Chapter 3 Glimpses of the Past Hindi Translation
Chapter 3 Glimpses of the Past आपके पढ़ने से पूर्व : यहाँ हमारे देश के सन 1757 से 1857 तक के इतिहास की कुछ चित्रात्मक झलकियाँ हैं। ये तस्वीरें व ‘उक्ति मुखड़े’ आपको उन परिस्थितियों को समझने में मदद करेंगे जिनके कारण 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम हुआ था। (कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद ) […]
Chapter 2 The Tsunami Hindi Translation
Chapter 2 The Tsunami आपके पढ़ने से पूर्व : पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 24 पर दिए गए अण्डमान व निकोबार द्वीप-समूह के मानचित्र को देखें। अब नीचे दिए गए वाक्यों को पढ़िए। अशुद्ध वाक्यों की त्रुटियाँ दूर करने के पश्चात् शुद्ध हुए वाक्यों को पुनः लिखिए। कच्चल एक द्वीप है। यह अण्डमान द्वीप-समूह का एक भाग […]
Chapter 1 The Best Christmas Present in the World Hindi Translation
Chapter 1 The Best Christmas Present in the World आपके पढ़ने से पूर्व : विश्व के इतिहास में कुछ तारीखें या समय की अवधियां इतनी महत्त्वपूर्ण हैं कि प्रत्येक व्यक्ति उन्हें जानता है और याद रखता है। कहानी जो पढ़ेंगे, ऐसी ही एक तारीख एवं घटना का जिक्र करती है :अंग्रेजों और जर्मनों के बीच […]
Chapter 12 वाडमनःप्राणस्वरूपम् Hindi Translation
Chapter 12 वाडमनःप्राणस्वरूपम् पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ छान्दोग्योपनिषद् के छठे अध्याय के पञ्चम खण्ड पर आधारित है। इसमें मन, प्राण तथा वाक् (वाणी) के संदर्भ में रोचक विवरण प्रस्तुत किया गया है। उपनिषद् के गूढ़ प्रसंग को बोधगम्य बनाने के उद्देश्य से इसे आरुणि एवं श्वेतकेतु के संवादरूप में प्रस्तुत किया गया है। आर्ष-परम्परा में ज्ञान-प्राप्ति […]
Chapter 11 पर्यावरणम् Hindi Translation
Chapter 11 पर्यावरणम् पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ्यांश पर्यावरण को ध्यान में रखकर लिखा गया एक लघु निबन्ध है। वर्तमान युग में प्रदूषित | वातावरण मानव-जीवन के लिए भयङ्कर अभिशाप बन गया है। नदियों का जल कलुषित हो रहा है, वन वृक्षों से रहित हो रहे हैं, मिट्टी का कटाव बढ़ने से बाढ़ की समस्याएं बढ़ती […]
जटायोः शौर्यम् Hindi Translation
जटायोः शौर्यम् पाठपरिचय – प्रस्तुत पाठ्यांश आदिकवि वाल्मीकि-प्रणीत रामायणम् के अरण्यकाण्ड से उद्धृत किया गया है जिसमें जटायु और रावण के युद्ध का वर्णन है। पंचवटी कानन में सीता का करुण विलाप सुनकर पक्षिश्रेष्ठ जटायु उनकी रक्षा के लिए दौड़े। वे रावण को परदाराभिमर्शनरूप निन्द्य एवं दुष्कर्म से विरत होने के लिए कहते हैं। रावण […]
Chapter 9 सिकतासेतुः Hindi Translation
Chapter 9 सिकतासेतुः पाठ-परिचय – प्रस्तुत नाट्यांश सोमदेवरचित कथासरित्सागर के सप्तम लम्बक (अध्याय) पर आधारित है। यहाँ तपोबल से विद्या पाने के लिए प्रयत्नशील तपोदत्त नामक एक बालक की कथा का वर्णन है। उसके समुचित मार्गदर्शन के लिए वेश बदलकर इन्द्र उसके पास आते हैं और पास ही गंगा में बालू से सेतु-निर्माण के कार्य […]
Chapter 8 लौहतुला Hindi Translation
Chapter 8 लौहतुला पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ विष्णुशर्मा द्वारा रचित ‘पञ्चतन्त्रम्’ नामक कथा-ग्रन्थ के ‘मित्रभेद’ नामक तन्त्र से सङ्कलित है। इसमें विदेश से लौटकर जीर्णधन नामक व्यापारी अपनी धरोहर (तराजू) को सेठ से माँगता है। ‘तराजू चूहे खा गये हैं’ ऐसा सुनकर जीर्णधन उसके पुत्र को स्नान के बहाने नदी तट पर ले जाकर गुफा […]
Chapter 7 प्रत्यभिज्ञानम् Hindi Translation
Chapter 7 प्रत्यभिज्ञानम् पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ भास रचित ‘पञ्चरात्रम्’ नामक नाटक से सम्पादित कर लिया गया है। दुर्योधन आदि कौरव वीरों ने राजा विराट की गायों का अपहरण कर लिया। विराट-पुत्र उत्तर बृहन्नला (छद्मवेषी अर्जुन) को सारथी बनाकर कौरवों से युद्ध करने जाता है। कौरवों की ओर से अभिमन्यु (अर्जुन-पुत्र) भी युद्ध करता है। […]
Chapter 6 भ्रान्तो बालः Hindi Translation
Chapter 6 भ्रान्तो बालः पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ ‘संस्कृत प्रौढपाठावलिः’ नामक ग्रन्थ से सम्पादित कर लिया गया है। इस कथा में एक ऐसे बालक का चित्रण है, जिसका मन अध्ययन की अपेक्षा खेल-कूद में लगा रहता है। यहाँ तक कि वह खेलने के लिए पशु-पक्षियों तक का आवाहन (आह्वान) करता है किन्तु कोई उसके साथ […]