Chapter 5 सूक्तिमौक्तिकम् Hindi Translation
Chapter 5 सूक्तिमौक्तिकम् पाठ-परिचय – संस्कृत साहित्य में नीति-ग्रन्थों की समृद्ध परम्परा है। इनमें सारगर्भित और सरल रूप में नैतिक शिक्षाएँ दी गई हैं, जिनका उपयोग करके मनुष्य अपने जीवन को सफल और समृद्ध बना सकता है। ऐसे ही मनोहारी और बहुमूल्य सुभाषित यहाँ संकलित हैं, जिनमें सदाचरण की महत्ता, प्रियवाणी की आवश्यकता, परोपकारी पुरुष […]
Chapter 4 कल्पतरूः Hindi Translation
Chapter 4 कल्पतरूः पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ ‘वेतालपञ्चविंशतिः’ नामक कथा-संग्रह से लिया गया है, जिसमें मनोरञ्जक एवं आश्चर्यजनक घटनाओं के माध्यम से जीवन-मूल्यों का निरूपण किया गया है। इस कथा में जीमूतवाहन अपने पूर्वजों के काल से गृहोद्यान में आरोपित कल्पवृक्ष से सांसारिक द्रव्यों को न माँगकर संसार के प्राणियों के दुःखों को दूर करने […]
Chapter 3 गोदोहनम् Hindi Translation
Chapter 3 गोदोहनम् पाठ-परिचय – यह नाट्यांश कृष्णचन्द्र त्रिपाठी महोदय द्वारा रचित ‘चतुर्म्यहम्’ नामक पुस्तक से संक्षिप्त करके और सम्पादित करके उद्धृत किया गया है। इस नाटक में एक ऐसे व्यक्ति का कथानक है जो धनवान् और सुखी बनने की इच्छा से अपनी गाय से एक महीने तक दूध निकालना बन्द कर देता है, जिससे […]
Chapter 2 स्वर्णकाकः Hindi Translation
Chapter 2 स्वर्णकाकः पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ श्री पदमशास्त्री द्वारा रचित ‘विश्वकथाशतकम्’ नामक कथा-संग्रह से लिया गया है, जिसमें विभिन्न देशों की सौ लोक-कथाओं का संग्रह है। यह बर्मा देश की एक श्रेष्ठ कथा है, जिसमें लोभ और उसके दुष्परिणाम के साथ-साथ त्याग और उसके सुपरिणाम का वर्णन, एक सुनहले पंखों वाले कौवे के माध्यम […]
Chapter 1 भारतीवसन्तगीतिः Hindi Translation
Chapter 1 भारतीवसन्तगीतिः पाठ-परिचय : प्रस्तुत पाठ आधुनिक संस्कृत-साहित्य के प्रख्यात कवि पं. जानकी वल्लभ शास्त्री की रचना ‘काकली’ नामक गीत-संग्रह से संकलित है। इसमें सरस्वती की वन्दना करते हुए कामना की गई है कि हे सरस्वती! ऐसी वीणा बजाओ, जिससे मधुरमञ्जरियों से पीत पंक्तिवाले आम के वृक्ष, कोयल का कूजन, वायु का धीरे-धीरे बहना, […]
Chapter 15 मातुलचन्द्र Hindi Translation
पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में एक अत्यन्त सरल संस्कृत में बाल-गीत है, जिसमें एक बालक चन्दा-मामा को सम्बोधित करते हुए कहता है कि हे चन्दामामा! तुम कहाँ से आते हो? तुम कहाँ जाते हो? यह नीला आकाश बहुत विशाल है। तुम मेरे घर क्यों नहीं आते हो? हे चन्दामामा ! तुम शीघ्र आओ, मुझे गीत […]
Chapter 14 अहह आः च Hindi Translation
पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में एक रोचक कथा के माध्यम से प्रेरणा दी गई है कि परिश्रम और लगन से | कठिन से भी कठिन कार्य को सरलता से सम्पन्न किया जा सकता है। पाठ के कठिन-शब्दार्थ- लीनः = संलग्न, तल्लीन। वाञ्छति = चाहता/चाहती है। कोऽपि (कः + अपि) = कोई भी। आनय = लाओ। […]
Chapter 13 विमानयानं रचयाम Hindi Translation
पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में अत्यन्त सरल संस्कृत के श्लोकों में बालकों के मनोभावों को व्यक्त किया गया है।प्रथम श्लोक में बालक परस्पर में एक-दूसरे का आह्वान करते हुए एक वायुयान का निर्माण करके आकाश में स्वच्छन्दता के साथ घूमना चाहते हैं।द्वितीय श्लोक में उन्नत वृक्षों और भवनों को लाँघने, आकाश में विचरण करने तथा […]
Chapter 12 दशमः त्वम असि Hindi Translation
पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में बालकों की एक रोचक कथा के माध्यम से एक से दस तक की संस्कृत में संख्याओं का ज्ञान कराया गया है तथा बालकों के स्वभाव का सुन्दर चित्रण किया गया है। पाठ के कठिन-शब्दार्थ : इदानीम् = अब। एकदा = एक बार। स्नानाय = नहाने के लिए। निर्मलम् = साफ। […]
Chapter 11 पुष्पोत्सवः Hindi Translation
पाठ-सार – प्रस्तुत पाठ में फूलों के उत्सव का वर्णन हुआ है। यह उत्सव ‘फूलवालों की सैर’ नाम से प्रसिद्ध है। पाठ में बताया गया है कि भारत देश में विभिन्न प्रकार के उत्सव मनाये जाते हैं। उनमें से प्रमुख यह पुष्पोत्सव है। इसका आयोजन देहली के मेहरौली क्षेत्र में अक्टूबर के महीने में होता […]