3 Ranga’s Marriage – [रंगा की शादी]

– Masti Venkatesha Iyengar

कहानी के बारे में-रंगा, लेखाकार का पुत्र है जो गाँव के समूह में बिरले ही पैदा होते हैं, जो शहर में अपने अध्ययन को पूरा करने के लिए रह चुका है। जब वह बैंगलोर शहर से अपने गाँव लौटा तो लोगों की भीड़ उसके घर के पास उसे देखने के लिए एकत्रित हो गयी कि क्या वह बदल गया या नहीं। शादी के बारे में उसके विचार अब अत्यन्त भिन्न हैं या क्या वे (वास्तव में) भिन्न हैं?

कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद

When you……………….he has seen many. (Pages 16-17)

कठिन शब्दार्थ-Breed (ब्रीड्) = नस्ल, वंश, folk (फोक्) = समूह, pursue (पस्यू) = (यहाँ) पूरा करना, mill around (मिल् अराउन्ड्) = भीड़ से घिरा हुआ, title (टाइट्ल) = शीर्षक, mouth filling (माउथ् फिलिङ्) = भारी भरकम, victory (विक्टरि) = विजय, mention (मेन्श्न् ) = वर्णन, wedding (वेडिङ्) = शादी, fancy (फैन्सि) = कल्पना करना, आकर्षक, fault (फॉल्ट्) = दोष, geography (जिऑग्रफि) = भूगोल, probably (प्रॉबब्लि) = संभवतया, शायद, exists (इग्जिस्ट्स) = अस्तित्व में होना, मौजूद होना, blindly follow (ब्लाइन्डलि फॉलो) = अन्धानुकरण, referred (रिफ(र)ड) = जिक्र करना, वर्णन करना, expect (इक्स्पे क्ट्) = आशा करना, cartographer (काटॉग्रफ(र)) = नक्शे बनाने वाला, direction (डरेक्श्न् ) = दिशा, karigadabu (कैरीगैडाबू) = नारियल की बनी मिठाई, festive (फेस्टिव्) = आनन्द, object (अब्जेक्ट) = एतराज, stick (स्टिक्) = डटा रहा, opinion (अपिन्यन्) = विचार, glowing (ग्लोइङ्) = खुश होना, चमकना, flea (फ्ली) = पिस्सू, pestered (पेस्ट(र)ड) = सताया हुआ।

हिन्दी अनुवाद : जब आप यह शीर्षक देखें आपमें से कुछ पूछ सकते हैं, “रंगा की शादी?” क्यों नहीं, “रंगनाथ विवाह” या “रंगनाथ विजय?” अच्छा, हाँ। मैं जानता हूँ मैं कुछ अन्य भारी भरकम शब्द जैसे कि जगन्नाथ विजय या गिरिजा कल्याण जैसे शब्दों का प्रयोग कर सकता था। लेकिन तब यह बात जगन्नाथ विजय या गिरिजा की शादी के बारे में नहीं थी। यह हमारे स्वयं के रंगा की शादी के बारे में है, अतः कोई आकर्षक शीर्षक नहीं दे सका। होसाहाली हमारा गाँव था। आपने इसके बारे में जरूर सुना होगा। नहीं? क्या दयनीय बात है? लेकिन यह आपका दोष नहीं है। किसी भी भूगोल की पुस्तक में इसका वर्णन नहीं है। वे साहिब इंग्लैण्ड में, अंग्रेजी में लिखते हैं, शायद नहीं जानते कि ऐसा स्थान मौजूद है, और इसलिए इसका वर्णन नहीं करते। हमारे स्वयं के लोग भी इसके बारे में भूल जाते हैं। आप जानते हैं यह कैसे हैं वे भेड़ों के समूह की तरह हैं। एक भेड़ गड्ढे में गिरती है तो बाकी की भेड़ें भी उसी का अनुसरण करती हैं। इंग्लैण्ड के साहिब और हमारे अपने भूगोल ज्ञाता दोनों ने ही इसका जिक्र नहीं किया। आप बेचारे नक्शानवीस से आशा नहीं कर सकते कि वह इसे नक्शे में प्रदर्शित करे, क्या आप आशा कर सकते हैं? और इसलिए किसी नक्शे पर हमारे गाँव की छाया भी नहीं है।

खेद है, मैंने कहीं और जगह की बात शुरू कर दी और तब अन्य दिशा में चला गया। यदि मैसूर राज्य का भारतवर्ष में वही स्थान है जो किसी त्यौहारी भोज में करीगडाब (नारियल की मिठाई) का है, तो होसाहाली का मैसूर राज्य में वही स्थान है जो अन्दर भरी जाने वाली सामग्री का करीगडाबू (नारियल की मिठाई) में है। जो मैंने कहा वह पूरी तरह सच है, मेरा विश्वास करो। मैं आपके प्रश्न करने पर एतराज नहीं करूँगा लेकिन मैं अपनी विचारधारा पर कायम रहूँगा। मैं ही एकमात्र ऐसा नहीं हूँ जो प्रसन्नता के साथ होसाहाली के बारे में कहता हो। हमारे यहाँ पर एक डॉक्टर है। उसका नाम गुण्डाभट्ट है। वह मुझसे सहमत है। वह कुछ स्थानों पर रह चुका है। नहीं, इंग्लैण्ड में नहीं। यदि कोई उससे पूछे कि क्या वह वहाँ रह चुका है, वह कहता है, “नहीं अन्नाया (कन्नड़ भाषा में बड़ों के लिए एक सम्मानसूचक शब्द), यह मैंने आपके लिए रख छोड़ा है। एक पिस्सू द्वारा सताए कुत्ते की तरह चारों ओर दौड़ना मेरे बस की बात नहीं है। यद्यपि अपने समय में मैंने कुछ ही स्थान देखे हैं।” सच बात तो यह है उसने बहुत से स्थान देखे हैं।

We have some mango………………….performing monkey here. (Pages 17-18)

कठिन शब्दार्थ : raw (रॉ) = कच्चा, sourness (साउअ(र)नस) = खट्टापन, brahmarandhra (ब्रह्मरन्ध्र) = मस्तिष्क, chutney = चटनी, cough (कॉफ्) = खाँसी, suffered (सफ(र)ड) = पीड़ित, medicine (मेड्स्न् ) = दवा, creeper (क्रीप(र)) = बेल, feast (फीस्ट्) = आनन्द, behold (बिहोल्ड) = देखना, rambling (रैब्लिङ्) = इधर-उधर की हाँकना, courage (करिज्) = साहस, come across (कम् अक्रॉस्) = संयोग से मिलना, disgraceful (डिस्ग्रेस्फ्ल ) = अपमानजनक, pice (पाइस्) = पैसा, change (चेन्ज्) = छुट्टे पैसे, रेजगारी, muttering (मट(रि)ङ्) = बुदबुदाते हुए, priceless (प्राइस्लस्) = अमूल्य, commodity (कमॉडटि) = वस्तु, wide spread (वाइड् स्प्रेड्) = प्रचलन, decade (डेकेड्) = दशक, event (इवेन्ट्) = घटना, rushed (रश्ट्) = तेजी से गए, announcing (अनाउन्सिङ्) = घोषणा करते हुए, attracted (अट्रैक्ड) = आकर्षित किया, court yard (कॉट्याड्) = आंगन, performing (परफॉर्मिंग) = खेल दिखाना, किसी कार्य को करना।

हिन्दी अनुवाद : हमारे गाँव में कुछ आम के पेड़ हैं। आओ हमारे यहाँ घूमो और मैं आपको उनमें से एक कच्चा आम दूंगा। इसे खाना मत। थोड़ा-सा दांत से काटो। निश्चयपूर्वक इसका खट्टापन आपके मस्तिष्क में पहुँच जायेगा। मैं एक बार ऐसा फल घर ले गया और इसकी चटनी बनायी। हम सबने इसे खाया। इसके बाद हमें खाँसी की बीमारी हो गई ! इसके बाद मैं खाँसी की दवा लेने गया तब डॉक्टर ने मुझे फल की विशेषता के बारे में बतलाया।

ठीक जिस तरह आम विशेष है, इसी प्रकार की बातें हमारे गाँव के चारों ओर हैं। गाँव के तालाब के शुद्ध पानी में बहुत सुन्दर बेल उगी हुई है। इसके फूल देखने में आनन्ददायी हैं। बेल के दो पत्ते लो जब आप तालाब पर नहाने जाओ और आपको पत्तियाँ प्राप्त करने की कोई चिन्ता नहीं रहेगी जिस पर आप दोपहर का खाना परोसेंगे। आप यह कहेंगे कि मैं इधर-उधर की हाँक रहा हूँ। हमेशा ऐसा ही होता है जब हमारे गाँव का विषय आता है। लेकिन बहुत हो गया। यदि आप में से कोई हमारे यहाँ भ्रमण करना पसंद करे तो मुझे एक पत्र लिख दो। क्या आप यह बतलाने देंगे कि होसाहाली कहाँ है और यहाँ कैसी-कैसी चीजें हैं। किसी स्थान को जानने का सबसे अच्छा तरीका है वहाँ भ्रमण करो, क्या आप सहमत नहीं?

जो बात मैं आपको बतलाने जा रहा हूँ, वह दस वर्ष पहले घटी थी। तब हमारे बहुत से लोग अंग्रेजी नहीं जानते थे। हमारे गाँव का लेखाकार पहला व्यक्ति था जिसने अपने बेटे को अध्ययन के लिए बैंगलोर भेजने का पर्याप्त साहस दिखाया। आज बात भिन्न है। बहुत से लोग हैं जो अंग्रेजी जानते हैं। छुट्टियों के दिनों में आप अंग्रेजी में बात करते हुए प्रत्येक गली में उनके सम्पर्क में आ सकते हो। उन दिनों में हम अंग्रेजी नहीं बोलते थे और बात करते समय अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग भी नहीं करते थे अपितु कन्नड़ में बात करते थे। जो कुछ भी हुआ वह अपमानजनक है, मेरा विश्वास करो। दूसरे दिन मैं रामाराव के घर गया जब उन्होंने लकड़ी का एक बण्डल खरीदा। रामाराव का बेटा भुगतान करने हेतु बाहर आया। उसने औरत से पूछा, “मुझे इसका कितना पैसा देना चाहिए?” “चार पैसा”, उसने कहा। लड़के ने उससे कहा उसके पास रेजगारी’ नहीं है और अगले दिन सुबह आने के लिए कहा । बेचारी औरत रेजगारी के अंग्रेजी शब्द को समझ नहीं पायी और बुदबुदाती चली गई। मैं भी नहीं जान पाया। बाद में जब मैं रंगा के घर गया और उससे पूछा, इसका क्या अर्थ था तब मैं समझा। बार

हमारे गाँव में एक दशक पहले, अंग्रेजी भाषा की, इस अमूल्य वस्तु का इतना प्रचार नहीं था। यही कारण था कि रंगा का घर आना एक महान् घटना थी। लोग यह कहते हुए उसके दरवाजे की सीढ़ियों तक दौड़े, “लेखाकार का पुत्र आया है,” “जो लड़का बैंगलोर अध्ययन के लिए गया वह यहाँ है, ऐसा दिखायी देता है”, और “आओ, रंगा यहीं है। हम जावें और एक झलक देखें।”

भीड़ से आकर्षित होकर मैं भी वहाँ गया और आंगन में खड़ा होकर पूछने लगा, “यहाँ ये सब लोग क्यों आए हैं? यहाँ तो बन्दर का खेल भी नहीं हो रहा है।” ।

A boy, ………………..I am not marrying now. (Pages 18-19)

कठिन शब्दार्थ : immature (इमट्युअ(र)) = अपरिपक्व, manners (मैन(र)स) = तौर-तरीका, ढंग, caste (कास्ट) = जाति, melted away (मेल्ट्ड अवे) = तितर-बितर हो गई, lump (ला

ढेला, blessings (ब्लेसिङ्स) = आशीर्वाद, aspect (ऐसपेक्ट) = पहलू, पक्ष, advantage (अड्वान्टिज्) = लाभ, फायदा, assessed (असेसड) = जाँचना, निर्धारण करना, worth (वथ्) = योग्य, मूल्य, stiff (स्टिफ्) = कठोर, सख्त, jerking (जकिङ्) = ऐंठते हुए, झटका देते हुए, wand (वॉन्ड्) = जादूगरी की छड़ी, pleasantries (प्लेज्नृरीज) = हँसी-मजाक, couple (कप्लट्) = जोड़ा, generous (जेनरस्) = उदार, considerate (कन्सिडरट्) = विचार किया, janewara (जनेवा(रा)) = जनेऊ, recently (रीट्लि ) = हाल ही में, troupe (ट्रप) = दल, staged (स्टेज्ड) = मंचन किया, play (प्ले) = नाटक, bride (ब्राइड्) = दुल्हन, bachelor (बैचल(र)) = कुंवारा।

हिन्दी अनुवाद : एक बिना दिमाग के लड़के ने कहा जो सबके सुनने के लिए बहुत तेज था। “तुम यहाँ क्या कर रहे हो, तब?” एक छोटा, अपरिपक्व और बिना किसी तौर-तरीके वाला। यह सोचते हुए कि ये सब बातें भूतकाल की थीं, मैं चुप रहा।

इतने सारे लोगों को देखकर रंगा मुस्कराते हुए वहाँ आया।

यदि हम सब अन्दर चले जाते तो, जैसा लोग कहते हैं वह स्थान कलकत्ता की काल कोठरी जैसा बन जाता। ईश्वर को धन्यवाद, ऐसा नहीं हुआ। प्रत्येक व्यक्ति यह देखकर आश्चर्यचकित रह गया कि रंगा जैसा छ: माह पहले था वैसा ही था। एक बूढ़ी महिला जो उसके नजदीक थी उसने अपने हाथ उसकी छाती पर फेरे, उसकी आँखों में देखा और कहा, “जनेऊ अभी तक भी है। इसने अपनी जाति को नहीं खोया है।”

उसके शीघ्र बाद वह चली गई। रंगा हँसने लगा।

एक बार उन्होंने फिर यह महसूस किया कि अभी भी रंगा के वही हाथ-टांगें, वही आँखें, वही नाक थी, भीड़ तितर-बितर हो गई, जैसे गुड़ का ढेला बच्चे के मुँह में पिघल जाता है। मैं वहीं खड़ा रहा। सबके जाने के बाद मैंने पूछा, “रंगप्पा, तुम कैसे हो? क्या सब कुछ ठीक है?” तब रंगा ने मेरी तरफ ध्यान दिया। वह मेरे पास आया और सम्मान के साथ नमस्कार किया, कहते हुए, “आपके आशीर्वाद से मैं बिल्कुल ठीक हूँ।”

– मझे आपका ध्यान रंगा के चरित्र के पहल की ओर दिलवाना है। वह जानता था कि किसी से बात करने का कब लाभ होगा और लोगों का उचित रूप से मूल्यांकन करता था। जहाँ तक उसका मुझसे नमस्कार करने की बात थी उसने वर्तमान काल के लड़के की तरह नहीं किया, अपना सिर ऊपर सूर्य की ओर करके, ऐसे खंभे की तरह खड़ा होकर जिसमें कोई जोड़ न हो, उसने अपने शरीर को इस तरह झटका दिया मानो वह कोई जादू की छड़ी या घूमने की छड़ी हो। केवल उसने अपने हाथ ही नहीं जोड़े, वरन् वह मेरे पैर छूने नीचे झुक गया। “तुम्हारी शीघ्र ही शादी हो जावे,” मैंने आशीर्वाद देते हुए कहा। कुछ देर हँसी-मजाक के बाद, मैं चला आया।

उस दिन दोपहर बाद, जब मैं विश्राम कर रहा था, रंगा अपने हाथ में दो नारंगी (संतरे) लेकर हमारे घर आया। एक उदार, विचारणीय व्यक्ति। उसकी शादी होना अच्छा रहेगा, व्यवस्थित हो जायेगा और समाज की सेवा करेगा, मैंने सोचा।

थोड़ी देर तक हमने इधर-उधर की बातें कीं। तब मैं मूल बिन्दु (असल बात) पर आया। “रंगप्पा, तुम्हारा शादी कब करने का विचार है?”

“मैं अभी शादी करने नहीं जा रहा हूँ,” उसने कहा।

“क्यों नहीं?”

मुझे उचित लडकी तलाशने की आवश्यकता है। मैं एक अधिकारी को जानता हूँ जिसने अभी छ: माह पहले शादी की थी। वह तीस वर्ष का है और उसकी पत्नी पच्चीस वर्ष की, मुझे बतलाया गया है। वे एक दूसरे से प्यार भरी बातें कर सकेंगे। हमें कहना है (मान लो) मैं एक छोटी लड़की से शादी करूँ। वह मेरे प्यार में कहे गए शब्दों को गुस्से में कहे गये शब्द मान सकती है। हाल ही में, एक दल ने बैंगलोर में शकुन्तला नामक नाटक का मंचन किया था। यदि शकुन्तला वर्तमान की दुल्हनों की तरह कम उम्र की होती तो दुष्यन्त का उसके प्यार में पड़ने का प्रश्न ही नहीं उठता, क्या होता? तो कालिदास के नाटक का क्या होता? यदि किसी को शादी करनी है तो लड़की परिपक्व होनी चाहिए। अन्यथा कुंवारा ही रह जाना चाहिए। यही कारण है, मैं अभी शादी नहीं कर रहा हूँ।

“Is there any other…………the marrying kind.” (Pages 19-20)

कठिन शब्दार्थ : admire (अड्माइअ(र)) प्रशंसा करना, stains (स्टेन्स) = धब्बे, bittergourd (बिट(र)गोड्) = करेला, exactly (इग्जैट्लि ) = ठीक, distressed (डिस्ट्रेस्ट) = निराश किया, chatting (चैटिङ्) = बातचीत करना, made up my mind (मेड् अप् माइ माइन्ड्) = अपने दिमाग में निश्चय करना, pretty (प्रिटि) = सुन्दर, play (प्ले) = बजाना (वाद्ययन्त्र), harmonium (हामोनियम्) = हारमोनियम, frequent (फ्रीक्वन्ट) = लगातार, buttermilk (बटमिल्क्) = छाछ, fetch (फेच्) = जाकर लाना, wearing (वेअ(रि)ङ्) = पहने हुए, grand (ग्रैन्ड्) = शानदार, sent for (सेन्ट् फ(र)) = बुला भेजा, infront of (इन्फ्रन्ट ऑफ) = सामने, threshold (श्रेश्होल्ड्) = घर की देहली, curious. (क्यूअरिअस्) = उत्सुक, peeped (पीप्ट) = झाँका, blocked (ब्लॉक्ट) = रुक गई, abruptly (अब्रट्लि ) = अचानक, savouring (सैवरिङ्) = स्वाद या मजा लेते हुए, peel (पील) = छिलका, flesh (फ्लेश्) = गूदा, disappointment (डिसपॉइन्ट्मन्ट) = निराशा, lowered (लोअ(र)ड) = नीचे झुका, repeatedly (रिपीटिड्लि) = बार-बार दोहराना, glanced (ग्लान्स्ट) = देखना, निगाह डालना, embarrassed (इम्बैरस्ट्) = परेशान करना, overcome (ओवकम्) = काबू करना, shyness (शाइनस्) = शर्म, shelter (शेल्ट(र)) = शरण, vowed (वाउड्) = शपथ खाई, male (मेल्) = पुरुष, female (फीमेल) = महिला, fled (फ्लेड्) = भाग गया।

हिन्दी अनुवाद : “क्या कोई और कारण है?”

“एक व्यक्ति को एक लड़की से शादी करनी चाहिए जिसका वह प्रशंसक हो। तयशुदा शादी करने का हमारे लिए क्या प्रयोजन? कोई ऐसी लड़की की प्रशंसा कैसे कर सकता है जिसके चेहरे के एक तरफ दूध का धब्बा लगा हो दूसरी ओर गीला हो या वह इतनी छोटी हो कि वह यह भी नहीं जानती हो कि अंगुलियों को कैसे काटा जाए।”

“एक तो कड़वा करेला दूसरा नीम चढ़ा।”

“बिल्कुल ठीक!” रंगा ने हँसते हुए कहा।

मैं निराश था कि जिस लड़के के बारे में मैंने सोचा था, अच्छा पति बन पाएगा, उसने कुँवारा रहने का निश्चय कर लिया था। थोड़ी देर बातचीत करने के बाद रंगा चला गया। तब मैंने अपने दिमाग में उचित निर्णय किया कि मैं उसकी शादी करवाऊँगा।

रामाराव की अच्छी, सुन्दर, ग्यारह साल की भतीजी, उसके साथ रहने आयी थी। वह बड़े शहर की थी अतः वह वीणा और हारमोनियम बजाना जानती थी। उसकी आवाज भी मधुर थी। उसके माता-पिता दोनों मर चुके थे और उसके चाचा उसे घर ले आए थे। रंगा उसके लिए उचित लड़का था और वह उसके लिए उपयुक्त दुल्हन थी।

क्योंकि मैं रामाराव के घर पर लगातार जाता रहता था, लड़की मुझसे खुली हुई थी। मैं उसके नाम का वर्णन करना पूरी तरह भूल गया। यह, रत्ना था। अगले ही दिन सुबह मैं उनके घर गया और रामाराव की पत्नी से कहा, “मैं आपके लिए कुछ छाछ भेजूंगा। रत्ना से कहना जाकर ले आए।”

रत्ना आ गई। शुक्रवार का दिन था अतः उसने भारी-सी साड़ी पहन रखी थी। मैंने उससे मेरे कमरे में बैठने को कहा और उससे गाना गाने का निवेदन किया। मैंने रंगा को बुला भेजा। जब वह गाना गा रही थी मेरी आँखों के सामने कृष्ण की मूर्ति थी—रंगा दरवाजे पर पहुंचा। वह देहली पर रुक गया। वह नहीं चाहता था कि गाना रुके लेकिन गायक को देखने को उत्सुक था। ध्यान से उसने अन्दर झाँका। कमरे में आने वाली रोशनी रुक गयी। रत्ना ने ऊपर देखा, एक अजनबी को देखकर अचानक गाना बन्द कर दिया।

मान लो कि तुम सर्वश्रेष्ठ प्रकार का आम खरीदते हो। तुम इसे धीरे-धीरे खाओ, इसके छिलके का मजा इसके रस भरे गूदे को खाने से पहले ले लो। तुम इसके किसी भी हिस्से को व्यर्थ में गंवाना नहीं चाहते हो। दुबारा आम खाने से पहले आम आपके हाथ से फिसल कर जमीन पर गिर जाता है। आप कैसा महसूस करते हैं? रंगा के चेहरे पर वही निराशा के भाव थे जब गाना रुक गया।

“आपने मुझे बुलवाया था?” जैसे ही वह अन्दर आया उसने मुझसे पूछा और कुर्सी पर बैठ गया।

रत्ना कुछ दूरी पर खड़ी थी, उसका सिर नीचे झुका हुआ था। रंगा बार-बार उसकी ओर देख रहा था। एक बार हमारी आँखें मिलीं और वह बहुत झेंप गया। काफी देर तक कोई नहीं बोला।

“मेरे अन्दर आने से गाना रुक गया। मैं चला जाता हूँ।”

शब्द, सिर्फ शब्द ही होते हैं ! उस व्यक्ति ने जाने के लिए कहा लेकिन वह हिला तक नहीं। आज कलियुग के दौर में भला शब्दों को अपने कार्यों से मिलाने की आशा कौन करेगा?

रत्ना अन्दर भाग गई, अपने शर्मीलेपन के भाव को काबू में करते हुए।

थोड़ी देर बाद, रंगा ने पूछा, “स्वामी, यह लड़की कौन है?”

“अन्दर कौन है?” शेर यह जानना चाहता था। उस बकरे ने जिसने मन्दिर में शरण ले रखी है, उत्तर दिया, “इससे क्या फर्क पड़ता है कि मैं कौन हूँ? मैं तो बेचारा वह जानवर हूँ जिसने पहले ही नौ शेरों को खा लिया है। मैंने एक को और खाने की कसम ले रखी है। मुझे बताओ कि तुम नर हो या मादा?” ऐसा दिखाई देता है कि शेर डर कर भाग गया।

बकरे की तरह, मैंने कहा, “हम में किसी को भी क्या फर्क पड़ता है वह कौन है? मैं पहले से ही शादीशुदा व्यक्ति हूँ और तुम शादी करवाने वाले जीव नहीं हो।”

Very hope fully, he asked………….. …………….this tale. (Pages 21-22)

कठिन शब्दार्थ : betray (बिट्रे) = दिखावा, धोखा देना, excitement (इक्साइट्मन्ट) = जोश, उत्तेजना, shrivelled (शिव्ल्ड ) = मुरझा गया, roasted (रोस्ट्ड ) = भुना हुआ, brinjal (ब्रिन्ज्ल् ) = बैंगन, tutored (ट्यूट(र)ड) = सिखाया, headache (हेड्एक्) = सिरदर्द, went through (वेंट थू) = इसी दौर से गुजरा, process (प्रोसेस्) = प्रक्रिया, choosing (चूजिङ्) = चुनाव करना, suggested (सजेस्ट्ड) = सुझाव दिया, accompanied (अकम्पनिड) = साथ-साथ चला, protest (प्रटेस्ट) = विरोध, tale (टेल्) = कहानी।

हिन्दी अनुवाद : बहुत आशा के साथ उसने पूछा, “तो, इसकी शादी नहीं हुई है?” उसकी आवाज में जोश का दिखावा नहीं था लेकिन मैं जानता था कि उसमें उत्तेजना थी।

“उसकी एक साल पहले शादी हो गयी थी।”

उसका चेहरा भुने हुए बैंगन की तरह मुरझा गया। थोड़ी देर बाद रंगा यह कहते हुए चला गया, “मुझे जाना चाहिए, घर पर मुझे काम है।”

मैं अगले दिन सुबह अपने शास्त्री के पास गया और उससे कहा, “नक्षत्रों का अध्ययन करने के लिए सब कछ तैयार रखना. मैं बाद में आऊँगा।” मैंने उसे सिखा दिया जो मैं उससे कहलवाना चाहता था।

जब मैं दोपहर बाद रंगा से मिला तो मुझे उसमें कोई परिवर्तन दिखाई नहीं दिया। “क्या बात है? तुम विचारों में खोए हुए दिखाई देते हो,” मैंने कहा।

‘नहीं, कुछ गड़बड़ नहीं है, मेरा विश्वास करो।”

“सिरदर्द? आओ, हम डॉक्टर के पास चलें।”

“मेरे सिरदर्द नहीं है। मैं सामान्य हूँ।”

“जब मेरे लिए किसी लड़की के चुनाव करने की बात चली तो मैं भी इसी दौर से गुजरा था। लेकिन मुझे नहीं लगता कि तुम्हारी वर्तमान स्थिति के लिए वैसा कोई कारण हो सकता है।”

रंगा मुझे घूर-चूर कर देखने लगा।

‘आओ, हम चलें और शास्त्री से मिलें,” मैंने सुझाव दिया। “हम यह मालूम करेंगे कि शनि और गुरु तुम्हारे अनुकूल हैं या नहीं।”

रंगा बिना किसी विरोध के मेरे साथ चल दिया। ज्योंही शास्त्री ने मुझे देखा वह अचम्भित होकर बोले, “क्या ही आश्चर्य की बात है, श्यामा! आपसे मिले बहुत समय हो गया।”

श्यामा आपके सेवक के अलावा कोई और नहीं, इस कहानी का लेखक है।

I got angry……………………………………………….some other time.” (Page 22)

कठिन शब्दार्थ : ruined (रूइन्) = नाश करना, खण्ड-खण्ड करना, bursting (बस्ट्रिङ्) = नष्ट भ्रष्ट करना, बिगाड़ना, extremely (इक्सट्रीम्लि) = बहुत अधिक, paraphernalia (पेरफनेलिआ) = साज-सामान, authority (ऑथॉरटि) = अधिकार, आज्ञा, astrology (अस्ट्रॉलजि) = ज्योतिष विज्ञान, palmyra (पैल्माइ(र)) = ताड़, ancient (एन्शन्ट्) = प्राचीन।

हिन्दी अनुवाद : मैं क्रोधित हो गया और चिल्लाया, “क्या? आज सुबह ही……” शास्त्री ने मेरा वाक्य पूरा किया, “आप अपना काम पूरा कर चुके हो और अब मुझसे मिलने को स्वतन्त्र हो।” यदि उसने ऐसा न किया होता तो मैं भड़क कर अपनी योजना को यूँही बिगाड़ देता जिस प्रकार धूप में सूखने को रखे गए दाने चटक जाते हैं। बाद में मैंने जो भी कहा उसके बाद मैं अत्यन्त सावधान रहा।

शास्त्री, रंगा की ओर मुड़े। “हमारे लेखाकार का नौजवान पुत्र घर कब आया? मैं इसके लिए क्या कर सकता हूँ? वह मुश्किल से ही हमारे यहाँ आता है।”

“आप अपना सारा साज-सामान बाहर निकालो। हमारे रंगप्पा के मन में कुछ चल रहा लगता है। क्या आप हमें बता सकते हो उसे क्या चिन्ता है? क्या हम आपकी ज्योतिष विद्या की परीक्षा लें?”

जब मैं शास्त्री से बात कर रहा था मेरी आवाज में अधिकार था। उसने दो कागज, कुछ कौड़ियाँ और ताड़ के पत्तों वाली एक पुस्तक निकाली और कहने लगा, “अय्या, हमारा विज्ञान तो बहुत प्राचीन है। इसके बारे में एक कथा है…….किन्तु वह कथा मैं आपको अभी नहीं सुनाऊँगा। यह कोई हरिकथा नहीं जो आपकी कथा में भी कथा सुना देती हो…..आप अब जावेंगे। यह मैं आपको फिर कभी बतलाऊँगा।”

Shastri moved his lips……………………came out a minute later. (Pages 22-23)

कठिन शब्दार्थ : indicated (इन्डिकेट्ड) = इशारा किया, संकेत दिया, shake (शेक्) = हिलाना, calculations (कैलक्युलेश्न्) = गणनाएँ, controlling (कन्ट्रोलिङ्) = नियन्त्रित करते हुए, humble (हम्बल्) = विनम्र, ocean (ओशन्) = समुद्र, moss (मॉस्) = काई, pearl (पल्) = मोती, precious stone (प्रेशस्-स्टोन्) = जवाहरात, negotiations (निगोशिएश्न्स ) = समझौता, bearing fruit (बेअरिङ् फ्रूट) = फल लगना फलदायी।

हिन्दी अनुवाद : जैसे ही शास्त्री अपनी अंगुलियों पर गिनने लगा उसके होंठ तेजी से हिलने लगे और तब पूछा, “तुम्हारे क्या ग्रह हैं?” रंगा नहीं जान पाया। “कभी चिन्ता मत करो,” शास्त्री ने सिर हिलाकर सूचित किया। गम्भीर मुद्रा में कहने से पहले उसने कुछ गणनाएँ और की, “यह एक लड़की के बारे में है।”

इस सबके दौरान मैं अपनी हँसी रोके हुए था। लेकिन मेरी हँसी अब फूट पड़ी। मैं रंगा की तरफ मुड़ा, “यह वही है जो मैंने कहा था।”

“लड़की कौन है?” यह आपका विनम्र सेवक है जिसने प्रश्न पूछा था।

उत्तर देने से पहले शास्त्री ने थोड़ी देर सोचा, उसका नाम कुछ इस तरह का है जो महासागर में मिलता

“कमला?”

“शायद।”

“तो यह नाम पच्ची, काई हो सकता है।”

“यदि यह कमला नहीं हो सकता तो काई होना चाहिए। मोती या रत्ना क्यों नहीं, कीमती जवाहरात।”

“रत्ना? रामाराव के घर में रहने वाली लड़की, रत्ना है। मुझे बतलाओ कि क्या हमारी बातचीत चलाने का कोई नतीजा निकल सकता है?”

“निश्चयपूर्वक,” उसने कुछ देर सोचने का बाद कहा।

रंगा के चेहरे पर आश्चर्य के चिन्ह थे। और कुछ प्रसन्नता। मैंने इसे भाँप लिया।

“लेकिन वह लड़की तो शादी-शुदा है…………” मैंने कहा। तब मैं उसकी तरफ मुड़ा उसका चेहरा लटका हुआ था।

“मैं यह सब नहीं जानता हूँ। कोई दूसरी उपयुक्त लड़की हो सकती है। मैंने तुमको बतलाया कि शास्त्रों ने क्या संकेत दिया,” शास्त्री ने कहा।

हम उस स्थान से चल दिए। रास्ते में, हम रामाराव के घर के पास से गुजरे। रत्ना दरवाजे पर खड़ी थी। मैं अकेला अन्दर गया और एक मिनट में वापस आ गया।

Surprising………………………….He is threes. (Page 23)

कठिन शब्दार्थ : surprising (सरप्राइजिङ्) = आश्चर्य करते हुए, turned out (ट(र)न्ड् आउट) = साबित होना, swear (स्वेअ(र)) = शपथ खाना, admitted (एडमिट्ड) = स्वीकार किया, suspicion (स्पिश्न्) = शंका, marvellous (मावलस्) = अद्भुत, शानदार, hints (हिंट्स) = संकेत बिन्दु, decent (डीस्न्ट) = अच्छा, शानदार, occasion (अकेशन) = अवसर।

हिन्दी अनुवाद : “आश्चर्य की बात है। ऐसा लगता है इस लड़की का विवाह नहीं हुआ है। पिछले दिनों किसी ने मुझे बतलाया था कि यह विवाहित थी। आखिर शास्त्री ने जो बतलाया वह सच साबित हुआ।

किन्तु रंगप्पा, मैं तो विश्वास ही नहीं कर सकता कि तुम उसी के बारे में सोचते रहे हो। माधवाचार्य की कसम खाकर कहो कि शास्त्री ने जो कहा, वह सच है क्या?”

मैं नहीं जानता हूँ कि कोई सीधी तरह भी कह सकता है या नहीं। रंगा ने स्वीकार किया, “हमारी कल्पना के बनिस्पत उस शास्त्र में बहुत बड़ी सच्चाई है। जो उसने कहा वह पूरी तरह सच है।”

जब मैं उस दिन शाम को शास्त्री के पास गया वह कुएँ पर थे। मैंने कहा, “शास्त्रीजी, आपने बिना शंका के जो पढ़ा रखा था वह सब दोहरा दिया। आपका शास्त्र भी गजब का है!” यह बात उसे बिल्कुल अच्छी नहीं लगी।

“आप क्या कह रहे हैं? आपने जो भी मुझसे कहा वह तो मैं शास्त्रों से भी स्वयं पता लगा लेता। यह मत भूलो कि आपने मुझे जो संकेत दिया था उसी पर मैंने यह सब व्याख्या की है।”

मुझे बताओ कि क्या कोई अच्छा पुरुष ऐसा कह सकता है? रंगप्पा कल ही मुझे खाने पर निमन्त्रित करने आया था। मैंने पूछा, “क्या अवसर है?”

“आज श्यामा का जन्म-दिवस है। वह तीन साल का हो गया है।”

“It’s not a nice name………………..I hope ? (Pages 23-24)

कठिन शब्दार्थ : oil cake (ऑइल् केक) = खली, custom (कस्टम्) = रिवाज, pregnant (प्रेग्नन्ट्) =गर्भवती, cheek (चीक्) = गाल, placed a ring (प्लेस्ड ए रिङ्) = अंगूठी पहना दी, tiny (टाइनि) = छोटी-सी।

हिन्दी अनुवाद : “श्यामा, यह कोई अच्छा नाम नहीं है,” मैंने कहा। “मैं तो खली के काले टुकड़े के समान हूँ। (श्यामा लेखक का नाम था।) “तुमने अपने सुन्दर बच्चे को यह नाम क्यों दिया? तुम और रत्ना के जोड़े में बचपना प्रदर्शित होता है ! यह मैं जानता हूँ, मैं जानता हूँ, यह अंग्रेजी रिवाज है कि बालक का नाम किसी ऐसे व्यक्ति के नाम पर रखते हैं जो आपको पसन्द हो……. तुम्हारी पत्नी आठ माह की गर्भवती हो गयी है। अब खाना पकाने में तुम्हारी माँ की मदद कौन करता है?”

“मेरी बहिन उसके पास आयी हुई है।”

मैं वहाँ पर रात के खाने पर गया। जब मैंने अन्दर प्रवेश किया तो श्यामा भागा-भागा आया और अपनी बाँहों से मेरी टाँगों को पकड़ लिया। मैंने उसे गाल पर चूमा और उसकी छोटी-सी अंगुली में एक अंगूठी पहना दी।

पाठको, मुझे आज्ञा दो। मैं आपकी सेवा के लिए हमेशा तैयार हूँ। मुझे आशा है, आप ऊबे नहीं होंगे?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

0:00
0:00