Chapter 10 विश्वबंधुत्वम् Translation in Hindi
Chapter 10 विश्वबंधुत्वम् पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में भाईचारे की भावना की आवश्यकता एवं महत्त्व को दर्शाते हुए सभी को मिलजुल कर रहने तथा एक-दूसरे की सहायता करने की प्रेरणा दी गई है। इस पाठ में आज सम्पूर्ण संसार में फैले हुए कलह और अशान्त वातावरण के प्रति दुःख व्यक्त करते हुए राष्ट्र की समृद्धि […]
Chapter 9 अहमपि विद्यालयं गमिष्यामि Translation in Hindi
Chapter 9 अहमपि विद्यालयं गमिष्यामि पाठ-परिचय – ‘सभी पढ़ें और आगे बढ़ें’ इस भावना को स्वीकार करके तथा इसी भाव को प्रसारित करने के लिए प्रस्तुत पाठ की रचना की गई है। यह संवादात्मक पाठ है। जिसमें एक निर्धन परिवार की आठ वर्ष की बालिका को उसके शिक्षा के मौलिक अधिकार से वञ्चित करके धन […]
Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः Translation in Hindi
Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में एक विद्यालय में आयोजित स्वतन्त्रता दिवस समारोह के प्रसंग में छात्र परस्पर में वार्तालाप करते हैं तथा हमारे देश के राष्ट्रीय प्रतीक तिरंगे झंडे के महत्त्व का सुन्दर वर्णन करते हैं। इसमें तिरंगे झंडे के तीन रंगों-केसरिया, सफेद तथा हरे रंग का महत्त्व बतलाते हुए कहा […]
Chapter 7 सड.कल्पः सिद्धिदायकः Translation in Hindi
Chapter 7 सड.कल्पः सिद्धिदायकः पाठ-परिचय/सार – प्रस्तुत पाठ में दृढ़ निश्चय (संकल्प) के महत्त्व को बतलाते हुए प्रेरणा दी गई है कि मनुष्य दृढ़ इच्छाशक्ति के द्वारा कठिन से भी कठिन कार्य में सफलता प्राप्त कर लेता है। इस पाठ में नाट्यांश के रूप में वर्णित कथा के द्वारा बताया गया है कि पार्वती शिव […]
Chapter 6 सदाचारः Translation in Hindi
Chapter 6 सदाचारः पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में मनुष्य के लिए अत्यन्त उपयोगी श्रेष्ठ आचरण का ज्ञान दिया गया है। पाठ में सदाचार से सम्बन्धित कुल छः श्लोक दिये गये हैं, जिनमें आलस्य न करने, कल का कार्य आज ही करने, सत्य एवं |प्रिय बोलने, व्यवहार करने में उदारता आदि गुणों का, माता-पिता की सेवा […]
Chapter 5 पण्डिता रमाबाई Translation in Hindi
Chapter 5 पण्डिता रमाबाई पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में पण्डिता रमाबाई के जीवन एवं उनके महान् कार्यों का परिचय दिया गया है। स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी पण्डिता रमाबाई का जन्म सन् 1858 ई. में हुआ था। इनके पिता का नाम अनन्तशास्त्री डोंगरे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था। अत्यन्त विषम परिस्थितियों में रमाबाई […]
Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् Translation in Hindi
Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में बच्चों के द्वारा हास्य कवि-सम्मेलन का वर्णन हुआ है। इसमें हास्य प्रधान कविताओं और वार्तालाप के द्वारा वैद्य, गजाधर, यमराज आदि पर रोचक ढंग से व्यंग्य किया गया है। साथ ही इस पाठ में प्रमुख अव्ययों का भी प्रयोग हुआ है। ऐसे शब्द जो तीनों लिंगों में, […]
Chapter 3 स्वावलम्बनम् Translation in Hindi
Chapter 3 स्वावलम्बनम् संख्यावाचिशब्दाः तद्-एतद्-शब्दौ च पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में कृष्णमूर्ति और श्रीकण्ठ नामक दो मित्रों की कथा के माध्यम से स्वावलम्बन के महत्त्व को बतलाया गया है। साथ ही इस पाठ में संस्कृत में संख्यावाची शब्दों तथा तद् व एतद् सर्वनाम शब्दों का भी. परिचय कराया गया है। पाठ के गद्यांशों का हिन्दी-अनुवाद […]
Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति Translation in Hindi
Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ की कथा पं. विष्णु शर्मा द्वारा लिखित सुप्रसिद्ध ग्रन्थ ‘पञ्चतन्त्र’ से ली गई है। इस कथा में बताया गया है कि अनुचित समय पर बोलने से किस प्रकार सब कुछ नष्ट हो जाता है। कभी-कभी मौन रहकर भी कार्य सफल हो सकता है। अतः हमें उचित-अनुचित समय […]
Chapter 1 सुभाषितानि Translation in Hindi
Chapter 1 सुभाषितानि पाठ-सार – संस्कृत-साहित्य सुभाषितों का भण्डार है। प्रस्तुत पाठ में अत्यन्त सरल एवं महत्त्वपूर्ण कुल छ: श्लोक हैं, जिनमें जीवनोपयोगी सुन्दर-वचन संकलित हैं। पाठ के श्लोकों का अन्वय एवं हिन्दी-भावार्थ – 1. पृथिव्यां त्रीणि ………………………………….. विधीयते॥ अन्वयः – पृथिव्यां जलम्, अन्नम्, सुभाषितं त्रीणि रत्नानि (सन्ति)। मूढैः पाषाणखण्डेषु रत्नसंज्ञा विधीयते। हिन्दी भावार्थ – […]