Chapter 10 कृषिकाः कर्मवीराः Hindi Translation
पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में किसानों के कष्टमय एवं कर्मशील जीवन का वर्णन किया गया है। सामान्यतः किसान के रूप में पुरुषों का ही उल्लेख होता है, किन्तु कृषि-कार्य में महिलाओं का भी योगदान पुरुषों से कम नहीं है। इसलिए प्रस्तुत पाठ में लेखक ने विशेष रूप से महिला-किसानों का वर्णन किया है। वस्तुतः सच्चे […]
Chapter 9 क्रीडास्पर्धा Hindi Translation
पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में ‘क्रीडा स्पर्धा’ विषय पर आधारित बालकों के वार्तालाप के माध्यम से सर्वनाम शब्दों का प्रयोग बताया गया है। संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं। संज्ञा शब्द में जो विभक्ति, वचन तथा लिङ्ग होते हैं, सर्वनाम शब्दों में भी वही विभक्ति, वचन एवं लिङ्ग का प्रयोग […]
Chapter 8 सूक्तिस्तबकः Hindi Translation
पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में संस्कृत की कुछ श्रेष्ठ सूक्तियों का संकलन हुआ है। ‘सूक्ति’ शब्द का अर्थ हैअच्छा वचन। कम शब्दों में जीवन के मूल्यवान् आदर्शों को सुन्दरता से व्यक्त करने के लिए संस्कृत-साहित्य में हजारों सूक्तियाँ प्रसिद्ध हैं। इस पाठ में पाँच महत्त्वपूर्ण सूक्तियों से युक्त प्रेरणास्पद श्लोक दिये गये हैं। पाठ के […]
Chapter 7 बकस्य प्रतिकारः Hindi Translation
पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में एक कथा के माध्यम से यह बताया गया है कि दुर्व्यवहार का फल दुःखदायी होता है। अतः सुख चाहने वाले मनुष्य को हमेशा सद्व्यवहार करना चाहिए। साथ ही इस पाठ में अव्ययों का ज्ञान कराया गया है। अव्यय वे शब्द होते हैं जिनके रूप में लिंग, वचन, पुरुष, काल आदि […]
Chapter 6 समुद्रतटः Hindi Translation
पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में चित्रों के माध्यम से समुद्रतटों का वर्णन किया गया है। भारत में अनेक सुप्रसिद्ध समुद्रतट हैं, उनमें मुम्बई, गोवा, कोच्चि, कन्याकुमारी आदि अत्यधिक प्रसिद्ध समुद्रतट हैं। इन समुद्रतटों पर देशविदेश के हजारों पर्यटक भ्रमण के लिए आते हैं। इस पाठ में भारत के एक समुद्रतट का चित्र दिया गया है, […]
Chapter 5 वृक्षाः Hindi Translation
पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में अत्यन्त सरल श्लोकों के द्वारा वृक्षों के महत्त्व को बताया गया है। वृक्ष मनुष्यों के मित्र हैं। वे मनुष्यों के लिए कल्याणकारी तथा अत्यंत उपयोगी हैं। वृक्षों से ही वनों का निर्माण होता है। वृक्षों की शाखाओं पर बैठे हुए पक्षी मधुर कलरव करते हैं मानो वृक्ष मनुष्यों का मनोरञ्जन […]
Chapter 4 विद्यालयः Hindi Translation
Chapter 4 विद्यालयः पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में ‘विद्यालय’ पर आधारित बालकों के वार्तालाप एवं चित्रों के माध्यम से सर्वनाम शब्दों का प्रयोग बताया गया है। संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं। संज्ञा शब्द में जो विभक्ति, वचन तथा लिङ्ग होते हैं, सर्वनाम शब्दों में भी वही विभक्ति, वचन एवं […]
Chapter 3 शब्द परिचयः – III Hindi Translation
पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में चित्रों के माध्यम से अकारान्त नपुंसकलिङ्ग शब्दों का ज्ञान कराया गया है। जो शब्द न तो पुल्लिङ्ग होते हैं और न ही स्वीलिङ्ग होते हैं, वे नपुंसकलिङ्ग कहलाते हैं। जैसे-वस्वम्, पुस्तकम्, फलम्, भवनम् आदि। जिस प्रकार संज्ञा शब्द नपुंसकलिङ्ग में भी होते हैं, उसी प्रकार सर्वनाम शब्द नपुंसकलिङ्ग में भी […]
Chapter 2 शब्द परिचयः – II Hindi Translation
पाठ का हिन्दी-अनुवाद : 1. एषा का? एषा ……………………….. घटिका समयं सूचयति। हिन्दी-अनुवाद – यह क्या है?यह झूला है। झूला कहाँ है? झूला बगीचे में है।वह क्या है? वह घड़ी है। घड़ी क्या सूचित करती है?घड़ी समय सूचित करती है। विशेष-यहाँ सभी वाक्यों में एकवचन तथा स्त्रीलिङ्ग शब्दों का प्रयोग हुआ है। 2. एते के? किम् एते …………………… ते वाहनं […]
Chapter 1 शब्द परिचयः – I Hindi Translation
Chapter 1 शब्द परिचयः – I पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में चित्रों के माध्यम से अकारान्त पुंल्लिङ्ग शब्दों का परिचय कराया गया है। जिन शब्दों के अन्त में ‘अ’ स्वर आता है, वे अकारान्त शब्द कहलाते हैं। पुरुष जाति का ज्ञान कराने वाले शब्द पुंल्लिङ्ग कहलाते हैं। जैसे – राम, मोहन, वृक्ष, बालक, वृद्ध आदि। […]