सरोज स्मृति
सरोज स्मृति उत्तर सरोज का विवाह पूर्णतया नए विधि-विधान से संपन्न हुआ। सर्वप्रथम कलश के पावन जल से उसको अभिषिक्त किया गया। उस समय वह मंद-मंद मुस्कान से अपने पिता अर्थात् निराला जी की ओर निहार रही थी तथा उसके होठों में मानो बिजली के स्पंदन के समान हँसी की लहर फैल गयी थी। उस […]
1 (क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया का गीत व्याख्या
1 (क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया का गीत जयशंकर प्रसाद कवि का सप्रसंग व्याख्या (क) देवसेना का गीत 1. आह! वेदना मिली विदाई! मैंने भ्रम-वश जीवन संचित मधुकरियों की भीख लुटाई। छलछल थे संध्या के श्रमकण आँसू-से गिरते थे प्रतिक्षण। मेरी यात्रा पर लेती थी नीरवता अनंत अँगड़ाई। संदर्भ प्रस्तुत पंक्तियाँ जयशंकर प्रसाद की […]
1 (क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया का गीत que ans with audio
1 (क) देवसेना का गीत (ख) कार्नेलिया का गीत जयशंकर प्रसाद प्रश्न-अभ्यास देवसेना का गीत उत्तर मालवा के शासक बंधुवर्मा की बहन देवसेना स्कंदगुप्त से गोपन प्रेम करती है, किंतु स्कंदगुप्त मालवा के एक धन कुबेर की पुत्री विजया के प्रति आकर्षित है। देवसेना की कोमल भावनाओं को इससे चोट पहुँचती है। हूणों के साथ […]
संस्कृति
प्रश्न-अभ्यास उत्तर लेखक की दृष्टि में ‘सभ्यता’ और ‘संस्कृति’ शब्दों की सही समझ अब तक इसलिए नहीं बन पाई है, क्योंकि हम इन बातों को एक ही समझते हैं या एक-दूसरे से मिला लेते हैं। इन दोनों शब्दों के साथ अनेक विशेषण लगा देने से इनका अर्थ गडु-मडु हो जाता है। यह जानना जरूरी है […]
नौबतखाने में इबादत
प्रश्न-अभ्यास 1. शहनाई की दुनिया में डुमराँव को क्यों याद किया जाता है? उत्तर अमीरुद्दीन अर्थात् बिस्मिल्ला खाँ का जन्म डुमराँव, बिहार के एक संगीत प्रेमी परिवार में हुआ था। शहनाई और डुमराँव दोनो एक-दूसरे के पर्याय हैं। शहनाई बजाने के लिए रीड का प्रयोग होता है। रीड अंदर से पोली होती है, जिसके सहारे […]
स्त्री-शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन
प्रश्न-अभ्यास उत्तर इस निबंध में लेखक ने स्त्री-शिक्षा के कुतर्कों का जोरदार खंडन किया है। द्विवेदी जी के काल में कुछ पुरातन पंथी लोग स्त्रियों की शिक्षा के घोर विरोधी थे। उनका मानना था कि स्र्री-शिक्षा से घर का विनाश होता है। उन्होंने अकाट्य तर्कों द्वारा स्त्री-शिक्षा का समर्थन किया है। उनका कहना है उत्तर […]
‘संगतकार’
प्रश्न-अभ्यास
8 कन्यादान
प्रश्न-अभ्यास उत्तर लड़की शालीन होती है। शालीनता के गुणों को बनाकर रखना और सबका सम्मान करना परंतु लड़कियों जैसी कमजोर मत दिखना अर्थात् किसी के अत्याचार को सहन मत करना, अन्याय हो तो चुप मत रहना। इसीलिए माँ ने कहा कि लड़की होना पर लड़की जैसी मत दिखाई देना अन्यथा सभी तुम्हें दबाकर रखेंगे और […]
छायामतछूना
प्रश्न-अभ्यास उत्तर कवि ने कठिन यथार्थ के पूजन की बात इसलिए कही है, क्योंकि इसी से हमारा जीवन गतिशील होगा। विगत जीवन से चिपके रहना और वर्तमान से पलायन करना व्यर्थ है। हमें जीवन के कठोर यथार्थ का सामना करना चाहिए। इसीलिए कठिन यथार्थ के पूजन की बात कही गई है। इसे स्वीकार करने में […]
राम-लक्ष्मण-परशुरामसंवाद
प्रश्न-अभ्यास उत्तर धनुष टूटने पर जब परशुराम ने क्रोध प्रकट किया, तब लक्ष्मण ने निम्नलिखित तर्क दिए हम धनुष को तोड़ने में लाभ-हानि नहीं देखते। उत्तर राम–लक्ष्मण के स्वभाव की विशेषताएँ राम राम स्वभाव से कोमल और विनयशील हैं। उनके मन में बड़ों के प्रति श्रद्धा और आदर है। वे गुरुजनों के सामने झुकना अपना […]