Chapter 5 पण्डिता रमाबाई Translation in Hindi

Chapter 5 पण्डिता रमाबाई पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में पण्डिता रमाबाई के जीवन एवं उनके महान् कार्यों का परिचय दिया गया है। स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी पण्डिता रमाबाई का जन्म सन् 1858 ई. में हुआ था। इनके पिता का नाम अनन्तशास्त्री डोंगरे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था। अत्यन्त विषम परिस्थितियों में रमाबाई […]

Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् Translation in Hindi

Chapter 4 हास्यबालकविसम्मेलनम् पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में बच्चों के द्वारा हास्य कवि-सम्मेलन का वर्णन हुआ है। इसमें हास्य प्रधान कविताओं और वार्तालाप के द्वारा वैद्य, गजाधर, यमराज आदि पर रोचक ढंग से व्यंग्य किया गया है। साथ ही इस पाठ में प्रमुख अव्ययों का भी प्रयोग हुआ है। ऐसे शब्द जो तीनों लिंगों में, […]

Chapter 3 स्वावलम्बनम् Translation in Hindi

Chapter 3 स्वावलम्बनम् संख्यावाचिशब्दाः तद्-एतद्-शब्दौ च  पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में कृष्णमूर्ति और श्रीकण्ठ नामक दो मित्रों की कथा के माध्यम से स्वावलम्बन के महत्त्व को बतलाया गया है। साथ ही इस पाठ में संस्कृत में संख्यावाची शब्दों तथा तद् व एतद् सर्वनाम शब्दों का भी. परिचय कराया गया है। पाठ के गद्यांशों का हिन्दी-अनुवाद […]

Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति Translation in Hindi

Chapter 2 दुर्बुद्धिः विनश्यति पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ की कथा पं. विष्णु शर्मा द्वारा लिखित सुप्रसिद्ध ग्रन्थ ‘पञ्चतन्त्र’ से ली गई है। इस कथा में बताया गया है कि अनुचित समय पर बोलने से किस प्रकार सब कुछ नष्ट हो जाता है। कभी-कभी मौन रहकर भी कार्य सफल हो सकता है। अतः हमें उचित-अनुचित समय […]

Chapter 1 सुभाषितानि Translation in Hindi

Chapter 1 सुभाषितानि पाठ-सार – संस्कृत-साहित्य सुभाषितों का भण्डार है। प्रस्तुत पाठ में अत्यन्त सरल एवं महत्त्वपूर्ण कुल छ: श्लोक हैं, जिनमें जीवनोपयोगी सुन्दर-वचन संकलित हैं। पाठ के श्लोकों का अन्वय एवं हिन्दी-भावार्थ – 1. पृथिव्यां त्रीणि ………………………………….. विधीयते॥  अन्वयः – पृथिव्यां जलम्, अन्नम्, सुभाषितं त्रीणि रत्नानि (सन्ति)। मूढैः पाषाणखण्डेषु रत्नसंज्ञा विधीयते। हिन्दी भावार्थ – […]