिंग) = वसंत/बहार।

हिन्दी अनुवाद : पक्षी जिसने आनन्द के लिए जन्म लिया है वह पिंजरे में बैठा रह कर कैसे गा सकता है। एक बालक भी कैसे, आनन्द ले सकता है जब डर उसे परेशान करते हैं तो अपने कोमल पंख को झुका लेने के सिवाय और अपनी तरुण बहार को भूल जाने के सिवाय क्या कर सकता है।
भावार्थ-कवि, उस बालक के माध्यम से यह अपील करता है कि बचपन को उन्मुक्त रहने दें। बालपन में ही पढ़ाई का अत्यधिक वजन न डालें।

O ! Father and ………. and cares dismay. (Page 84)

कठिन शब्दार्थ : buds (बड्ज) = कलियाँ, nip’d (निष्ट) = काटना/कुचलना, blossoms (ब्लॉसँम्ज) = फूल, blown away (ब्लउन अवे) = नष्ट कर दिया, plants (प्लान्ट्स) = पौधे, strip’d (स्ट्रिप्ट) = से वंचित करना, springing (स्प्रिनिगंग) = बासंती/लहलहाते हुए, sorrow (सॉरो) = दु:ख, cares (केअर्ज) = चिन्ताएँ।

हिन्दी अनुवाद : हे माता-पिता, यदि कलियाँ कुचल दी जाती हैं और फूल नष्ट कर दिये जाते हैं और यदि कोमल पौधों को बासंती दिनों में आनन्द लेने से वंचित कर दिया जाता है तो दु:ख व चिन्ताओं द्वारा उसे हतोत्साहित कर दिया जाता है।

भावार्थ-बालक के माध्यम से कवि कहता है कि बचपन के आनन्द से किसी भी बालक को वंचित न करें। बचपन में ही उस पर बोझ न डालें।

How shall the ………………. fruits appear? (Page 84)

कठिन शब्दार्थ : arise (अराइज) = प्रकट होगी, appear (अपिअर) = दिखाई पड़ना।
हिन्दी अनुवाद : ग्रीष्म ऋतु अपने आनन्द में कैसे प्रकट होगी या ग्रीष्म ऋतु के फल कैसे दिखाई पड़ेंगे।
भावार्थ-कवि कहता है कि यदि उपर्युक्त कमियों को पूरा नहीं किया गया तो बालक अपने बचपन का आनन्द कैसे ले पायेगा।

Poem 5 The School Boy Hindi Translation